बहन की चूत शेव कर भाई ने घुसा दिया लंड!

 भाई-बहन की Secrete Antarvasna की शुरुआत :-


कहानी की शुरुआत होती है एक छोटे से शहर में, जहां एक सामान्य परिवार रहता था।


नाम था राकेश और उसकी छोटी बहन नेहा। राकेश 24 साल का जवान लड़का था, कॉलेज पूरा करके नौकरी की तलाश में था। 


नेहा 20 साल की थी, अभी कॉलेज में पढ़ रही थी। दोनों का रिश्ता बहुत करीबी था, बचपन से ही एक-दूसरे के राज़दार थे।


लेकिन पिछले कुछ महीनों से नेहा में कुछ बदलाव आया था। वो औरत बन रही थी, उसके शरीर में नई-नई उत्तेजना जाग रही थी। 


नेहा अक्सर अकेले में अपनी बॉडी को छूती, सोचती कि कोई लड़का उसके साथ हो तो कितना मजा आए। लेकिन घर में मां-बाप सख्त थे, बाहर किसी से अफेयर करने की हिम्मत नहीं थी।


 राकेश भी नेहा को देखकर अजीब सा महसूस करता था। उसकी बहन अब बड़ी हो गई थी, उसके कर्व्स, उसकी चाल, सब कुछ आकर्षक लगता था।


लेकिन वो अपना भाई था, सोचता कि ये गलत है।


 एक दिन घर में सब बाहर गए थे, मां-बाप किसी रिश्तेदार के यहां। नेहा घर में अकेली थी, बाथरूम में नहा रही थी। वो अपनी बॉडी को देख रही थी, आईने में।


 उसकी चूत पर हल्की-हल्की झांटें उग आई थीं, जो उसे चुभती थीं।


नेहा सोच रही थी, "कैसे साफ करूं ये? कोई लड़की दोस्त से पूछूंगी तो शर्म आएगी।" तभी दरवाजा खटखटाया।


 बाहर से राकेश की आवाज आई, "नेहा, मैं आ गया हूं। मां-बाप शाम को आएंगे।"


नेहा घबरा गई, जल्दी से टॉवल लपेटकर बाहर आई। लेकिन उसकी आंखों में कुछ था, जैसे कोई राज़


नेहा टॉवल में लिपटी हुई बाहर आई, उसके बाल गीले थे और चेहरे पर पानी की बूंदें चमक रही थीं। राकेश सोफे पर बैठा था, टीवी ऑन करके कुछ देख रहा था।


 नेहा को देखकर उसकी नजरें थोड़ी रुक गईं।


नेहा का टॉवल थोड़ा छोटा था, उसके क्लीवेज हल्के से दिख रहे थे, और पैरों पर पानी की बूंदें सरक रही थीं।


 राकेश ने सोचा, "कितनी हॉट लग रही है नेहा आज। लेकिन ये मेरी बहन है, कंट्रोल कर।"


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नेहा शर्मा गई, लेकिन अंदर से कुछ उत्तेजना महसूस कर रही थी। वो सोफे के पास बैठ गई, बोली, "भैया, तुम इतनी जल्दी आ गए? मैं नहा रही थी।" राकेश हंसा,


"हां, काम जल्दी खत्म हो गया। तू अकेली थी, सोचा साथ में टाइम स्पेंड करेंगे। क्या कर रही थी?" नेहा का दिल धड़क रहा था।


वो अपनी समस्या याद करके बोली, "भैया, एक बात पूछूं? तुम्हें लड़कियों के बारे में पता है ना?"


राकेश चौंका, "क्या मतलब? पूछ ना सीधे।" नेहा शर्माते हुए बोली, "वो... मेरी... प्राइवेट पार्ट्स में... झांटें उग आई हैं। बहुत चुभती हैं। कैसे साफ करूं? कोई क्रीम या तरीका बता ना।"


राकेश की आंखें फैल गईं। वो सोच रहा था, "बहन से ऐसी बात? लेकिन ये नॉर्मल है शायद।"


वो बोला, "अरे, ये तो कॉमन है। रेजर से साफ कर ले, या वैक्सिंग। लेकिन अकेले मत करना, चोट लग सकती है।"


नेहा ने उदास चेहरा बनाया, "भैया, मुझे डर लगता है। अगर तुम मदद कर दो तो?" राकेश स्तब्ध हो गया।


"मैं? तेरी झांटें साफ करूं? पागल है क्या नेहा?" लेकिन अंदर से उसकी बॉडी में गर्मी दौड़ने लगी।


नेहा ने आंखें झुका लीं, "प्लीज भैया, घर में कोई नहीं है। तुम मेरे सबसे क्लोज हो। सिर्फ मदद करो, कुछ गलत नहीं।"


राकेश का मन डोल गया। वो सोचा, "ये नेहा टॉवल में लिपटी हुई बाहर आई, उसके बाल गीले थे और चेहरे पर पानी की बूंदें चमक रही थीं।


राकेश सोफे पर बैठा था, टीवी ऑन करके कुछ देख रहा था। नेहा को देखकर उसकी नजरें थोड़ी रुक गईं।


नेहा का टॉवल थोड़ा छोटा था, उसके क्लीवेज हल्के से दिख रहे थे, और पैरों पर पानी की बूंदें सरक रही थीं।


राकेश ने सोचा, "कितनी हॉट लग रही है नेहा आज। लेकिन ये मेरी बहन है, कंट्रोल कर।" नेहा शर्मा गई, लेकिन अंदर से कुछ उत्तेजना महसूस कर रही थी।


वो सोफे के पास बैठ गई, बोली, "भैया, तुम इतनी जल्दी आ गए? मैं नहा रही थी।"


राकेश हंसा, "हां, काम जल्दी खत्म हो गया। तू अकेली थी, सोचा साथ में टाइम स्पेंड करेंगे। क्या कर रही थी?" नेहा का दिल धड़क रहा था। वो अपनी समस्या याद करके बोली,


"भैया, एक बात पूछूं? तुम्हें लड़कियों के बारे में पता है ना?" राकेश चौंका, "क्या मतलब? पूछ ना सीधे।"


नेहा शर्माते हुए बोली, "वो... मेरी... प्राइवेट पार्ट्स में... झांटें उग आई हैं। बहुत चुभती हैं। कैसे साफ करूं? कोई क्रीम या तरीका बता ना।"


राकेश की आंखें फैल गईं। वो सोच रहा था, "बहन से ऐसी बात? लेकिन ये नॉर्मल है शायद।"


वो बोला, "अरे, ये तो कॉमन है। रेजर से साफ कर ले, या वैक्सिंग। लेकिन अकेले मत करना, चोट लग सकती है।"


नेहा ने उदास चेहरा बनाया, "भैया, मुझे डर लगता है। अगर तुम मदद कर दो तो?" राकेश स्तब्ध हो गया। 


"मैं? तेरी झांटें साफ करूं? पागल है क्या नेहा?" लेकिन अंदर से उसकी बॉडी में गर्मी दौड़ने लगी।


नेहा ने आंखें झुका लीं, "प्लीज भैया, घर में कोई नहीं है। तुम मेरे सबसे क्लोज हो। सिर्फ मदद करो, कुछ गलत नहीं।"


राकेश का मन डोल गया। वो सोचा, "ये राकेश का मन डोल गया। वो सोचा, "ये गलत है, लेकिन नेहा इतनी मासूम लग रही है। मदद तो कर ही सकता हूं, बस कंट्रोल रखूंगा।"


वो बोला, "ठीक है नेहा, लेकिन सिर्फ मदद। कुछ ज्यादा नहीं। चल, बेडरूम में चलते हैं।" नेहा का चेहरा खिल गया, वो राकेश का हाथ पकड़कर बेडरूम में चली गई।


कमरे में एसी चल रहा था, हल्की ठंडी हवा से नेहा का टॉवल थोड़ा सरक गया।


राकेश ने देखा, नेहा की जांघें चिकनी थीं, और टॉवल के नीचे उसकी चूत की आउटलाइन हल्की सी नजर आ रही थी।


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 नेहा बेड पर लेट गई, बोली, "भैया, रेजर लाओ। और क्रीम भी, जो शेविंग वाली।"


 राकेश बाथरूम से सामान लेकर आया। उसका दिल तेज धड़क रहा था, लंड में हल्की सी हलचल हो रही थी। नेहा ने टॉवल ऊपर सरकाया, अपनी चूत को एक्सपोज कर दिया।


राकेश की नजरें वहां टिक गईं – नेहा की चूत गुलाबी थी, हल्की-हल्की झांटें काली-काली चमक रही थीं। नेहा शर्म से लाल हो गई, बोली, "भैया, जल्दी करो ना। शर्म आ रही है।"


राकेश ने क्रीम लगाई, अपने हाथों से नेहा की चूत पर मसाज करने लगा। नेहा की सांसें तेज हो गईं, वो आंखें बंद करके लेटी थी।


 राकेश के हाथ चूत की झांटों पर घूम रहे थे, कभी-कभी उसकी उंगली नेहा की क्लिट को छू जाती।


नेहा राकेश के हाथ चूत की झांटों पर घूम रहे थे, कभी-कभी उसकी उंगली नेहा की क्लिट को छू जाती।


नेहा की बॉडी में करंट दौड़ गई, वो हल्के से सिसकारी, "आह्ह... भैया, वो जगह... उफ्फ... कितनी सेंसिटिव है।"


 राकेश का लंड अब टाइट हो रहा था पैंट में, वो कंट्रोल करने की कोशिश कर रहा था।


वो बोला, "नेहा, रिलैक्स। मैं धीरे-धीरे रेजर चलाता हूं।" उसने रेजर लिया और नेहा की चूत की झांटें साफ करने लगा।


हर स्ट्रोक के साथ नेहा की चूत चिकनी होती जा रही थी, गुलाबी होंठ अब क्लियर दिख रहे थे। न


हा की सांसें तेज, वो जांघें थोड़ी फैला रही थी, "ओह भैया... ये फीलिंग... अजीब सी अच्छी लग रही है। क्या ये नॉर्मल है?"


राकेश की उंगलियां अब चूत के होंठों को छू रही थीं, वो जानबूझकर थोड़ा मसाज कर रहा था।


नेहा की चूत से हल्का सा पानी निकलने लगा, वो गीली हो रही थी। "नेहा, तेरी चूत कितनी सॉफ्ट है... मतलब, झांटें


राकेश की उंगलियां अब चूत के होंठों को छू रही थीं, वो जानबूझकर थोड़ा मसाज कर रहा था। नेहा की चूत से हल्का सा पानी निकलने लगा, वो गीली हो रही थी।


"नेहा, तेरी चूत कितनी सॉफ्ट है... मतलब, झांटें साफ करने से अब कितनी क्लीन लग रही है। देख, बिल्कुल चिकनी हो गई।"


राकेश ने रेजर रख दिया, अब अपनी उंगलियों से नेहा की चूत को सहला रहा था।


नेहा की आंखें बंद थीं, वो सिसकार रही थी,


"आह्ह... भैया, ये क्या कर रहे हो? झांटें तो साफ हो गईं... लेकिन ये फीलिंग... उफ्फ... मेरी चूत में इतनी गर्मी क्यों हो रही है? ओह्ह... मत छुओ वहां... आह्ह!"


नेहा की जांघें कांप रही थीं, उसकी चूत अब पूरी तरह गीली थी, राकेश की उंगली उसके छेद पर फिसल रही थी।


राकेश का लंड अब पैंट में फुल टाइट हो गया था, वो नेहा की चूत देखकर पागल हो रहा था।


"नेहा, तू इतनी हॉट है... तेरी ये वर्जिन चूत... कितनी टाइट लग रही है। क्या कभी किसी ने छुआ है?"


नेहा ने ना में सिर हिलाया, शर्म से बोली,


"नहीं भैया... ये पहली बार है... लेकिन तुम्हारे हाथ... ओह गॉड... इतने अच्छे लग रहे हैं। प्लीज, थोड़ा और... आह्ह... हां, वहां... क्लिट पर... रगड़ो ना!"


नेहा अब खुद अपनी जांघें फैला रही थी, उसकी बॉडी में सेक्स की आग जल रही थी।


राकेश ने अपनी एक उंगली नेहा की चूत में धीरे से डाली, नेहा चीख पड़ी,


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"आआह्ह... भैया! दर्द हो रहा है... लेकिन मजा भी... उफ्फ... धीरे... ओह्ह... yes, भैया... फिंगरिंग करो मेरी चूत में!"


राकेश अब तेजी से उंगली अंदर-बाहर करने लगा, नेहा की चूत चट


राकेश अब तेजी से उंगली अंदर-बाहर करने लगा, नेहा की चूत चटकने वाली गीली हो गई थी, हर थ्रस्ट के साथ चप-चप की आवाज आ रही थी।


नेहा पागल सी हो रही थी, उसकी बॉडी कांप रही थी,


"ओह्ह भैया... आह्ह... फास्टर... मेरी चूत में इतनी खुजली है... उफ्फ... yes, फिंगर फक मी... आआह्ह!" नेहा की चूत से रस बह रहा था, राकेश की उंगली पूरी तरह भीग गई थी।


वो नेहा के ऊपर झुक गया, उसकी चूचियां दबाने लगा,


"नेहा, तेरी ये टाइट चूत... कितनी स्वीट है... अब मैं इसे चाटूंगा, तेरी झांटें साफ करने के बाद अब टेस्ट करूंगा।"


नेहा ने सिर हिलाया, "हां भैया... चाटो मेरी चूत को... lick it... ओह गॉड... मैं कंट्रोल नहीं कर पा रही!" राकेश नीचे सरका, अपनी जीभ नेहा की चूत पर लगाई। 


नेहा की बॉडी में झुरझुरी दौड़ गई, वो चीखी, "आआआह्ह... भैया! जीभ... उफ्फ... कितनी गर्म... हां, क्लिट को चूसो... स्लर्प... ओह्ह... yes, चूत चाटो मेरी... dirty brother...


आह्ह!" राकेश जीभ से नेहा की चूत चाट रहा था, उसके होंठों को चूस रहा था, नेहा की जांघें उसके सिर को दबा रही थीं।


नेहा का पहला ऑर्गेजम आ रहा था, वो बोली,


 "भैया... कुछ हो रहा है... मेरी चूत फटने वाली है... आआह्ह... कमिंग... ओह्ह फक!" नेहा की चूत से पानी का फव्वारा निकला, राकेश का मुंह भीग गया।


वो हांफ रही थी, "भैया... ये क्या था? इतना मजा... उफ्फ!" राकेश अब अपना पैंट उतार रहा था, उसका लंड बाहर आया – मोटा, लंबा, नसों से भरा हुआ।


नेहा की आंखें फैल गईं, "वाह भैया... तेरा लंड कितना बड़ा है... मेरी चूत में फिट होगा? प्लीज, डालो ना... मैं तैयार हूं... चोदो मुझे... break my seal!"


आगे की कहानी जल्द ही... 

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