पड़ोसी भाभी कि चुत चुदाई उसके पति के सामने

हेलो दोस्तों कैसे है आप सभी? मैं रोहन एक बार फिर से लेकर आया हूं एक दम नई, सेक्स और हवस से भरपूर कहानी। तो इस कहानी को पढ़ कर भाभी और लड़कियां अपनी चूत में उंगली, और लड़के मुठ मारे बिना नहीं रह पायेंगे। तो अब मैं सीधा कहानी पर आता हूं।


दोस्तों मेरा नाम रोहन है, और मैं जयपुर का रहने वाला हूं। मेरी उम्र 28 साल और कद काठी से काफी हेंडसम हूं। मेरा लंड 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है, जो कि चूत का दम निकालने के लिए काफी है। तो दोस्तों ये कहानी है मेरे पड़ोस में रहने वाली रश्मि भाभी की। कैसे मैंने उनको पटा कर उनके पति के सामने ही उनकी जबरदस्त चुदाई की।


तो दोस्तों ये बात आज से 3 महीने पहले की है। मेरी मोबाइल और कॉपी किताब की शॉप है। एक दिन मैं शॉप पर बैठा था, तो मेरी शॉप पर एक भाभी आयी, और मैं उनको देखता रह गया। उन्होंने बड़े गले की गुलाबी कुर्ती और एक दम से टाईट सफेद पजामी पहनी थी।





भाभी का रंग एक दम गोरा था, माथे पर छोटी सी बिंदी गुलाबी रंग की, और लिपिस्टिक लगा रखी थी, और बूब्स तो इतने बड़े थे, कि कुर्ती से बाहर आने को तैयार थे। क्या बताऊं भाभी की गांड एक दम मस्त भरी हुई थी। भाभी एक दम से अप्सरा लग रही थी। उनको देख कर मेरा लंड एक दम से खड़ा हो गया, और मेरे दिल की धड़कन बढ़ गयी।


रश्मि भाभी मेरी शॉप पर अपने बच्चे के लिए बुक लेने आए थी, जो मेरे पास नहीं थी। मैंने भाभी से कहा कि, “भाभी बुक्स की फ़ोटो मेरे नंबर पर सेंड कर दो, मैं बाजार से मंगवा दूंगा”। फिर भाभी ने मेरे नंबर पर फ़ोटो सेंड कर दी।


अब मैं रोज भाभी को गुड मॉर्निंग और गॉड नाईट के मैसेज भेजने लगा। एक दिन मैं बाजार से आ रहा था, तो मैंने देखा कि भाभी खड़ी थी। उस दिन उसने काले रंग की साड़ी पहन रखी थी। मैंने अपनी बाइक रोकी और कहा, “क्या हुआ भाभी, चलो मैं छोड़ देता हूं”। पहले तो उन्होंने मना किया, लेकिन बाद में वो मान गयी। रास्ते में रोड काफी खराब थी, तो उन्होंने अपना एक हाथ मेरी जांघ पर रख दिया। मेरा लंड एक-दम से खड़ा हो गया, और मेरी हालत खराब हो गयी।


थोड़ी देर चलने के बाद काफी जोर से बारिश होने लगी, और हम दोनों एक पेड़ के नीचे रुक गए। रश्मि भाभी के सारे कपड़े भीग गए थे। वो मेरे आगे खड़ी थी, और साड़ी भीगने के कारण उनके बदन से एक-दम चिपक गयी थी, जिस कारण उनकी लाल ब्रा बिल्कुल साफ दिख रही थी।


मेरा लंड एक दम से टाइड था, और भाभी और पीछे खिसक रही थी, जिस कारण मेरा लंड उनकी गांड को टच कर रहा था, और मेरी हालत और खराब हो रही थी। जब मुझसे रहा नहीं गया मैंने दोनों हाथ से रश्मि की कमर को पकड़ा और उसके चिकने पेट को पकड़ कर अपने से चिपका लिया।


भाभी एक दम से चिल्ला पड़ी कि, “ये क्या कर रहे हो?” मैं डर गया और बोला, “भाभी मैं तो आपको पीछे कर रहा था, जिससे तुम भीगो ना”। वो बोली, “ठीक है”। फिर वो मुझसे चिपक कर खड़ी हो गयी, और मेरी तरफ मुंह कर लिया। अब उनके बूब्स मेरे सीने से एक-दम चिपक गए, और उनके बूब्स के बीच की नली मुझे एक-दम साफ दिख रही थी।


थोड़ी देर बाद बारिश रुकी और मैंने उनको घर छोड़ दिया, और मैं अपने घर आ गया। आज मैंने भाभी के फिगर को पूरा नाप लिया। उनके बूब्स 36″, कमर 30″, और गांड 40” की थी। मैंने उस दिन रश्मि भाभी की याद में 3 बार मुठ मारी। अगले दिन भाभी मेरी शॉप पर आई और उस दिन उन्होंने मुझे एक अलग नजरिये से देखा।


अब हम दोनों फ़ोन पर काफी बात करने लगे। उन्होंने मुझे बताया कि उनके पति आर्मी में थे, और काफी दिनों में घर आते थे। धीरे-धीरे हमारी दोस्ती हो गयी। भाभी मुझे सिर्फ अपना दोस्त मानती थी, लेकिन मैं तो उनकी चूत और गांड का दीवाना था।


एक बार मेरा बर्थडे था। रश्मि का फ़ोन आया और मुझे विश किया, और मुझसे बोली कि, “बताओ क्या गिफ्ट लोगे? जो कहोगे वो दूंगी”। मैंने कहा, “रश्मि अभी नहीं, टाइम आने पर मैं खुद मांग लूंगा”। रश्मि नहीं मानी तो मैंने कहा, “कोई बात नहीं भाभी, फिर कभी”।


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एक दिन रश्मि ने मुझे कॉल की और मुझसे बोली कि, “मेरे साथ मार्केट तक चलो”। मैं थोड़ी देर में उसके घर चला गया। उस दिन उसने लाल रंग का गाउन पहन रखा था, जिसमे वो बहुत ज्यादा सेक्सी लग रही थी। मेरा लंड तो रश्मि को देख कर खड़ा हो जाता था। रश्मि मुझे अपने बेडरूम में ले गयी। आज मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ। मैंने कहा, “रश्मि तुम मुझे मेरी बर्थडे पर गिफ्ट दे रही थी”। तो रश्मि बोली, “हां बताओ क्या गिफ्ट दूं”? मैंने कहा, “अपनी आंखें बंद करो”।


रश्मि ने आंखे बंद करी और मैंने अपने बैग में से गुलाबी रंग की ब्रा पेंटी निकाल कर उसके हाथ मे रख दी। रश्मि ने अपनी आंखें खोली तो अपने हाथ में ब्रा पेंटी देख कर चौक गयी और बोली, “रोहन ये क्या है”? मैंने कहा, “यही मेरा गिफ्ट है”। तो रश्मि बोली, “मतलब”? मैंने कहा, “रश्मि, एक बार मुझे ये पहन कर दिखा दो”। रश्मि मना करने। मैंने कहा, “रश्मि यही मेरा गिफ्ट है, बस एक बार पहन कर दिखा दो”।


तो रश्मि बोली,‌ “ओके”। वो बाथरूम में गयी और गुलाबी रंग की ब्रा-पेंटी पहन कर आ गयी। क्या बताऊं आपको कितनी ज्यादा सेक्सी लग रही थी। उसका चिकना पेट और उसकी नाभि के पास का तिल उसकी नाभि को और ज्यादा खूबसूरत बना रहा था। एक दम गोरा बदन, उस पर गुलाबी रंग की पेंटी-ब्रा। वो मुझसे नज़रे नहीं मिला पा रही थी। रश्मि मेरे सामने खड़ी थी नज़रे झुका कर। मैं उठा, और उसके सामने घुटनों के बल बैठ गया, और उसकी चिकनी कमर को पकड़ कर एक किस उसकी नाभि पर कर दिया।


रश्मि कुछ नहीं बोली। मेरी हिम्मत और बढ़ गयी। मैंने रश्मि के चेहरे को ऊपर करा, और उसके होठों पर अपने होंठ रख दिए। रश्मि बोली, “ये क्या कर रहे हो”? मैंने कहा, “रश्मि, जब से तुमको देखा है, तुमसे प्यार हो गया है। अब तुम्हारे बिना नहीं रह सकता हूं”। तो रश्मि बोली कि, “तुमको पता है ना मेरी शादी हो गयी है? और ये सब गलत है”? मैंने कहा कि, “रश्मि मुझे पता कि तुम्हारे पति बाहर रहते है, और तड़पती तो तुम भी होगी”।


तो रश्मि बोली कि, “ये सब ठीक नहीं है, और तुम जाओ यहां से, और मुझसे कभी बात मत करना”। और उसने अपनी नाइटी पहन ली। मैंने कहा, “रश्मि सिर्फ एक बार। अगर तुमको अच्छा ना लगे तो नहीं करेंगे”। रश्मि ने ब्रा और पेंटी भी उतार दी। मैं वहां से आ गया। काफी दिनों तक रश्मि की कोई कॉल और मैसेज नहीं आया।


फिर एक दिन रश्मि मेरी शॉप पर आई। मैंने उससे नज़रें नहीं मिलाई। झुकी नज़रों से मैंने रश्मि को सॉरी बोल दिया, तो रश्मि बोली कि, “कोई बात नहीं। रोहन तुम मुझसे नाराज़ तो नहीं हो”? मैं कुछ नहीं बोला।


अगले दिन शाम को रश्मि की कॉल आयी और बोली कि, “मेरे घर आ जाओ थोड़ी देर में”। मैं उसके घर गया तो उसने काले रंग का गाउन पहन रखा था। बाल खुले हुए और लाल रंग की लिपिस्टिक लगा रखी थी। मैंने कहा, “रश्मि बोलो क्या काम है”? तो रश्मि बोली कि, “अंदर तो आओ”। मैं अंदर गया तो देखा कि उसका पति घर आया हुआ था, और ड्रिंक कर रहा था, और उसको अपना होश नहीं था।


रश्मि मुझसे बोली, “रोहन मुझे माफ़ कर दो। उस दिन मैंने तुमको बहुत बुरा कहा”। फिर वो मुझसे लिपट गयी और बोली, “आज तुम जो करना चाहो, वो कर लो”। मैंने रश्मि से कहा कि, “क्या हुआ, जो तुम ये सब कर रही हो”? रश्मि बोली कि उसके पति का कहीं और चक्कर चल रहा था। इसलिए अपने पति को सबक सिखाने के लिए वो ये सब करेगी।


इतना कह कर वो मुझे लिप किस करने लगी, और मैं भी करने लगा। मैं उसकी गांड को दबाने लगा। उधर उसका पति ड्रिंक करता रहा और उसके सामने मैं उसकी पत्नी को चोदने की तैयारी कर रहा था। फिर मैंने रश्मि को बोला कि वो अपनी काली वाली साड़ी पहन कर आये और मुझे थोड़ा सरसो का तेल देदे। उसने मुझे तेल दिया और वो साड़ी पहनने चली गयी। मैंने अपने लंड की तेल से अच्छे से मालिश की।


थोड़ी देर में रश्मि साड़ी पहन कर आई। मैं उसको देखता रह गया। मैंने उसकी कमर में हाथ डाल कर उसको अपने से कस कर चिपका लिया, और पागलों की तरह उसको किस करने लगा। रश्मि भी मेरे बालों को नोचने लगी। मैंने उसको दीवार के सहारे खड़ा किया और उसके चिकने पेट पर किस करने लगा। रश्मि जोर-जोर से सिसकियां लेने लगी।


फिर मैंने उसकी साड़ी ऊपर की, और पेंटी के ऊपर से ही उसकी नरम चूत को सहलाने लगा। उसकी चूत एक दम से गीली थी। फिर मैंने उसकी पैंटी को एक साइड किया, और उसकी चिकनी गुलाबी चूत को चाटने लगा। कुछ देर चूत चाटने के बाद मैंने रश्मि को बेड पर लिटा दिया और धीरे-धीरे उसकी साड़ी को ऊपर करते हुए उसकी चिकनी टांगों को किस करने लगा।


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जब उसकी चूत के पास आया तो रश्मि बोली कि, “रोहन बस अब और नहीं, मैं नहीं कर पाउंगी”। मैंने कहा, “रश्मि क्या हुआ? तुमने ही तो खुद बोला था”। तो रश्मि बोली कि, “नहीं”। इधर उसको इस हालत में देख कर मेरे लंड का बुरा हाल था। मैंने कहा, “नहीं रश्मि, अब मेरा लंड तेरी चूत में जाकर ही शांत होगा”। रश्मि बोली, “कैसी बात कर रहे हो? मैं नहीं कर सकती”।


मैंने कहा, “साली जब अपनी चूत नहीं मरवानी थी, तो मेरे लंड में आग क्यूं लगाई”? तो रश्मि बोली कि, “वो मुझे नहीं पता, बस तुम जाओ यहां से”। मैंने कहा, “मैं आज तेरी चूत में अपना लंड डाले बिना नहीं जाऊंगा”। और इतना कह कर मैंने रश्मि को बैड पर गिरा दिया और उसका पति वहीं शराब पी रहा था। फिर मैंने अपने कपड़े उतारे, और मैं सिर्फ अंडरवियर में उसके सामने था, और मैं उसके ऊपर लेट गया।


रश्मि मुझे कहने लगी, “रोहन मान जाओ, मत करो”। मैंने कहा, “साली चुप हो”। और फिर मैंने उसकी साड़ी का पल्लू हटाया और उसके ब्लाउज़ के हुक खोल दिये। अब वो अपने बूब्स को हाथों से छुपाने लगी। फिर मैंने उसको उल्टा लिटाया, और उसकी ब्रा खोल कर उसकी चिकनी कमर को किस करने लगा। थोड़ी देर में वो भी गर्म हो गयी, लेकिन चुदने को मना करती रही।


फिर मैंने उसको सीधा लिटाया, उसकी साड़ी ऊपर की, और अपना लंड बाहर निकाला जो रश्मि भाभी की चूत में जाने को तड़प रहा था। अब उसकी चिकनी जांघो पर लंड को फिराना शुरू किया। बहुत मज़ा आ रहा था उसकी चिकनी टांगो पर अपना लैंड फिराते हुए। फिर मैंने एक झटके में उसकी पैंटी नीचे की और उसकी गुलाबी चिकनी चूत एक-दम गर्म थी। उसके मादरचोद पति के सामने मैं उसकी पत्नी को चोदने जा रहा था, और उसे घंटा फर्क नहीं था।


फिर मैंने अपने लंड से उसकी चूत को रगड़ा। वो तड़प उठी, लेकिन चुदने को तैयार नहीं हुई। बार-बार यहीं बोल रही रोहन मुझे छोड़ दो। अब मैंने अपने लंड पर थूक लगाया, और उसकी चूत में लंड लगा कर एक जोरदार धक्का मारा। मेरे लंड का टॉप उसकी चूत को चीरते हुए उसकी चूत में घुस गया। मुझे ऐसा लगा जैसे उसकी चूत पहली बार चुद रही हो।


रश्मि की बहुत जोर से चीख निकल गयी और बोली, “इसको बाहर निकालो, मेरी जान लोगे क्या”? मैंने कहा, “जान तेरा पति तेरी चूत नहीं मारता क्या”? वो कुछ नहीं बोली। थोड़ी देर में मैंने एक जोरदार धक्का और मारा, और मेरा आधा लंड रश्मि की चूत में घुस गया। अब मैं धीरे-धीरे अपना लंड अंदर-बाहर करने लगा। मेरा लंड रश्मि की चूत में जा रहा था। रश्मि की चूत बहुत टाइट थी।


अब मैंने एक धक्का और मारा, और अपने होंठो से उसको लिप किस करने लगा, और मेरा लंड रश्मि की चूत को फाड़ते हुए उसमें समा गया। लंड रश्मि की बच्चेदानी पर चोट मारने लगा। रश्मि बार-बार यही बोल रही थी, “ये क्या किया तुमने रोहन”? इधर मैं फूल मस्ती में रश्मि की चुदाई कर रहा था। फिर रश्मि के बूब्स के गुलाबी निपप्लस को चूसने लगा।


लगभग 30 मिनट तक मैंने रश्मि को जबरदस्त चोदा और अपने लंड का माल उसकी चूत में ही निकाल दिया। रश्मि बिल्कुल निढाल सी हो गयी। मैं उसकी चूत में लंड डाले रहा जब तक मेरा लंड ढीला नहीं हो गया। थोड़ी देर बाद मैंने रश्मि के माथे पर किस की तो उसने मुझे अपने से कस के चिपका लिया और बोली, “आज तुमने मेरी आग मिटा दी। मैं कब से तड़प रही थी। तुमसे चुद कर बहुत अच्छा लगा। मेरा मादरचोद पति तो कुछ नहीं करता। ना उसका लंड तुम्हारे जैसा है”।


वो खड़ी हुई और मुझसे बोली, “रोहन आज तुम जम कर मेरी चूत मारो इस बहनचोद के सामने। फिर मैंने रश्मि को पकड़ा और किस शुरू कर दिए। उस रात मैंने रश्मि के चुत को इतना चोदा कि अगले दिन वो सुबह उठ भी नहीं पायी, और ना सही से चल पा रही थी ।


तो दोस्तों कैसे लगी रश्मि भाभी की चुदाई की कहानी?


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