मेरी बीवी की सुहागरात किसी और ने मनाई 1

Antarvasna Hindi Sex Stories : प्यारे चुदक्कड़ साथियों बुर चोदने का मौसम कैसा चल रहा है? चलो आज मैं आप लोगो के साथ मेरी बीवी शुभी की बुर चुदाई का एक और किस्सा बताता हूँ।


वो ये है कि मेरी बीवी कैसे एक अजनबी के पराये लन्ड से अपने शौहर के बिस्तर पर ही चुद गई आप लोगो को बता दूं कि हम लोग उत्तर प्रदेश के एक शहर बहराइच के रहने वाले है।


मेरी बीवी को सबसे ज़्यादा टेलीग्राम चलाने का शौक़ है उसको फेसबुक , व्हाट्सएप या इंस्टाग्राम से ज़्यादा अच्छा टेलीग्राम लगता है।


उसने टेलीग्राम पर अपना ग्रुप और चैनल और इस नीचे वाली नाम से id भी बनाई हुई है @SandhyasharmaS भी बनाया हुआ है, जिस पर उसके बहुत से दोस्त है जिसमे मर्द , जवान लड़के , लड़कियां सभी हैं जिनसे वो चैट किया करती है और सेक्सी वीडियो भी देखती रहती है


मेरी पिछली कहानी बीवी की बुर चुदाई गैर मर्द के लन्ड से 01 में आप लोगो को बता चुका हूं, कि वो इतनी स्मार्ट और हॉट सेक्सी है कि लोग उसकी बुर चोदने के लिए सब कुछ निछावर कर दें।


अगर गलती से कोई या आप लोगों में से ही कोई उसकी गदराई हुई गुदाज़ बुर को खुला देख लो तो चोदने के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाओ।


तो हुआ कुछ यूं कि हम दोनों की मैरिज एनिवर्सरी थी जो कि हम दोनों बहुत धूम धाम से मनाते हैं और अपने दोस्तों को भी इनवाइट करते है जो लोग दूर के होते है उनके लिए रुकने का भी बंदोबस्त होता है।


हर एनिवर्सरी पर हम लोग सुहागरात ज़रूर मनाते है और मैं अपनी बीवी शुभी की बुर को नए नए तरीके से चोदता हूँ।


आप लोगो को ये भी मालूम है कि मेरी बीवी स्लिम है यानी पतली है फिट है , लेकिन उसकी जो चूची है उसका साइज बहुत बड़ा है , इतना बड़ा की उसकी चूची की साइज की ब्रा मार्किट में नही मिलती!


वो अपनी ब्रा को टेलर मास्टर से नाप देकर सिलवाती है जब भी वो कोई नई ब्रा सिलवाती है नई डिज़ाइन का तो वो टेलर मास्टर को घर बुलाती है।


टेलर मास्टर उसको चोदने के लिए हर बार उसको ऊपर से नँगी करके नाप लेता है , फिर उसकी गदराई हुई गुदाज़ बुर को चोदता है उसके बाद तब ब्रा सिलकर लाता है और मेरे ही सामने मेरी बीवी की चुचियों मेंब्रा पहनाता है!


इस बार की एनिवर्सरी के लिए शुभी ने नए स्टाइल की ब्रा बनवाई थी एक हफ्ता पहले ही जिसमे सिर्फ छातियों के मम्मे बंद करने तक ही सिस्टम था और बाकी चुचियाँ खुली ही थी उस ब्रा।


और जब टेलर मास्टर वह ब्रा देने आया तो फिर से मेरी शुभी की बुर को चोदकर गया था।


आप लोगो को ये बता दूं कि टेलर मास्टर मेरी बीवी को क्यों चोदता था असल मे बात ये थी की उसके अलावा कोई भी शुभी की ब्रा बना ही नही सकता था।


शॉप पर उसके स्पेशल चूची होने की वजह से उस नाप की ब्रा मिलती नही थी इसलिए टेलर मास्टर मेरे ही सामने कभी मेरे ही साथ मे मेरे ही बेड पर मेरी बीवी को चोदता था , और वो उससे खुशी खुशी चुदा लेती थी।


खैर बात अब पॉइंट की तो इस एनिवर्सरी पर भी हम लोगो ने अपने अपने सभी दोस्तों को इनवाइट किया था प्रोग्राम रात का होता था।


तो उस दिन मैरिज एनिवर्सरी में उसके टेलीग्राम चैनल ग्रुप के दोस्त भी बाहर सिटी से आए थे कुछ लोकल के भी थे, ऐसे ही मेरे दोस्त भी थे।


पार्टी हुई हम लोगो ने खूब मज़े किये और व्हिस्की का पैग पर पैग लिया दोस्तो ने भी खूब इंजॉय किया और रात 12 बजे तक पार्टी चली, लोकल के लोग तो सब चले गए दूसरे शहर से आये हुए शुभी के दोस्त हम लोगो के साथ ही हमारे ही घर मे रुक गए।


हम लोग भी खूब इंजॉय करते हुए अपने कमरे में जाने की बजाय जहाँ की हर एनिवर्सरी पर कमरा सजाया जाता था।


हम दोनों सुहागरात मनाते थे और मैं अपनी बीवी की बुर चोदे बिना सोता नही था, लेकिन उस दिन वही हाल में सबके सोने का इंतज़ाम करके हम दोनों भी वही बैठ कर गपशप करने लगे थे।


शुभी के जो दोस्त थे उसमे से एक ऐसा था जो कि जब से आया था शुभी को घूर घूर कर ताड़ रहा था, उसने पार्टी में पता नही क्यों सबसे ज़्यादा शुभी को व्हिस्की के साथ पानी भी खूब पिलाया था, इसका मुझे बाद में पता चला था।


उसका नाम रोहन हाइट 6 फिट थी तगड़ा कसरती बदन था वो भी रुक गया था और शुभी को अपनी नज़रों से ही चोदे जा रहा था!


खैर आधा एक घण्टे तक हंसी मजाक करने के बाद कोई सो गया था, कोई सोने की तैयारी कर रहा था, शुभी भी रोहन के जांघों पर अपनी टांग रखकर हूँ हाँ कर रही थी।


जबकि रोहन को तो जैसे नींद ही नही थी शुभी का सर मेरी जांघ पर था और शुभी के पैर रोहन की जाँघों पर थे।


बात करते करते ही शुभी अपनी बड़ी बड़ी चुचियों को अपनी कमीज़ के बड़े गले से 75 परसेंट बाहर दिखाती नींद में चली गई तो मैं भी उसको बिना हटाये ऐसे ही लेट गया यह सोच कर की जब जागेगी तब कमरे में जाया जाएगा।


उधर रोहन की तो जैसे चांदी हो गई थी वो बोला सम्मू भाई शुभी को अच्छे से लिटा दो जब जागेगी तब रूम में चले जाना और आराम से सोना।


हाँ ठीक है , मैं बोला और रोहन को अपनी तरफ बुलाया की वो शुभी का सिर अपने गोद मे रख ले क्योंकि मुझे बाथरूम जाना था वो तो जैसे चाहता ही यही था उसने धीरे से शुभी का सिर उठाया और अपनी गोद मे रख लिया।


बहाने से चूची को बंद करने के लिए उसकी कमीज़ को पकड़ कर ऊपर चूची पर सरकाने लगा, एक दो बार तो उसने शुभी के चुचों के मम्मे भी पकड़ लिए!


मैं बाथरूम चला गया और कुछ देर के बाद आया तो देखता हूँ कि रोहन मेरी बीवी के चुचों पर अपना हाथ रखे था मैं भी आकर लेट गया और शुभी को देखने लगा।


वो व्हिस्की के खुमार में जब अंगड़ाई लेती तो दोनो टांगो को फैलाती और पहाड़ों को भी शरमा देने वाली छातियां जैसे बुला रही हो कि दबाओ और सहलाओं मुझे!


उधर रोहन जब भी शुभी अंगड़ाई लेती तो वो अपना मुंह शुभी की आधे से ज़्यादा खुली चुचियों के पास ले जाता और अपनी गर्म सांसे चुचों के मम्मों पर छोड़ता जिससे शुभी और बार बार अंगड़ाई लेती थी।


रोहन के ऐसा करने से वो भी धीरे धीरे गरम हो रही थी और वो मेरे चक्कर मे रोहन के लन्ड को कपड़े के ऊपर से ही पकड़ लेती वो समझ रही थी कि मैं हूँ उसका सम्मू।


हम लोग छोटे शहर के होते हुए भी खुले दिमाग के खुले विचारों वाले लोग थे इसलिए मैं इस पर कोई ऐतराज नही कर रहा था।


रोहन भी कभी शुभी के चुचों के मम्मे हल्के से दबाता, कभी उसके पेट को सहला रहा था और बहाने से वो अपने हाथों को शुभी के कपड़े के अंदर से ही शुभी की नरम और गुदाज़ , फूली हुई बुर को छूने की कोशिश कर रहा था।


वो जब ऐसा करता तो शुभी बड़ी ज़ोर से अंगड़ाई लेती जिससे लगता कि अभी शुभी की बड़ी बड़ी चूची कपड़ों से बाहर आ जायेगी, ऐसा हो भी जाता लेकिन रोहन शुभी के कपड़ो को अपने हाथों से शुभी की बड़ी बड़ी चुचियो पर चढ़ा देता था।


मुझे भी अब नींद आ रही थी लेकिन मैं ऐसा देखकर सो नही पा रहा था, क्योंकि मामला बहुत गरम हो रहा था।


जैसे ही रोहन बहाने से शुभी की बुर को छूने के लिए हाथ अंदर घुसा रहा था तो शुभी ने उसका हाथ पकड़ कर अपनी मोटी ,फूली हुई नरम ,गुदाज़ बुर पर हाथ रख लिया।


वो मेरे धोखे में ऐसा कर रही थी फिर व्हिस्की का खुमार भी था अब रोहन को जैसे सब कुछ मिल गया था रोहन भी अपने फड़फड़ाते लन्ड से शभी की गुदाज़ बुर को चोदना चाहता था।


रोहन ने शुभी की वडापाव जैसी फूली और मोटी, गुदाज़ बुर को जिस पर बाल नही थे शुभी अपनी चूत को चिकना ही रखती थी सहलाना शुरू कर दिया, रोहन जैसे चुदाई के नशे में मुझे भूल ही गया था कि मैं देख रहा हूँ और वो मेरे ही घर मे है।


और जिसकी बुर वो चोदना चाहता था , जिसकी बुर पर वो हाथ रखे बुर मसल रहा था वो उसकी बीवी नही , बल्कि मेरी बीवी है और वो मेरी बीवी को चोदने के लिए बेताब था!


अब शुभी पर खुमार दोनो ही था व्हिस्की का भी और रोहन का हाथ उसकी चूत और चुचों पर लगने से चुदाई का भी शुभी ने आंखे बंद किये ही किये रोहन के लन्ड को पैंट से बाहर निकालने की कोशिश करने लगी।


रोहन भी अपनी पैंट को खोलकर उतार दिया।


उफ्फ! क्या बताऊँ उसका लन्ड था कि जैसे कोबरा था! स्साला जैसे ही रोहन का लन्ड रोहन की पेंट से आज़ाद हुआ तो बुर चोदने के लिए फुंफकार रहा था।


रोहन के लन्ड का झटका इतना तेज था की कम से कम 5-6 इंच रोहन का अनकट लन्ड नीचे जाता और एकदम से फुंफकारता हुआ एक्स्ट्रा 5-6 इंच ऊपर तक झटका मारता था।


रोहन ने अपने आग के लोहे की रॉड जैसे दहकते लन्ड को शुभी की खुमार से बंद मुंह पर लहराने लगा और शुभी के नीचे का कपड़ा उतार दिया जिससे शुभी कमर से नँगी हो गई।


फिर रोहन ने शुभी का ऊपर का कपड़ा भी उतार दिया जिससे शुभी अब पूरी तरह नँगी हो चुकी थी उसकी गुदाज़ बुर भी नँगी थी और उसकी बड़ी बड़ी चुचियाँ भी अब ब्रा से आज़ाद हो चुकी थीं।


रोहन का लन्ड तो मेरे कट लन्ड से भी मोटा था उसका अनकट लन्ड का टोपा खाल के अंदर से ही बुर चोदने की ख्वाहिश से ही झूम रहा था!


उसने अपना अनकट लन्ड शुभी के हाथों में थमाया और रोहन शुभी की गुदाज़ बुर को चाटने लगा।


अब शुभी भी अपनी दोनो टांगो को फैलाकर अपनी गुदाज़ गद्दे जैसी बुर की फांक को खोल दी और रोहन के मोटे अनकट लन्ड को जैसे ही हाथ मे लेकर सहलाने लगी तो वो चौंक उठी!


क्योंकि शुभी का हाथ कट वाला लन्ड पहचानता था!


लेकिन उसी वक़्त रोहन ने अपनी लम्बी लम्बी जीभ से ही शुभी की बुर को चोदने लगा था, जिससे शुभी ने मस्ती में आवाज़ें निकालना शुरू कर दी थी आssह आह उफ्फ आउच श श शी!


शुभी रोहन के लन्ड को छोड़कर रोहन का चेहरा अपनी बुर में ही खोसने कि कोशिश करने लगी क्योंकि रोहन अपनी जीभ को पूरा निकालता और शुभी की गदराई हुई गुदाज़ बुर में पेल देता जिससे शुभी को चुदाई जैसा मज़ा मिल रहा था।


अगले पार्ट में पढ़ें की रोहन ने कैसे मेरी मैरिज एनिवर्सरी पर शुभी को चोद कर रोहन ने ही सुहाग रात मनाई। 


कहानी का अगला पार्ट : 'मेरी बीवी की सुहागरात किसी और ने मनाई 2'


स्टोरी कैसी लगी कमेंट में बताएं या मेल भी कर सकते हैं मेल - pownady837@gmail.com

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