माँ की चूत में असलम का 7 इंची घोड़ा, फिर बेटे ने पकड़ी चुदाई!

Antarvasna : भूखी रंडी माँ श्वेता ने मुसलमान असलम के मोटे 7 इंच काले घोड़े को अपनी टाइट चूत में घुसवाकर जोरदार चुदाई करवाई! बेटा अभय ने अचानक दरवाजा खोलकर अपनी माँ को नंगी हालत में कुत्ते की तरह चुदते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया! अब क्या होगा?


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हेलो दोस्तों मेरा नाम अभय शर्मा है। मेरी मम्मी का नाम श्वेता शर्मा है। मेरे पापा इस दुनिया में नहीं हैं दादा-दादी भी नहीं बस घर पर मैं और मेरी मम्मी रहते हैं।


मम्मी हमेशा पापा का फोटो देखती रहती हैं। उनकी आँखों में सुहागरात की चुदाई की यादें तैरती रहती हैं। मम्मी की उम्र 35 साल है और मेरी 25 साल।


मम्मी दिखने में गोरी-चिट्टी हैं। उनका फिगर 36-32-36 है। घर से बाहर निकलते ही बुजुर्ग तो छोड़ो बच्चे भी कहते हैं पटाखा लग रही है आंटी।


सबके लंड हिलने लगते हैं मम्मी को देखकर। मम्मी के बूब्स लटके हुए मोटे-मोटे हैं जिनमें दूध बहुत मस्त है। मम्मी मुझे अपने बूब्स का ही दूध देती हैं।


जब मैं गहरी नींद में होता हूं मम्मी मेरे कमरे में चुपके से आती हैं। मेरा अंडरवियर उतारकर मेरा लंड चूस लेती हैं। फिर चली जाती हैं।


हालांकि हमारे बीच कुछ हुआ नहीं था। ये सब मैंने जानबूझकर एक जादूगर के जरिए करवाया था। मम्मी की अकेली रातों की प्यास मैंने इस तरह शांत करवाई थी।


एक बार की बात है घर पर एसी खराब हो गया। मैंने रिपेयर वाले को बुलाया। वो लड़का मुसलमान था नाम असलम।


असलम जैसे ही घर में घुसा मम्मी को बार-बार घूरने लगा। मैंने देखा उसका लंड खड़ा होकर पैंट में तन गया था। मुझे पता था उसका मन मेरी मम्मी की चुदाई करने का था।


असलम ने मुझसे कहा भाई साहब जरा एक गिलास पानी लाकर दो। वो मुझे वहाँ से भेज दिया। फिर सीडी से उतरकर मम्मी से बातें करने लगा।


मैं पानी लेने गया लेकिन दिल में शक था। जल्दी से वापस लौटा और दरवाजे की दरार से झांकने लगा। असलम मम्मी को पटाने में लगा था।


वो बातों-बातों में मम्मी की तारीफ करने लगा। “भाभी जी आप तो आज भी इतनी हॉट लग रही हो जैसे नई दुल्हन।” मम्मी शरमा गईं लेकिन उनकी आँखों में चमक आ गई।


असलम ने पास आकर मम्मी के कंधे पर हाथ रख दिया। “अकेले रहती हो न भाभी पापा के बाद बहुत तकलीफ होती होगी।” मम्मी ने सिर हिलाया लेकिन कुछ नहीं बोलीं।


उसकी उंगलियां मम्मी की गर्दन पर फिसलने लगीं। मम्मी का सांस तेज हो गया। असलम ने धीरे से कहा “मैं आपकी तकलीफ समझता हूं भाभी।”


मम्मी ने हल्के से उसे हटाने की कोशिश की। लेकिन उनका हाथ रुक गया। असलम ने मम्मी का चेहरा अपनी तरफ घुमाया।


“भाभी आपकी आँखों में वही प्यास है जो मेरी भी है।” उसने मम्मी के होंठों के पास अपना मुंह ले जाकर फुसफुसाया। मम्मी कांप उठीं लेकिन पीछे नहीं हटीं।


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असलम ने मम्मी को धीरे से गले लगा लिया। मम्मी का बदन उससे सट गया। उसके हाथ मम्मी की कमर पर घूमने लगे।


मम्मी ने फुसफुसाकर कहा “असलम बेटा ये गलत है।” लेकिन उनकी आवाज में कोई जोर नहीं था। असलम ने मुस्कुराते हुए कहा “भाभी आपकी चूत तो पहले ही भीग चुकी है मैं जानता हूं।”


मम्मी की सांसें और तेज हो गईं। असलम ने मम्मी को कमरे के अंदर ले जाकर दरवाजा बंद कर दिया। अब मैं बाहर से ही झांक रहा था लेकिन अंदर की हर हलचल साफ सुनाई दे रही थी।


असलम ने मम्मी को दीवार से सटा दिया। उसके हाथ मम्मी के बूब्स पर घूमने लगे। मम्मी की साड़ी की सिलवटें हिल रही थीं।


“भाभी आपके ये मोटे बूब्स कितने साल से किसी ने दबाए नहीं।” असलम ने धीरे से मम्मी के ब्लाउस पर हाथ फेरा। मम्मी की निप्पल सख्त होकर उभर आए।


मम्मी ने आह भरकर कहा “असलम... रुक जाओ बेटा।” लेकिन उनकी उंगलियां असलम की कमर पर जकड़ गईं। असलम ने मम्मी का ब्लाउस के हुक खोलना शुरू कर दिया एक-एक करके।


असलम ने ब्लाउस पूरी तरह खोल दिया। मम्मी के गोरे मोटे बूब्स ब्रा में कैद थे। असलम ने ब्रा के ऊपर से ही चूचियां दबानी शुरू कर दीं।


मम्मी की सिसकारी निकल गई “आह... असलम... धीरे।” असलम ने मुस्कुराकर ब्रा का हुक भी खोल दिया। अब मम्मी के नंगे बूब्स उसके सामने थे।


उसने एक चूची मुंह में ले लिया और चूसने लगा। मम्मी का हाथ असलम के बालों में फंस गया। “हम्म... बहुत अच्छा लग रहा है बेटा।”


असलम ने दूसरी चूची पर भी हमला कर दिया। मम्मी की कमर लहरा रही थी। उसकी साड़ी का पल्लू गिर चुका था।


असलम ने मम्मी की साड़ी की नाड़ी खोल दी। पेटीकोट भी नीचे सरक गया। अब मम्मी सिर्फ पैंटी में खड़ी थीं।


उसकी पैंटी पर गीलेपन का निशान साफ दिख रहा था। असलम ने घुटनों पर बैठकर पैंटी को नाक से सूंघा। “भाभी आपकी चूत कितनी खुशबूदार है।”


मम्मी शर्म से लाल हो गईं लेकिन पैर नहीं हटाए। असलम ने पैंटी खींचकर उतार दी। मम्मी की शेव्ड चूत अब पूरी तरह नंगी थी।


असलम ने अपनी जीभ मम्मी की चूत पर फेरी। मम्मी का पूरा बदन कांप उठा। “आह... असलम... मत करो... ओह हां... और करो।”


असलम ने मम्मी की चूत चाटना शुरू कर दिया। उसकी जीभ अंदर-बाहर घुस रही थी। मम्मी की उंगलियां असलम के सिर को दबा रही थीं।


मम्मी की सिसकारियां कमरे में गूंज रही थीं। “हम्मम... बेटा... बहुत मजा आ रहा है।” असलम ने दो उंगलियां मम्मी की चूत में डाल दीं।


मम्मी की चूत से पानी बहने लगा। असलम ने उंगलियां तेजी से अंदर-बाहर करने लगे। मम्मी झुककर असलम के कंधे पकड़ लिए।


हेलो दोस्तों ये Muslim साथ Family Sex की Hindi Sex Kahani आप GaramKahani.com पर पढ़ रहे हैं। मम्मी की चूत असलम की उंगलियों से पूरी भीग चुकी थी। असलम ने अपनी उंगलियां तेजी से अंदर बाहर करनी शुरू कर दीं।


मम्मी की सिसकारियां और तेज हो गईं। “आह... असलम बेटा... और जोर से... हां... यही... ओह!” मम्मी की जांघें कांप रही थीं और उनकी गोरी चूत से पानी टपक रहा था।


असलम ने मुस्कुराते हुए कहा “भाभी आपकी चूत तो बहुत प्यासी है।” उसने अपनी पैंट का बटन खोला और 7 इंच का मोटा काला लंड बाहर निकाल लिया। लंड खड़ा होकर तन गया था और उसकी नसें उभरी हुई थीं।


मम्मी ने लंड को देखा तो उनकी आँखें फैल गईं। “असलम... ये तो बहुत बड़ा है बेटा।” असलम ने मम्मी का सिर पकड़ लिया और कहा “रंडी की पहले चूस इसे अच्छे से।”


मम्मी घुटनों पर बैठ गईं। उन्होंने असलम के मोटे लंड को हाथ में लिया और धीरे से चूम लिया। फिर जीभ से सुपाड़ा चाटने लगीं।


“हम्म... स्वाद अच्छा है।” मम्मी ने मुंह खोलकर पूरा लंड मुंह में ले लिया और चूसने लगीं। असलम ने मम्मी के बाल पकड़कर मुंह में धक्के देने शुरू कर दिए।


“चूस रंडी... गला तक ले... हां... अच्छी चूतिया है तू।” मम्मी की आँखों में आंसू आ गए लेकिन वे और जोर से चूस रही थीं। लंड पर उनकी लार टपक रही थी।


कुछ देर चूसने के बाद असलम ने मम्मी को उठाया। उन्हें बेड पर लिटा दिया और उनकी टांगें फैला दीं। मम्मी की चूत अब पूरी तरह खुली हुई थी।


असलम ने अपना 7 इंच का घोड़ा मम्मी की चूत के मुंहाने पर रखा। धीरे से रगड़ने लगा। मम्मी ने आह भरकर कहा “असलम... डाल दे बेटा... मैं बहुत दिनों से तरस रही हूं।”


असलम ने एक जोरदार झटका दिया। आधा लंड एक ही बार में मम्मी की चूत में घुस गया। “आआह... फाड़ दिया... ओह माँ... इतना मोटा...”


मम्मी की चीख निकल गई लेकिन उनकी कमर खुद आगे को उठ गई। असलम ने पूरी ताकत से दूसरा झटका मारा। पूरा 7 इंच का लंड मम्मी की चूत में समा गया।


“हां... ऐसे ही चोदो असलम... मेरी चूत फाड़ दो आज।” असलम तेजी से धक्के मारने लगा। मम्मी के मोटे बूब्स ऊपर नीचे उछल रहे थे।


असलम ने एक बूब को मुंह में ले लिया और चूसते हुए चोद रहा था। “रंडी... तेरी चूत बहुत टाइट है... पति के छोटे लंड से बंजर हो गई थी न?” मम्मी सिसकार रही थीं “हां... तेरे घोड़े से आज पहली बार मजा आ रहा है... और जोर से चोद...”


दोनों की सांसें एक हो रही थीं। कमरे में चुदाई की आवाजें गूंज रही थीं। पच्च... पच्च... पच्च...


असलम ने मम्मी की टांगें अपने कंधों पर रख लीं और गहरे धक्के मारने लगा। मम्मी की चूत का रस लंड पर चमक रहा था। “असलम... रोज आना... बिना कंडोम के... मेरी चूत तेरी है अब...”


असलम मुस्कुराया “भाभी तू तो मेरी पुरानी यार है... पहले भी कई बार चोदा है तुझे... बस आज घर पर मौका मिल गया।” मम्मी ने चौंककर पूछा “क्या...?” लेकिन असलम ने और तेज चोदना शुरू कर दिया।


मम्मी की आँखें बंद हो गईं और वे चरम सुख की तरफ बढ़ रही थीं। “आह... मैं आने वाली हूं... असलम... और जोर से...” 


असलम भी तेज हो गया। उसने मम्मी की टांगें और ऊपर उठा लीं। पूरा 7 इंच का मोटा काला लंड मम्मी की चूत में जोर-जोर से घुस रहा था।


पच्च... पच्च... पच्च... कमरे में चुदाई की आवाजें तेज हो गईं। मम्मी के मोटे बूब्स हर धक्के पर उछल रहे थे।


असलम ने एक हाथ से मम्मी की एक चूची को जोर से दबाया। निप्पल को उंगलियों में पकड़कर खींचने लगा। “रंडी... तेरी चूत मेरे लंड को चूस रही है... बहुत गर्म है आज...”


मम्मी की सिसकारियां निकल रही थीं। “हम्मम... असलम बेटा... फाड़ दो मेरी चूत... आह... बहुत मजा आ रहा है...” उनकी गोरी जांघें असलम की कमर से चिपकी हुई थीं।


असलम ने मम्मी को घुमाकर कुत्ते की स्टाइल में कर दिया। मम्मी चारों हाथ-पैरों पर हो गईं। उनकी गोल-गोल गांड़ ऊपर उठ गई।


असलम ने पीछे से मम्मी की गांड़ पर थप्पड़ मारा। “चूतिया... गांड़ हिला... हां... ऐसे...” फिर उसने लंड को फिर से चूत में ठोंक दिया।


मम्मी की कमर लहराने लगी। “आह... हां... इसी तरह... मेरी गांड़ पकड़कर चोदो असलम...” असलम ने मम्मी की कमर पकड़ ली और तेज-तेज धक्के मारने लगा।


हर धक्के पर मम्मी की चूत से पानी छींट पड़ रहा था। “पच्च... पच्च... पच्च...” मम्मी का सिर नीचे झुक गया और वे कराह रही थीं। 


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असलम ने मम्मी के बाल पकड़कर सिर पीछे खींचा। “बोल रंडी... मेरे लंड से ज्यादा मजा आ रहा है न तेरे पति के छोटे लंड से?” मम्मी ने हां में सिर हिलाया “हां... तेरे घोड़े ने आज मेरी चूत जागृत कर दी...”


असलम मुस्कुराया और और तेज चोदने लगा। “भाभी तू तो मेरी पुरानी यार है... पहले भी कई बार चोदा है तुझे... बस आज घर पर मौका मिल गया।” मम्मी ने चौंककर पूछा “क्या...?”


लेकिन असलम ने और तेज चोदना शुरू कर दिया। मम्मी की आँखें बंद हो गईं और वे चरम सुख की तरफ बढ़ रही थीं। “आह... मैं आने वाली हूं... असलम... और जोर से...”


असलम भी तेज हो गया। उसने मम्मी की गांड़ पर दो-तीन और जोरदार थप्पड़ मारे। “ले रंडी... ले मेरी माल... पूरी चूत भर देता हूं आज...”


मम्मी का बदन अचानक कांपने लगा। “आआह... आ गया... असलम... मैं झड़ रही हूं... ओह माँ...” मम्मी की चूत ने असलम के लंड को कसकर पकड़ लिया।


उनकी चूत से गर्म पानी की फुहार निकली। असलम ने भी जोर से धक्का मारा और मम्मी की चूत के अंदर ही अपना माल छोड़ दिया। “ले... ले रंडी... मेरी गर्म माल... भर जा तेरी चूत...”


दोनों का बदन पसीने से तर था। असलम मम्मी की पीठ पर लेट गया। उसका लंड अभी भी मम्मी की चूत के अंदर था।


मम्मी की सांसें बहुत तेज चल रही थीं। वे धीरे से बोलीं “असलम... तूने सच में पहले भी मुझे चोदा है?” असलम ने हंसकर कहा “हां भाभी... जब तुम्हारा पति अस्पताल में था तब कई बार तेरी चूत ली है मैंने...”


मम्मी शर्म से लाल हो गईं लेकिन उनकी चूत अभी भी असलम के लंड को दबा रही थी। “तुम... दोनों... कितने बुरे हो...” असलम ने मम्मी की गांड़ सहलाते हुए कहा “अब तो तू मेरी रंडी है... रोज आएगा तेरा असलम...”


मम्मी ने मुस्कुराते हुए सिर हिलाया। “हां... लेकिन धीरे से... अभय को पता नहीं चलना चाहिए...” असलम ने मम्मी को पलटकर फिर से चूम लिया।


उसके हाथ फिर मम्मी के बूब्स पर घूमने लगे। मम्मी की निप्पल फिर से सख्त हो गईं। असलम ने कहा “एक राउंड और... तेरी चूत अभी भी भूखी है...”


मम्मी ने शरमाते हुए कहा “बेटा... थोड़ा आराम तो कर...” लेकिन असलम ने मम्मी की टांगें फिर से फैला दीं। उसका लंड फिर से खड़ा हो चुका था।


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वो धीरे से मम्मी की चूत पर रगड़ने लगा। मम्मी की सांसें फिर तेज हो गईं। “असलम... मत करो... ओह... फिर से...”


असलम ने मुंह से मम्मी की चूची चूसनी शुरू कर दी। उसकी जीभ निप्पल पर घूम रही थी। मम्मी की कमर खुद-ब-खुद उठने लगी।


“हम्म... बेटा... डाल दे फिर... लेकिन धीरे...” असलम ने फिर से अपना लंड मम्मी की चूत में घुसा दिया। इस बार धीरे-धीरे चोद रहा था।


मम्मी की आँखें बंद थीं और वे आहें भर रही थीं। “आह... कितना अच्छा लग रहा है... तेरे लंड का मोटापन...” दोनों फिर से चुदाई में मशगूल हो गए।


कमरे में फिर से पच्च... पच्च... की आवाजें गूंजने लगीं। मम्मी की चूत असलम के लंड को चूस रही थी। असलम मम्मी के बूब्स को दबाते हुए चोद रहा था।


तभी मैंने दरवाजे को धीरे से पूरा खोल दिया। मैं अंदर घुस गया और दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया। मम्मी और असलम दोनों डर गए...


तो दोस्तों कैसे लगी यह Muslim लड़के के साथ हुई Family Sex Story? कॉमेंट करे और बताएं की क्या इसके आगे का पार्ट भी मुझे लिखना चाहिए?

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