मेरे बर्थडे पर दीदी कि चुत चुदाई

Bhai Bahan Sex Story : दोस्तों  इस कहानी में जानिए की कैसे मैंने अपने बर्थडे पर अपनी शादीशुदा बहन की चुत चुदाई की !


दोस्तों मैं अपनी और अपनी चचेरी बहन लीना दीदी की चुदाई की कहानी लिख चुका हूँ, की कैसे मैंने उनकी चुदाई की थी। 


अब ये कहानी मार्च-अप्रैल की है जब मेरे घर में जन्मदिन था। मैं अपने बारे में फिर से बता दू,





मेरा नाम गगन, मैं जीकेपी से हूं। उमर 22 साल 5 महीने का हूं। लीना दीदी 25 साल की है उनकी शादी हो चुकी है। उनकी 2 लड़कियाँ है।


लीना दीदी मेरे बड़े पापा की लड़की है। वाह बहुत खुबसूरत काले लम्बे बाल, एक दम मस्त नासिली आँखो की है। वह बहुत सेक्सी दिखती है।


जन्मदिन पर सभी रिस्तेदारों को आमंत्रित किया गया था। सुबह 9:00 बजे दीदी आई मैं उस वक्त अपने बाथ रूम में नहा रहा था। वो आते ही मेरे कमरे में आई और आवाज लगाई गगन कहा हो मैंने कहा दीदी बाथरूम में वो बोली दरवाजा खोलो।


मैंने दरवाजा खोला मैं उनको देखा, हाय मेरा लंड खड़ा हो गया! दीदी कुछ कहने ही जा रही थी कि उनकी नजर मेरे लंड पर पड़ गई और बोली “गगन तुम्हारा लंड तो खड़ा है। क्या बात है?”


मैं बोला “क्या बात हुई दीदी?” वो बोली “कुछ नहीं”


वो लाल साड़ी पहननी थी, एक दम नई दुल्ह नित राह लग रही थी। मैंने कहा ही दिया क्या बात है आज आप एक दम नई दुल्हन लग रही हैं।


दीदी बोली “ये दुल्हन तुम्हारी ही तो है! चोद दो नई दुल्हन की चूत!” को और वो मुझे किस करने लगी, और एक हाथ को मेरे अंडर वियर में डाल दिया।


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मैं तुरंट पीछे हटा बोला “दीदी अभी नहीं रात में” वो जिद कर रही थी, पर मैंने टाल दिया, और बोला आज पार्टी ऊपर मनेगी हम दोनों अलग पार्टी मन लेंगे ठीक है।


वो बोली “चलो तुम्हारी मर्जी।”


मैं काम में बिजी हो गया रात के 10 बज चुके थे, दीदी बेचैन हो रही थी, इधर पार्टी चल रही थी, दीदी मेरे पास आई बोली काम छोड़ो और चलो खाना खा लो।


मुझे मेरे कमरे में ले आई और खाना ले आई बोली चलो खाओ मैंने पूछा बच्चे वो बोली इतनी देर हो चुकी सो गए है। और दरवाजा लॉक कर दिया।


मैंने कहा दीदी अभी लेकिन दीदी अपने हाथ से ही खिलाने लगी।  मैं भी उनको अपने हाथ से खाना खिलाने लगा मेरा लंड अभी से खड़ा हो रहा था।


खाने के बाद दीदी ने मुझे बिस्तर पर बैठाया और किस करने लगी।


मैं लीना दीदी के गुलाबी होठों का रस चूस रहा था दीदी एक हाथ को सहलाने लगी और दीदी बोली तुम्हें जब मैं अपने ससुराल बुलाती हूं तो तुम आते क्यों नहीं हो,


मैं बोला दीदी काम बहुत रहता है ना! और मैंने दीदी की साड़ी खींच कर खोल दिया और फिर उनका साया, और टॉप  और ब्रा को।


मैंने अपने भी कपड़े भी निकाल दिए और एक दूसरे पर चढ़ गए, दीदी के स्तनों को पकड़ कर दबाने लगा और बोला “दीदी आप के स्तन तो काफी टाइट हो गए हैं।“ दीदी बोली “हां अब तुम्हारी भांजी दूध नहीं पी रही है ना।”


मैं अनके स्तनों को चूसने लगा दीदी मेरे सर को पकड़ कर अपने चुच्ची पर दबाई जा रही थी। ।  दोनों स्तनों को बारी - बारी से चूस रहा था और दीदी आअहह आआआअहह आआहहह आआआहहह आआआहह आआअहह उउउन्नन्नह आआआआआहह कर रही थी।


कुछ देर तक स्तन को चूसने के बाद मैंने उनको बिस्तर पर लिटाया और उनकी पैंटी उतार दी। चुत के पानी से चुत भरी हुई थी, दीदी पैरों को फेला लिया ।


मैं चुत को हाथ से मसलने लगा उनकी चुत से महक आ रही थी जो खूब मदहोश कर रही थी फिर मैंने अपनी एक उंगली को दीदी के चुत में डाल कर आगे पीछे करने लगा।


मैंने दीदी से पूछा क्या दीदी मैं आपकी चुत को आज चाट सकता हूँ ?


दीदी बोली “हाँ भाई बिल्कुल!”


फिर दीदी आआह्ह्ह्ह aaaaaahhhhhhhhhhhhh आआह्ह्ह्ह आआआआह्ह्ह्ह आआह्ह्ह करने लगी और मैं जीभ को चूत के अंदर तक डाल कर चूत कि मलाई चाटने लगा, स्वाद थोड़ी सी नमकीन की तरह लग रही थी।


 


दीदी के चूत के फुलकों को जोर - जोर से चूसने लगा, मैंने फिर बोला “आज तो मजा आ गया दीदी आप के चूत का पानी चूस के।”


 


दीदी बोली चूस ले अपनी दीदी की चुत का रस देखती हूं, तेरी बीबी आती है तो तू उसकी चुत चूसेगा की नहीं है और दीदी गांड को उछालती रहती है।


और गाँड़ उछाल कर मेरे मुंह में दिए जा रही थी, कुछ देर बाद दीदी झड़ गई।


मैंने उनके चुत का सारा पानी पी लिया दीदी शांत हो गई और बोली आज मैं भी तेरे लंड को चुसुंगी!


मैं बोला ज़रूर और बिस्तर पर बैठ गई, मैं लेट गया दीदी मेरे अंडर बियर को निकल कर मेरे लंड को हाथ में पकड़ कर मूठ मारने लगी।


मेरे लंड से भी पानी निकल रहा था, वो बोली गगन तेरे लंड में भी लगता है, पानी फुल हो गया मैंने कहा ठीक है आप खाली कर दीजिए।


दीदी मेरे लंड को मुँह में डाल कर चूसने लगी उनको लंड चूसने में बहुत मजा आ रहा था और बोली गगन तुम्हारे लंड का भी पानी तो नमकीन जैसा है


मैने कहा जब आप कर रही है तो मैं क्यो नहीं। और मैं भी लंड को दीदी के मुंह में अंदर – बहार करने लगा कभी-कभी मेरा लंड दीदी के गले तक पहुंच जाता है और दीदी खासने लगती है।


कुछ देर बाद मैं दीदी के मुंह में ही पानी गिरा दिया, दीदी सारा पानी चट कर गई। हम दोनो बिस्तर पर ही लेटे थे।


मैं दीदी के स्तनों के साथ खेल रहा था, दीदी बोली मैं बाथरूम में जा रही हूं मैंने कहा “क्यों?”


वो बोली “पेशाब करने”


मैंने कहा “मैं भी चलता हूं। मुझे भी पेसाब लगी है।”


फिर मेरे दिमाग में आया आज दीदी के चूत में ही पेसाब करते हैं।


मैंने दीदी के हाथ को पकड़ लिया और बोला दीदी रहने दीजिए, आज मैं आप के चूत में ही पेसाब करुंगा।


और बिस्तर पर उठ कर उन्हे बिस्तर पर लिटा दिया, दीदी बोली पूरा बिस्तर खराब हो जाएगा।


मैंने कहा छोड़िये ना और उनके ऊपर चढ़ कर स्तन दबाने लगा फिर कुछ समय बाद मुझे और जोर की प्यास लग गई मैंने अपने लंड को दीदी की चूत में डाला और चोदने लगा।


दीदी आअहह आआह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह आआआआआआआआआआआआआ आआआआआआआआआआआआह आआआआआआआआआआआआआहहह करने लगी


मैं चोदते चोदते रुक गया और दीदी की चूत में पेसाब करने की कोसिस कर रहा था, लेकिन पेसाब निकल नहीं रही थी।


क्या बताऊं दोस्त बहुत मजा आ रहा था लेकिन थोड़ा दर्द भी हो रहा था ऐसा मैंने कभी नहीं किया था दीदी बोली “क्यों रुक गए? चोदो मजा आ रहा है।”


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मैंने दीदी से कहा कि “मैं आप की चूत से थोड़ा सा पेसाब निकाल रहा हूं।”


मैं बोला कि “दीदी आप ही पहले पेसाब कीजिये।“ वो भी बोली नहीं निकल रही है। दीदी ने थोड़ा सा जोर लगाया उनको चूत से थोड़ा सा पीसब निकला जो कि गरम था, मजा आ गया दीदी बोली।


मैंने भी प्रयास किया उनकी चूत में पेशाब थोड़ा सा निकला वो बोली गगन और करो बहुत मजा आ रहा है तुम्हारा पेसाब मेरे चूत में गरम - गरम सेकाई कर रहा है।


मैं प्रयास करता रहा और उनके चूत में पेशाब करके चूत को भर दिया।  पेसाब बहार बिस्तर पर गिर रही थी दीदी ने भी थोड़ा- थोड़ा कराके पेसाब कर लिया।


मैं दीदी के चूत में लंड को अंदर बहार करने लग लंड चूत के अंदर जाते पच – पच की आवाज आती और पानी का छिलका पूरे बदन पर जा रहा था।


बीच-बीच में रुक-रुक कर मैं दीदी के स्तनों और होंठों पर किस करता रहता हूँ। बहुत अधिक समय के बाद मेरे लंड को पानी दीदी के चुत में गिरा और मैं शांत हो कर दीदी के ऊपर ही लिपट कर लेटा रहा।


मेरा लंड दीदी के चुत में ही था, दीदी बोली “आज तो मजा आ गया! आज तक मैंने ऐसे सेक्स नहीं किया इसमें थोड़ा दर्द और ढेर सारा अलग ही मजा है।” हम दोनों ने मिलकर 2 बजे तक 4 बार सेक्स किया फिर दीदी के बच्चे उठ गए।


दीदी बाथ रूम में गई और चूत को साफ किया और बच्चों के पास चली गई। ।  मैं नग्गे ही सो गया…।


तो दोस्तों कैसे लगी मेरी और मेरी बहन कि birthday पर चुदाई कि कहानी? कॉमेंट करके जरूर बताइए!


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