मेरी दुकान वाली शादीशुदा नीलिमा की चूत की प्यास बुझाई!
Antarvasna : दुकान पर काम करने वाली शादीशुदा नीलिमा की 4 साल सूखी चूत को रवि ने दुकान और होटल में खूब चोदा। लंड चुसवाया, चूत चाटी और जोरदार पेलकर उसकी Antarvasna पूरी की।
कैसे हो मेरे प्यारे पाठकों! मैं फिर से हाज़िर हूँ आपकी खिदमत में और लेकर आया हूँ एक और वासना को भड़काने वाला गर्मागर्म किस्सा।
ये कहानी है लखनऊ शहर के रवि की। जानिए कैसे उसने अपने यहाँ काम करने वाली शादीशुदा लड़की नीलिमा की चुदाई की और उसकी चार साल से सूखी पड़ी चूत की प्यास बुझाई।
रवि का रंग गोरा-चिट्टा और कद पाँच फीट तीन इंच था। वो देखने में काफी अच्छा-खासा था। ये desi girl sex story साल 2018 की है। उस समय उसकी दुकान पर एक लड़की काम करती थी, उसका नाम नीलिमा था।
वह शादीशुदा लड़की थी और दिखने में कुछ खास तो नहीं थी, मगर रवि के मुताबिक जब-जब उसकी नज़र नीलिमा पर पड़ती, उसका लंड तुरंत खड़ा हो जाता था।
उसकी छाती 32 इंच की थी, लेकिन उसकी गांड़ और पेट 38 इंच से भी बड़े और मोटे थे। वह हर समय सलवार सूट पहनती थी। नीलिमा काफी गरीब थी, मगर उसके कपड़े हमेशा साफ-सुथरे और अच्छे से इस्त्री किए हुए लगते थे।
उसकी भारी चूँचियाँ उन कपड़ों से हमेशा बाहर निकलने को बेताब रहती थीं। नीलिमा का एक बेटा भी था। वह एक छोटा-सा कमरा किराए पर लेकर रहती थी।
क्योंकि रवि अपनी पढ़ाई पूरी करके नौकरी ढूँढने की कोशिश कर रहा था, इसलिए वो घर की शॉप पर बैठा रहता था जब तक काम नहीं मिल जाता। इस तरह लगभग पाँच महीने गुजर गए।
रवि का शुरू में नीलिमा को गंदी नज़र से देखने का कोई इरादा नहीं था, मगर जब आपके आसपास कोई ऐसी अप्सरा घूम रही हो तो कोई कैसे बच पाए। उसकी दुकान साड़ी की थी, इसलिए वहाँ बहुत ही खूबसूरत महिलाएँ आती थीं।
वो अपनी रोजी-रोटी खराब नहीं करना चाहता था, इसलिए उन्हें देखकर भी नज़र अंदाज़ करना पड़ता था। ये Dukan Me Chudai Ki Hindi Sex Kahani आप garamkahani.com पर पढ़ रहे हैं।
नीलिमा मुस्कुराती थी जब काम करते हुए उसका हाथ रवि के हाथ से टकरा जाता था। उस समय रवि को अपने पैंट में कुछ उठते हुए महसूस होने लगता था। उसका लंड कहीं घुसने की जगह तलाश रहा होता था।
नीलिमा भी इसे देखकर मुँह छिपाकर हँसने लगती थी। कुछ दिन इसी तरह बीत गए।
धीरे-धीरे नीलिमा उससे बात करने लगी थी। दोनों फोन पर काफी देर तक बातें करते। उनके बीच कुछ सेक्स वाली बातें होने लगी थीं। थोड़ा लंड और चूँची छूने वाला हँसी-मजाक भी शुरू हो गया था।
नीलिमा भी अपनी यौन जिंदगी की बात करने लगी थी। वह रवि के साथ यौन संबंधों पर चर्चा करने में बहुत उत्सुक दिखने लगी थी।
रवि को यकीन होने लगा था कि उनमें चुदाई हो सकती है। पर रवि डरता भी था कि अगर वो जल्दबाजी करे और वह बात न माने तो उसकी इज्जत खतरे में पड़ जाएगी।
दोनों एक दिन दुकान में अकेले बैठे थे। उस दिन कोई ग्राहक भी नहीं था। नीलिमा से रवि बात करने लगा। उसने बहाने से चुदाई का मुद्दा उठाया। उसने पूछा, “आपके पति आपको कितने दिन अपने साथ रखते हैं?”
नीलिमा ने समझा कि वो पूछ रहा है कि उसके पति उसे कितने दिनों में चोदते हैं। वो बोल पड़ी कि वह अपने पति से खुश नहीं है।
इतना कहकर वह रोने लगी। उसने कहा, “वो न मेरे साथ रहते हैं और न ही मेरे पास आते हैं। मैं अपने पति से चार साल पहले मिली थी, बस। तब से मैंने सेक्स नहीं किया है।”
रवि ने कहा, “ओके, लेकिन क्या आपको अपने पति के साथ सेक्स करने में मजा आता था?”
उसने स्पष्ट रूप से कहा कि मुझे अपने पति के साथ सेक्स करने में सिर्फ एक बार मजा आया था, जिस दिन मेरी शादी हुई थी। उसके बाद आज तक मुझे कभी मजा नहीं आया। मैंने उसे छोड़ दिया क्योंकि वह बहुत अधिक शराब पीता था।
ये xxx desi sex kahani आप garamkahani.com पर पढ़ रहे हैं।
ये सब कहते हुए वह बहुत भावुक हो गई। रवि उसे दुकान के दूसरी तरफ ले गया और अपनी बाँहों में लेकर उसे चुप कराने की कोशिश करने लगा। लेकिन यह एक दुकान थी, इसलिए उसने कहा, “नीलिमा, अभी रो मत, यहाँ अच्छा नहीं लगेगा।”
वह फिर चुप हो गई। तभी एक ग्राहक आ गया। दोनों तुरंत उस महिला ग्राहक से मिलने चले गए।
फिर दूसरे दिन, जब वो नीलिमा के साथ अकेला था, तो रवि ने नीलिमा से मजाक करना शुरू किया और बातें जल्दी ही कामुक हो गईं। दोनों हँसी-मजाक में काफी खुल गए थे।
नीलिमा ने कहा कि “यदि आपको ठीक लगे तो आप मेरे लिए कुछ कर सकते हैं।”
सेक्स की बात करते हुए रवि ने उसे छेड़ते हुए कहा, “तुम्हें खुश करने के लिए क्या मुझे तुम्हारे ऊपर चढ़ना पड़ेगा?”
वह इतराकर बोली, “अगर आप ऐसा कुछ करोगे तो मैं विरोध नहीं करूँगी।”
अब यह स्पष्ट था कि वो उसे चोद सकता था। उस समय वो काउंटर के पीछे बैठा था और नीलिमा को अपने पास बुलाकर उसकी मोटी गांड़ पर रवि ने हाथ फेर दिया। वो मुस्कुरा दी।
रवि ने पूछा, “क्या आप अपनी पैंटी दिखा सकती हैं?”
उसने अपनी सलवार की लैगी नीचे करके लाल रंग की पैंटी दिखाई। रवि ने महसूस किया कि यह उसके जीवन में पहली बार हुआ था। उस दिन कुछ ज़्यादा नहीं हुआ।
उसी रात बदनसीबी में एक दुर्घटना हो गई। रवि स्कूटी से फिसल गया। नीलिमा रोती हुई रवि के सामने आकर बैठ गई जब वो तीन महीने तक हॉस्पिटल में था।
रवि ने सोचा कि वह मेरी इस स्थिति को देखकर मुझसे बात करना छोड़ देगी। लेकिन नीलिमा को सच्चा प्यार हो गया था। उसने रवि की बहुत सेवा की थी। वो धीरे-धीरे दुकान पर बैठने लगा और सामान्य जीवन जीने लगा।
रवि इतना हँसमुख था कि आज भी लोग उससे प्यार करते हैं और दुकान में अच्छी बिक्री होती है।
जब नीलिमा और रवि दोनों एक दिन शॉप पर थे, तब रवि ने उससे पहले एक किस माँगी तो उसने मना कर दिया। बाद में, वह खुद उसे दुकान के कोने में ले जाकर किस करने लगी।
वह रवि का पहला किस था जिसे आज भी वो आँखें बंद करके महसूस करता है। रवि का हाथ उसकी छाती पर चला गया और उसके दोनों होंठों को जीभ से चीरते हुए उसके मुँह में अंदर तक पहुँच गया। अब दोनों एक-दूसरे के होंठों का रस पान करने लगे।
वो कभी-कभी दोनों हाथों से उसकी चूची को दबाता था, तो कभी-कभी उसकी गांड़ को दबाता था। यह सीन लगभग दस मिनट चला।
जिस दिन वो इस girlfriend sex kahani को मुझे सुना रहा था, तो रवि के शरीर से उसके जज़्बात दिखाई दे रहे थे।
उस दिन से दोनों एक-दूसरे को भरपूर किस करते थे। तब से दोनों के बीच संबंध बढ़ने लगे।
काउंटर के नीचे बैठकर वो उसके मुँह में अपना लंड चुसवाने लगा। वह पहले मना करती थी लेकिन बाद में मान गई। वह लंड पीने के लिए काउंटर के नीचे आ जाती थी जब भी कोई ग्राहक नहीं होता था।
एक दिन रवि ने भी कहा कि “वो भी उसकी चूत पिएगा।” उसने तुरंत हाँ कहा।
वो उसकी चूत को कपड़ों के ऊपर से ही सहला रहा था, तो नीलिमा को स्वर्ग की तरह जिंदगी अच्छी लगने लगी। वो बोली, “रवि, मुझे कुछ हो रहा है… अब करो कुछ तो।”
उस समय की नजाकत को देखते हुए, उसने दूर रहना ठीक समझा।
एक बार महीने का आखिरी हफ्ता होने से बाजार बिल्कुल शांत था। उस दिन बहुत सुहाना मौसम था। रवि ने उससे अगले दिन मिलने का वादा किया कि वह दोनों कहीं बाहर घूमने जाएंगे।
उस दिन दुकान में छुट्टी थी। दोनों सुबह जल्दी घर से निकल गए। दोनों ने घूमने में समय बर्बाद नहीं किया। इसलिए स्टेशन के निकट एक होटल में एक कमरा बुक करके कमरे में चले गए।
उसने नीलिमा से कहा कि “तुम नहाकर फ्रेश हो जाओ, तब तक मैं कुछ खाना बनाता हूँ।”
वह बाथरूम में गई और नहाने लगी। तब तक वो बाहर जाकर नाश्ता बनाकर वापस कमरे में आ गया।
नाश्ता करने के बाद दोनों बैठकर टीवी देखने लगे। वह मुस्कुराकर उसकी ओर देखकर उसकी गोद में आकर बैठ गई। दोनों ने एक-दूसरे को किस करना शुरू कर दिया।
दो जिस्मों के बीच सेक्स की आग भड़कने लगी, और दिल में बस यही आया कि दोनों एक-दूसरे को चोद डालें। ये Kamvasna वाली XXX Hindi Sex Stories आप garamkahani.com पर पढ़ रहे हैं।
उसने सारे कपड़े उतार दिए, लेकिन ये सब इतना जल्दी हुआ कि किसी को पता भी नहीं चला। नीलिमा ने रवि का ६ इंच का मोटा लंड हाथ में लेकर मसलना शुरू कर दिया।
फिर उसने लंड को मुँह में ले लिया और जीभ से चाट-चाटकर पूरी तरह चिकना और गीला कर दिया। सच में ऐसा लगता था कि वह उस पूरे लंड को गले तक निगल जाएगी। रवि अभी भी उसकी भारी चूचियों को जोर-जोर से दबा रहा था और निप्पलों को उँगलियों से मरोड़ रहा था।
नीलिमा वासना में आह भरकर बोली, “तुम भी मेरी चूत चाटो रवि… मैं बहुत दिनों से तरस रही हूँ।”
यह सुनते ही रवि ने उसकी सलवार की लैगी पूरी तरह अलग कर दी और धीरे-धीरे उसकी पूरी तरह भीगी हुई लाल पैंटी को उसके मोटे गांड़ और जाँघों से उतार दिया। पैंटी से चूत का गाढ़ा रस टपक रहा था।
रवि ने तुरंत अपना मुँह उसकी चूत पर लगा दिया और चाटना शुरू कर दिया। उसने अभी तक अपना कुर्ता नहीं उतारा था, इसलिए वो कुर्ते में ही बैठा था, एक हाथ से अपना लंड निचोड़ रहा था और दूसरी तरफ नीलिमा की गीली, गर्म चूत को चूस रहा था।
नीलिमा की चूत बिना बाल की, गुलाबी और बहुत टाइट थी। रवि ने जीभ से उसके क्लिटोरिस को चाटा, फिर पूरी चूत को चूसने लगा। नीलिमा की कमर हिलने लगी।
रवि ने कहा, “नीलिमा, अब तुम मेरे चेहरे पर बैठकर अपनी चूत रगड़ो। मैं तुम्हारी चूत को अपने मुँह में पूरी तरह भरना चाहता हूँ।”
नीलिमा ने तुरंत हामी भरी। वह रवि के चेहरे पर बैठ गई और अपनी गीली चूत को उसके मुँह पर रगड़ने लगी। रवि ने उसकी दोनों जाँघों को फैला कर अपनी जीभ चूत के अंदर घुसा दी। वो जोर-जोर से चूस रहा था और नीलिमा की आँखों की तरफ देख रहा था।
नीलिमा ने पहले कुछ देर आँखें खोलकर देखा, फिर आँखें बंद करके पूरी तरह मजा लेने लगी। उसके मुँह से सिर्फ वासना भरी आवाजें निकल रही थीं – “आह… उह… उफ्फ… ओह मेरी जान… रवि… चोदो अपनी जीभ से… मेरी चूत काट लो… आह्ह्ह…”
कुछ देर बाद नीलिमा की चूत से गर्म-गर्म रस निकलने लगा। रवि ने महसूस किया कि नीलिमा उसके मुँह में झड़ गई है। नीलिमा ने उसी समय दोनों जाँघों से रवि का सिर जोर से दबा लिया और काँपने लगी। वो दो बार इस तरह झड़ चुकी थी।
अब रवि से भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था। उसका लंड फटने को तैयार था। उसने कहा, “नीलिमा अब नीचे लेट जा… मैं तुम्हारे ऊपर आना चाहता हूँ।”
नीलिमा ने प्यार से उसे किस किया और बिस्तर पर लेट गई। रवि ने अब उसे पूरी तरह नंगा कर दिया। एक भी कपड़ा उसके नाजुक जिस्म पर नहीं बचा। नीलिमा का शरीर बिल्कुल साफ था – चूत, गांड़, बगल, कहीं एक भी बाल नहीं था।
उसकी चूचियाँ भारी और निप्पल सख्त खड़े थे। मोटी गांड़ बिस्तर पर फैली हुई थी।
नंगा करने के बाद रवि ने पहले उसकी जाँघों को अच्छी तरह चाटा, फिर धीरे-धीरे अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा। नीलिमा पागल हो गई।
वह कमर उठा-उठाकर कहने लगी, “जल्दी डालो रवि… ओहह्… जल्दी डालो… मैं बहुत दिनों से तरस रही हूँ… अपनी चूत में लंड डाल दो…”
वासना ने उसकी आँखें भर दी थीं। रवि भी अब धीरे-धीरे अपना लंड उसकी चूत में घुसाने लगा। लंड पेलते ही ऐसा लगा जैसे वो किसी जलती हुई भट्टी में लौड़ा डाल रहा हो और वो भट्टी उसे अंदर खींच रही हो। धीरे-धीरे पूरा ६ इंच का मोटा लंड उसकी चूत में समा गया।
नीलिमा ने आँखें बंद करके जोर से चीख मारी – “आआह्ह्ह… फट गई मेरी चूत… लेकिन मजा भी आ रहा है… अब जोर से चोदो रवि…”
रवि ने तेज-तेज धक्के लगाने शुरू कर दिए। हर धक्के पर नीलिमा की भारी चूचियाँ ऊपर-नीचे उछल रही थीं। कमरे में चुट-चुट की आवाज और दोनों की हाँफती साँसें गूँज रही थीं।
“चोदो… जोर से चोदो… मेरी सूखी चूत को फाड़ दो… आह्ह्… हाँ… इसी तरह…” नीलिमा लगातार चिल्ला रही थी।
रवि ने उसे मिशनरी पोजीशन में अच्छी तरह चोदा, फिर उसे घुमाकर डॉगी स्टाइल में चोदना शुरू कर दिया। नीलिमा की मोटी गांड़ अब रवि के पेट से टकरा रही थी। रवि ने उसकी कमर पकड़कर जोर-जोर से लंड पेलना शुरू किया।
नीलिमा की गांड़ लहरा रही थी और हर धक्के पर “पच-पच” की आवाज हो रही थी। ये Desi Free Sex Stories और Hot Nonveg Stories आप garamkahani.com पर पढ़ रहे हैं।
“आह… रवि… तुम्हारा लंड बहुत मोटा है… मेरी चूत फट रही है… लेकिन रुकना मत… चोदते रहो…”
रवि ने उसकी गांड़ पर थप्पड़ भी मारे और बाल पकड़कर पीछे से और जोर से चोदा। नीलिमा दो बार फिर झड़ चुकी थी। उसकी चूत से सफेद-गाढ़ा रस निकलकर रवि के लंड और जाँघों पर फैल रहा था।
फिर रवि ने उसे फिर से ऊपर लिटाया और अपनी रफ्तार बढ़ा दी। दोनों पसीने से तर थे। नीलिमा की चूचियाँ रवि के हाथों में थीं और वो उन्हें जोर से मसल रहा था।
आखिर में रवि ने कहा, “नीलिमा… मैं झड़ने वाला हूँ…”
नीलिमा ने तुरंत कहा, “अंदर डाल दो… मेरी चूत में अपना गर्म रस डाल दो… मैं गर्भनिरोधक खा लूँगी…”
रवि ने आखिरी जोरदार धक्के लगाए और नीलिमा की चूत के अंदर ही झड़ गया। गर्म-गर्म वीर्य की धार नीलिमा की चूत में भर गई। नीलिमा भी उसी समय तीसरी बार झड़ गई और दोनों एक-दूसरे से चिपककर काँपते रहे।
काफी देर तक दोनों ऐसे ही लेटे रहे। फिर दोनों उठे, चाय बनाई और चाय पीकर कपड़े पहन लिए।
उस दिन सेक्स के बाद दोनों फिर कभी नहीं मिले क्योंकि बाहर घूमकर लौटने के कुछ दिनों बाद रवि को आजमगढ़ में सरकारी नौकरी मिल गई। नीलिमा ने भी दुकान से नौकरी छोड़ दी थी।
बाद में रवि को पता चला कि उसका पति मर चुका था और उसका देवर उसके साथ शादी कर चुका था।
अब भी जब कभी नीलिमा की पुरानी तस्वीर रवि को याद आती है, वो अपना लंड निकालकर हिलाने लगता है और उस दिन की चुदाई याद करके झड़ जाता है।
दोस्तो, रवि की ये Antarvasna Sex Story कैसी लगी? अगर पसंद आई हो तो कॉमेंट करके बताना। अपनी पसंदीदा वाली लाइन या सीन भी लिखकर भेजना।
💬 Leave a Comment :-
📝 Comments :
No comments yet. Be the first to comment!