माँ की चुत के बाल साफ करने के बहाने बेटे ने चोद दिया 02

Family Sex Story : मुझे पता चल गया था कि मां को अपनी चूत के साथ इस तरह से छेड़खानी करवाने में मजा आ रहा है। मैंने जानबूझ कर अपनी माँ की चूत को रगड़ना जारी रखा। मां की चूत धीरे-धीरे फूलती हुई सी मालूम पड़ी!


कहानी के पहले भाग : "माँ की चुत के बाल साफ करने के बहाने बेटे ने चोद दिया!" में आपने पढ़ा :- 


मुझे पता चल गया था कि मां को अपनी चूत के साथ इस तरह से छेड़खानी करवाने में मजा आ रहा है। मैंने जानबूझ कर अपनी माँ की चूत को रगड़ना जारी रखा। मां की चूत धीरे-धीरे फूलती हुई सी मालूम पड़ी। 


उनकी चूत को को पोंछते हुए मेरे लंड का भी बुरा हाल हो रहा था। फिर जब मुझसे न रहा गया तो मैंने मां की चूत में उंगली करना शुरू कर दिया। मां ने भी इस हरकत का कोई विरोध नहीं किया। वो अब धीरे-धीरे सिसकारियां लेने लगी।


तभी पापा का फोन आ गया। मां ने बात की तो पापा ने कहा कि वो आज रात को घर नहीं आने वाले हैं।


यह सुन कर मैंने मां के चेहरे की तरफ देखा तो वो मुस्करा रही थी।


अब आगे की कहानी :-


मैं भी खुश हो गया। मैं तो पहले से अपनी मां की चूत की चुदाई करने की फिराक में था। उसके बाद हम दोनों ने जल्दी से घर का काम खत्म किया और शाम का खाना खाने के बाद फ्री हो गये।


फिर रात को असली खेल शुरू होने से पहले मां ने कहा- चलो, पहले नहा लेते हैं


मैं और मां दोनों बाथरूम में चले गये। अंदर जाते ही मां और मैं पूरे नंगे हो गये, मेरा लंड तन कर ऊपर आ गया था।


मां ने मेरे लंड को हाथ में ले लिया, ऊपर से शावर का पानी गिर रहा था और नीचे से मां ने मेरे गर्म लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया था।


मुझे बहुत मजा आ रहा था, मैंने मां के चूचों वहीं पर पीना शुरू कर दिया।


उनके चूचों पर गिर रहा पानी मेरे मुंह में जा रहा था, अब मुझसे रुका नहीं जा रहा था। मन कर रहा था कि मां की गीली चूत को अभी चोद दूं, लेकिन मां ने मना कर दिया।


मां मेरे लंड को पकड़ कर सहलाती रही जैसे बहुत दिनों से उन्होंने लंड का स्पर्श मिला ही न हो। ये Antarvasan Hindi Sex Kahani आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे है।


नहाने के बाद फिर हम दोनों बाहर आ गये। फिर एक घंटे के बाद मां मेरे कमरे में आ गयी। उन्होंने नाइट ड्रेस पहनी हुई थी जो कि उनके बदन पर बहुत ही सेक्सी लग रही थी।


मेरे पास आते ही मैंने मां को अपनी बांहों में भर लिया और फिर दोनों ही एक दूसरे को चूसने लगे।


मेरा लंड खड़ा होते ही मां ने उसको मेरे पजामे के ऊपर से ही पकड़ लिया और मेरे लंड को अपने हाथ में भर कर मसलने लगी। अब मैंने भी मां की नाइट ड्रेस को निकलवा दिया और उसकी चूत में उंगली करने लगा।


वो जल्दी से सेक्स के लिए बावली सी हो गयी, कहने लगी- बेटा, अब उंगली से काम नहीं चलेगा। अपनी माँ की चूत को लंड का मजा दे दे।


मैंने मां को बेड पर गिरा लिया और उनकी टांगों को फैला कर अपना आठ इंच का लंड मां की चूत पर सेट कर दिया। मैंने धक्का लगाया तो मां की चीख निकल गयी- उम्म्ह अहह हय ओह मैं मर गयी


मैंने उनकी गांड को अपने हाथ से उठा लिया और माँ की चूत में और जोर से धक्के मारने लगा। साथ ही मैं उनकी गांड के दोनों पहाड़ मस्ती से मसल रहा था।


वैसे तो चूत में धक्के मारते टाइम बूब्स ही मसलते हैं किंतु मैं थोड़े अलग अंदाज में उनकी गांड मसल रहा था।


काफी देर की चुदाई के बाद मेरी माँ चरम पर आ गई थी। हम एक दूसरे को होंठों में किस करते हुए बस अपने जोश का मजा ले रहे थे। ऊम्म्म्म आआह


जब मेरी मान की चूत ने पानी छोड़ दिया तो मैंने अपना लंड निकाला और माँ की चूत का पानी मुँह से चाटना शुरू कर दिया।


मां बोली- आह्ह मैं तो बहुत दिनों से इस तरह की चुदाई के लिए प्यासी थी बेटा। तू तो बहुत ही मस्त चुदाई करता है।


मगर मुझे मां की गांड बहुत अच्छी लगती थी और मेरा मन मां की गांड मारने का कर रहा था, अभी मेरा वीर्यपात नहीं हुआ था। मैंने मां को ये इच्छा बताई तो वो कहने लगी- मैंने कभी गांड नहीं मरवाई है।


लेकिन मेरे जोर देने पर फिर वो मान गई, बोली- अगर दर्द हुआ तो निकाल देना।


मैंने मन ही मन कहा- एक बार अंदर जायेगा तो फिर कौन निकालने वाला है।


मैंने मां की गांड को ऊपर करवा दिया और उनकी गांड पर हाथ लगा कर उसको दबाते हुए अपने लंड के टोपे को गांड पर सेट कर दिया। फिर एक धक्का मारा तो मां को जैसे बेहोशी सी आ गई। ये Antarvasan Hindi Sex Kahani आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे है।


कई मिनट में मां संभली और मुझे पीछे धकेलने लगी लेकिन तब तक मैंने पूरा लंड गांड में घुसा दिया था!


मैं मां के ऊपर लेट गया और उनके चूचे दबाने लगा। कुछ ही देर में मां शांत हो गई। फिर मैंने मां की गांड को चोदना शुरू कर दिया।


उनकी गांड बहुत ही ज्यादा टाइट थी। मेरे पापा ने तो कभी चूत भी ढंग से नहीं मारी थी तो फिर गांड तो बिल्कुल कुंवारी ही थी।


मुझे गांड चोदने में बहुत मजा आ रहा था। 15 मिनट तक मैंने गांड की चुदाई की और फिर दोबारा से लंड को निकाल कर चूत में पेल दिया।


मां बोली- आज ही जान निकाल देगा क्या हरामी।


मैंने मां की बात नहीं सुनी और अपनी ही मस्ती में लगा रहा। मां की चिकनी हो चुकी चूत को पांच मिनट तक जम कर चोदा और फिर मेरा माल मां की चूत में ही निकल गया।


मैं बुरी तरह से हांफ रहा था और मां की हालत भी खराब हो गयी थी। मां को उस रात मैंने कई बार चोदा। उस दिन रात भर हम मां-बेटे की चुदाई चली। इस दौरान मां कई बार झड़ी और वो बिल्कुल खुश हो गई। 


तो दोस्तों नीचे कॉमेंट करके जरूर बताएं कैसे लगी यह maa bete की चुदाई की कहानी?


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📝 Comments :

Wow..... Most wonderful! Thanks for sharing this emotional story.