बॉस से चुद कर ऑफिस की अफिशल रंडी बन गई 02

बॉस से चुद कर ऑफिस की अफिशल रंडी बन गई! इस कहानी का दूसरा भाग :-


अधिकारी ने हमें ऑफिस सेक्स करते रंगे हाथ पकड़ लिया फिर हम दोनों ने उनसे सॉरी कहा और बोला कि आगे से कभी ऐसा नहीं होगा।
मगर वो माने नहीं। उन्होंने सर को बाहर भेज दिया।


उनके जाने के बाद वो बोले- अगर मैं चाहूं तो तुम दोनों को अभी निकाल दूं लेकिन एक मौका देता हूं। अगर तुम चाहो तो दोनों की नौकरी बचा सकती हो।





मैं बोली- वो कैसे सर?
वो बोले- अभी कंपनी के सीनियर अधिकारी आयेंगे। मेरे से एक गलती हो गई है। अगर तुम उन्हें खुश कर दो तो मैं तुम दोनों को नहीं निकालूंगा बल्कि तुम दोनों की तनख्वाह और बढ़ा दूंगा। अब फैसला तुम्हारे हाथ में है।


मरता क्या नहीं करतामुझे भी जवाब में हां कहना ही पड़ा।
वो बोले- ठीक है, जल्दी से जाकर तैयार हो लो, जैसे सजना है सज लो लेकिन वो सर खुश हो जायें ऐसा कुछ कर दो।


मैं बोली- सर कल ही पार्लर गयी थी। सब तैयारी पूरी है।
वो भी इस बात पर हंस दिये और फिर मुझे अपने साथ ले गये।


कुछ देर में बड़े अधिकारी आ गए और हमारे हेड को डांटने लगे।


थोड़ी देर तक ये सब चला फिर मुझे अन्दर बुलाया गया।
वहां 4-5 लोग बैठे थे। सबकी उम्र 45-50 की थी।


मैं देख कर डर गई कि क्या इतने लोगों से चुदना पड़ेगा?


मगर मैं कुछ बोल नहीं सकती थी क्योंकि मेरे बॉस करन की नौकरी का सवाल था।
उन्होंने मुझे बोला- टेबल पर खड़ी हो जाओ।


मैं टेबल पर खड़ी हो गई।
वो बोले- सारे कपड़े उतारो।
मैं चुपचाप सारे कपड़े उतारने लगी। अब मैं सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी।


वो बोले- ये ब्रा और पैंटी तुम्हारी अपनी कमाई से है ना?
मैं- हां सर!
वो बोले- और वो रूपये कंपनी ने ही दिये हैं तुम्हें, है ना?
मैं- हां सर।


उन्होंने कहा- तो इनको भी उतारो। अपने मुंह में दबाकर लाओ और मुझे दो।
मैं टेबल पर खड़ी थी तो मुझे एक जानवर की तरह चलकर उनके पास जाना पड़ा और मुंह आगे कर दिया।


वो हंसते हुए मेरे बूब्स का मुआयना करने लगे और बोले- ये पैंटी जब तक मैं ना कहूं बाहर ना आ जाये।
मैंने हां में सिर हिला दिया।


धीरे धीरे सब मेरे ऊपर हाथ फेरने लगे।


कोई मेरी चूत में उंगली करता कोई गांड में। कोई बूब्स दबाता तो कोई चूतड़।


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इतने में उन अधिकारी ने अपना लन्ड मेरे मुंह में दे दिया और मुझे वो गंदा सा लंड चूसना ही पड़ा।


कोई मेरी चूत चाटने लगा। कोई मेरे निप्पल मसलने लगा।


मुझे दर्द हो रहा था। मगर मजबूरी थी मेरी और मैं मना नहीं कर सकती थी।


उन सब ने मेरी बारी बारी से चूत मारी, गांड मारी, मुंह चोदा और साथ ही मेरी रिकॉर्डिंग भी कर ली।


जब सब थक गए तो मुझसे कहा- अब हमें नाच के दिखाओ।


मैं नंगी ही टेबल पर नाचने लगी। सब मेरी वीडियो बनाने लगे। मेरी चूत से और गांड से पानी निकाल रहा था। अब सब मजे ले रहे थे। मेरे पैरों में बिल्कुल जान बाकी नहीं थी।


फिर उन्होंने बोला कि अगर तुम रुकी तो हम सब तुम्हें एक बार और चोदेंगे, वो भी अच्छे से।


मैं डर गई और वो एक के बाद एक गाना लगाते ही जा रहे थे।


अंत में आकर में बैठ ही गई।
वो सब मुझे देख कर हंसने लगे। मैं अपना चेहरा नीचे झुकाए बैठी रही और सोचने लगी कि कहां फस गई हूं, मगर चुदाई में मुझे भी मजा आता था।


फिर उन्होंने मुझे गोदी में उठाया और मेरी चूत अपने लंड पर सेट की और वो मेरे वज़न से अंदर चला गया और मेरी जान निकल गयी।


वो मुझे ऐसे ही लेकर सोफे पर लेट गए और जोर जोर से चोदने लगे।  यह कहानी आप गरम कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है ।  


तभी अचानक किसी ने मेरी गांड में लंड दिया और मैं तड़प उठी। मैं कुछ आवाज़ कर पाती तब तक एक ने मेरे मुंह में अपना पूरा लंड दे दिया। मेरे तीनों छेद चुद रहे थे। मैं करीब ऐसे ही 2 घंटे तक चुदती रही और मेरी पूरी जान निकल गई।


फिर सब ने कपड़े पहने। जब मैं पहनने लगी तो एक ने मेरी ब्रा और एक ने पैंटी रख ली और उसे सूंघने लगे।
मैंने मजबूरी में जींस और शर्ट पहनी जिसकी वजह मेरे बूब्स बहुत हिल रहे थे।


तो हेड ने बोला- चलो आज का काम हो गया, तुम्हें मैं घर छोड़ देता हूं। आराम कर लेना।
रास्ते में जाते जाते उन्होंने मुझे एक दर्द कम करने की दवाई और दी, और जैसे ही हम घर पहुंचे उन्होंने बोला- तुम्हारी तनख्वाह बढ़ा दी जाएगी और करन की भी।


मैं बहुत खुश थी मगर दर्द के मारे मेरा शरीर टूट रहा था तो मैं चुपचाप रूम में गई और बेहोशी की हालत में गिर कर सो गयी।


रात को करन ने मुझे उठाया और बताया कि हेड ने उसे सब बता दिया है कि आज क्या क्या हुआ।


उसने बोला- हम दोनों ये नौकरी छोड़ देंगे, अब यहां नहीं रहेंगे।
मैं बोली- इतना दर्द झेलने के बाद क्यों जाना, अब तो हमारी तनख्वाह भी बढ़ जाएगी। उसके बाद ही चलेंगे हम दोनों!
उसने भी समझदारी दिखाते हुए हां कह दिया।


मगर हेड ने चुदाई का खेल और ज्यादा बढ़ा दिया। जब भी हेड से कुछ गलत होता तो वो मुझे चुदवाने के लिए भेज देता था।


ऐसे ही करते करते मैं अपने सारे अधिकारियों से चुद गई थी। वो सब भी मेरी चूत के दीवाने हो गए थे। लगभग हर कोई मुझे बहुत सारे रुपए देकर जाता था।


मुझे भी अब हॉट ऑफिस सेक्स की आदत हो गयी लेकिन करन को ये बात पसंद नहीं आयी। वो नौकरी छोड़कर चला गया।
मगर उसके जाने के बाद भी मै चुदती रही। 


धीरे धीरे साल भर में मेरे पास बहुत पैसा इकट्ठा हो गया।


मुझे चोदने वाले सब अमीर लोग थे। उनके तोहफे भी महंगे होते थे। चुदने के कारण मेरे बूब्स 38 के हो गये और गांड भी काफी भारी हो गयी और मैं जैसे रंडी ही लगने लगी।


उसके कुछ समय बाद मैंने नौकरी छोड़ी और अपना रेस्तरां खोल लिया।
मैं शहर चली गयी और मेरा काम चल निकला।
अभी भी मैं कभी कभी किसी अमीर क्लाइंट के पास चुदने चली जाती हूं।


तो आपको मेरी हॉट ऑफिस सेक्स स्टोरी कैसी लगी मुझे जरूर कॉमेंट करके बताना!


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