सैम के चुदाई इंस्टीट्यूट की पहली क्लास!

Antarvasna की इस कहानी में पढ़िए कैसे अपनी उमर से बड़ी लड़की को आप पटा सकते है, पढिए इन तरीकों से मैंने अपने Chudai के सफर की शुरुआत कैसे किया!


हाय रीडर्स! मेरा नाम सैम है (बिल्कुल असली), और मैं अभी 18 साल का हूँ। मैं दिल्ली के एक मिडिल क्लास मोहल्ले में रहता हूँ, जहाँ हवा में हमेशा ट्रैफिक की आवाज़ और चाट-पकौड़े की खुशबू घुली रहती है। 


मैं थोड़ा पतला-दुबला टाइप का लड़का हूँ, लेकिन मेरे लंड का साइज़ 5.6 इंच लंबा है – मैं जनता हूं ये ज्यादा बड़ा तो नहीं, लेकिन दिल्ली के ज़्यादातर लड़कों से कहीं बेहतर।


यह मेरी पहली कहानी है, जिसमें मैं अपनी गर्लफ्रेंड स्नेहा के साथ हुई हॉट और रफ चुदाई की अनोखी घटना बता रहा हूँ। मेरी सेक्सी स्नेहा 26 साल की है, वो दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट है और अब एक प्राइवेट कंपनी में काम करती है।


 उसके जिस्म के फीचर्स का भी आप लोगो से मेल करा देता हूं उसके घने लंबे काले बाल है गोरी स्किन है, फिगर 34-28-36 का है – वो दिखने में इतनी हॉट है के देखते ही दिल और लंड धड़क जाए।


लेकिन वो मासूम सी भी लगती है, जैसे कोई नई कॉलेज गर्ल शुरू में होती है। दिल्ली जैसे शहर में, जहाँ हर कोने पर डेटिंग ऐप्स और कैफे भरे पड़े हैं, मैं हमेशा सोचता था कि मेरी पहली गर्लफ्रेंड शायद मेरी उम्र की ही होगी।


लेकिन स्नेहा जैसी बड़ी उम्र की लड़की को पटाना? वो तो मेरी कल्पनाओं से भी परे था। मैंने उसे मनाने और पटाने में महीनों की मेहनत लगाई – 


पहले उसे इंस्टाग्राम पर फॉलो किया, फिर उसकी हर फोटो पर इतने कमेंट्स किए की उसे बस मैं ही मैं सब जगह दिखता था, मैने उसे अच्छे से अच्छे मैसेजेस में कॉम्प्लिमेंट्स दिए। "तुम्हारी स्माइल दिल्ली की सर्दी से भी कूल है।"


ऐसा कुछ मैं उसे हर रोज़ लिखकर भेजता रहता मैने भी ठान लिया था के यातों ब्लॉक होना है या फिर उसका होना है। फिर एक रात करीब 2 बजे के बाद मेरे एक हाई का उसने जवाब था और बस वही थी इस कहानी की असल शुरुआत धीरे-धीरे चैट्स आगे चले, 


मैने 1 वीक में ही उससे मिलने को बोल दिया तो कॉफी डेट् हुई कनॉट प्लेस में, और आखिरकार जब अपनी बातों से मैने उसे इंप्रेस करा तो 1 महीने में वो मेरी हो गई मगर वो 1 महीन मेरे लिए कई साल की मेहनत जैसा था। 


लेकिन असली ट्विस्ट तब आया जब उसने मुझे न सिर्फ़ प्यार सिखाया, बल्कि चुदाई का पूरा कोर्स भी कराया। हाँ, स्नेहा ने मुझे बताया कि वो एक्सपीरियंस्ड यानी खाई खेली लड़की है, और वो मुझे सिखाएगी कैसे एक रियल मैन बनना है।


यह कहानी कुछ महीने पहले की एक सुबह की है, जब दिल्ली की ठंड अभी पूरी जोरों पर थी। मैं अपने छोटे से फ्लैट में अकेला था – मम्मी-पापा गांव गए हुए थे शादी में। 


मैं सुबह-सुबह उठा, बिस्तर का आलस अभी गया नहीं था। खुद को उठाकर मैं किचन में जाकर पानी पी रहा था, तभी स्नेहा का मैसेज आया: "बेबी, आज फ्री हूँ। आ रही हूँ तुमको मर्द बनाने।"


ये बोलते हुए वो हसी। मेरा तो दिल धक्-धक् करने लगा। वो पहली बार मेरे फ्लैट पर आ रही थी। ज़्यादा समय नहीं था मेरे पास मैं जल्दी से फ्रेश हुआ और कुछ ही देर में किसी ने दौर बेल बजाई दरवाज़ा खोला तो वो खड़ी थी–


 उसकी टाइट जींस, क्रॉप टॉप में, बाल खुले थे। "हाय सैम!" कहते हुए वो अंदर आई और सीधे किचन में चली गई। वो हमेशा हेल्दी रहने की कोशिश करती है, तो फर्श पर बैठकर पानी पीने लगी –


बिल्कुल सेक्सी योगा गुरू की तरह। मैं भी उसके पास बैठ गया, लेकिन मेरा लंड सुबह की उत्तेजना से खड़ा हो चुका था वो लोअर में उभर आया था। पानी पीते हुए वो चौंककर बोली, "अरे सैम, ये क्या है तेरे लोअर में? इतना बड़ा सा डंडा?!"


मैं हड़बड़ा गया। "क...कुछ नहीं ना स्नेहा, तू क्या बोल रही है!" वो हँसते हुए बोली, "अरे, कुछ तो है! सुबह-सुबह जेब में क्या छुपा रखा है? दिखा ना!" मैं शर्माते हुए झेंप गया। "अरे, छोटा सा तो है बस! ज्यादा सोच मत।" 


वो ज़िद पकड़ ली, "नहीं-नहीं, ये तो कुछ बड़ा लग रहा है। आखिर है क्या?" मैंने झूठ गढ़ा, "हाँ, वो तो मेरा फोन है! रात को चार्जिंग पर भूल गया था, तो जेब में रख लिया।" वो मासूम सी मुस्कुराई, लेकिन आँखों में वासना भरी शरारत थी उसकी। 


"ओके बेबी, लेकिन अगली बार सच बोलना।" हम खुलकर हँसे, और वो चाय बनाने लगी। इस बात को कुछ दिन बीत गए। हमारी चैट्स और डेट्स चलती ही रहीं – कभी लोधी गार्डन्स में वॉक, कभी इंडिया गेट पर सेल्फ़ीज़।


लेकिन हर बार वो मेरे लंड के बारे में मुझे ताना मारती। ये Desi Sex Story आप Garam Kahani पर पढ़ रहे है। एक दिन फिर वही सीन हो गया– मम्मी-पापा घर पर नहीं थे, स्नेहा शाम को अचानक आई।


हम लिविंग रूम में बैठे थे, नेटफ्लिक्स पर कुछ रोमांटिक मूवी देख रहे थे। उसके करीब होने पर हमेशा मेरा लंड खड़ा हो जाता था। अचानक वो मेरी तरफ़ मुड़ी और बोली, "सैम, अब फिर क्या है तेरी जेब में?


मैंने खुद तेरा फोन टेबल पर रख दिया था!" मैं 'OMG 2' जैसी मूवी का इफेक्ट लेते हुए नाटकीय अंदाज़ में बोला, "सुन स्नेहा, ये …है। ये फोन नहीं, ये मेरा है! मेरा... लंड है ये।" मेरी बात और बोलने की हालत पर वो हँस पड़ी, "अच्छा?


तो तू सही कह रहा था! लेकिन ये तो छोटा सा लगता है ना?" उसका तंज सुनकर मेरा मर्द वाला अहंकार जाग गया। "अरे, तुझे तो साइज़ का सब पता है! तूने तो बहुत कुछ देखा होगा ना, 26 साल की होकर!" वो गुस्से में चिल्लाई, "क्या बकवास है सैम?


 मैं तेरी गर्लफ्रेंड हूँ, लेकिन! सिंगल रही हूँ लंबे समय से। तेरी हिम्मत कैसे हुई मुझ पर इल्ज़ाम लगाने की?" मैंने ताना मारा, "अच्छा, मैं कैसे मान लूँ? तूने ही तो बात शुरू की!" स्नेहा ने गुस्से में अपना जींस उतार दिया – अंदर सिर्फ़ पैंटी।


"ले! खुद चेक कर ले सैम! देख ले मेरी चुनमुनिया!" और गुस्से में कहते हुए वो बेड पर लेट गई, उसने हाथों से अपनी चूत पेंट से किनारे लेकर खोली और टाँगें फैलाकर मुझे चेक करने के लिए उकसाने लगी। 


मैं तो स्तब्ध रह गया। उसकी चूत साफ़-शेव्ड थी, गुलाबी और टाइट। दिल्ली की लड़कियाँ कितनी परफेक्ट होती हैं, मैने नहीं सोचा था। मैंने सोचा, ये मौका हाथ से गया तो शायद कभी न मिले।


मैने धीरे से अपनी उंगली से उसकी चूत को फैलाया। वो तल्ख़ी से बोली, "हाँ सैम, अच्छे से देख ले! मेरे कैरेक्टर पर शक मत करना।" मैने उंगली डालने की कोशिश की, लेकिन वो चूत बेहद टाइट थी। मुझे पता चला, वो तो अब तक वर्जिन थी –


न उसे किसी ने छुआ, न खुद कभी उसने किसी को छुआ था। अचानक स्नेहा ने मेरा हाथ पकड़ा और बोली, "बस देखना मत सैम, आज मैं मर्द बनना सिखाती हूँ तुझे, ताकी तुझे पता चले के मेरी वर्जिनिटी मेरी मर्ज़ी से है। 


पहले चख ले अजा इस चूत को।" उसने मेरी गर्दन पकड़कर चेहरा नीचे धकेला। मेरा मुंह उसकी चूत के कोने पर लगा मैंने पहली बार किसी लड़की की चूत चाटना शुरू किया। उफ्फ वो स्वाद! वो मीठा भी था , और नमकीन भी मुझे ऐसा लगा–


जैसे दिल्ली की गर्मियों में आम का रस चख लिया हो। वो मेरी ज़बान की हरकत से कराही, "आह...हममम! सैम, ऐसे ही...अआआह! जीभ और अंदर डाल उन्ह्ह्ह!!" मैंने उस रसीली चूत को जोर-जोर से चाटा, उसके छेद को मैने खूब चूसा। 


वो तो पागलों की तरह तड़पी, "ओह गॉड...।अआआह तू तो मस्त है बेबी!" फिर उसने मुझे अपने ऊपर खींचा। " आजा बाबू अब तेरी बारी। उसने लोअर उतार।" मैंने भी जल्दी से उतारा, मेरा लंड तनकर खड़ा हो चुका था। 


वो बुरी तरह उत्सुक थी वो जल्दी ही 69 पोजीशन में आ गई – उसके नर्म गुलाबी होंठ मेरे लंड के पास थे। "देख सैम, मैं तुझे चूसूँगी अब, लेकिन तू मेरी चूत मत छोड़ना।" 


उसने अपना मुँह खोला, फिर मेरा लंड मुंह के अंदर लिया। उसकी चूत को मैने चाट तो ली मगर अनुभव न होने से मेरा गला चोक हो गया, लेकिन वो सच में एक्सपर्ट थी। वो लंड चूसते हुए बोली, "रिलैक्स बेबी... ऐसे ही धीरे धीरे सांस ले।"


 मैं फिर से उसकी चूत चाटने लगा, उसके रस का मज़ा लेते हुए मैने ज़बान छेद के अंदर तक डाली। वो चूसना बंद कर के बोली, "बस अब, नौटंकी बंद! जो चेक करना था चेक कर लिया?" मैंने मज़ाक में कहा, "सच्चाई नहीं मिली! अगर हिम्मत हो तो गहरा जाऊँ?"


वो उत्साह से बोली, "हाँ, गहरा जा सैम! लेकिन धीरे से जाना। मैं उससे बोला “ मैं तुझे सिखाता हूँ देख अब।" ये सुनकर मेरा ख्याल आया – अब असली खेल शुरू होना है। मैं अब बेड से उतरा, उसे खिड़की की तरफ़ मुँह करके घोड़ी बना दिया। 


दिल्ली की शाम की लाइट उसके नंगे बदन पर पड़ रही थी। उसे देखकर लग रहा था ढलती शाम में सोने की प्लेट रखी है मैने उससे बोला "ऐसे लाइट सही आएगी, तो अंदर का नज़ारा क्लियर दिखेगा।"


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स्नेहा ने हँसते हुए कहा, "ओके टीचर, अब दो उंगलियाँ डालकर चेक कर। लेकिन दर्द मत देना।" मैंने लंड को थोड़ा थूक से गीला करा, फिर उसकी कमर पर लेटा और उसके बूब्स पकड़ लिए – वो एकदम बड़े थे, बिल्कुल स्पंज जैसे। 


मैने अपनी पूरी ताकत लगाई, लेकिन सिर्फ़ टोपा ही अंदर गया। मगर वो चीखी, "आहअआआह.. सैम! धीरे, आह!" उसकी चूत एकदम टाइट थी लेकिन उसके रस ने लंड अंदर करने में मदद की।


 धीरे-धीरे मेरा पूरा लंड अंदर घुस गया। चुदाई की शुरुआत में ही मैने लंड को उसकी चूत में अंदर बाहर करना चालू कर दिया। स्नेहा आआह! हमममम! ओंह्ह्ह! सैम अआआह, अच्छा लग रहा है अआआह! ओहद्ह! करो आआह और करो!


उसकी आवाज़ मुझमें जोश भर रही थी मैंने लगातार 10-15 धक्के मारे, वो लगातार कराही, "फास्टर बेबी... ऐसे ही आगाह, ओहद्ह चोदो उन्ह्ह्ह!" मैने चुदाई करते करते मैने उसके बूब्स दबाते हुए, कमर को पकड़कर लंड पर खींचा।


लेकिन अचानक वो झरती चली गई – उसका ताज़ा रस एक आअआआअह! के साथ बहा जिसे मैने मज़ा लेकर चाटा। उसका स्वाद उफ्फफ! गुलाबी चूत का कमाल है, दुनिया का सबसे मीठा जूस निकालती है।


फिर उसने मुझे रोका और बोली, "अब मुझे अपना टेस्ट करा सैम। अपना तो नहीं दिया कुछ, मेरा सारा पी लिया!" मैंने उसकी चिकनी टांगों को चाटा फिर एक लंबे स्मूच से आखिरी घूँट उसके मुँह में डाला।


फिर उसने खुद चूत में उंगली डाली, और थोड़ा रस निकाला और मेरे मुँह में डाल दिया। "देखा? शेयरिंग इज़ केयरिंग।" वो प्यारी सी मुस्कान के साथ बोली। फिर स्नेहा ने शरारत से कहा, "जब भी दोबारा टेस्ट करना हो, मुझे बुला लेना। खुद कही और ट्राय मत करना!"


 मैंने हँसते हुए कहा, "हाँ डील पक्की!" और इस तरह वो मेरी पर्मानेंट चुदाई पार्टनर बन गई। तभी डोर बेल बजी – मेरा फ्रेंड आ गया था। आज का चुदाई सेशन तो यहीं रुका, लेकिन हमारी किसिंग चलती रही।


हमारी हालत ऐसी थी के अगर हम कहीं घूमने जाते तो इधर-उधर छिपकर किस करते, समझो जैसे ही नज़र हटी, चुम्मी घटी।उस दिन से हमारी हवस कभी खत्म नहीं हुई। स्नेहा ने मुझे सब सिखाया जो में आपको आगे आने वाली कहानियों में बताऊंगा ।


दिल्ली की रातों में हम घूमते, पार्क्स में छिपकर किस करते। वो कहती, "सैम, तू छोटा है उम्र में, लेकिन बड़ा है लंड में।” उसकी बाते मुझे अच्छी लगती थी मैंने उससे कहा“तुझे पटाने की कोशिश की थी मैने स्नेहा, लेकिन तूने मुझे जीत लिया है।"


 मैं बताता हूँ रीडर्स, बड़ी उम्र की लड़की पटाना आसान नहीं। कोशिश करो संयम रखो– उन्हें अच्छे से अच्छे कॉम्प्लिमेंट्स दो, उनकी बाते सुना करो, और बहुत बहुत पेशेंस रखो।


तुमको भी एक।दिन स्नेहा जैसी मिलेगी तो ज़िंदगी सेट हो जाएगी।अब थोड़ा और डिटेल में बताता हूँ स्नेहा को पटाने की अपनी कोशिशों के बारे में। हमारी पहली मुलाकात कनॉट प्लेस के एक कैफे में हुई थी। 


मैं तो बहुत नर्वस था मैं 18 का लड़का था वो 26 की औरत थी। लेकिन मैंने प्लान बनाया: पहले उसकी पसंद की कॉफी ऑर्डर की जो थी कैपुचीनो ये जानकारी मैने स्नेहा से फोन पर ही लेली थी। 


उसके आने के बाद मैने फिर बातें की उसकी जॉब के बारे में उसकी लाइफ के बारे , असल बात ये है की मैं बात करने के लिए टॉपिक्स लिखकर लाया था फिर आगे मैने बोला- "तुम्हारी स्माइल देखकर लगता है, उसे देखने के लिए दिल्ली की ट्रैफिक भी रुक जाए।"


तो वो हँसी कहने को वो बड़ी उम्र की थी मगर हर लड़की में एक प्यार सा बच्चा होता है जो।तारीफ भी चाहता है और केयर भी, हमारी बातों में उसने मुझे नंबर दे दिया वरना अब तक बात इंस्टा पर ही हो रही थी। ये Hindi Sex Story आप Garam Kahani पर पढ़ रहे है।


दूसरी डेट पर हम गए लोधी गार्डन्स। वहां पहली बार हमने हाथ पकड़ा लेकिन इसके लिए मुझे बहुत हिम्मत करनी पड़ी , तब हमने लेकिन किस नहीं की न मैने कोशिश करी। वो बोली, "सैम, तू क्यूट है, लेकिन जल्द बाज़ी मत कर। मैं सिखाऊँगी तुझे सब अपने मुताबिक।" 


उसके करीब आने के लिए मुझे महीनों लगे – मैं पॉकेट मनी बचाकर वीकली डेट्स पर उसे लेकर जाता वो जॉब वाली थी मैं पेसो में उसकी बराबरी नहीं कर सकता था।


 इसलिए मैने बहाने लेकर बात साफ करली थी के मुझसे महंगी उम्मीद मत करना उसे भी मेरी ईमानदारी पसंद आई। हम लगातार लेट नाइट चैट्स करने लगे थे। एक बार उसने कहा, "तू मेरे से 8 साल छोटा है, लेकिन मैच्योर लगता है।" मैंने सोचा, ये चांस है।


धीरे-धीरे फिजिकल टच बढ़ाया जाए – मैं चैट्स पर उसे किस भेजता उससे नाइटी बाते करता था हम बातों में फिर हग्स, फिर किस तक पहुंच गए। आखिरकार एक दिन वो फ्लैट पर आई।


जब हम एक दूसरे को चख रहे थे तो चुदाई के दौरान स्नेहा ने कंट्रोल ले लिया। पहले मुझे अपनी चूत चुसवाई – "देख सैम, जीभ ऐसे घुमाओ, चेद पर फोकस करो, ये सब उसी ने मुझे बताया था ।


आह... यहीं, ऐसे करो ऐसे करो!" उसने मुझे सिखाया मैंने सीखा, फिर प्रैक्टिस करा। फिर वो मेरे लंड पर चढ़ी – "मुँह खोल बेबी, सलाइवा यूज़ कर। स्लो स्टार्ट, फिर फास्ट।" उसकी चूसाई! उफ्फ, वो कमाल थी बहुत! 


उसकी स्टाइल से मेरा लंड कांप उठा था। चूत में धक्के मारना कितनी देर रुककर कितनी ज़ोर से मरना है ये मुझे वही बताती इस कहानी में मैने आपको पहला स्टेप बताया है अगली कहानी में सेकंड स्टेप बताऊंगा।


वो चुदाई करते हुए मेरे ऊपर आई और बोली, "अब मैं राइड करूँगी। देख, कमर ऐसे मूव करो अपनी।" 20 मिनट का वो चुदाई का सेशन, मेरा लाइफटाइम लेसन बन गया।


अब हम रेगुलर चुदाई लेसन प्रैक्टिस करते हैं। वीकेंड्स पर मेरी फ्लैट पर, कभी उसकी फ्लैट पर। हम दिल्ली की गलियों में छिपकर मिलते है कभी किसी खंभे के पीछे हम किस करते है कभी झोपड़ी में घुस कर। 


हमेशा वो कहती, "तूने मुझे पटाया सैम, अपनी कोशिशों से। अब तू मेरा मास्टर है।" हाहा, सच तो ये है कि वो मेरी टीचर बनी। रीडर्स, अगर बड़ी उम्र की लड़की पसंद है, तो कोशिश करो। पेशेंस, रिस्पेक्ट, और थोड़ा फ्लर्ट – काम हो जाएगा।


आगे की टिप्स जल्दी लेने के लिए आप मुझे कॉमेंट बॉक्स पर कॉमेंट कर सकते है!


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📝 Comments :

AAh yr kya story hai!!