माँ और बहन कि चुदाई बॉस और मेरे लंड से 02

इस कहानी का पहला पार्ट : माँ और बहन कि चुदाई बॉस और मेरे लंड से 01


सर मेरे सामने ही मेरी मम्मी के बुर को चाटने लगे। मम्मी भी बुर बहुत दिनो बाद चटवा रही थी उसकी बुर जल्दी ही गिल्ली हो गई, मेरा लंड बहन को देख पूरा जोश में था।


सर बोले “साहिल एक बात और तुम्हें अपनी बहन को चोदना है और फिर यूएसएसआर से शादी करनी है ताकि वो जिंदगी भर इसी घर में रहे और मेरा अगर कभी दिल किया तो इसे भी चोदूंगा!”





अब आगे की कहानी :-


“मैं अपनी सारी प्रॉपर्टी अपने बाद तुम्हारे नाम कर दूंगा, वैसे भी अभी मैं तुम्हारी बहन को नहीं तुम्हारी माँ को चोदूँगा! अभी तो तेरी माँ में ही बहुत रस है मैं तो तेरी माँ का असली दीवाना हूँ मेरी ही उम्र की है।”


“तुम अपनी बहन को यहाँ चोदो मैं तुम्हारी माँ को दूसरे रूम में ले जाता हूँ और अगर मन करे तो अपनी माँ को भी चोद लेना मुझे कोई दिक्कत नहीं!”


बहन ये सुन बोली कि “भैया से ये सब कैसे कर सकते हैं?” तो सर बोले “तुझे मैंने स्टेपनी रखी है और तेरे भाई में क्या दिक्कत है? चुद जा उससे! मेरे पैसे पर रानी की तरह रहेगी।”


सर मां को ले दूसरे रूम चले गए मेरी बहन मेरे सामने नंगी थी, मै भी नंगा हो गया और उसके पास गया और उसे किस किया वो भी साथ दे रही थी।


वो पूछी “भैया कैसा लगा अपनी बहन का बदन?”


मैं बोला “तू लड़की नहीं परी है!” तो बहन बोली कि “भैया आपका मुझसे सबसे अच्छा क्या लगा?”


मैं बोला कि “बहन मुझे तुम्हारी गांड बहुत पसंद है” वो हंस पड़ी और बोली कि “भैया मेरी गांड बहुतों को पसंद है जब मैं ट्यूशन जाती हूं तो सभी लड़के मेरा चेहरा कम गांड ही घूरते हैं।”


मैंने बहन को बिस्तर पर सुला दिया उसके हर एक अंग को चूस रहा था मैंने उसकी बुर को बहुत चूसा।


वो बोली कि “भैया अपना लंड डालो कंट्रोल नहीं हो रहा है।”


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मैंने अपने लंड को बहन के बुर से सहलाया बहन का बुर बहुत गीला था।


बहन बोली “आराम से चोदना भैया, पहला बार है” मैंने अपने लंड को बुर के पास सटाया और एक झटका मारा, लंड अंदर चला गया।


बहन बोली “बहुत दर्द हो रहा है भैया!” मैं उसका होठ चूसने लगा और उसकी चुची दबाने लगा, उसे कुछ आराम मिल रहा था।


मैं उसके होठ चूसते चूसते एक और झटका मारा लंड पूरा अंदर चला गया, बहन का होंठ मेरे होठ में था इसलिए उसकी आवाज अंदर ही रह गई।


उसके आंख से आंसू आ गया उसके बुर से हल्का खून आ रहा था, मैं उसका होठ चूस रहा था उसे कुछ आराम मिल रहा था वो बोली की “भैया झटका मारो अब मैं ठीक हूँ” मैं झटके मारने लगा वो अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह मर गयी अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह कर रही थी।


वो पूरा उछल रही थी और बोल रही थी “खूब चोदो भैया इस बुर में कब से आग लगी हुई थी”


मैं उसके कोमल बुर को तेजी से चोद जा रहा था जब मैं झरने वाला था तो पूछा कहाँ गिराऊं बहन?


तो वो बोली कि “अब बहन मत बोल अपनी बीवी के बुर में ही गिरा दे!” मैं उसकी बुर में ही झड़ गया!


जब मेरा गरम वीर्य उसके बुर में गया तो बोली भैया बहुत मजा आया आपने तो मेरे बुर को जन्नत की सैर करा दी।


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फिर मैंने उठाया और अपनी बहन के मुँह में अपना लंड दे दिया वो बहुत दर्द से चूस रही थी उसके चूसने से लंड खड़ा हो गया, मैंने उल्टा घुमाया वो बोली कि भैया गांड की छेद छोटा है नहीं जाएगा।


मैं बोला हल्का दर्द होगा बहन फिर बहुत मजा आएगा, मै गांड चाटने लगा, बहुत नरम थी उसकी गांड मैंने कई जगह दात से काटा, उसके गाँड़ पर निशान आ गया था।


फिर मैंने दो उंगली उसकी गांड में डाला उसकी गांड बहुत टाइट थी वो बोली कि “भैया जब उंगली से इतना दर्द हो रहा है तो लंड से क्या होगा?”


मैं बोला “कुछ नहीं होगा” मैंने उसकी गांड पर बहुत सारा थूक  लगा दिया फिर अपना लंड उसकी छेद पर ले गया और जोरदार झटका मारा!


लंड पूरा अंदर चला गया वो चिल्ला उठी “बहनचोद बाहर निकाल! मैं मर जाउंगी!”


मै लंड को वैसे ही रख उसकी पीठ को किस कर रहा था, उसे जब आराम हुआ तो बोली “फाड़ दो मेरी जालिम गांड को भैया इसमें बहुत खुजली होती है”


फिर मैं जोर जोर से गांड मारने लगा।


वो बोली “भैया खूब गांड मारो इस गांड ने ना जाने कितने का लंड खड़ा किया है।” फिर जोस में जोरदार झटके के साथ मैं अपनी बहन कि गाँड़ चोदने लगा।


उसकी गांड मारते मारते बोला “बहन ऐसा गांड कह छुपा कर रखा था बहुत मस्त है तेरा गांड! ये सिर्फ मरवाने के लिए ही बना है।”


मैं उसकी गांड मर रहा था और उसी में झड़ गया बहन बोली “भैया आज से मेरा जिस्म तुम्हारा हुआ जैसे मन चोद लेना।”


मैं बहन के पास बैठ उसकी बुर को सहला रहा था, तब तक बॉस और मम्मी उधर से आई दोनों नंगे थे।


मम्मी के बुर से अभी भी वीर्य टपक रहा था बॉस ने हमें बुलाया और सिन्दूर मेरे हाथ में दिया और बोले “अपनी बहन की मांग में भरकर इसे अपनी बीवी बना ले।”


मैंने वैसा ही किया, बॉस ने भी मम्मी के मांग में सिन्दूर भरी और बोले आज से साहिल तू मेरा बेटा हुआ और सोनी तुम्हारी बीवी!


आओ बेटा आशीर्वाद लो तुम अपनी माँ से! तृशा और मै माँ के पास झुकने ही वाले थे कि तभी बॉस बोले कि “ऐसे नहीं तू मां का बुर चूस कर आशीर्वाद ले और तृशा मेरा लंड चूस।”


मैं मां का बुर चूसा बहुत मजा आया तृशा ने बॉस का लंड चूसा बॉस उसकी गांड देख बोला अरे इसकी तो मस्त गांड सूज गई है।


साहिल इसे ठीक कर दे और अगर मन करे तो अपनी मां को भी चोद लेना बहुत मस्त है बहुत रस है मैंने तो मन में सोच लिया कि मां की भी मस्त गांड मारूंगा!


बॉस बोले बेटा अगर कोई बगल बगल पूछे तो बोल देना मैं तुम्हारा बाप और तृशा तुम्हारी बीवी है, और आज से मैं यहीं रहूंगा और तृशा की भी चुदाई करूंगा।


“तुम लोग घर में नंगे भी रह सकते हो और तुम तृशा की खूब चुदाई करना बड़ा मस्त बुर और गांड है।”


अब अगली सेक्स स्टोरी में बताऊंगा कैसे बॉस ने मेरी बहन यानी बीवी की चुदाई की और मैंने मम्मी की! अगर यह स्टोरी चाहते हो तो कॉमेंट करके जरूर बताना!


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