सर्दी को दादी मां की चूत की गर्मी से भगाया 02

Family Desi Sex Story : कैसे मैंने दादी को अपना मंगलसूत्र पहना कर एक बाजारू रंडी की तरह चोदा और अपने बीज से उनकी कोख भर कर बच्चे को जन्म दिया!


कहानी के पिछले भाग "सर्दी को दादी मां की चूत की गर्मी से भगाया!" में आपने पढ़ा :-


अब मुझे अपनी दादी को चोदने का बहुत मन हो रहा था, पर डर भी लग रहा था। सर्दी की वो शाम मेरे बर्थडे की पूर्व संध्या थी।


कुछ देर बाद मैं अन्दर आया और दादी से कहा- दादी आप मुझे फिर से नहला सकती हो क्या? दादी का मूड खराब था, तो वे ‘नहीं’ बोलीं।


मैं ‘ठीक है’ बोला और वहां से बाथरूम में चला गया। मुझे पता था कि दादी ज़रूर आएंगी और ऐसा ही हुआ। दादी ने कहा- दरवाज़ा खोल! मैंने ‘नहीं’ बोला, तो वे मुझे डाँटने लगीं।


अब आगे :-


मैंने सोचा की कोई गड़बड़ न हो इसलिए दरवाज़ा खोल दिया और दादी अन्दर आ गईं।


मैं तब अंडरवियर में था, तो वे बोलीं- आज चड्डी क्यों पहनी है, उतार इसे? उनकी बोली में वासना साफ झलक रही थी, तो मैं समझ गया कि दादी मेरे लौड़े को पकड़ कर देखना चाहती हैं। 


सर्दी में उनका बदन गर्म लग रहा था। मैंने जल्दी से चड्डी उतार दी और वे मुझे नहलाने लगीं। उन्होंने मेरे लौड़े को पकड़ कर मसला, तो मैं सन्न हो गया। वे मेरे लंड को हिलाने लगीं, मेरा लौड़ा अब पूरी तरह तन गया था। 


मैं जोर-जोर से ‘आह आह’ की आवाज़ें निकाल रहा था। वे मेरी कामुक आवाजों और कड़क लंड से कुछ ज़्यादा ही मूड में आने लगीं। उसी दरमियान दादी का पल्लू सरक गया जो कि साफ समझ में आ रहा था कि दादी ने खुद ही पल्लू सरका दिया है। 


उन्होंने आज बहुत ही ज्यादा गहरे गले का ब्लाउज पहना हुआ था जिसमें से उनके लगभग एक तिहाई से ज्यादा दूध दिख रहे थे। दादी के मम्मे भारी थे, लेकिन सख्त भी काफी थे , जैसे सर्दी ने उन्हें संभालकर रखा हो।


ये Desi Aunty XXX Antarvasna Sex Story आप Garamkahani पर पढ़ रहे हैं। मैंने अपना हाथ उनके ब्लाउज में डाला और एक मम्मे को पकड़ कर मींजने लगा मैं उनके चूंचे मसलने लगा।


दादी भी नशीली आंखों से मेरे लौड़े को पकड़ कर सहला रही थीं और मेरी आंखों में आंखें डाल कर मुझे वासना से देख रही थीं। मैंने दादी का हाथ पकड़ कर उन्हें खड़ा किया और उन्हें अपने सीने से लगा कर चूमने लगा।


वो भी मेरे होंठों से होंठ लगा कर मुझे चूमने लगी थीं। दादी के होंठ ठंडे थे बाहर से, लेकिन उन होठों के अंदर गर्म आग भड़क रही थी। तभी मैंने नहाने का पानी उनके ऊपर डाल दिया और उन्हें पूरा भिगो दिया। वे मेरी हरकत पर हंसने लगीं। सर्दी में गर्म पानी का मजा दोगुना हो गया था।


मैंने कहा- अब आप भी नहा लीजिए! उन्होंने मेरा लौड़ा हिलाते हुए कहा- तुम ही नहला दो न! मैंने उनके होंठों के ऊपर अपने होंठ रख दिए तो वे भी मेरा साथ देने लगीं।


मैंने एक हाथ से उनकी साड़ी ऊपर करके चूत पर रख दिया और सहलाने लगा। उन्होंने पैंटी नहीं पहनी हुई थी। इसका मतलब साफ था के वे पहले से ही मुझसे चुदवाने का विचार करके आई थीं।


दादी की चूत बहुत गर्म थी, सर्दी के बावजूद मुझे हाथ पर गर्मी महसूस हो रही थी। मैं उनकी चूत में उंगली डाल रहा था और एक हाथ से मम्मे दबा रहा था। साथ ही उन्हें किस भी कर रहा था।


फिर मैंने उनका ब्लाउज़ खोल दिया। उन्होंने अन्दर लाल रंग की ब्रा पहनी थी। मैं ब्रा का हुक खोलने के बाद उनके दूध मसलने लगा। वे मेरे सामने आधी नंगी थीं और मैं पूरा नंगा था। मैंने उन्हें पागलों की तरह किस किए जा रहा था।


अब मैंने उनके एक मम्मे को चूसना शुरू कर दिया था। दादी बहुत गर्म हो चुकी थीं। उनकी सांसें बहुत गर्म हो चुकी थीं। मैं उनकी दोनों चूचियों को बुरी तरह से चूस रहा था और भंभोड़ रहा था।


दादी के निप्पल कड़े हो गए थे। मेरी दादी चुदास से भर चुकी थीं और कह रही थीं- आह आह! आज चोद दे मुझे आआह! आह और जोर से चूस मेरे दूध ओहद्ह! आह फक!।


आज मुझे अपनी रंडी बना लो और उसी की तरह चोद दो! वे ये सब बोल रही थीं तो मुझे भी वासना चढ़ने लगी थी और अब दादी मुझे सड़क छाप रांड के जैसी ही दिखने लगी थीं।


उम्र का फर्क मिट गया था – बस चूत की प्यास और लंड की तड़प बाकी थी। फिर मैंने उन्हें पूरी नंगी कर दिया और नीचे होकर उनकी चूत पर मुँह रख कर चुत चूसने लगा।


वे आह आह! उफ्फफ! बेटा आसासाह! करने लगीं और बोलीं- चल बेडरूम में चलते हैं, अब  हम दोनों नंगे ही बेडरूम में चले गए। बेड पर मैंने उन्हें लिटा दिया और उनकी चूत को चाटने लगा। सर्द रजाई अभी भी बिस्तर पर थी, लेकिन हमारी गर्मी सब कुछ पिघला रही थी।


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दादी चुदाई की आग में पागल सी हो गई थीं। वे जोर-जोर से आवाज़ें निकाल रही थीं और कहे जा रही थीं- आह अब सब्र नहीं होता ! आअआआ! तू अपना लौड़ा मेरी चूत में पेल दे। आह मुझसे अब कंट्रोल नहीं हो रहा है!


मैंने उनकी आवाजों की तरफ ध्यान न देते हुए चूत चाटना चालू रखा। एक तेज़ धार के साथ जल्दी ही उनका रस बाहर आ गया।


मैं चुत का रस चाटने लगा तो उन्होंने मेरे मुँह पर ही मूत दिया और जोर-जोर से हांफने लगीं। मैंने उन्हें उठाकर अपना लौड़ा उनके मुँह में दिया, तो फिर से वो किसी रंडी की तरह लंड चूसने लगी थीं। दादी का मुंह बहुत गर्म था, जैसे सालों की ठंड मिटा रही हों।


जल्दी ही हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए और एक दूसरे का सामान चूसने लगे। मैंने सोचा के कहीं ऐसा न हो की कहीं दादी ये बोल दें कि तुमने मुझे अपना शिकार बनाया था। मैं यह सोचते ही वहां से जाने लगा। दादी बोलीं- ओए मेरे राजा, कहां जा रहे हो? 


मुझे तड़पा कर किधर भाग रहा है ओंह्ह्ह! आओ न! मुझे चोदे बिना मत जाओ आह हमममम! मैं तुम्हारे लौड़े के बिना मर जाऊंगी! सर्दी की रात में उनकी ये पुकार और जोरदार लगी।


मैंने कहा- सॉरी दादी, पर मुझे ऐसा लग रहा है कि मैंने आपसे ज़बरदस्ती की है!


दादी उठकर मेरे पास आईं और मेरा लौड़ा हाथ में लेकर हिलाती हुई बोलीं- नहीं मेरे राजा, तुझे ऐसा ही लग रहा है, तो पहले मेरे गले में मंगलसूत्र डाल दो! मैंने दादी की तरफ देखा, तो उनकी आंखों में एक प्यास थी जो बहुत बरसों पुरानी दिख रही थी।


दादा के साथ सालों सूखी जिंदगी मुझे अधूरी दिख रही थी। उन्होंने अपने गले का मंगलसूत्र निकाल कर मेरे हाथ में रख दिया और बोलीं- लो इसे तुम खुद दूर फेंक दो! मैंने उसे फेंक दिया।


 फिर जल्दी से दादी अपने पास रखा एक नया मंगलसूत्र लेकर आईं। ये वही वाला मंगलसूत्र था, जब हम बाहर घूमने गए थे। तब दादी ने मेरी पसंद का मंगलसूत्र खरीद लिया था एक बर्थडे गिफ्ट की तरह।


दादी ने मुझसे कहा- मेरे गले में मंगलसूत्र डाल दो और बना लो मुझे अपनी, फिर तो कोई प्रॉब्लम नहीं है न? मैंने मंगलसूत्र उनके गले में डाल दिया। सच में वे तो रोने ही लगीं और कहने लगीं- आज से मैं तेरी हूँ। 


तुम मुझे कितना भी चोद लो, मैं कुछ नहीं कहूँगी, पर मुझे छोड़ कर कहीं मत जाना! वे जोर जोर से रोने लगीं। सर्द हवा में उनकी सिसकियां मुझे गरमा रही थी। मैंने कहा- दादी आप मत रोओ, मैं हूँ न।


मैं आपका पूरा ख्याल रखूँगा और कहीं नहीं जाऊंगा! दादी बोलीं- अब तो दादी मत बोलो, मैं आपकी बीवी हो गई हूँ! वे मुझसे बड़े आदर के साथ बोल रही थीं। मैंने उन्हें ‘रानी’ बोल दिया, तो वे बहुत खुश हो गईं। उन्होंने अपने होंठ मेरे होंठ के ऊपर रख दिए।


हम दोनों अब पति-पत्नी थे तो मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था। मेरा बर्थडे परफेक्ट हो गया था। मैंने उन्हें उठाकर बेड पर लिटा दिया और चूमने लगा। वे भी मेरा साथ देने लगीं।


उन्होंने मुझसे कहा- आज मुझे बीवी की तरह नहीं, एक बाजारू रंडी की तरह ही चोदो, आपकी रांड बहुत प्यासी है! दादी की ये बात सुनकर मेरा लंड फिर से फड़कने लगा। मैंने अपना लौड़ा उनकी चूत के ऊपर रख दिया।


दादी की चूत बहुत गीली हो चुकी थी। वे बोलीं- राजा अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है, प्लीज जल्दी से डाल दो! मैंने धक्का मारा, तो साअअआ! करते हुए वे एकदम से चिल्ला उठीं। जबकि मेरा अभी सिर्फ 4 इंच ही गया था।


मेरा लौड़ा जितना बड़ा है, उतना ही मोटा भी है और दादी की चूत सालों से सूखी थी। मैं दादी की चुत में लंड को पेले हुए ही किस करने लगा। फिर वे चुप हुईं तो मैंने एक और तेज झटके के साथ अपना पूरा लौड़ा उनकी चूत में उतार दिया।


वे चिल्लाने लगीं- आह फट गई मेरी ओंह्ह्ह! इसे बाहर निकालो आए हासाअ! आह मेरी चूत फट गई , मैं मर जाऊंगी आअआआ! मैं 30 सालों से नहीं चुदी हूँ ओंह्ह्ह!


तुम्हारे दादा का लौड़ा सिर्फ 3 इंच का ही है। उस दिन मुझे पता चला की इसलिए अब तक दादी को संतुष्टि नहीं मिली। मैंने उन्हें डपटते हुए और गाली देते कहा-


साली रंडी बहन की लौड़ी , चुप हो जा बहन की लौड़ी … तुझे आज बीवी नहीं, रंडी की तरह चोदूँगा मैं।तू मूत देगी इतना चोदूँगा! वे मेरी बदली हुई भाषा के कारण मुझे अजीब सी नजरों से देख रही थीं।


मैंने कहा- मैंने तुम्हें तुम्हारे प्रेमी के साथ भी चुत चुदवाते हुए देखा था , तुम तो रंडी ही हो! यह सुनकर वे चुप हो गईं। मैंने बोला- आज से तू किसी से नहीं, सिर्फ मुझसे चुदेगी! वे मुझसे कहने लगीं- हां मेरे राजा जी आप जैसा बोलोगे, मैं वैसा ही करूँगी!


ये Incest Sex Story आप Garam Kahani पर पढ़ रहे है। फिर मैंने धक्का देना चालू किया और अपना पूरा लौड़ा चूत में डालने निकालने लगा। सर्द बिस्तर पर हमारी चुदाई की गर्मी कमरे को गर्म कर रही थी।


दादी से ये सब बर्दाश्त नहीं हो रहा था। उन्होंने पहली बार 8 इंच का लौड़ा अपनी चूत में लिया था। थोड़ी देर बाद उनका दर्द कम हुआ, तो वे अपनी गांड उठा उठा कर मेरा साथ देने लगीं। 


मैने तेज़ी से लंड चूत में अंदर बाहर करा मैंने अपनी स्पीड बढ़ाई और बहुत जोर से चोदने लगा। सारे रूम में ‘पच पच पच’ की आवाज़ आ रही थी। दादी भी अब रंडीपने की भाषा पर उतर आई थीं।


वे गाली देने लगीं- आह चोद भोसड़ी के! आह आअआआअह मर गई मादरचोद! साले फाड़ दे मेरी चूत और बना दे मेरी चूत का भोसड़ा! ओह आअआआअह! मैं भी उनकी एक चूची को चूसता हुआ धकापेल चुदाई किये जा रहा था। दादी के मम्मे मेरे मुंह में लजीत लग रहे। वे गांड उठाती हुई कहने लगीं-


आह आह फक अआआह! और जोर से ओह! आह यस बेबी फक मी और जोर से चोदो मेरे राजा , मुझे बना लो आज अपनी रंडी! मैं भी बिना रुके उन्हें जोर जोर से चोद रहा था, दादी की चूत का मजा ले रहा था। सर्द रात में ये मजा अनमोल था।


थोड़ी देर तक फुल स्पीड से चोदने के बाद दादी ने मूत दिया। वे जोर से चिल्लाती हुई मूतने लगीं- आह आह! ओंह्ह्ह! हमममम असाअ! मैं दादी की पेशाब निकल जाने पर भी नहीं रुका, मैं बस चुदाई की मस्ती में डूबा हुआ था और उन्हें पूरी ताकत से चोद रहा था।


वे मूतती जा रही थीं और उनका दही भी बाहर आता जा रहा था।


वे मेरी तरफ देख कर बोलीं- मुझे संतुष्टि चाहिए आअआआअह!… मैं तुम्हारी बीवी हूँ साले चीथड़े उड़ा दे मेरी चूत के , ओंह्ह्ह! मेरी ये चुत ससुरी लंड की बड़ी प्यासी है।


 इसकी प्यास बुझा दे मेरे यार! आह तेरा लंड साला बड़ा ज़ालिम है ! आआह ! हाय रे मुझे अपनी बीवी की तरह चोद साले ! समझ ले कि मैं तेरी बीवी ही हूँ ओहद्ह! आह बड़ा मज़ा आ रहा है आह हां! और पेल घुसेड़ दे आअआआअह ! और ठोक दे, पूरा घुसा दे चीर डाल मेरी चूत आगाह!


मैं भी उन्हें तबीयत से चोदे जा रहा था और साथ में गाली देते हुए बोल भी रहा था- मादरचोद रंडी … तुझे तो मैं रोज़ चोदना चाहता था, पर आज मौका मिला है।


तुम्हें आज से अपनी बीवी बना कर रखूँगा और साली तुझे रोज रंडी की तरह चोदूँगा। कुछ देर बाद मैंने अपना लौड़ा चुत से बाहर निकाला और नीचे लेट गया।


वे मेरे लौड़े पर बैठकर मुझे दूध चुसवाती हुई चुदवाने लगीं। मैं उनके मम्मे मसल रहा था। उस वक्त मेरा पूरा लौड़ा उनकी चूत में जा रहा था तो उनको चुदाई में दर्द हो रहा था। पर वे मूड में थीं इसलिए मज़े से चुद रही थीं।


कुछ मिनट बाद वे मेरे ऊपर ही मूतने लगीं। हाय क्या बताऊं, दादी की चुत का वह गर्म गर्म पानी मुझे बहुत अच्छा लग रहा था दादी ने मुझे गोल्डन शावर दिया था ।


बाद में मैंने उन्हें फिर से लिटा दिया और अपना लौड़ा चूत में डाल कर चोदने लगा। अब मेरा लंड अपने चरम पर आ गया था। दादी कह ही चुकी थीं कि उन्हें संतुष्टि चाहिए तो मैं बिंदास उनकी चुत में ही झड़ गया।


बाद में दादी ने दादा को अपने पास बुलाया और उन्हें सारी बात बताते हुए मेरे साथ सेक्स करके संतुष्टि पाने की बात कही। दादा खुद यही चाहते थे कि दादी को किसी तरह से खुशी मिल जाए।


उन्हें यह जानकर और भी अच्छा लगा की घर का खून ही दादी की जिंदगी में आएगा। हमारे रिश्ते ने हमारे घर के एक नए चिराग को जन्म दिया मैने दादी को फिर से मां बनने का मौका दिया।


1 साल बाद घर में लड़के का जन्म हुआ फिर घर में भरपूर खुशियां ही खुशियां बिखर गई।


दोस्तो,ये दादी की चूत का मजा लेने वाली कहानी आपको कैसी लगी प्लीज मुझे कमेंट में जरूर बताएं!


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📝 Comments :

Itani pyari dadi ho to kon nhi chhodega

Bast story