ऑफिस की जूनियर लड़की ने अपने फ्लैट में बुलाकर चुत चुदवाया

हॉट गर्ल जूनियर सेक्स कहानी में मेरे ऑफिस में एक नई लड़की आई, वह मुझे बहुत सेक्सी और गर्म लगती थी, वह अक्सर मेरे पास घूमती रहती थी. जानिए कैसे मैंने अपने ऑफिस की जूनियर को उसके फ्लैट में जाकर जमकर पेला था.. 


फ्रेंड्स, मैं आदित्य मिश्रा आपके सामने अपनी वह सेक्स कहानी लेकर हाजिर हूँ जिसमें मैंने अपने ऑफिस की जूनियर कर्मी को उसके फ्लैट में जाकर चोदा था.


मेरे ऑफिस में एक साक्षी नाम की लड़की ने जॉइन किया था.
वह मेरी जूनियर थी; नयी नयी कॉलेज से पास आउट थी.





क्योंकि वह लड़की थी इसलिए उसे मेरे डिपार्टमेंट की लैबोरेट्री का काम दिया गया.
वह थी तो छोटे कद की, पर उसकी बॉडी किसी पॉर्न एक्ट्रेस वाली थी.


सामान्यतया वह मुझे सर कह कर ही बात करती थी.
जबकि मैं बस उससे एक साल ही सीनियर था.


उसकी आंखों से साफ लगता था कि उसमें सेक्स पावर काफ़ी ज्यादा है.


यह हॉट गर्ल जूनियर सेक्स कहानी इसी साक्षी की है.


एक दिन मैंने उसे नोटिस कि वह ऑफिस में डार्क कलर का सूट पहन कर आई है और उसने अन्दर ब्रा नहीं पहनी है.
मैंने उसके निप्पल ऊपर से ही देख लिए.
लेकिन वह बिल्कुल भी शर्मा नहीं रही थी और बड़ी कॉन्फिडेंट भी थी.


हालांकि मैंने उसे कुछ नहीं कहा, पर उसकी आंखों ने मेरी वासना को पढ़ लिया था और वह सारे समय मस्त हिरनी सी फुदक फुदक कर अपनी चूचियों की आग से मेरे लौड़े को झुलसाती रही.


अब यह उसका रोज का काम हो गया था.


मैंने उससे कुछ भी नहीं कहा था, बस उसकी जवानी को देख देख कर अपने लौड़े को सहला लेता था.


ऐसे ही 6 महीने गुजर गए.


मैं ज्यादातर उसके बूब्स ही देखा करता था. उसके बूब्स 32 साइज़ के थे.
मुझे लगता था कि वह मुझे कभी भी अपने दूध निहारते हुए नहीं पकड़ पाई है.


एक बार की बात है, मेरी सुबह की शिफ्ट थी, मतलब सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक.
साक्षी जनरल शिफ्ट में आती थी.


उसका सुबह 9 से 1 और फिर 3 से 6 बजे तक का ऑफिस रहता था.


उस दिन मुझे लैब में कुछ काम था तो मैं लैब की चाभी ढूंढने लगा लेकिन मुझे चाभी नहीं मिली.
तो मुझे लगा लैब खुली होगी.


जब मैंने नीचे जाकर देखा, तो लैब खुली थी और अन्दर साक्षी किसी से फोन पर बात कर रही थी.


मैं अन्दर गया तो साक्षी ने फोन पर बोला कि वह बाद में बात करेगी.


साक्षी- अरे सर … आप?
मैं- हां कुछ काम था मुझे!


साक्षी- बताइए न सर?
मैं- लंच करने नहीं गयी तुम?
साक्षी- आज भूख नहीं लगी.
ओके.’


फिर मैंने साक्षी से कुछ सामान मांगा तो वह सामान लेकर मेरे पास आ गयी.


साक्षी मेरे बहुत करीब आ गयी.
मैं कुछ समझ नहीं पाया कि अचानक से ये क्या हो रहा है.


अपने हाथ वह मेरे हाथ से टच करने लगी.
वह मेरे इतने करीब थी कि मैं उसके बालों की खुशबू को महसूस कर पा रहा था.


साक्षी बस मेरे पास खड़ी थी.


जब मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ तो मैं उसके बूब्स दबाने लगा.


दो सेकंड तो साक्षी भी कुछ नहीं बोली.
पर तभी उसने मुझे धक्का देकर पीछे हटा दिया.


मैंने देखा कि लैब में झाड़ू पौंछा वाला आया हुआ था और वह रूम क्लीन कर रहा था.
वह कुछ भी देख नहीं पाया था.


फिर 5 मिनट तक मैं और साक्षी वहीं खड़े रहे थे और पौंछे वाले का जाने का इंतजार कर रहे थे लेकिन उसे तो टाइम लगने वाला था.


फिर साक्षी लैब से बाहर जाने लगी और पीछे मुड़कर मुझे देख कर मुस्कुराई.


उस हॉट गर्ल की मुस्कुराहट से मेरी धड़कन तेज हो गयी.
बहुत गजब का फिगर था उसका!


मैं उसके पीछे पीछे गया.
और वह लेडीज बाथरूम में चली गयी.
मैं भी बाथरूम में अन्दर गया.


साक्षी वॉशबेसिन के सामने खड़ी थी.


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मैंने पीछे से उसे पकड़ा और उसकी गर्दन पर किस करने लगा.
साक्षी भी मुझे किस करने लगी.


मैंने उसे दरवाजे पर सटा दिया और उसके होंठ और गले को चाटने लगा.
साक्षी- आआहह.


मैं उसके बूब्स शर्ट के ऊपर से ही मसलने लगा.


साक्षी ने अपनी शर्ट के बटन खोल दिए.


उसने लाल ब्रा पहनी थी.
मैंने उसकी ब्रा नीचे खिसकाई और उसके दूध दबाने लगा.


साक्षी- आहह.


उसके दूध काफ़ी बड़े और मुलायम थे.
मैं कस कसके उसके दूध दबा रहा था और उसके होंठों को भी पी रहा था.


साक्षी भी पूरी मदहोश थी और किस कर रही थी.


फिर मैंने उसकी पैंट का बटन खोला और उसकी पैंट नीचे कर दी.
अब मैंने साक्षी की पैंटी में हाथ डाल दिया.


साक्षी बस चूमाचाटी में बिज़ी थी.


मैंने दो उंगलियां उसकी चूत में डाल दीं. उसकी चूत बहुत गीली थी. मैंने धीरे धीरे उसकी चूत में फिंगरिंग शुरू कर दी.
साक्षी- आआहह … आहह … सर!


मैंने फिंगरिंग और तेज कर दी.
साक्षी- आअहह … आहह सर!


मैं उसे दीवार से सटा कर चूमाचाटी कर रहा था और उसकी चूत में फिंगरिंग चालू थी.
साक्षी- उम्म्म्म आआहह … सर.


हम दोनों खूब कस कसके किस कर रहे थे और मैं साक्षी की चूत में फिंगरिंग का मजा ले रहा था.
उसकी चूत का दाना बेहद मस्त था.


साक्षी के निप्पल बहुत टाइट हो गए थे और दूध भी टाइट थे.
उसकी सांसें तेज हो गयी थीं.
और तभी उसका रज निकल गया.
साक्षी शांत हो गयी.


फिर उसने कपड़े सही किए और चली गयी.
उसके बाद से मैंने और साक्षी ने खूब फोन सेक्स किया.


फिर एक दिन साक्षी ने बताया कि उसकी फ्लैटमेट घर जा रही है और 10 दिन बाद आएगी.
मैं- क्या इरादा है तुम्हारा?
साक्षी- इरादा तो पता लगा ही चुके है आप!


मैं- तो आज आऊं तुम्हारे रूम पर?
साक्षी- रात 11 बजे के बाद आना वर्ना कोई देख लेगा तो प्राब्लम हो जाएगी.
मैं- तुम दरवाजा खुला रखना, मैं सीधे अन्दर आ जाऊंगा.
साक्षी- ओके, आप आने से पहले एक घंटी मार देना.


मैं रात सवा ग्यारह पर साक्षी के रूम में चला गया.
वह बहुत साफ सफाई से रहती थी.


साक्षी- अरे आ गए आप … बैठिए … पानी लेंगे!
उसकी औपचारिकता देख कर मेरे होंठों पर मुस्कुराहट आ गई.


मैं तो बस साक्षी को देखता ही रह गया.
उसने काले रंग की साड़ी पहनी थी और बैकलैस ब्लाउज.
खुले बालों में वह एकदम कयामत लग रही थी.


साक्षी किचन से मेरे लिए पानी ले आई और झुक कर देने लगी.


मैंने पानी लिया और साक्षी के बूब्स की तरफ देखकर कहा- आज पानी से प्यास नहीं बुझेगी!
साक्षी- तो कैसे बुझेगी?
इतना कह कर वह खाली गिलास किचन में रखने के लिए चली गयी.


मैं तो बस उसकी बॅक ही देखता रह गया.
बहुत गोरी थी वह … और ब्लैक साड़ी और खूबसूरत बना रही थी उसे.


मैं किचन में गया और पीछे से उसे पकड़ लिया.


साक्षी- अरे!
मैं- बहुत खूबसूरत हो तुम साक्षी.
साक्षी- अच्छा …


वह सिंक में गिलास साफ कर रही थी और मैं उसे पीछे से पकड़े हुए था लेकिन उसे कोई फर्क नहीं पड़ रहा था.


मैंने साक्षी की पीठ पर किस कर ली.


साक्षी- काम नहीं करने देंगे मुझे आप?
वह मेरी तरफ मुड़ी.


मैंने साक्षी को कमर से पकड़ कर अपनी तरफ कर लिया.


साक्षी थोड़ी सी घबरा गयी और उसके मुँह से बस ‘अरे …’ निकल पाया.
उसी वक्त मैंने साक्षी के होंठों को किस कर लिया.


ये करूंगा आज!’
साक्षी- अच्छा, इतनी अच्छी लगती हूँ क्या मैं आपको?


मैंने साक्षी को उठा कर किचन की स्लैब पर बैठा दिया और उसे किस करने लगा.
साक्षी भी मुझे किस कर रही थी.


मैं साक्षी के चेहरे को हाथ में लेकर भरपूर किस कर रहा था; मैं उसके होंठों को पागलों की तरह चूस रहा था.
मैंने उसके होंठों को, चेहरे को और गले को भी किस किया.


इस तरह करीब 10 मिनट तक मैंने साक्षी को चूसा और उसके ब्लाउज का हुक खोलकर ब्लाउज को उतार दिया.
अब साक्षी सिर्फ़ ब्लैक ब्रा में थी.


साक्षी- आहह … पागल कर देते हैं आप तो!
मैं- अभी तो और पागल होगी तुम.!


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यह कह कर मैंने साक्षी को गोद में उठा लिया और उसके रूम में जाने लगा.
साक्षी सिर्फ़ मेरी आंखों में देख रही थी.


मैंने साक्षी को बेड पर गिरा दिया और उसके ऊपर आ गया.
साक्षी ऊपर से सिर्फ़ ब्लैक ब्रा में थी और आधी साड़ी में.


मैं- आज तुम्हारे दोनों दूध पियूंगा.
साक्षी- कुछ आता ही नहीं हैं इसमें!


मैं- कितनी सेक्सी लग रही हो तुम!
साक्षी- अच्छा!
मैं- हां!


साक्षी- असली चीज़ देखी कहां है आपने?
मैं- तो दिखाओ फिर!


साक्षी- ब्रा उतारो तब दिखेगी.
मैं- ऐसे नहीं, रिक्वेस्ट करो पहले!


साक्षी- सर, प्लीज मेरी ब्रा उतारिए ना. आज आपको कुछ दिखाना और पिलाना है.


मैंने साक्षी की ब्रा उतार दी. उसके दूध 32 इंच के थे. खूब सॉफ्ट और वाइट, ब्राउन निप्पल.


वह बस लेटी थी.
मैंने उसके दोनों दूध दबाने शुरू कर दिए.


साक्षी- आआ अहह.
मैं- कैसा लगा?


साक्षी- आह कस कसके दबाइए न!
मैं साक्षी के दोनों दूध कस कसके दबा रहा था और उसके निप्पल भी चूस रहा था.


साक्षी- उउफ्फ़ … उम्म्म्मा.


मैं- और दबाऊं?
साक्षी- हां.


मैं साक्षी के दोनों दूध मसल रहा था और चूस रहा था.


साक्षी- आआहह.


मैंने करीब 10 मिनट साक्षी के दूध मसले और चूसे.


साक्षी एकदम मदहोश सी हो रही थी.


मैं- कुछ गीला हुआ?
साक्षी- सब कुछ गीला हो गया.


मैं- दिखाओ और क्या गीला हुआ?
साक्षी- खुद ही देख लो.


मैं- कहो तो सुखा दूँ?
साक्षी- वह ऐसे वैसे नहीं सूखेगी … अब तो उसका इलाज करना पड़ेगा.
मैं- ठीक है. मेरा पास एक औजार है, उससे इलाज कर देता हूँ.


वह हंस दी.


मैंने साक्षी की साड़ी और साया उतार दिया.
वह सिर्फ़ ब्लैक पैंटी में थी.


मैंने साक्षी की चूत उसकी पैंटी के ऊपर से मसली.


साक्षी- उफफ्फ़ … देखा कितनी गीली है!
मैं- पैंटी उतार दूँ?
साक्षी- हां.


मैं- क्या है पैंटी में?
साक्षी- आपको नहीं पता क्या?
मैं- जो भी है, आज उसे पी जाऊंगा पूरा!
साक्षी- जैसे फोन पर पीते हो न … वैसे?


मैं- उसे भी अच्छी तरह से.
साक्षी- अच्छा!


मैंने देर ना करते हुए साक्षी की पैंटी उतार दी.
उसकी चूत एकदम क्लीन शेव थी.


मैंने उसकी दोनों टांगें फैलाईं और उसकी चूत को चाट लिया.
बहुत नमकीन थी.


साक्षी तड़प उठी- आज तो आप मार ही डालेंगे!
मैं- और क्या!


साक्षी ने अपनी दोनों टांगें पूरी फैला दीं और बोली- लीजिए जन्नत की सैर करें.


मैंने साक्षी की चूत पूरा मुँह में भर लिया और चूसने लगा.
साक्षी- आअहह … मर गई … बहुत गुदगुदी हो रही है.


मैं कस कसके साक्षी की चूत चूस रहा था और फिंगरिंग भी कर रहा था.
वह बस आहें भर रही थी और मेरा सिर अपनी चूत पर दबाए जा रही थी.


मैंने करीब 15 मिनट तक साक्षी की चूत चूसी और चाटी.
उसकी चूत में से बहुत पानी आ रहा था.


साक्षी- सर, मेरा होने वाला है!
यह बोल कर साक्षी का रस निकल गया और वह ढीली पड़ गयी.
मैंने उसका पूरा रस पी लिया.


बहुत गजब माल थी वह!


मैं- आह सच में मज़ा आ गया.
साक्षी- हां … मुझे भी अब आपका वाला पीना है.
मैं- पी लो.


साक्षी ने मेरे लंड अपने हाथ में लिया और चूसने लगी.
बहुत गजब तरह से चूस और चाट रही थी वह!


मैं- साक्षी तुम्हारे मुँह के अन्दर ही कर दूँ?
साक्षी- हां.


मैंने साक्षी के बाल पकड़े और उसके मुँह में ही लंड को अन्दर बाहर करने लगा और जल्द ही साक्षी का मुँह मैंने अपने लिक्विड से भर दिया.


साक्षी मेरा सारा पानी पी गयी.
वह मेरे लंड को पागलों की तरह चाट रही थी और बॉल्स को मुँह में भर कर चूस रही थी.


साक्षी- सर, चलिए 69 पोजीशन ट्राइ करते हैं.
फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में लेट गए.


मैं साक्षी की चूत चूस रहा था और वह मेरा लंड.
थोड़ी देर बाद साक्षी बोली- सर अब मेरे खेत में हल चलाओ.


यह कहती हुई वह सीधी होकर लेट गयी.
हम दोनों बिना कपड़ों के थे.


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साक्षी बोली- बिना कंडोम के चुदाई करना.
मैं साक्षी के ऊपर आ गया.


साक्षी- मेरी ज़मीन थोड़ी सूख गयी है. गीला कर दो आप!


मैंने चूत चूसने के बाद साक्षी के होंठों को अपने होंठों में भर लिया और उसके दूध मसलने लगा.
साक्षी- आहह.


मैंने अपना लंड साक्षी की चूत में डाल दिया.
साक्षी- आआहह … बहुत बड़ा है आपका … धीरे धीरे करें!


मैं- काफ़ी टाइट चूत है तुम्हारी!
साक्षी- तो आज आप ढीला कर दो.


मैं- कैसे करूं ढीला?
साक्षी- मेरे खेत में हल चला कर.


मैं- साफ साफ बोलो ना!
साक्षी- पहले आप बोलिए, आपका क्या मन है?
मैं- मेरा तो मन है कि तुम्हें पूरी रात चोदूं!


साक्षी- पूरी रात चोदेंगे आप मुझे?
मैं- हां साक्षी.


साक्षी- कैसे चोदेंगे?
मैं- जैसे लेटी हो तुम. वैसे ही पूरी रात नंगी किए हुए ही चोदता रहूँगा.


साक्षी- नंगी तो आप पहले ही कर चुके हैं. अब बस चुदाई करें.


मैंने साक्षी की चुदाई तेज कर दी.
साक्षी- आहह.


मैं- कैसा लग रहा है?
साक्षी- थोड़ा दर्द हो रहा है.


मैं- अभी मज़ा आएगा तुम्हें!
साक्षी- आपको मज़ा नहीं आ रहा?


मैं- पहले दिन ऑफिस में देखा था तुम्हें. उसी दिन से मन था तुम्हें प्यार करने का.


साक्षी- अब तो आपका सपना पूरा हो रहा है ना!


मैं- तुम बिना कपड़ों के ज़्यादा हॉट लगती हो साक्षी.


साक्षी- आप भी. मुझे पता ही नहीं था कि आपका इतना बड़ा है.
मैं- अब तो पता चल गया.
साक्षी हंसती हुई- हां सर … आहह.


मैं- मज़ा आया?
साक्षी- बहुत … और अन्दर डालिए न!


साक्षी की पूरी चूत खुल चुकी थी.
मैं लंड आराम से अन्दर बाहर जा रहा था.


साक्षी- उफ्फ़.
मैं- क्या हुआ?


साक्षी- बहुत अच्छा लग रहा है सर … मैं तो समझो जन्नत की सैर कर रही हूँ.


अब मैंने साक्षी की दोनों टांगें हवा में कर दीं और फिर से उसकी चुदाई करने लगा.
साक्षी- आअहह सर …


उसकी चूत बहुत पानी छोड़ रही थी और चुदाई करने से खूब आवाज़ आ रही थी.
साक्षी- आआहह.


मैं साक्षी के दूध भी मसल रहा था और उसकी चुदाई भी कर रहा था.
साक्षी- आहह … सर अब डॉगी स्टाइल में करिए ना!


मैंने साक्षी को घुटनों के बल बैठाया और पीछे से उसके बाल पकड़ लिए.
फिर उसे डॉगी स्टाइल में चोदना शुरू कर दिया.


साक्षी की चूत लगातार पानी छोड़ रही थी और उसे काफ़ी मज़ा भी आ रहा था.


मैं- तुम्हारे दूध कितना झूल रहे हैं साक्षी!
साक्षी- तो पकड़ लीजिए ना!


मैंने पीछे से साक्षी के दूध पकड़ लिए और ताबड़तोड़ चोदने लगा.


साक्षी- आहह.
मैं- और तेज!
साक्षी- हां सर और तेज … आह.
मैं- और?
साक्षी- हां और.


मैं- ले साली … अब पूरी दुरंतो का मजा ले तू!
साक्षी- आहह … सर मेरा होने वाला है … आह.


बस यह कह कर साक्षी का रस निकल गया और वह ढीली होकर लेट गयी.
उसी के बाद मैं भी झड़ गया.


साक्षी- कैसा लगा मुझे टेस्ट करके?
मैं- बहुत गजब हो तुम!


साक्षी- थक गए या और मज़े लेने हैं?
मैं- अभी मजा पूरा कहां हुआ मेरी जान। अभी तो सारी रात चोदना है तुम्हें!


दोस्तो, इस तरह से साक्षी सारी रात मेरे लंड के नीचे मचलती रही.
और यह सिलसिला आज भी जारी है!


 तो दोस्तों कैसी लगी मेरी सेक्स स्टोरी साक्षी के साथ!


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