चुदाई की प्यासी मामी ने बचपन में मेरी मूठ मारी!

Risto me Chudai Ki Kahani : कैसे मेरे और मामी के बीच मेरी नादानियों के चलते वासना के एक नए रिश्ते की शुरुआत हुई और हमने मामी - भांजे की चुदाई की तरफ हमारा पहला कदम बढ़ाया। 


हैलो दोस्तों हाल चाल कैसे है आप सब के, मैं आपका प्यारा नादान सा लेखक फिर हाज़िर हूं एक नया हवस को भड़काने वाला किस्सा लेकर।


ये कहानी अगर कोई ऐसी औरत पढ़ रही है जिनके भांजे या भतीजे है, तो खास तौर पर ये कहानी आपको समर्पित है।


इस किस्से की शुरुआत उन दिनों में हुई जब में शायद बच्चा रहा होंगा।


मैं बचपन में काफी गोल मटोल सा था तो सब मुझे लड्डू जी कहकर बुलाते थे।


उन दिनों मुझे पता चला हमारे रिश्ते में लगती हुई एक मामी, कुछ महीनों हमारे घर आकर रहेंगी उनको पढ़ाई करनी है और कॉलेज हमारे गांव का मिला है।


घर में मम्मी ने उनका कमरा तैयार करा दिया, एक दो दिन बाद मामी जी घर आ गई।


वो पहली बार हमारे घर आई थी, वो काफी खूबसूरत थी मुझे उनको देखकर अच्छा लगा। वो एक हसीन गोरी चिट्ठी औरत थी नुकीले नेन व नक्श वाली।


वो जैसे ही आई उन्होंने प्यार से मुझे बाहों में भर लिया इतनी कसके उन्होंने मुझे गले लगाया कि मेरा मुंह उनके दूधो में दबकर रह गया।


मामी का नाम रावीना था, वो घर में सबसे छोटी थी हमारे घर में बस मैं ही था जो उनसे छोटा था। उनको हमारे घर आए एक महीना हुआ था जो वो सब से घुल मिल गई।


खास कर मुझसे तो वो हमेशा चिपकी रहती, सच वैसे ये है कि मैं हमेशा उनके करीब रहना चाहता था।


बचपन में मेरी लंबाई कम थी तो बहुत भोला लगता था मगर मैने उसी उमर से सेक्स के बारे में काफी कुछ देख लिया था।


बचपन में भी मैं चुम्मा चाटी वाली वीडियो यूट्यूब पर देखा करता था। वो वीडियो देख कर रावीना मामी को याद किया करता था।


मामी जब जब नहाकर निकलती तब वो सिर्फ तोलिया लपेटे कमरे में कपड़े बदलने आ जाती थी, वो मुझे छोटा समझती थी तो उनके पीछे पीछे मैं भी कमरे में घुस आता था।


मामी ने मुझे कभी बाहर नहीं निकाला, वो मेरी तरफ पीठ कर के कपड़े बदलती थी, मुझे उनकी नंगी पीठ और हल्की मीठी सुगंध के पास रहने से हमेशा पेंट में गुदगुदी लगती।


एक रात की बात है सबने खाना खाया और लेटने के समय मैने रोना शुरू कर दिया कि मुझे मामी के पास सोना है। मामी मुझे बहुत चाहती थी तो वो भी मान गई, थोड़ा सा डांटने के बाद मम्मी भी मान गई।


मैं उछलते कूदते मामी के पास लेट गया, कुछ देर में सब लाइटें बंद हुई और सब लोग सो गए। बीच रात में मेरी आँख खुली, मुझे सुसु लगी थी लेकिन अंधेरे से डर लगता था।


मैने मामी को उठाया, वो आँखें मसलते हुए उठी आज उन्होंने बस टी शर्ट और केपरी पहनी थी जो घुटनों तक थी।


वो मुझे लेकर बाथरूम आई, उन्होंने मुझे सुसु कराया, मेरे दिमाग में पता नहीं किया था मैने पेंट बंद की तो लुल्ली ज़िप में अटक गई और मेरी चीख निकली तो बस जल्दी से मामी ने मेरा मुंह बंद कर दिया के कही कोई उठ न जाए।


मेरी आँखों से आंसू बह गए। मामी ने मुझे गोदी में लिया और वापस बिस्तर पर लेटा दिया, मुझे लुल्ली पर बहुत जलन मच रही थी मामी ने ज़िप हिलाकर लुल्ली तो बाहर निकालदी थी मगर दर्द अभी भी हो रहा था।


मैने सुबकते हुए बोला “मामी! नुनु में बहुत दर्द हो रहा है"।


मामी ने मुझे मेरी पीठ की तरफ से अपने सीने से चिपका लिया, उनके नर्म नर्म चूंचे मेरी पीठ में दब गए ,मुझे पहली बार एहसास हुआ के वो दिन के मुकाबले रात में कहीं ज़्यादा मादक हो जाती है।


मैं फिर से धीमे धीमे रोते हुए सिसकारी लेने लगा। मामी अपना हाथ मेरी पेंट की तरफ ले गई, उन्होंने मेरी पेंट निकाली मुझे होने उस वाले पल पर यकीन नहीं हुआ।


मेरी रावीना मामी मेरा नुनु सहला रही थी, कुछ मिनटों में मेरा दर्द गायब हो गया अब मुझे मज़ा आने लगा, मामी का हाथ मेरे नुनु को बहुत नर्मी से सहला रहा था।


मामी ने पूछा “अब तो गायब हो गया न दर्द ?” मुझे मज़ा आ रहा था तो मैने मना करदी। 


उन्होंने थोड़ा नुनु दबाया फिर दबाते हुए सहलाना शुरू करा, नुनु बड़ा होने लगा 3 इंच का नुनु 5 इंच का लन्ड बन गया। ये Risto Me Chudai की Hindi Sex Story आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे है।


लन्ड के बड़ा होने के बाद मामी ने फिर पूछा “अब तो नहीं हो रहा न दर्द” मैने फिर कह दिया अभी भी हो रहा है।


मामी की हल्की सी हसी निकली मेरे लन्ड को मुट्ठी में ज़ोर से दबाकर वो बोली “अच्छा बच्चे! अभी भी दर्द है तुझे, कमीने।”


फिर गाल पर अपने पतले होठों से एक चुम्मी देकर उन्होंने लन्ड पर से हाथ हटा लिया और सो गई, तब मुझे भी नींद आ गई और मैं भी सो गया।


अगले दिन मैं स्कूल से आया तो गर्मियों की छुट्टियां पड़ गई थी, मैं अब हर समय मामी के आगे पीछे घूमता रहता घर में सब मुझे मामी की पूंछ कहने लगे थे।


मैं हमेशा कोई न कोई बहाना सोचता ताकि मामी को छू सकू, एक रात जब सब सोय तो मैं फिर से मामी के पास ही लेटा।


मैने बीच रात में मामी को उठाया और बोला “मामी नुनु में दर्द हो रहा है”।


मामी हल्के से हसी और बोली “कमीने! सोजा, बच्चा है बड़ा मत हो अभी से”।


मैने थोड़ा ज़िद करी तो वो बोली “अच्छा ठीक है, लेकिन वादा कर किसी को बोलेगा नहीं वरना में तुझे छोड़कर चली जाऊंगी”।


मैने डरते हुए हां बोल दिया। उन्होंने मुझे पलट कर लेटने को बोला फिर मेरी पेंट उतारी मेरे नुनु हो हाथ में लिया और प्यार से सहलाने लगी अआह! मेरी कामुकता की सिसकारी सुनकर वो मुस्कुरादी।


वो अपने नर्म नर्म हाथों से बहुत अच्छे से मेरे नुनु को लन्ड बना रही थी 5 इंच का लन्ड फिर से खड़ा हो कर तैयार हो गया। 


जब वो मेरा लन्ड सहला रही थी तो मैं अपने हाथ उनके चूचों पर रखकर उन्हें दबा रहा था।


कुछ ही देर में उनकी भी आह! हम्मम! हम्मम! की सिसकारियों ने मेरे लन्ड को सख्त करना शुरू कर दिया।


करीब पांच मिनट ऐसे ही हम दोनों आह! हमममम; हम्मम! आह! की आवाज़ करते रहे और पहली बार मेरे लन्ड से कुछ सफेद सफेद पानी निकला जो मामी के हाथ पर आ गया।


वो छी! कर के मुझे डाँटने लगी “कमीने, ये क्या करा तूने?”


मैने मामी को सॉरी बोला मुझे नहीं पता थी, ये क्या हुआ है।


उन्होंने मेरे कपड़ों से हाथ साफ किए और ऐसे ही सो गई, अगले एक दो दिन मैने डर के मारे मामी के पास सोने का सोचा भी नहीं फिर वही बोली “हाशमी, आज हम साथ में सोएंगे”।


हम दोनों खाना खाकर फिर से साथ लेटे, लेटते ही वो मेरे ओर लेट गई मेरा लन्ड उनकी चूत में दब गया। वो गुस्से में मुझसे बोली “क्यों कमीने! आज कल मेरे पास नहीं आता नाराज़ हो गया क्या?”


मैने बोल दिया “ऐसी कोई बात नहीं बस मुझे अफसोस था कि मैने आपका हाथ गंदा कर दिया।”


उन्होंने कह दिया कोई बात नहीं फिर अपनी टी शर्ट उतारकर लेट गई। आज पहली बार मैने उनकी ब्रा देखी थी, छोटे बल्ब की रोशनी में मस्त नीली ब्रा में छुपे चूंचे मुझे चिड़ा रहे थे।


उनकी गोलाई ब्रा के ऊपर से उभर रही थी। ये Antarvasna से भरपूर Hindi Sex Story आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे है।


रावीना मामी मेरे पीछे आकर लेटी उन्होंने आज अपने चूंचे मुझसे बिल्कुल चिपका लिए, मेरे पूरे बदन में सुरसुरी घूम गई मामी ने अपने हाथ आगे करे और मेरी निक्कर में हाथ डाल दिया।


मामी की सांसे तेज़ होती हुई मुझे गर्दन पर महसूस हुई, वो मेरी गर्दन को चूम रही थी उनका दूसरा हाथ उनकी चूत पर था, वो मेरे गले को धीरे धीरे प्यार से चाटती फिर हल्के से काटती फिर प्यार से चूमती।


उनका एक हाथ मेरे लन्ड को सहला रहा था, मुझे उनकी गर्म सांसे बेचैन कर रही थी। अब मुझे पता चला उनकी चूंची तब 28 की रही होगी, वो दिखने में पतली मगर बेहद सेक्सी थी।


मेरे लन्ड को सहलाते सहलाते उन्होंने मुट्ठी मारनी शुरू करदी, वो मेरी मुट्ठी मार रही थी और अपनी चूत को उंगली से चोद रही थी।


अआह! आह! ससईसस!


आह कमीने ऑफ उफ्फ हम!


बेतहाशा वो मेरी गर्दन चूमे जा रही थी उसे चाटे जा रही थी, उन्होंने अपने मुंह के थूक से या कहो रस से मेरी गर्दन पूरी गीली कर दी थी। 


अआह! आओह! हम्मम l कहती हुई वो तेज़ी से चूत में उंगली कर रही थी। मेरी हालत तो खराब हो ही गई थी।


युफ्फ! ओह हममम! मेरे मुंह से धीमी आवाज़ में निकल रहा था।


ओह! जब तू बड़ा हो जाएगा!


तब बताऊंगी तुझे तो। अआह!


उन्होंने मुझे पलटा फिर मेरे होठ अपने होठों में दबा लिए, मेरे मुंह में अपनी जीभ डालकर मुझे चुसवाने लगी।


हमममम! उम्मम! हमममम


की आवाज़ें कमरे घूम घूमकर माहौल गर्म करने लगी।


मुझे खुदपर काबू नहीं रहा और मैं झड़ गया, मगर मामी की आग अभी शांत नहीं हुई थी।


वो मेरे ऊपर आ गई, मैं पहले से नीचे से पूरा नंगा था, मामी ने भी अपने कपड़े उतार फेंके फिर लन्ड पर तेज़ी से चूत रगड़ने लगी वो लन्ड पर चूत को रगड़ती और उंगली से अपनी चुदाई करती।


वो तेज़ी से अपनी उंगली अंदर बाहर कर रही थी उनकी आहे उनकी आह! उनकी मम्म्ह हमममम! की आवाज़ बहुत मीठी थी।


ऐसा लगता मेरे कानो में शहद घुल रहा हो।


उन्होंने मेरे हाथ अपने चूंचो पर रख कर रगड़े फिर अपने निप्पल मुझे चूसने को दिए।


कुछ देर ऐसे ही सब चलता रहा फिर अचानक वो उठी और मेरे मुंह पर चूत दबाकर बैठ गई।


आह आगाह ओह! साले! हम्मम 


कमीने, आह हमममम! उफ्फ!


मेरे मुंह पर बुरी तरह से वो चूत मसल रही थी।


एक ज़ोर की आअआअहफ़! रावीना मामी के मुंह से निकल गई, वो मेरे चेहरे पर चूत मसलते मसलते ही झड़ गई।


मेरा पूरा चेहरा उनकी चूत के गर्म रस से भीग गया था, मामी हांफते हुए मुझ पर गिर गई। उन्होंने मुझे बाहों में कस लिया अपने चूंची में मुझे दबा डाला।


मेरा चेहरा चिपका चिपका हो गया, उन्होंने बहुत प्यार से मेरे चेहरे को चूमा फिर बोली “कमीने! तू बड़ा हो जा, फिर बताऊंगी तुझे तो!”


उस रात के बाद हम दोनों सिर्फ मामी भांजा नहीं रहे, हम उससे कुछ ज़्यादा हो गए।


तो दोस्तो कैसी लगी आप लोगो को Mami Bhanje के बीच एक नए रिश्ते के शुरुआत की कहानी मुझे hashmilion5@gmail.com पर मेल कर के ज़रूर बताना।


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