देवर भाभी और वोह चूत वाली! Threesome Sex

इस Devar Bhabhi Family Sex Story में जानिए कैसे मैने अपनी एक दोस्त की चूत देवर से मरवाई और मैने डिल्डो लगाकर उसकी गांड़ मार कर चीँखे निकल वादी।


मैं मेघना बोल रही हूँ। आज मन किया तो सोचा बताऊँ आपको वो आंखों देखी कहानी, जो मेरे देवर किशोर और मेरी सबसे करीबी दोस्त मीना के बीच हुई।


मीना मेरी सहेली है जो कुछ दिनों के लिए हमारे घर पर रुकी हुई थी, हम दोनों की उम्र करीब-करीब बराबर 32 साल की होगी। मैं और किशोर के बीच तो वैसे भी रिश्ता कुछ खास था, Family Sex Story वाला।


मेरे पति के ऑफिस जाने के बाद, जब भी मेरा मन करता, मैं किशोर को चुदाई के लिए बुला लेती हूं।


 ज्यादातर दिन में ही वो मेरी चूत को संभालता है। ये सिलसिला तो चार महीनों से चल रहा था, और हमें मज़ा ही मज़ा आ रहा था मगर ये Antarvasna भरी Garamkahani मीना की चुदाई की है।


 मीना की बात अलग थी उसकी हवस तो आग की तरह सुलग रही थी।


उसने मुझसे कुछ जुगाड़ करने के लिए बोला। मौका देखकर एक शाम को मैं अपने देवर किशोर के पास गई, और बड़े सेक्सी अंदाज में बोली, "देवर जी... मेरी सहेली मीना की चूत बहुत गरम हो रही है।


क्या तू उसे ठंडा कर सकता है?" मेरे देवर जी थोड़ा हैरान हुए वो समझे कि मैं मज़ाक कर रही हूं तो उनकी गोद मै बैठकर बोली


 “अरे, तू कल्पना कर, मैं खुद एक औरत हूँ, लेकिन बजाय मीना को दूर रखने के, मैं तुमको को न्योता दे रही थी।”


उसने पूछा “ क्यों? “ मैने बताया “क्योंकि मीना को चुदवाए हुए बहुत वक्त हो गया था। वो बार-बार चुदाई की बातें करती है, और मुझसे चूत रगड़कर लेस्बियन करने को कहती रहती है”।


लेकिन मैं तो जानती थी ना, मेरी चूत से तो तुम्हारे लन्ड के साथ असली चुदाई ही बेहतर है! इसलिए सोचा, क्यों न किशोर से कह दूँ।


किशोर को मेरा ये प्रपोजल सुनकर इतनी खुशी हुई कि वो मेरे स्तनों को मसल दिया और हाथ ब्रा में डाल दिया। मैं बस मुस्करा दी और "उई!" कहकर रह गई।


 अगले दिन भैया के जाते ही मैंने किशोर को मिस कॉल दी – ये हमारा इशारा था।


 किशोर फ्रिज से तीन गिलास बनाकर मेरे कमरे में कोल्ड ड्रिंक निकालकर आया। वो आकर बोला "मीना जी, ठंडा लाया हूँ , भाभी लीजिए!" वो स्टाइल में बोला।


 मीना ने उसे पहली बार गहराई से निहारा, जैसे मेरे बताए अनुसार जिस्म का मुआयना कर रही हो।


शायद मैंने पहले ही उसके बारे में कुछ ज़्यादा जिक्र कर दिया था। मीना ढीला-ढाला काला पजामा पहने थी, ऊपर सफेद टॉप।


मैं तो सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज में थी, और किशोर ने भी सफेद पजामा पहना था। मैं किशोर के पास सोफे पर बैठ गई। हम तीनों बातों में मग्न हो गए।


 धीरे से मैंने अपना हाथ उसके हाथ पर रखा और दबाने लगी। वो भी जवाब में दबाने लगा। मुझे पता था, मीना सब देख रही है। फिर बातों-बातों में मैंने हाथ उसकी जांघ पर रख दिया, सहलाने लगी।


मीना की बेचैनी बढ़ने लगी, वो हमारी हरकतें नोटिस कर रही थी। किशोर का लंड धीरे-धीरे खड़ा होने लगा, जो पजामे में से साफ दिख रहा था।


 जैसे ही मेरे हाथ ने उसके लंड को छुआ, मीना का हाथ कांप गया। मीना की 36 की चूंची में मुझे सांसे फूलती थी मेरी भी 38 की चूंची में सांस भारी होती महसूस हुई।


"मैं अभी बाथरूम होकर आती हूँ " मीना बोली, उसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था। मैंने किशोर को आंख मारी। वो बाथरूम गई, तो किशोर ने मुझे चिपका लिया वो मेरे होठ चूमने लगा।


मैंने भी जवाब दिया। हम तब तक चूमते रहे, जब तक मीना न लौट आई और हमें ये सब करते देख न लिया। उसके आते ही हम झट से अलग हो गए, जैसे हमारी चोरी पकड़ी गई हो। ये Group sex story आप Garamkahani.comपर पढ़ रहे है।


"क्या मैं फिर से बाथरूम में जाऊँ?" मीना की बात सुनकर मैंने शरमाने का नाटक किया। "अरे क्या कह रही हो, ये तो ऐसे ही प्यार में कर देता है!" मैंने सफाई दी।


"तब तो ये एक बार मुझे भी ऐसा ही प्यार कर दे ना!" मीना ने अपनी प्यास जाहिर कर दी। मैंने किशोर के लन्ड पर मुंह छिपा लिया। "कैसा प्यार मीना जी?"


 किशोर ने बेशर्मी से पूछा। "जैसा अभी करा था भाभी को!" किशोर ने मुझे फिर से होठों पर जमकर किस कर लिया, इस बार मेरे बोबे भी दबा डाले।


मैं भी उससे चिपट गई। "हाय! अब बस भी करो ना, मेघना तुम अब हटो ना किशोर अब मुझे प्यार करो ना!" बोलते हुए मीना तड़प उठी।


उसकी भी कोई गलती नहीं सब खुल्लम-खुल्ला देखा तो वो कैसे सहन करती। किशोर खड़ा हुआ, उसने मीना का हाथ पकड़ा और अपनी ओर खींच लिया।


 मीना कटे पेड़ की तरह उसके हाथों में झूल गई। सबसे पहले किशोर ने उसके बोबे दबाए, उसके मुंह से सिसकी निकल पड़ी।


फिर होठों से होठ लगाए और भरपूर तरीके से उसके नर्म व गर्म होठों को चूसा। उसके नरम होठ फड़क उठे। मैंने इधर उसकी 32 की गांड़ की गोलाई दबानी शुरू कर दी।


"मीना , मेरी सहेली , मज़ा आया ना? बड़ी शरमा रही थी ना किशोर से, अब क्या हुआ?" मैं उसे छेड़ते हुए बोली।


"हटो! तुम्हारी बेशर्मी ने तो मेरी हिम्मत खोल दी! मुझे नहीं पता था कि किशोर तुम्हें इतना प्यार करता है कि तुम्हारे बोबे तक दबा देता है!"


मीना शरारत से बोली। फिर मैने कहा "सुनो मेरी जान वो तो मुझे चोदता भी है! कल तेरी हालत देखकर मैंने सोचा, किशोर से तेरी दोस्ती करवा ही दूँ।


 तेरी चूत की प्यास भी बुझ जाएगी।" किशोर ने मीना के शरीर को सहलाना और दबाना शुरू कर दिया। वो उसकी बाहों में मछली की तरह तड़प उठी।


मैंने कभी किसी औरत में इतनी प्यास नहीं देखी। वो बेशर्मी से अपना सफेद टॉप उठाकर बोबे दबवा रही थी।


"किशोर , संभाल अपनी नई गर्लफ्रेंड को और अपने लंड का कमाल दिखा दो इसे!" 


मैने हस्ते हुए कहा। मैं किशोर का लंड पकड़ती उसके पहले ही मीना ने कब्जा कर लिया।


उसने लन्ड बड़ी अदा से देखा, फिर पजामा नीचे खींचा और 7 इंच लंबा लंड पकड़ा, फिर हिलाया। 


फिर हम सबमें कपड़े उतारने की होड़ लग गई। कुछ ही पलों में हम तीनों नंगे हो गए।


किशोर का लंड तना हुआ फुफकार रहा था। मैं कुछ करती उसके पहले मीना ने लंड पकड़कर मुंह में डाल लिया, वो उसे लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी – मीना लन्ड के सुपाड़े को खींच-खींचकर चूसने लगी।


किशोर को ये स्टाइल बहुत पसंद आई, उसके लंड और मेरी 40 की गांड़ में तीखी उत्तेजना दौड़ने लगी। मैं पीछे से मीना के 38 के चूतड़ मसल रही थी।


फिर हम दोनों ने किशोर को धक्का देकर बिस्तर पर गिरा दिया।


मैं उसके मुंह पर अपनी नाज़ुक चूत सटाकर बैठ गई, अपनी चूत के फांके खोलकर देवर जी होठों से चिपका दी।


मीना ने खड़े लंड का फायदा उठाया, अपनी चूत का मुंह खोलकर सुपाड़े पर टिका दिया। इधर मेरी चूत में देवर जी की जीभ घुसी, उधर मीना ने चूत में लंड घुसा लिया।


दोनों के मुंह से हममममआह की सिसकारियां निकल पड़ीं। "हाय, लंड गया रे अंदर! स्स्स्सीऽऽऽ..." मीना सिसक उठी।


मैंने भी वैसी ही सिसकारी भरी फिर किशोर के मुंह पर चूत से धक्का मार दिया।


 मीना की चूत लंड को लपेट रही थी, ज़िंदगी से सुहाना लग रहा होगा किशोर को वो लम्हा। उसके धक्के बढ़ते जा रहे थे। ये Desi Chudai ki Kahani आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे है।


मीना ने मेरे बोबे भींचकर कहा, "भाभी, प्लीज! हट जाओ ना मुझे चुदने दो अभी!" मैंने पीछे मुड़कर प्यार से देखा, फिर हल्का झटका मारकर बोली, "देवर जी अब तू मीना को चोद और मुझे छोड़!"


मैंने पैर घुमाकर हटा लिया, फिर बिस्तर से नीचे आ गई। अब मीना ने किशोर को कातिल निगाहों से देखा, लंड चूत में दबाया और उसके ऊपर पसर गई।


किशोर ने उसके बोबे हाथों में भरे। उसने किशोर के शरीर को बाहों में लपेटा, उसके ज़ोर से होठ दबाए। उसके चूतड़ तेजी से लंड पर चलने लगे।


कमर का बल खाकर धक्के देना आह, कितना सुहाना लग रहा होगा! मीना होठ बुरी तरह रगड़ रही थी।


धक्के तेज़ हो गए, चुदाई के नशे में दोनों की आंखें बंद हो गई दोनों तरफ चूतड़ उछल रहे थे, दोनों तरफ से बराबरी से जवाब मिल रहा था।


अचानक मीना के मुंह से चीख निकली। "हाय रे! किशोर बोला , ये क्या हुआ !हाय..." क्या हुआ मीना रानी?"


मीना रोते हुए बोली "हाय, मेरी गांड फट गई रे!" वो उत्तेजना से झड़ने लगी। "आऽऽऽह..." दोनों की नज़र मुझ पर गई – मेरे हाथ में डिल्डो था!


 हाँ, वो मैंने मीना की गांड में फंसा दिया था। जिससे वो उत्तेजना से झड़ गई। मीना की चूत लप-लप कर रही थी, उसकी चूत लंड को लपेटे झड़ रही थी।  ये Threesome Family Sex Story आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे है।


किशोर का लंड अब पानी भरी चूत में चल रहा था, वो ढीली पड़ चुकी थी थककर मीना साइड में लुढ़क पड़ी। अब मेरा नंबर था।


हमारा बिस्तर छोटा था, तो मैं घोड़ी बन गई। "भाभी आज नए छेद का उद्घाटन करें?" देवर जी बोले।


 मैंने क्रीम की तरफ इशारा किया। किशोर ने मेरी गांड थपथपाई, क्रीम निकालकर उंगली गांड़ में घुसाई और सब तरफ लगाई। तब तक मीना उठ चुकी थी।


किशोर का कठोर लंड मेरी गांड के छेद पर टकरा रहा था। मीना मुस्कराई, "मेघना... तो आज पिछाड़ी का नंबर है!"


"मीना ... प्लीज, बड़ी प्यासी है अगाड़ी भी... थोड़ा मदद कर दे उस डिल्डो से मेरी अगाड़ी चोद दे!" मैंने विनती करी। किशोर ने पूरा ज़ोर लगाया – लन्ड का सुपाड़ा फक से गांड में उतर गया। मैं चिहुंक उठी।


फिर मुंह से "हाय" निकला – ये डिल्डो था, जो मीना ने चूत में घुसा दिया।


किशोर का लंड मेरी गांड़ की दीवारें चीरता अंदर उतरता गया। क्रीम का असर था, जिससे न मुझे दर्द हुआ, न किशोर को। मैंने टांगें फैलाईं, हथेलियां बिस्तर पर टिकाईं।


 मीना नीचे बैठी और डिल्डो से चूत चोदने लगी। किशोर को गांड चोदते हुए डिल्डो का अहसास हो रहा था, लेकिन गांड का तूफान... हाय, कितना मज़ा आ रहा था! मैं डबल मज़ा ले रही थी।


मीना चूत में डिल्डो घुमा-घुमा कर चोद रही। मेरी सिसकारियां बढ़ीं, "दे यार, दे चोद दे, हाय मेरी गाड़! साली को चीर दे... हाऽऽऽय रे किशोरऽऽऽ..."


मैं पैर फैलाए मस्ती से अगाड़ी-पिछाड़ी चुदवा रही थी। मीना के बाद किशोर भी चरम पर आ गया। टाइट गांड है हाय, कैसे टाइम बढ़ाऊँ?


वासना से निहाल उसका लंड कड़क था, फिर उनकी भी धार छूटने लगी।


धक्के मारते हुए वीर्य रिसने लगा अचानक उसने लंड बाहर निकाला, गांड की गोलाईयों पर तेज धार मुझे महसूस हुई मेरी गांड उसके रस से तर हो गई।


उसकी पिचकारी तेज़ी से निकल रही। मैंने भी दम तोड़ दिया, ओर वही सिमट पड़ी।


 मेरी भी चूत से पानी निकला, वो झड़ने लगी। मीना ने डिल्डो निकाला, तौलिए से चूत-गांड रगड़ी। ये Bhabhi Sex Story आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे है।


किशोर का लन्ड पूरा वीर्य छोड़ चुका था। मैं सीधे खड़ी हो गई। मीना मेरी मदद कर रही थी, हमने माल सारा पोछ लिया।


"भाभी मज़ा आया ना और मीना जी तेरी चूत तो बड़ी चिकनी मस्त निकली!" किशोर ने कहते हुए मीना को बाहों में भरा।


“भाभी को तो देवर जी मिल गए, जब चाहा फुड़वा लिया, मुझे कौन फोड़ेगा!"


 मैं हंस पड़ी और उससे बोली, "हाँ मीना जी, अब फुड़वाना हो तो चूत यहाँ लेकर आ जाना।


यहाँ सब फ्री में फोड़ा जाता है – अगाड़ी, पिछाड़ी और तीसरा मुंह भी!" मीना मेरी भाषा पर शरमा गई।


“चलो, आज इस खुशी में लंच बाहर होटल में करेंगे!" मीना ने हमें न्योता दिया फिर सब तैयार हुए। मैं और मीना को सादगी भरे कपड़ों में देखकर किशोर हैरान रह गया वो बोला


“ कौन कहता कि यही दोनों कुछ देर पहले उछल-उछलकर चुदवा रही थीं, गांड मरवा रही थीं।”


 किशोर ने कार स्टार्ट की,सब होटल की ओर रवाना हो गए।


मीना अब अकसर घर आती रहती है मुझे उसे चोदने में बहुत मज़ा आता है। बताए कैसी लगी कहानी? कॉमेंट पर बताए अगली बार और लाइक रही तो बताऊँगी... बस, राज़ को राज़ रखना!


Share This Story :  


यह कहानी आपको कैसी लगी?

❤️ Love 0
😍 Wow 0
😂 Funny 0
😢 Sad 0
😡 Angry 0
👏 Clap 0

💬 Leave a Comment :-

📝 Comments :

No comments yet. Be the first to comment!