ट्यूशन वाली दीदी की प्यास बुझाई

Xxx Antarvasna की Sex story में पढ़िए क्या हुआ जब मेरी Tution वाली दीदी को मैने चॉकलेट खाने को बोला तो उन्होंने मेरे ही होठों पर लगे चॉकलेट को खाना शुरू कर दिया। 


हेलो Garamkahani के सभी दोस्तो, यह मेरी एक खास कहानी है जो मेरी ट्यूशन वाली दीदी की चुदाई की है।इसलिए बहुत ध्यान से पढ़िएगा। मेरा नाम हाशमी लायन है ।


मैं यूपी का रहने वाला लड़का हूँ । मैं देखने में अच्छा खासा हूँ और मेरे लंड का आकार अब 7 इंच है । मुझे Garamkahani.com पर कहानियां पढ़कर बहुत मज़ा आता है ।


 ये बात उस समय की है, जब मैं करीब 19 साल का था । उस टाइम हमारे पड़ोस में एक मस्त दीदी रहती थीं जो मुझे ट्यूशन पढ़ाती थी।


 उनका नाम कशिश था और उसके चेहरे पर सच में बहुत कशिश थी उनका पति जॉब करता था, जो सुबह जाता और सीधे रात को ही वापस आता था ।मेरी मादक दीदी की उम्र लगभग 30 साल की थी और उनका फिगर बड़ा ही मस्त था ।


 दीदी के बूब्स 36 इंच के थे, कमर 30 की थी और उनकी गांड तो इतनी बाहर को निकली हुई थी कि जो भी दीदी को एक बार देख ले, उसका लंड तुरंत खड़ा हो जाए ।


मैं जब भी दीदी को देखता, तो उनके नाम की मुठ जरूर मारता था। मेरे और दीदी के बीच बहुत बनती थी ।वो अक्सर मुझे कुछ न कुछ काम के लिए बोलती रहती थीं।


कभी कभी मैं उनको ताड़ने के लिए उनके घर ट्यूशन पढ़ने जल्दी चला जाता था।वो उस समय नहा रही होती तो दरवाज़ा खोलने सिर्फ तोलिया में आया करती थी। उनके अंदर से आती हुई मीठी महक मेरे दिमाग में बसी हुई थी।


 कभी कभी मैं सिर्फ उनको दिखाने के लिए सेक्सी रोमांटिक वाले स्टेटस वॉट्सएप पर लगाता तो वो उनको लाइक कर देती थी।


 एक दिन की बात है, उन्होंने मुझसे बोला- हाशमी, मुझे मार्किट जाना है तुम मुझे ले चलो। मैं बोला- हां क्यों नहीं दीदी , चलो ।


फिर उन्होंने बोला- रुको, मैं 5 मिनट में तैयार होकर आती हूँ। फिर 5 मिनट बाद उन्होंने मुझे आवाज दी- चलो मैं रेडी हूँ ।


 मैंने सोचा ‘दीदी आप तो आज रेडी हो, मगर मैं तो कबसे आपको चोदने के लिए रेडी हूँ ।’यह सोचता हुआ मैं बाहर आ गया और दीदी को देखने लगा । दीदी की बड़ी चूंची मस्त लग रही थीं ।


मुझे यूं घूरता हुआ देख कर दीदी मुस्कुराई और बोलीं- क्या हुआ? ऐसे क्या देख रहे हो, मुझमें कोई कमी दिख रही है क्या?


मैंने उन्हें देखा लेकिन ज़बान फिसल गई तो मैने जवाब दिया- दीदी आप में कोई कमी ही तो नहीं दिख रही है, यही तो समस्या है ।


मुझे फ्लर्ट करते देख कर दीदी हंस दीं और बोलीं- अब ये मसखरी छोड़ो और जल्दी चलो । वापस भी आना है ।दीदी मेरे करीब आई और मैंने उनको अपने पीछे बैठने का इशारा किया । दीदी गांड उचका कर सीट पर बैठ गईं ।


जैसे ही दीदी बैठीं, तो उन्होंने मेरे कंधे का सहारा लिया और बैठते समय उनका शरीर मेरी पीठ से रगड़ गया ।मुझे इतने में ही तरन्नुम आ गई थी । मैंने बाइक आगे बढ़ा दी ।


हम बाइक पे चल दिए । बाजार जाकर दीदी ने कुछ सामान लिया और एक शॉप से उन्होंने अपने बेटे के लिए चॉकलेट ले ली । बाज़ार में भीड़ बहुत थी और उस समय दीदी बहुत सेक्सी लग थी थी।


मैं भी मौका देखकर भीड़ का फायदा लेने लगा, दीदी कुछ सब्ज़ी लेने एक ठेले पर खड़ी हुई उस ठेले पर और भी काफी औरते खड़ी थी साथ ही हमारे पीछे बाज़ार भी तेज़ी से बढ़ता जा रहा था।


लोगों का आना जाना तेज़ होने लगा खासकर लड़कियां व औरतों ने बाज़ार ने अलग ही भीड़ लगादी थी, मैने अपनी दीदी के पीछे खड़े होकर लन्ड उनकी गांड़ पर दबाने लगा।


दीदी ने एक पल मुझे हैरानी से देखा फिर मेरे पीछे चलती हुई भीड़ देखी और मेरी आंखों से आंखे मिलकर एक नशीली मुस्कान देते हुए पलट गई। उन्होंने भी शायद सोचा होगा की मौका है तो फायदा लेने देती हूं।


जब उनकी तरफ से मुझे विरोध नहीं लगा तो मेरी हिम्मत बढ़ गई अब मैने जान कर उनकी गांड़ पर लन्ड दबाना चालू कर दिया, मैं मजे से लन्ड को उनके पीछे घिस रहा था।


मैने ध्यान दिया के उनकी सांसे तेज़ होती जा रही है, फिर मैने उनको धक्कों से बचाने का नाटक करते हुए उनकी कमर पर हाथ रख दिए एक हाथ मैने उनके कंधे पर रख दिया।


मुझे महसूस के दीदी भी अपनी गांड़ को मेरे लन्ड पर दबा रही है करीब 5 मिनट मैने इसे ही मज़ा लिया फिर दीदी ठेला छोड़ कर आगे चलदी गाड़ी मैने एक पार्किंग ने लगा दी थी।


हम दोनों एक साथ पैदल चल रहे थे, भीड़ भी अधिक बढ़ गई थी हम इतने करीब थे कि हवा निकलने की भी जगह नहीं थी, मैं अपनी कोहनी से उनकी चूंची सहलाने लगा।


उनकी चूंची बहुत टाइट हो रही थी, दीदी बार बार मेरे चेहरे को देखे जा रही थी। मैं जितनी बार उनको देखता तो हमारी आंखे मिल जाती तो वो तुरंत अपनी नज़रे हटा लेती।


फिर हम पास की एक बिल्डिंग में गए जहां दुकानें लगी थी वह 3 मंज़िल थी तो हमने ऊपर जाने के लिए लिफ्ट ली। लेकिन आज मेरा नसीब कुछ अलग ही था लिफ्ट मैं मोटी मोटी 7 आंटियों ने जगह को तंग कर दिया।


अब लिफ्ट में 8 चूत और 1 लन्ड था मैं और दीदी कोने में थे हमारे चेहरे एक दूसरे की तरफ थे बाकी सब आंटियों के चेहरे दूसरी तरह थे। मेरे दिमाग पर दीदी की खुशबू चढ़ने लगी।


उनकी चूंची मेरे सीने में बुरी तरह दब गई थी जिससे उनके मुंह से एक मीठी अआआह निकल गई। समझ नहीं आ रहा था हम दोनों के बीच उस लिफ्ट में ऐसा कैसे हुआ। 


पीछे वाली आंटी की तरफ से दबाओ कि वजह से दीदी मेरे करीब होती है, धीरे धीरे उनका चेहरा मेरे करीब आने लगा, हमारे होठों के बीच बस 2 इंच की दूरी बाकी थी, मगर दीदी का चेहरा मेरे करीब आने से रुक ही रही रहा था।


धीरे धीरे , धीरे धीरे दीदी की आंखे बंद हो गई इसे पल में एक लड़का और लड़की के बीच बस एक ही बात हो सकती है और वहीं हुआ मैंने हिम्मत कर के दीदी के होठों को चूम लिया मेरा लन्ड दीदी की चूत में पूरी तरह दब चुका था।


जब मैने दीदी के होठ को चूमा तो दीदी ने भी अपने होठों में मेरी होठ दबालिए, उनकी सांसे तेज़ हो गई थी वो मेरे मुंह में ही अपनी सांस छोड़ने लगी मुझे उनकी मीठी सांस अपनी हल्की मूंछ पर महसूस हुई। हम दोनों के बीच गर्मी बढ़ गई थी।


जैसे जैसे लिफ्ट अपनी मंज़िल पर पहुंची वैसे ही हमारे ऊपर सुरूर आ चुका था , तो हमने शॉपिंग का वही रोक दिया। फिर हम घर की ओर चल दिए ।


आधे रास्ते दीदी ने मुझसे एक सवाल पूछा- हाशमी, तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है या नहीं? मैंने बोला- दीदी आप ये क्यों पूछ रही हो?


दीदी ने बोला- शर्माने की कोई बात नहीं तुम मुझे बता सकते हो ।मैं मना किया कि मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है।


दीदी बोलीं- क्यों नहीं है? कोई मिली नहीं क्या? ये Antarvasna से भरी Tuition Teacher Sex Story आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे हो।


मैंने भी कहा- हां आप ऐसा ही समझ लो कि अभी तक मन की कोई मिली ही नहीं ।


दीदी बोलीं- कैसी चाहिए? मैं बोला- दीदी आप जैसी चाहिए मुझे अभी तक आप जैसी कोई मिली ही नहीं ।इस पर दीदी ने बोला कि “मुझमें ऐसा क्या ख़ास है?”


 मैं बोला- दीदी सब कुछ तो ख़ास है आपमें सच में भैया बहुत किस्मत वाले हैं, जो उनको आप जैसी वाइफ मिली है ।


फिर दीदी बोलीं- अच्छा जी लेकिन मुझे पहले ये तो बताओ कि मुझमें ऐसा क्या ख़ास दिखा है ये बताओगे जरा?


मैं बोला- छोड़ो दीदी आप नाराज़ हो जाओगी। दीदी ने जिद करते हुए कहा- नहीं बताओगे तो सच में नाराज़ हो जाऊंगी ?


 मैंने बोला- आपका फिगर आपका फेस सब कुछ मस्त है । उन्होंने बोला- अच्छा जी आपको मेरा फिगर मस्त लगता है ।


ये कहते हुए दीदी हंस दीं । अब तक हम दोनों घर पहुंच गए थे । फिर उन्होंने बोला- चलो जरा मेरा सामान अन्दर रखवा दो ।


मैं सामान अन्दर रखने गया । सामान रख कर मैं वापस निकल रहा था, तो दीदी ने बोला- लो चॉकलेट तो खा लो । मैंने बोला- ओके दीदी, लाओ दे दो ।फिर मैं बोला- दीदी, आप भी तो खा लो । तो वो अपनी 38 की गांड़ को मटकाती हुई मेरे पास को आईं ।


 दीदी ने चॉकलेट मेरे मुँह में रख कर अपने होंठों को मेरे होंठों से मिला दिया और चॉकलेट खाने लगीं ।उनके ऐसा करते ही मेरी तो सांस ही रुक गयी । मैं आज के दिन पर हैरान था, लेकिन बस चुपचाप उनका साथ दिए जा रहा था ।


 दीदी के गर्म होंठों से मुझे भी बहुत गर्मी चढ़ने लगी । फिर 5 मिनट बाद मैं भी उनको किस करने लगा । उसके बाद उन्होंने मेरा हाथ ले कर अपने चूचों पर रखा और ब्लाउज के ऊपर से ही दूध दबवाने लगीं ।


 कोई दस मिनट तक ऐसा ही चला, फिर दीदी की चूत चुदाई के लिए बेचैन होने लगी तो वो मुझसे अलग होते हुए बोलीं- चलो बेटे, रूम में चलते हैं ।


मैं दीदी के साथ उनके बेडरूम में आ गया । रूम में जाते ही मैंने रूम का गेट बंद किया और उनको किस करने लगा ।


फिर मैंने उनकी साड़ी उतार दी और ब्लाउज के ऊपर से उनकी चूचियों को दबाने लगा ।कुछ मिनट तक ऐसे ही करने के बाद मैंने दीदी का ब्लाउज और पेटीकोट खोल दिया । अब दीदी सिर्फ पिंक ब्रा और पैंटी में मेरे सामने रह गई थीं ।


मैंने दीदी को बिस्तर पर लेटा दिया और उनके ऊपर आ गया ।मैं उनको किस करते करते उनके बूब्स दबाने में लग गया । अब तक दीदी भी चुदास से भर गई थीं ।


 वे बिस्तर से उठीं और उन्होंने अपनी ब्रा और पेंटी खोल कर फेंक दी, इसके बाद दीदी ने मेरे भी सारे कपड़े खोल दिए ।


पूरी तरह से हम दोनों नंगे हो चुके थे । मेरा लंड छत की तरफ मुँह उठाए खड़ा था, दीदी बेड पर लेट कर बोलीं- आजा मेरे राजा , खा जा मेरी इस जवानी को ।


बस इतना सुनते ही मैं दीदी के ऊपर चढ़ गया और उनकी चूचियों को दबाने और चूसने में लग गया, दीदी मेरे बालों में हाथ फेरते हुए बोल रही थीं- आह चूस लो मेरे राजा , खा जा इनको ! आह और चूस ।


फिर मैं थोड़ा नीचे आकर उनके पेट पर किस करते हुए उनकी चूत तक पहुंच गया, पहले तो मैंने उनकी चूत के ऊपर किस किया और फिर उसके आस पास किस किया ।


उतने में दीदी सिसकारियां लेते हुए बोलीं- हाशमी अब इतना मत तड़पाओ चूस लो! खा जाओ मेरे चूत को !ये मुझे बहुत परेशान करती है साली को लंड ही नहीं मिलता । मैं ये सुनकर थोड़ा चौंका, फिर मैंने दीदी की चूत पे मुँह रख दिया ।


 दीदी की चुत पहले से ही गीली हो चुकी थी । ये Badi Didi/Bahan Ki Chudai Ki Kahani आप garamkahani.com पर पढ़ रहे हो। मैंने जैसे ही अपनी जीभ उनकी चूत पर लगाई, उन्होंने मेरा सर चूत में घुसा दिया ।


मैं भी उनकी चूत चाटने लगा । दीदी मादक सिसकारियां लेते हुए बोल रही थीं- उम्म्ह ,अहहहय !ओह हां ऐसे ही चूसो ! आह और तेज ! हां खा जाओ इसको हां और तेज । वो मेरा सर जोर से अन्दर डालने लगीं ।


फिर वो आराम आराम से झड़ गईं और मैं उनकी चूत का सारा पानी पी गया । बहुत मस्त टेस्ट था यार मज़ा आ गया । फिर दीदी खड़ी हुईं और मुझे बेड पर धक्का दे कर खुद घुटनों पर बैठ गईं । अब वो मेरा लंड चूसने लगीं ।


दीदी लंड चूसते हुए बोल रही थीं- मस्त लंड है तेरा हाशमी।तेरे भैया का तो इसका आधा भी नहीं है । उनको चुदाई में मन ही नहीं लगता है, आज तो तू मेरी चूत फाड़ ही देगा ।


बस दीदी लंड चूसने में मस्ती से लग गईं । दीदी मेरे लंड को ऐसे चूस रही थीं, जैसे कोई बच्चा लॉलीपॉप चूसता है ।कुछ मिनट तक लंड चूसने के बाद मैंने दीदी को बेड पर लेटा दिया और उनके पैरों को फैला दिया ।


 मैंने लंड को हिलाया और उनकी टांगों के बीच में आकर उनकी चूत पर रगड़ने लगा ।मेरी मस्तानी दीदी तो बिन पानी की मछली की तरह तड़पने लगी थीं ।


 वे सिसकारियां लेते हुए बोलीं- मेरे राजा और मत तड़पा अपनी दीदी को , जल्दी से डाल दो अपना लंड , अपनी दीदी की चूत के अन्दर पेल दे ।


 मैंने भी दीदी को ज्यादा तड़पाना ठीक न समझा और बस लंड को उनकी चूत के छेद पर रख कर एक धक्का लगा दिया ।इस पहले ही तगड़े धक्के से मेरा आधा लंड दीदी की चूत में अन्दर घुस गया ।


 तभी दीदी की जोर से चीख निकल गयी- उम्म्ह , अहह !हय , ओह !दीदी दर्द से तड़फते हुए बोलीं- आह हाशमी , बहुत मोटा है, मर गई , इसे जल्दी से बाहर निकालो आह इसको निकालो!


मैं दीदी के ऊपर पूरी तरह से छा गया और उनको किस करने लगा ।


उनके मम्मों को दबाने लगा थोड़ी देर बाद उनका दर्द कम हुआ, तो मैंने एक और जोरदार धक्का दे मारा! इस बार मेरा पूरा लंड अन्दर चला गया।


फिर मैं कुछ देर दीदी के ऊपर लेटा रहा, दीदी के सामान्य होने के बाद मैंने धक्के मारने शुरू कर दिए ।


अब दीदी भी नीचे से अपनी गांड उठा उठा कर चुदवा रही थीं और बोल रही थीं- आह और जोर चोद मुझको ! हां ऐसे ही , तेरा लंड मेरी चूत की पूरी खुदाई कर रहा है ! आह । यह सिलसिला 30 मिनट तक चला ।


उसके बाद मैंने बोला- दीदी मेरा आने वाला है, कहां निकालूं?दीदी बोलीं- मेरी चूत में ही झड़ जा, ये बहुत दिन से सूखी है, फिर 5-6 धक्कों के बाद मैं दीदी की चूत में ही झड़ गया और उनके ऊपर लेट गया ।


इसके बाद दीदी की चूत मुझे हमेशा ही चोदने के लिए मिलने लगी ।


आपको मेरी मस्तानी Didi Ki Chudai Ki Sex Story पसन्द आई या नहीं , प्लीज़ मुझे नीचे कॉमेंट और hashmilion5@gmail.com मेल जरूर करना । धन्यवाद

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