बारिश में माँ के साथ बहन की सील तोड़ी!
बारिश की रात में पापा के बाहर जाने पर मैंने माँ की मदद से अपनी 20 साल की वर्जिन बहन नेहा की सील तोड़ी। माँ और बेटी दोनों को बारी-बारी चोदा, 69 में चूत चाटवाई और पूरी रात खुलकर चुदाई की!
नमस्कार दोस्तों। मेरा नाम विक्रम है, उम्र 23 साल। मैं लखनऊ में रहता हूँ। मेरे पापा बैंक में मैनेजर हैं और अक्सर ऑफिशियल टूर पर रहते हैं। मेरी मम्मी का नाम रेखा है, उम्र 42 साल।
मम्मी का रंग बहुत गोरा है, शरीर अभी भी युवतियों जैसा आकर्षक।
उनके स्तन 36D साइज के भारी और निचले, कमर 30 और गांड 40 की मोटी-मोटी, गोल और नरम। जब वो घर में सलवार-कमीज या नाइट सूट पहनती हैं तो उनकी गांड देखकर मेरा लंड अपने आप खड़ा हो जाता है।
मेरी छोटी बहन का नाम नेहा है, उम्र 20 साल। वो अभी कॉलेज में सेकंड ईयर में पढ़ती है। नेहा का फिगर 34-25-35 है। उसके स्तन 34C के टाइट, गोल और ऊपर उठे हुए।
कमर पतली, गांड छोटी लेकिन बहुत गोल और टाइट। चेहरा बहुत प्यारा और सेक्सी, गोरा रंग, लंबे बाल। नेहा अभी तक पूरी तरह वर्जिन थी। उसकी चूत पर सिर्फ हल्के बाल थे और सील पैक थी।
कहानी शुरू होती है करीब 8 महीने पहले। उस समय मैं मम्मी को पहले ही कई बार चोद चुका था। मम्मी अब मेरी सेक्स की भूखी गुलाम बन चुकी थीं।
जब भी पापा घर नहीं होते, मम्मी खुद मुझे बुलाकर कहतीं, “विक्रम, आ जा बेटा… मम्मी की चूत में खुजली हो रही है।”
लेकिन मेरा मन नेहा की तरफ भी था। नेहा की टाइट चूत और छोटी गांड देखकर मैं कई बार रात को मुठ मारता था। मैंने मम्मी से कई बार कहा कि मुझे नेहा को भी चोदना है।
मम्मी पहले बहुत डरती थीं। कहतीं, “पागल मत बन। अगर नेहा को पता चल गया तो वो रो-रोकर पापा को बता देगी।”
मैं रोज मम्मी को चोदते वक्त मनाता। चुदाई के बाद उनके कान में फुसफुसाता, “मम्मी, नेहा की सील वाली चूत कितनी टाइट होगी… मुझे उसे चोदना है… तुम मदद कर दो।”
आखिरकार मम्मी थोड़ी-थोड़ी मानने लगीं।
बारिश की वो रात – शुरुआत!!
जुलाई का महीना था। पूरे दिन तेज बारिश हो रही थी। शाम को पापा अचानक ऑफिस से फोन करके बोले कि उन्हें मुंबई जाना पड़ रहा है, 5 दिन के लिए। घर में सिर्फ हम तीन रह गए।
बारिश इतनी तेज थी कि बिजली भी कई बार चली गई। रात 9 बजे हम तीनों डिनर कर रहे थे। नेहा ने शॉर्ट नाइट सूट पहना हुआ था। उसकी जांघें और स्तनों की आउटलाइन साफ दिख रही थी।
मम्मी ने भी हल्का नाइट सूट पहना था, जिससे उनकी भारी चूचियाँ हिल रही थीं।
डिनर के बाद मम्मी ने कहा, “आज बहुत ठंड है, बारिश की वजह से। हम तीनों एक ही कमरे में सोते हैं।”
नेहा ने हामी भरी। मैं मन ही मन खुश हो गया। यह Antarvasna से भरपूर Desi Sex की XXX Hindi Sex Story आप गरम कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
रात 11 बजे बिजली चली गई। हमने मोबाइल की टॉर्च जलाकर कमरे में लेट गए। मैं बीच में सोया, मम्मी मेरी दाईं तरफ और नेहा बाईं तरफ।
करीब 1 बजे रात को बारिश और तेज हो गई। ठंड भी बढ़ गई थी। नेहा ठंड से काँप रही थी। मम्मी ने कहा, “विक्रम, नेहा को थोड़ा पास बुला लो, गर्मी आएगी।”
मैंने नेहा को अपनी तरफ खींच लिया। उसका नरम शरीर मेरे से चिपक गया। उसकी चूचियाँ मेरी छाती से दब रही थीं। मेरा लंड धीरे-धीरे खड़ा होने लगा।
मैंने हिम्मत करके अपना हाथ नेहा की कमर पर रख दिया। वो कुछ नहीं बोली। धीरे-धीरे मैंने हाथ ऊपर सरकाया और उसके एक स्तन को हल्का-हल्का दबाने लगा। नेहा की साँसें तेज हो गईं लेकिन वो आँखें बंद किए पड़ी रही।
मम्मी सब देख रही थीं। उन्होंने धीरे से मेरी पीठ पर हाथ फेरा, जैसे हौसला बढ़ा रही हों।
मैंने नेहा के स्तन को और जोर से मसलना शुरू किया। उसका निप्पल अब कड़क हो चुका था। नेहा हल्के-हल्के सिसकारियाँ भरने लगी, “उम्म्म्म… भैया…”
मम्मी ने धीरे से कहा, “नेहा बेटा, ठंड लग रही है ना? मम्मी और भैया गर्म कर देंगे।”
मैंने नेहा की नाइट सूट की स्ट्रिंग खोलनी शुरू की। धीरे-धीरे सूट को नीचे सरकाया। अब नेहा सिर्फ पैंटी और ब्रा में थी। उसकी गोरी जांघें और पतली कमर देखकर मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया।
मम्मी ने भी अपना नाइट सूट उतार दिया। उनकी भारी चूचियाँ और मोटी गांड अब सिर्फ ब्रा-पैंटी में थीं।
मैंने नेहा की ब्रा के हुक खोले और उसके टाइट स्तन आजाद कर दिए। क्या टाइट और गुलाबी निप्पल थे। मैंने एक निप्पल मुंह में ले लिया और धीरे-धीरे चूसने लगा। नेहा अब पूरी तरह जाग चुकी थी लेकिन विरोध नहीं कर रही थी।
शायद मम्मी की मौजूदगी से उसे हिम्मत मिल रही थी।
मम्मी ने नेहा के दूसरे स्तन को चूसना शुरू कर दिया। माँ और बेटी दोनों के स्तन एक साथ मैं और मम्मी चूस रहे थे।
नेहा की साँसें बहुत तेज हो गई थीं। वो बार-बार “आह्ह्ह… मम्मी… भैया…” कर रही थी।
मैंने अपना हाथ नेहा की पैंटी में डाल दिया। उसकी चूत पूरी तरह गीली हो चुकी थी। बहुत टाइट और गर्म। मैंने उंगली से हल्का-हल्का रगड़ना शुरू किया। नेहा की कमर खुद-ब-खुद हिलने लगी।
मम्मी ने मेरे कान में फुसफुसाया, “बेटा, बहुत धीरे कर… उसकी सील अभी टूटी नहीं है। पहले उसे अच्छे से गीला करो।”
मम्मी के शब्द सुनकर मैंने और धीरे से नेहा की चूत को उंगली से सहलाना शुरू किया। उसकी चूत से पानी निकल रहा था, पैंटी पूरी भीग चुकी थी।
मैंने पैंटी को धीरे से नीचे सरकाया। नेहा की चूत अब पूरी तरह नंगी थी। बहुत सुंदर, गुलाबी और टाइट। सिर्फ ऊपर हल्के-हल्के बाल थे। चूत की लकीर साफ दिख रही थी।
मैंने नेहा की जांघें थोड़ी फैलाईं और अपनी जीभ उसकी चूत पर रख दी। पहले तो सिर्फ ऊपर-नीचे जीभ फेरता रहा। नेहा का पूरा शरीर सिहर उठा। वो जोर से सिसकारने लगी, “आह्ह्ह्ह… भैया… क्या कर रहे हो… उफ्फ्फ… बहुत अच्छा लग रहा है…”
मम्मी ने मुस्कुराते हुए नेहा के बालों में हाथ फेरा और बोलीं, “बेटा, मजा आ रहा है ना? मम्मी और भैया मिलकर तेरी प्यास बुझा देंगे। डर मत।”
मम्मी ने खुद अपनी पैंटी उतार दी। उनकी चूत भी गीली हो चुकी थी। उन्होंने नेहा के एक स्तन को चूसते हुए अपना एक हाथ अपनी चूत में डाल लिया और उंगली करने लगीं।
मैं नेहा की चूत चाटते-चाटते अपनी जीभ अंदर डालने की कोशिश करने लगा। नेहा की चूत बहुत टाइट थी। जीभ मुश्किल से अंदर जा रही थी। लेकिन जितना अंदर जा रही थी, नेहा उतना ही तड़प रही थी।
उसके मुंह से लगातार “स्स्स्स… आह्ह्ह… हां… और करो भैया…” जैसी आवाजें निकल रही थीं।
करीब 15 मिनट तक मैं उसकी चूत चाटता रहा। नेहा का पानी मेरे मुंह पर बह रहा था। वो अब पूरी तरह मस्ती में आ चुकी थी। उसकी कमर खुद-ब-खुद ऊपर-नीचे हो रही थी।
मम्मी ने मुझे इशारा किया। मैंने अपना लंड निकाला। 7.5 इंच लंबा, मोटा और काला लंड पूरी तरह तना हुआ था। उसकी नोक पर पहले ही पानी टपक रहा था।
मैंने नेहा की जांघें अच्छे से फैलाईं और लंड की नोक को उसकी चूत पर रख दिया। नेहा ने नीचे देखा और घबरा गई। बोली, “भैया… ये बहुत बड़ा है… दर्द होगा ना…?”
मम्मी ने तुरंत नेहा को चूम लिया और बोलीं, “पहली बार थोड़ा दर्द होता है बेटा, लेकिन फिर बहुत मजा आएगा। मम्मी भी तेरे भैया से चुदवा चुकी हूँ। देख, मम्मी कितनी खुश है।”
मैंने बहुत धीरे से लंड दबाया। सिर्फ सिरा ही अंदर गया। नेहा ने जोर से आह भरी, “आआआह्ह्ह्ह… भैया… धीरे… बहुत टाइट है…”
मैं रुक गया। मम्मी ने नेहा के स्तनों को मसलते हुए उसे किस करना शुरू कर दिया। मैंने फिर हल्का झटका मारा। लंड का आधा हिस्सा नेहा की चूत में घुस गया। नेहा की आँखों में आंसू आ गए लेकिन वो अब विरोध नहीं कर रही थी।
मैंने मम्मी को देखा। मम्मी ने मुझे इशारा किया – अब पूरा कर दो। यह Antarvasna Desi Sex Story आप गरम कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
मैंने एक जोरदार झटका मारा। “धड़ाक” की आवाज के साथ मेरा पूरा मोटा लंड नेहा की सील वाली टाइट चूत में घुस गया। नेहा जोर से चीखी, “आआआह्ह्ह्ह्ह्ह… माँ… दर्द हो रहा है… निकालो भैया…”
उसकी चूत से हल्का खून निकल रहा था। मैंने लंड को अंदर ही रखा और नेहा को चूमने लगा। मम्मी भी नेहा के गाल, गर्दन और स्तन चूम रही थीं। धीरे-धीरे नेहा शांत हुई।
करीब 2-3 मिनट बाद मैंने बहुत धीरे-धीरे झटके मारने शुरू कर दिए। नेहा की चूत अब लंड को कसकर पकड़ रही थी। हर झटके के साथ नेहा की सिसकारियाँ बदल रही थीं।
“आह्ह्ह… भैया… अब दर्द कम हो रहा है… हां… और करो…”
मम्मी ने मुस्कुराते हुए कहा, “देखा बेटा, अब मजा आने लगा ना? अपनी बहन की चूत कैसी लग रही है विक्रम?”
मैं बोला, “बहुत टाइट मम्मी… जैसे कोई नई चूत हो… बहुत गर्म और चिकनी।”
मैं अब थोड़े तेज झटके मारने लगा। नेहा भी अब अपनी कमर हिलाने लगी थी। बिस्तर हल्का-हल्का हिल रहा था। बारिश की आवाज के साथ कमरे में चुदाई की आवाजें गूंज रही थीं – फच… फच… फच…
करीब 20 मिनट चोदने के बाद नेहा का शरीर अकड़ने लगा। वो पहली बार झड़ने वाली थी। उसने जोर से चीखते हुए कहा, “भैया… कुछ हो रहा है… आह्ह्ह्ह… मैं निकल रही हूँ…”
नेहा जोर से झड़ गई। उसकी चूत मेरे लंड को निचोड़ रही थी। मैंने भी और तेज झटके मारे।
मम्मी अब खुद को रोक नहीं पा रही थीं। उन्होंने कहा, “विक्रम, अब मुझे भी दे दो बेटा… मेरी चूत जल रही है।”
मैंने लंड नेहा की चूत से निकाला। नेहा अभी भी आँखें बंद किए साँसें ले रही थी। मैंने मम्मी को कुत्ते की स्टाइल में बैठाया और उनकी मोटी गांड पकड़कर लंड उनके चूत में ठोंक दिया।
“आआआह्ह्ह्ह… हां बेटा… जोर से चोद अपनी माँ को… फाड़ डाल मेरी चूत…”
मम्मी जोर-जोर से चिल्ला रही थीं। मैं मम्मी को तेज-तेज चोद रहा था। उनकी भारी चूचियाँ झूल रही थीं। नेहा आँखें खोलकर सब देख रही थी। उसकी आँखों में अब शर्म की जगह उत्सुकता और मस्ती थी।
मैंने मम्मी को 10 मिनट चोदा। फिर नेहा को फिर से अपनी तरफ खींचा और उसकी चूत में लंड डाल दिया। अब नेहा थोड़ी ढीली हो चुकी थी लेकिन फिर भी बहुत मजा आ रहा था।
मैं दोनों को बारी-बारी चोद रहा था। कभी मम्मी, कभी नेहा।
रात के 3 बजे तक हम तीनों पूरी तरह नंगे हो चुके थे। नेहा अब खुलकर बोल रही थी, “भैया, मुझे और चोदो… मेरी चूत अब तुम्हारी हो गई है…”
मम्मी ने नेहा को सिखाया, “बेटा, अब भैया का लंड चूस।”
नेहा ने शरमाते हुए मेरा लंड मुंह में लिया। पहले तो सिर्फ टॉप चूस रही थी, फिर धीरे-धीरे पूरा मुंह में लेने की कोशिश करने लगी। मम्मी ने उसके सिर को दबाकर मदद की।
दोनों माँ-बेटी अब बारी-बारी मेरा लंड चूस रही थीं। एक चूसती, दूसरी अंडे चाटती।
मैंने दोनों को 69 पोजीशन में लिटा दिया। मम्मी नेहा की चूत चाट रही थीं और नेहा मम्मी की। मैं उनके पीछे खड़ा था और बारी-बारी दोनों की चूत में लंड डाल रहा था।
कमरे में सिर्फ चूत चाटने की चट-चट की आवाजें और सिसकारियाँ गूंज रही थीं।
मम्मी और नेहा दोनों 69 पोजीशन में लेटी हुई थीं। मम्मी अपनी बेटी की अभी-अभी फटी चूत को चाट रही थीं और नेहा अपनी माँ की गीली-गीली चूत को अनाड़ी लेकिन उत्सुक तरीके से चूस रही थी।
मैं उनके पीछे खड़ा था। मेरे लंड पर दोनों की चूत का रस चमक रहा था। Family में हुई Mom Son Sister Brohter की First Time Sex वाली Group Chudai की Hindi Sex Stories आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे है।
मैंने पहले मम्मी की मोटी चूत में एक जोरदार झटका मारा। “फच्!” की आवाज के साथ पूरा लंड अंदर तक घुस गया। मम्मी ने मुंह से नेहा की चूत छोड़कर जोर से चिल्लाई, “हां बेटा… यही… जोर से… अपनी माँ की चूत फाड़ दो… आह्ह्ह्ह!”
नेहा नीचे से देख रही थी कि कैसे मेरा मोटा लंड मम्मी की चूत को निचोड़ रहा है। उसकी आँखों में अब शर्म नहीं, बल्कि भूख थी।
मैंने 8-10 जोरदार झटके मारे फिर लंड निकालकर नेहा की टाइट चूत में डाल दिया। नेहा की चूत अभी भी बहुत संकरी थी। लंड डालते ही वो तड़प गई, “आह्ह्ह भैया… अभी भी दर्द है… लेकिन मजा भी आ रहा है… और करो…”
मैं दोनों को बारी-बारी चोद रहा था। कभी मम्मी की भारी गांड पकड़कर पीछे से, कभी नेहा की पतली कमर पकड़कर। कमरे में बारिश की आवाज के साथ चुदाई की फच-फच, चट-चट और माँ-बेटी की सिसकारियाँ मिलकर एक अलग ही संगीत बना रही थीं।
करीब 40 मिनट बाद मम्मी पहले झड़ गईं। उनका पूरा शरीर काँप उठा। उन्होंने नेहा की चूत पर मुंह रखकर चीखते हुए कहा, “बेटा… मम्मी निकल गई… आह्ह्ह्ह… बहुत पानी निकला…”
मम्मी के झड़ते ही नेहा भी दूसरी बार झड़ गई। उसकी छोटी चूत मेरे लंड को जोर-जोर से निचोड़ रही थी। मैंने लंड निकालकर दोनों के मुंह के सामने रख दिया।
मम्मी और नेहा दोनों ने मिलकर मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया। एक ऊपर से, दूसरी नीचे से। उनकी जीभें मेरे लंड पर आपस में टकरा रही थीं।
मैं अब झड़ने वाला था। मैंने दोनों के बाल पकड़े और जोर से मुंह में धकेला। पहला झटका मम्मी के मुंह में गया। गाढ़ा-गाढ़ा माल उनके गले में उतर गया। बाकी नेहा के मुंह में डाला।
नेहा ने पहली बार इतना माल देखा तो चौंक गई लेकिन मम्मी ने कहा, “पी ले बेटा… भैया का पानी बहुत स्वादिष्ट होता है।”
दोनों ने मिलकर पूरा माल पिया और मेरे लंड को चाट-चाटकर साफ कर दिया।
हम तीनों थककर नंगे ही लेट गए। नेहा मेरी बाईं तरफ और मम्मी दाईं तरफ।
नेहा ने शरमाते हुए मेरी छाती पर सिर रख दिया और फुसफुसाई, “भैया… आज पहली बार चुदाई की… बहुत दर्द हुआ लेकिन अब बहुत अच्छा लग रहा है। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मम्मी भी… ये सब…”
मम्मी ने नेहा के गाल पर किस किया और बोलीं, “अब हम तीनों का राज है। पापा जब भी बाहर जाएंगे, हम खुलकर चुदाई करेंगे। लेकिन बाहर किसी को कुछ नहीं बताना।”
मैंने दोनों की गांड पर हाथ फेरते हुए कहा, “अभी तो सिर्फ शुरूआत है। नेहा, तेरी गांड भी चोदनी है। बहुत टाइट लग रही है।”
नेहा शर्मा गई और बोली, “भैया… वो तो बहुत छोटी है… दर्द होगा ना?” यह Antarvasana Chudai Ki Kahani & Hindi Sex Kahani आप गरम कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
मम्मी हँसीं और बोलीं, “धीरे-धीरे सिखा देंगे बेटा। पहले चूत का मजा लो, फिर गांड भी तुम्हारी हो जाएगी।”
रात के 5 बजे तक हम तीनों ऐसे ही लेटे रहे। बारिश अब थम चुकी थी। मैंने दोनों को फिर से चोदा – एक बार नेहा को missionary में, एक बार मम्मी को cowgirl में। नेहा अब खुलकर बोल रही थी, “भैया जोर से… मेरी चूत मारो… हां… यही… आह्ह्ह!”
सुबह 7 बजे हम तीनों नहाने गए। शावर के नीचे फिर से हल्की-हल्की चुदाई हुई। मैंने दोनों की चूत में उंगली की, दोनों ने मिलकर मेरा लंड साबुन लगाकर मल दिया।
नहाने के बाद हमने ब्रेकफास्ट किया। नेहा अब पहले से ज्यादा खुल गई थी। वो बार-बार मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा रही थी और मम्मी से पूछ रही थी, “मम्मी, भैया रोज चोदेंगे ना?”
मम्मी ने मुस्कुराते हुए कहा, “हां बेटा, जब भी मौका मिलेगा। लेकिन सावधानी से।”
दोस्तों, उस दिन के बाद हमारे घर में नया नियम बन गया। जब भी पापा टूर पर जाते, हम तीनों खुलकर चुदाई करते। नेहा अब पूरी तरह मेरी और मम्मी की सेक्स पार्टनर बन चुकी है।
वो खुद कहती है कि अब उसे मम्मी की चूत चाटना भी अच्छा लगता है।
मैंने नेहा की गांड भी चोदी – लेकिन वो अलग कहानी है। अभी तो हम तीनों रोज नई-नई पोजीशन ट्राई करते हैं। कभी किचन में, कभी बालकनी में बारिश में, कभी कार में।
माँ और बहन दोनों की चूत एक साथ चोदने का मजा सच में बेमिसाल है। उनकी चूतों की गर्मी, टाइटनेस और प्यार – सब अलग-अलग लेकिन एक साथ मिलकर लंड को स्वर्ग भेज देते हैं।
यह Family Sex की कहानी पढ़ने के बाद कमेंट में जरूर बताएं – कितना गर्म हुआ? नेहा की पहली चुदाई पसंद आई? Maa Beti का 69 सीन कैसा लगा?
धन्यवाद दोस्तों… आपका विक्रम
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