मां की चुदाई मेरे ही लंड से आंटी ने करवाई 02

Family Sex Story : पढ़े कैसे विशाल ने अपनी Maa कनिका की मोटी Gaand चोदी और उसकी सालों की आग बुझाई! साथ ही रानी Bhabhi की Group Chudai ने सबको मदमस्त कर दिया!


हेलो दोस्तों, मैं हाशमी हूं, और आज मैं आपको एक ऐसी कहानी सुना रहा हूं जो दो पुरानी यादों का मिश्रण है।


आपने जो माँ की चुदाई मेरे ही लंड से आंटी ने करवाई वाली कहानी को प्यार दिया उसके सम्मान में उसी का अगला भाग आपके लिए प्रस्तुत कर रहा हूं।


एक तरफ पड़ोसन भाभी की वो कातिलाना गांड, जो हर मर्द की नींद उड़ा देती थी, और दूसरी तरफ विशाल की वो अनकही सच्चाई, जहां मां-बेटे की सीमाएं टूट गईं थी। लेकिन ये कहानी नई है, जहां विशाल अपनी मां कनिका की गांड मारता है – 


वो गांड जो सालों से छुपी हवस की आग में जल रही थी। ये किस्सा इतना गर्म है कि पढ़ते हुए आपका लंड खड़ा हो जाएगा, और लड़कियां अपनी चूत में उंगली डाल लेंगी। तो तैयार हैं? चलिए शुरू करते हैं।


विशाल की उम्र अब 26 साल हो चुकी थी। यू पी के एक छोटे से मोहल्ले में रहने वाला ये लड़का बचपन से ही शरारती था। उसके पिता ट्रांसपोर्टर थे, जो महीनों घर से बाहर रहते थे। 


उसकी मां कनिका, 45 साल की एक हसीन औरत थी, जिनकी कमर 28, बूब्स 36B और गांड 42 की हो गई थी।वो इतनी मोटी और गोल थी के साड़ी में भी लहराती रहती थी। 


कनिका आंटी का चेहरा गोल था,उनके होंठ मोटे और लाल थे, और आंखें ऐसी कि किसी को भी ललचा देंकर अपना दीवाना बनाले।


 लेकिन घर में वो सादी-सादी सी ही रहती थी, बाहर निकलते ही मोहल्ले के मर्दों की नजरें उसकी गांड पर टिक जातीं।


मोहल्ले में एक नई भाभी आई थी – रानी भाभी। उनकी उम्र 32 साल की, फिगर 34-28-36 था।


वो अंग्रेजो जैसी गोरी चिट्टी थी, और गांड ऐसी कि विकी सेठ जैसा पड़ोसी लड़का (जो विशाल का दोस्त था) रोज सपने में उसकी चुदाई करता था। 


रानी भाभी का पति नौकरी में व्यस्त रहता था, और वो अकेले में परीक्षा की तैयारी करती थी विशाल ने रानी भाभी को पहली नजर में ही नोटिस कर लिया था।


लेकिन असली आग तो उसकी अपनी मां में सुलग रही थी।कुछ साल पहले, विशाल को वो राज पता चला था। बचपन में, जब वो 16 का था, तो रोजी आंटी – मां की कॉलेज फ्रेंड – के साथ मां का अफेयर सामने आया था।


रोजी, 46 साल की विधवा उन्होंने अपने पति को मरा हुआ मान लिया था, जिसकी गांड कनिका आंटी से भी ज्यादा भारी थी, और उसकी आवाज कामुक सिसकारियों से भरी थी। 


वो दिन जब विशाल ने मां को रोजी की चूत चाटते देखा, और फिर खुद उनकी चुदाई में शामिल हो गया। लेकिन तब गांड की चुदाई नहीं हुई थी– सिर्फ चूत और मुंह का ही उद्घाटन हुआ था। 


विशाल को वो याद आज भी सताती। अब वो सोचता है, "मां की वो मोटी गांड, अगर एक बार लंड से रगड़ दूं तो ज़िंदगी सफल हो जाए।"


एक दिन, विकी सेठ ने विशाल को फोन किया। "यार, मेरा पड़ोसन रानी भाभी की गांड मारने का प्लान है। तू आ जा, दोस्तों के साथ ग्रुप चुदाई करेंगे। 


फिर वो बोला लेकिन तेरी मां का क्या? तू तो हमेशा उसकी तारीफ करता है।" विशाल हंस पड़ा। "अरे, वो तो अलग किस्सा है। लेकिन चल, मैं आता हूं। शायद रानी भाभी के बहाने मां को भी लपेट लूं।" ये Antarvasna Foursome Chudai Ki Kahani आप Garamkahani पर पढ़ रहे है।


अगले दिन, रानी भाभी का एग्जाम था। उनका सेंटर 20 किमी दूर था भाभी सरकार को गाली दे रही थी के इतना दूर सेंटर क्यों डाला है। 


उसके पति मीटिंग में गया थे, तो विकी ने विशाल को बुलाया "भाभी को ड्रॉप करने चल, रास्ते में मजा बहुत आएगा।" विशाल तैयार हो गया। 


कार में रानी भाभी बैठी, वो सलवार-कमीज में थी, उसकी गांड सीट पर फैल गई थी। विशाल ने ड्राइविंग करते हुए नजरें आईने में डालीं। "भाभी, एग्जाम कैसा जाएगा?"


 रानी ने मुस्कुराते हुए कहा, "ठीक ही, लेकिन तनाव है मेरे दिल पर बहुत ,पति तो घर आते ही थक जाते हैं, रात में कुछ मजा ही नहीं आता इस वजह से पढ़ाई में मन नहीं लगता है।"


विशाल का लंड उनकी कामुक आवाज़ से सरक गया। रास्ते में बातें गर्म होते होते सेक्स पर आ गईं। "भाभी, अगर मौका मिले तो मजा ले लो और पैसे भी कमाओ।" 


रानी ने हैरानी से देखा, लेकिन उनकी नशीली आंखों में चमक थी। तीनों मिलकर एग्जाम सेंटर पहुंचे। दोनों लड़कों ने लंड सहलाते हुए दो घंटे इंतजार करा। बोरियत की वजह से विशाल बाहर टहलने लगा। 


पास ही एक स्कूल था, जहां दो लड़के – सोनू और मोनू – मिले। वो 25-26 साल के होंगे, वो स्कूल मालिक के बेटे थे। बातों-बातों में लड़कों के रिवाज़ के मुताबिक सेक्स की चर्चा हुई।


"यार, हमें देसी माल चाहिए, भाभी-आंटी वाली कोई चूत मिले तो बताओ।" विशाल ने सोचा, 'ये तो परफेक्ट मौका है।'


"दस हजार में जुगाड़ कर दूं?" उसने कहा ओर सोनू-मोनू तैयार हो गए। विशाल ने देखा एग्जाम का समय पूरा हो गया है तो वो रानी भाभी को लेने गया। जब वो बाहर आई तो बाहर आकर जूस पिलाया। 


कार में लेजाकर उसने उन्हें हाथ पर हाथ रखा, "भाभी, तेरी सेक्स लाइफ खराब है न? मैं खुश कर दूं और पैसे भी दूं तो क्या मेरी बात मानोगी।" 


रानी पहले गुस्साई, लेकिन पैसे सुनकर उसकी जवानी डगमगाई। "कौन करेगा?" "मेरे दोस्त, और मैं भी।" रानी ने हामी भर ली।


चारो लड़के कार में सेट हुए फिर कार लॉक की अपनी अपनी कुर्सी की पेटी बांध कर स्कूल की तरफ चले। सोनू-मोनू की आंखें भाभी को देखकर चमक उठीं। "वाह, क्या माल, यार!"


वो सब स्कूल के वेटिंग हॉल में घुसे फिर दरवाजा बंद। वहां रखे दो बेड जोड़कर बड़ा बेड बनाया। फिर रानी बीच में बैठी। सोनू ने उसके कंधे पर हाथ रखा। 


विशाल ने देखा तो बोला, “ मुझे मां की याद आ गई – वो भी ऐसी ही नजरों से देखती है मुझे। लेकिन यहां रानी थी। सोनू-मोनू ने रानी के बूब्स मसलने शुरू कर दिए। 


उसकी कमीज ऊपर की तो देखा, लाल ब्रा दो बड़े चूचे आज़ादी मांग रहे है। उससे उन बूबू की बे बसी नहीं देखी गई तो हुक तोड़ा, जिससे चूचे बाहर कूद पड़े। 


चारो लड़के मिलकर दोनों चूचे बारी बारी चूसने लगे। विशाल का लंड खड़ा हो गया। रानी सिसकारियां ले रही, "आह!


ओंह्ह्ह, मुझे डर लग रहा है, अआआह धीरे! तुम चार लंड और मेरी अकेली चूत, अआआह, हममम आराम से करना, अपना समझकर।" ये Family XXX Threesome Sex Story आप Garam Kahani पर पढ़ रहे है।


सब ने मिलकर उनकी सलवार खोली और नीली पैंटी उतारी। रानी भाभी बिल्कुल नंगी हो गई। एक गोरी चिट्ठी जवानी से भरी औरत चार नौ जवान खड़े लंड वाले के बीच थी।


सोनू पीछे से गांड दबा रहा, मोनू चूत चाट रहा था। विशाल ने अपना लंड पैंट से बाहर निकाला, वो इस नज़ारे से उत्सुक होकर लंड हिलाने लगा।


 रानी ने फिर एक लंड मुंह में लिया और ग्रुप चुदाई शुरू हुई। मोनू पहले नीचे लेटा, और रानी भाभी ऊपर चढ़ी। सोनू उसके मुंह में गया। विशाल ने सोचा, 'मां की गांड भी ऐसी ही होगी।' लेकिन पहले रानी की बारी है। 


रानी की चूत में मोनू का लंड घुसा, मुंह में सोनू लंड गया था। विशाल ने रानी की गांड पर थूक लगाया, लेकिन सोचा, 'नहीं, ये तो विकी की भाभी है। मेरा टारगेट तो घर लौटकर पूरा होगा।'


फिर घमासान चुदाई चली। मोनू ने लंड को चूत में तेज़ी से अंदर बाहर करा भाभी अआआह! उम्ममम की सिसकियां ले रही थी मगर उनके मुंह में लंड फंसा हुआ था।


लगातार उनकी चूत में लन्ड अंदर बाहर अंदर बाहर हो रहा था लेकिन भाभी इतनी मस्त माल थी की पहले मोनू ही झड़ा वो खुद को सम्भाल भी नहीं पाया और चूत में बह गया। 


फिर सोनू ने उसकी जगह ली, मोनू थककर एक तरफ गिर गया था अब सोनू ने अपनी हवस का 7 इंच का लंड भाभी की चूत ने पेला। 


विशाल ने रानी की गांड हाथों से खूब मसली, लेकिन अभी भी लंड अंदर नहीं डाला वो बस अपनी कनिका नामक गांड़ को हो याद कर रहा था। 


सोनू ने रानी भाभी के चूंचे पकड़े फिर दमादम धक्के लगाने लगा, विजय ने विशाल को हटाया और अपना लंड भाभी की गांड़ में घुसेड़ दिया।


भाभी चीख उठी आअआआअह, एक एक कर के आओ, मैं नहीं सह पाऊंगी आआह! आह! ओहद्ह! पीछे से एक लंड उनकी गांड़ मार रहा था और आगे से एक लंड उनकी चूत पेल रहा था।


मुंह से उनके मादक सीसखियांए छूट रही थी, बाकी दो लड़के उनके चूंचे भींचे जा रहे थे। करीब 15 मिनट के घमासान के बाद सोनू भी निढाल होकर गिर पड़ा।


उसके 5 मिनट बाद विजय ने भी अपने लंड के पानी से भाभी की गांड़ भर दी।रानी भाभी चुदकर हाफ रही थी वो अधमरी होकर नंगी बिस्तर पर गिरी हुई थी। दोनों लड़कों को अपनी पसंद की चूत चोदकर मज़ा आ गया।


उन्होंने भाभी के चूंचे दबाकर उनको पैसे दिए सब लोग खुशी खुशी दस हजार लेकर घर के लिए विदा हो गए। 


रास्ते में विशाल का भी दिल नहीं माना उसने रानी को फिर चोदा और पीछे लेजाकर उनसे मज़ा लिया– कार में ही उनको लंड मुंह में चुसवाया। जब सब घर लौटे तो रानी थकी हुई थी,


 लेकिन वो बहुत बहुत खुश थी। विशाल के मन में आग लग गई थी के आज 'रानी की गांड देखी, अब मां की हर हाल में देखनी है।'


विशाल जब घर पहुंचा तो मां किचन में थी वो उसे देखकर बोली "बेटा, कहां था तूं?" विशाल ने उनको गले लगाया,अपना हाथ उनकी पीठ पर फेरा। उसने प्यार से मां की गांड छू ली। 


कनिका मां चौंकी, लेकिन अपने बेटे के प्यार में मुस्कुराई। उन्होंने बताया रात को पापा फोन पर बोल रहे थे: "कल आ रहा हूं।" 


विशाल सोचा, 'कल से पहले आज रात को ही गांड़ का उद्घाटन कर देता हूं।' उसके बाद रोजी आंटी का फोन आया। "कनिका, विशाल घर है? मैं आ रही हूं।" विशाल ने सुना, तो उसका लंड कड़क हो गया।


थोड़ी देर बाद रोजी जी आई – वो एक सेक्सी टाइट जींस में, गांड लहराती हुई आई थी वो आते ही बोली "कैसा है बाबू!" फिर उन्होंने उसके गाल पकड़कर विशाल को चूम लिया। 


कनिका ने पीछे से दरवाजा बंद किया और तीनों हॉल में आए रोजी ने कनिका के मोटे होठों को किस किया, फिर ज़ोर से गांड दबाई। ये Desi Group Sex Story आप Garam Kahani पर पढ़ रहे है।


 विशाल ने उनका फिर से वीडियो बनाना शुरू किया, लेकिन खुद ही बंद कर दिया। "रोजी आंटी, आज कुछ नया करते है चलो।" वो बोला तो रोजी हंसी, "क्या बाबू? तेरी मां की गांड मारना है न तुझे अब?"


उनकी बात सुनकर कनिका शरमाई, "रोजी, तूं पागल हो गई है!" लेकिन उनकी आंखों में हवस थी। रोजी ने कनिका की झट से साड़ी खींची। उसका ब्लाउज खोला, और भारी भरकम दूध भरे चूचे बाहर उछल पड़े।


विशाल ने अपनी प्यारी मां के चूचे मसले। "मां, बचपन से ये छूना चाहता था।" वो बोला तो कनिका सिसकारी,


"आगाह बेटा... ये गलत है, देख जो पहले हुआ वो भूल जा! हमममम हमें अपनी हद पार नहीं करनी चाहिए थी।" 


लेकिन रोजी ने उनको चुप कराया वो नीचे झुककर चूत चाटने लगी। विशाल ने मौका देखकर जींस उतारी, और अपना लंड बाहर करा वो 7 इंच का, मोटा फौलाद था।


रोजी ने उसे मुंह में लिया। कनिका की देखते देखते चूत गीली हो गई।वो तीनों फिर बेडरूम में गए। कनिका नंगी ही बिस्तर को गरम करने चढ़ गई। 


फिर विशाल ने मां को लिटाया। उसकी रसीली प्यारी चूत चाटी। "आह बेटा हममम, मेरे बच्चे आआह... तेरी जीभ उफ्फफ! भाड़ मैं गई हदे अआआह ओह रोज़ी.."


 रोजी ने अपनी चूत में उंगली डालकर फिर कनिका के मुंह में उंगली डाली। फिर विशाल का लंड दुबारा चूसा। विशाल उनकी गांड़ छू कर बोला "अब मां, तेरी गांड चाहिए मुझे।" कनिका थोड़ा घबराई,


 "नहीं बेटा, गांड कभी नहीं मरी है मेरी। पापा भी नहीं मरते है।" रोजी हंसी, "आज मरवा देंगे तेरे बेटे से बाबू जाकर तेल लाओ।"


रोजी ने बोतल से नारियल तेल निकाला। फिर कनिका आंटी को घुटनों पर किया। उन्होंने गांड ऊपर करी।


विशाल ने मां की गांड जी भर के देखी – उफ्फफ गोरी, मोटी, गोल एकदम स्वादिष्ट गांड़ विशाल के सामने थी। 


उस खूबसूरत इमारत के बीच में छोटा सा छेद था। विशाल ने पहले थूक लगाया, फिर अंदर उंगली डाली। कनिका चिल्लाई, "आह! दर्द...उन्ह्ह्ह रोज़ी मैं तेरी मां चोद दूंगी साली! आगाह बेटा मत करना।" 


लेकिन रोजी ने मुस्कुराते भी उनकी चूत चाटकर उन्हें शांत किया। विशाल ने फिर लंड पर तेल लगाया और उसे छेद पर रखा उसने पहले धीरे से धकेला। वो अपनी मां को शांत करते हुए बोला "मां, रिलैक्स।" 


लेकिन कनिका दर्द से कांप रही थी, "बेटा...अआआह उम्मम! बेटा प्लीज़ अआआहबाहर निकाल इसे...अआआह"


 उन्होंने लंड निकालने की कोशिश करी मगर रोज़ी जी ने उनके मुंह पर अपनी चूत लगाकर रोक दिया फिर विशाल को गांड़ पर चढ़ाई करने का इशारा करा।


फिर एक बार में ही विशाल ने पूरा लंड अंदर कर दिया। कनिका आंटी की गांड सच में टाइट और गर्म थी वो चीखी और रोटी हुई बोली हमममम! यार प्लीज़ मत करो आआह हाआअ! अआआह!


विष बोला "आह मां... कितनी टाइट है तेरी गांड!" उसने फिर तेज़ी से झटके मारे। तो कनिका रोने लगी, लेकिन धीरे-धीरे उसकी चीख सिसकारियां लेते दिखाई दी। 


"आह...आआह बेटा... ओंह्ह्ह! मजा आ रहा...हमममम आअआआ!" रोजी ने कनिका के चूचे मसले। विशाल ने स्पीड बढ़ाई। गांड की चुदाई अब अपने ऊफान पर थी – 


प्लप प्लप की आवाज़ से माहौल गर्म हो गया । मां की गांड लंड को निचोड़ रही। "मां, तेरी गांड रानी भाभी से भी सेक्सी है।"


रोजी ने भी अपने लिए जगह मांगी। "बाबू, अब मेरी बारी।" वो भी अपनी गांड़ उठाकर विशाल के मुंह के पास ले आई। ये Maa Bete Ki Chudai Wali Kahani आप Garamkahani पर पढ़ रहे है।


विशाल ने मां की गांड से लंड निकाला, और रोजी की गांड में डाला। रोजी की गांड थोड़ी ढीली थी जाहिर है सब जानते है ऐसा क्यों था, लेकिन फिर मजा बराबर मिल रहा था। 


कनिका अब नीचे लेटी,वो चूत में उंगली करने लगी। फिर तीनों ने पोजीशन बदली। कनिका ऊपर आई, विशाल नीचे चूत में चला गया।


रोजी पीछे से विशाल की गांड मसल रही थी उसने विशाल की गांड़ में शरारत करते हुए उंगली डाल दी, जिससे विशाल आगाह! कहता हुआ उचक गया लेकिन फोकस मां की गांड पर था।


वो बोला "मां, अब दोबारा करे।" विशाल ने कनिका को फिर डॉगी स्टाइल के लिए तैयार किया। उनकी गांड ऊपर ली फिर लंड अंदर डाला। 


उसने लंड तेजी से अंदर बाहर कर कर के उनको जोर-जोर से चोदा। कनिका लगातार चिल्ला रही थी,


"बेटा...अआआह धीरे उन्ह्ह्ह फाड़ दी मेरी अआआह... रोज़ी ये सब तेरी करतानी है आह! बेटा आगाह चोद...हाआअ गांड मार बेटा!" विशाल ने उनके बाल पकड़े और गपागप झटके लगाए। 


रोजी ने कनिका की खूब चूत चाटी। तीनों की वासना का एक त्रिकोण बन गया – विशाल गांड मार रहा था रोजी चूत चाट रही, कनिका सिसकारियां लेकर बहक रही थी।


ये 15 मिनट चली चुदाई। विशाल का माल भी अब आने वाला था। उसने पूछा "मां, अंदर झड़ूं कहो अगर?" कनिका भी हवस की पूजाएं हो गई थी तो बोली,


"हां बेटा... भर दे मेरी गांड अपने रस से!" उसने एका एक तीन झटके मारे, उसका विस्फोटक वीर्य छूटा। 


कनिका अब पूरी कांप गई, उसको जिंदगी का सबसे अचंभा ऑर्गेज्म आया। रोजी ने उसे चूत चाटकर साफ किया।


तीनों लोग यूंही नंगे लेटे रहे । कनिका ने विशाल को चूमा, "बेटा, तेरी वजह से आज गांड का भी मजा मिला। लेकिन ये राज रहे, समझा।"


फिर अगले दिन पापा आए। लेकिन अब रातें बदल गईं थीं। जब पापा सोते, विशाल मां के कमरे में घुस जाता। वो कभी चूत को खाता, कभी गांड को चखता। 


अपने घर उसने रानी भाभी को भी बुलाया एक बार और विकी के साथ सबने मिलकर ग्रुप चुदाई करी। लेकिन सबसे ज़्यादा मजा मां की गांड का ही मिला। 


विशाल सोचता, "मोहल्ले की हर गांड चोदी हुई है मेरी, लेकिन अपनी मां की सबसे मीठी गांड़ है।" कुछ महीने बाद, विशाल ने शादी की। लेकिन मां-रोजी का अफेयर हमेशा चला। 


विशाल कभी-कभी उनकी चुदाई में शामिल होता। रानी भाभी भी साथ आ जाती। मोहल्ला बाहर से शांत था और अंदर हवस की आग में सुलगता रहता था।


न जाने कितने ऐसे मोहल्ले है दुनिया में जिनमें ये वासना की आग गरमाती है। ये कहानी अच्छी लगी हो तो कमेंट करे लाइक करे मैं मिलता हूं आपसे अगली कहानी में धन्यवाद।


Share This Story :  


यह कहानी आपको कैसी लगी?

❤️ Love 0
😍 Wow 0
😂 Funny 0
😢 Sad 0
😡 Angry 0
👏 Clap 0

💬 Leave a Comment :-

📝 Comments :

No comments yet. Be the first to comment!