माँ की चूत बेटे के लंड पर फटी!
Family Sex : दीदी के ब्लैकमेल के बाद माँ बनी बेटों की पर्सनल रंडी! अशु के मोटे लंड ने रुकमणी की चूत फाड़ी, फिर हुई ग्रुप में दोनों बेटे और माँ बेटे जबरदस्त चुदाई!
कहानी के पिछले भाग "माँ बनी बेटी की सेक्स गुलाम!" में आपने पढ़ा :
ये Maa Ki Chudai पूरे 30 मिनट चली। फिर मीशा ने मम्मी को गले लगा लिया, "अब तू मेरी है, मम्मी। तू रविश को भूल जा, अब तू रोज मेरी चूत चाटेगी तू।"
मम्मी रोते हुए बोली, "हाँ बेटी... तेरी गुलाम हूँ मैं.. बस वीडियो मत फैलाना।" मीशा ने वीडियो डिलीट करने का वादा किया, लेकिन मैं जानता हूँ साली ने बैकअप रखा है।
अब आगे :-
उस रात के बाद घर की हवा ही बदल गई थी। मीशा अब घर की असली मालकिन बन चुकी थी। 20 साल की वो हॉट दीदी रोज रात को मम्मी रुकमणी को अपनी चूत चटवाती, और कभी-कभी स्ट्रैप-ऑन से उनकी भोसड़ी फाड़ डालती।
मैं चुपके से दरवाजे के बाहर खड़ा सब देखता और अपना 6 इंच का मोटा लंड हिलाता रहता।
तीन-चार दिन बाद एक रात फिर वही सीन हुआ। मैं ऊपर वाले कमरे में लेटा था कि अचानक नीचे से सिसकारियां आने लगीं – “आह… मीशा… धीरे बेटी… तेरी अम्मा की चूत अभी भी दर्द कर रही है… उंह्ह्ह!”
मैं चुपके से नीचे उतरा। मम्मी का कमरा दरवाजा थोड़ा खुला था। अंदर लाइट जल रही थी। मीशा नंगी खड़ी थी, कमर पर वही काला 8 इंच का मोटा रबर का लंड बंधा हुआ।
मम्मी चारों पैरों के बल बेड पर थीं, उनकी सफेद मोटी गांड ऊपर की तरफ तनी हुई, चूत से अभी भी पिछली चुदाई का रस टपक रहा था।
मीशा ने मम्मी की गांड पर जोर का थप्पड़ मारा – “चुप रंडी! तू तो रविश के छोटे लंड पर भी झड़ जाती थी, अब अपनी बेटी का मोटा लंड लेने में रो रही है? ले… आज तेरी चूत को और फाड़ूंगी!”
और कहते हुए मीशा ने लंड का सुपारा मम्मी की गीली चूत पर रखा और एक जोरदार धक्का मारा। ये Antarvasana वाली Maa Bete Ki Chudai Ki Kahani आप Garamkahani पर पढ़ रहे हैं।
“आआआह… फाड़ दिया रे हरामी… मेरी चूत… उंह्ह्ह… निकाल दे बेटी… आह!” मम्मी चीख उठीं, लेकिन उनका बदन खुद ही पीछे की तरफ हिलने लगा।
मीशा हंसते हुए तेज-तेज धक्के मारने लगी – “ले साली… ले अपनी बेटी का लंड… तेरी भोसड़ी कितनी गीली हो गई है देख… साली रंडी टीचर, स्कूल में बच्चे पढ़ाती है और घर में बेटी से चुदती है!”
मम्मी की चूचियां लटक-लटक कर हिल रही थीं।
वो अब दर्द के साथ मजा भी ले रही थीं – “हाँ बेटी… आह… चोद अपनी अम्मा को… तेरी मीशा का लंड रविश से ज्यादा मोटा है… उफ्फ… गहराई में ठोक… आह Yes… फाड़ दे मेरी चूत!”
मैं बाहर खड़ा लंड सहलाते हुए सोच रहा था – कल तक मम्मी रविश को चोद रही थीं, आज मीशा उन्हें रंडी बना रही है।
मीशा ने स्पीड बढ़ाई। एक हाथ से मम्मी की कमर पकड़ रखी थी, दूसरे हाथ से उनकी लटकती चूचियों को मसल रही थी। कमरे में चूत के पानी की “पच-पच” की आवाज और दोनों की गालियां गूंज रही थीं।
“झड़ जा रंडी… अपनी बेटी के नकली लंड पर झड़!” मीशा चिल्लाई। मम्मी का पूरा शरीर कांपने लगा – “आह… आ रही हूँ बेटी… तेरी अम्मा झड़ रही है… आआआह… भोसड़ी फट गई… उंह्ह्ह!”
मम्मी जोर से झड़ गईं। उनका रस मीशा के लंड और जांघों पर छूट गया। मीशा ने लंड निकाला नहीं, बल्कि और जोर से धक्के मारते हुए खुद भी झड़ गई – अपनी चूत को हाथ से रगड़ते हुए।
दोनों थक कर बेड पर लेट गईं। मीशा ने मम्मी को अपनी बाहों में लिया और उनकी चूचियों को चूमने लगी। “अब तू पूरी तरह मेरी प्रॉपर्टी है मम्मी। रोज रात 2 बजे मेरे कमरे में आना पड़ेगा।”
मम्मी शर्म से सिर झुकाए बोलीं, “हाँ बेटी… लेकिन रविश को कुछ मत बताना… वो अभी भी मेरे पीछे पड़ा रहता है।”
मीशा मुस्कुराई, “चिंता मत कर। कल से रविश को भी सब पता चल जाएगा… लेकिन वो चुप रहेगा।”
अगली शाम कुछ और ही होने वाला था।
दूसरे दिन शाम को मीशा ने मुझे बुलाया। “अशु, आज रात तू भी शामिल हो। मम्मी को हम दोनों मिलकर चोदेंगे। लेकिन पहले रविश का काम निपटाना है।”
रात 11 बजे के करीब रविश मम्मी के कमरे में घुसा, जैसा वो रोज करता था। लेकिन इस बार मीशा और मैं पहले से ही अलमारी के पीछे छिपे थे।
रविश ने मम्मी को नंगा किया और अपनी पैंट उतारी। उसका छोटा लंड खड़ा था। वो मम्मी की चूत में घुसने ही वाला था कि मीशा ने अचानक लाइट जलाकर वीडियो कैमरा ऑन कर दिया।
“क्या कर रहा है साले हरामी?” मीशा गरजी। यह Group में Hindi Sex Kahani आप गरम कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं!
रविश डर के मारे कांपने लगा। मम्मी भी घबरा गईं। मीशा ने पूरा पुराना वीडियो दिखाया – जिसमें रविश मम्मी को कुत्ते की तरह चोद रहा था।
“अब सुन ले छोटे भाई,” मीशा बोली, “या तो तू चुपचाप हमारी बात मान, वरना ये वीडियो मैं पापा के भाईयों और तेरे स्कूल ग्रुप में वायरल कर दूंगी।”
रविश रोने लगा, “दीदी… मत कर… मैं कुछ नहीं कहूंगा।”
मीशा हंसी, “अच्छा। अब देख, तेरी मम्मी अब मेरी गुलाम है। तू भी देखना चाहता है कैसे मैं तेरी मम्मी की चूत चोदती हूँ?”
उस रात मीशा ने रविश को बेड के पास कुर्सी पर बांध दिया।
फिर मम्मी को नंगा करके मेरे सामने ही स्ट्रैप-ऑन से चोदा। रविश आंखें फाड़े देखता रहा, उसका छोटा लंड खड़ा हो गया था लेकिन हाथ बंधे होने से कुछ नहीं कर पा रहा था।
मैं भी अब छिपने की जरूरत नहीं समझा। मैंने अपनी पैंट उतारी और अपना 6 इंच का मोटा लंड निकाला। मीशा ने मम्मी को मेरी तरफ धकेला – “ले अशु… अब तू भी अपनी मम्मी की चूत का स्वाद ले ले।”
मम्मी शर्म से मुंह छुपा रही थीं, लेकिन मीशा ने उनके बाल पकड़कर मेरा लंड उनके मुंह में ठूंस दिया। “चूस साली रंडी… अपने बड़े बेटे का लंड चूस!”
मम्मी ने आंखें बंद करके मेरा लंड मुंह में लिया। उनकी गर्म जीभ मेरे लंड के सुपारे को चाट रही थी। उधर मीशा पीछे से मम्मी की चूत में उंगलियां डाल रही थीं।
“कैसा लग रहा है भाई?” मीशा ने पूछा, “तेरी मम्मी की मुंह की चुदाई?”
मेरा लंड और सख्त हो गया। मैंने मम्मी के बाल पकड़कर जोर-जोर से मुंह में ठोकना शुरू कर दिया। “आह मम्मी… तेरी मुंह की चूत कितनी गर्म है… साली रंडी टीचर!”
कुछ देर बाद मीशा ने मम्मी को बेड पर लिटाया और मुझे उनके ऊपर चढ़ा दिया। मैंने अपना मोटा लंड मम्मी की चूत पर रखा और धीरे-धीरे अंदर डाला।
“आआह… बेटा… धीरे… तेरा लंड बहुत मोटा है… मेरी चूत फट जाएगी… उंह्ह्ह!” मम्मी सिसकार उठीं।
मैंने पूरे जोर से धक्का मारा और मम्मी की चूत को फाड़ते हुए अंदर तक घुस गया। मीशा मम्मी की चूचियां चूस रही थी और रविश बंधा हुआ देख रहा था।
मैं तेज-तेज चोदने लगा – “ले मम्मी… ले अपने बेटे का लंड… साली, तू तो रविश को चोदती थी, अब दोनों बेटों और बेटी की रंडी बन गई है!”
मम्मी अब पूरी तरह कामवासना में डूब चुकी थीं – “हाँ बेटा… चोद अपनी अम्मा को… आह… फाड़ दे… तेरी मीशा दीदी से भी ज्यादा जोर से ठोक… आआह… मैं झड़ रही हूँ!”
मैंने 10-15 मिनट जोरदार चुदाई की। आखिर में मम्मी की चूत में ही अपना गर्म रस छोड़ दिया। मीशा ने तुरंत मम्मी की चूत चाटकर सारा मेरा और मम्मी का रस पी लिया।
उस रात के बाद घर में नियम बन गया – मीशा घर की बॉस। मम्मी तीनों बच्चों की सेक्स गुलाम। रविश चुपचाप सब देखता और कभी-कभी मीशा उसे भी अपनी चूत चटवाती।
उस रात के बाद घर में सब कुछ खुलकर हो गया। मीशा अब पूरी तरह घर की रानी बन चुकी थी। मम्मी रुकमणी उनकी सेक्स गुलाम, रविश चुपचाप सब देखने वाला गुलाम, और मैं उनका पार्टनर इन क्राइम।
अगले दिन सुबह मीशा ने सबको बैठक में बुलाया। मम्मी साड़ी में थीं लेकिन ब्लाउज काफी ढीला था, चूचियां आधे बाहर झांक रही थीं। रविश सिर झुकाए बैठा था, उसका छोटा लंड अभी से हल्का खड़ा हो रहा था।
मीशा नंगी पैर, सिर्फ शॉर्ट स्कर्ट और टॉप में बोली, “सुनो सब… अब ये घर मेरा है।
मम्मी अब हम तीनों की रंडी हैं। रोज रात को मम्मी को हमारी चूत चाटनी पड़ेगी, लंड चूसना पड़ेगा और चूत गांड दोनों फड़वानी पड़ेगी। जो मानेगा वो रहेगा, जो नहीं मानेगा… वीडियो वायरल!”
मम्मी शर्म से कांप रही थीं, “बेटी… कम से कम रविश के सामने तो शर्म कर…”
मीशा हंसी, “शर्म? साली तू रविश के लंड पर सवार होकर ‘चोद अपनी मम्मी को’ चिल्लाती थी, अब शर्म आ रही है? आज रात हम चारों एक साथ खेलेंगे।”
दिन भर मम्मी स्कूल गईं, लेकिन उनका मन कहीं और था। शाम को घर आते ही मीशा ने उन्हें ऑर्डर दिया – “साड़ी उतार, सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में रह। चूचियां बाहर निकाल के घूम।”
मम्मी ने हिचकते हुए वैसा ही किया। उनकी 36 वाली मोटी चूचियां ब्लाउज से बाहर लटक रही थीं, निप्पल सख्त हो चुके थे। रविश और मैं दोनों उन्हें घूर रहे थे।
रात 10 बजे मीशा ने कमांड दी, “सब मेरे कमरे में आओ।”
कमरा तैयार था – लाइट हल्की, बेड पर तेल की बोतल, और मीशा का स्ट्रैप-ऑन तैयार। ये Hot & Nonveg Story Based Family Sex Story आप Garam Kahani पर पढ़ रहे है।
पहले मीशा ने मम्मी को बेड पर लिटाया। “अशु, तू मम्मी की चूचियां चूस। रविश, तू मम्मी की चूत चाट। मैं देखती हूँ।”
मैंने मम्मी की एक चूची मुंह में ले ली और जोर-जोर से चूसने लगा।
“मम्मी… तेरी चूचियां कितनी स्वादिष्ट हैं… उंह्ह्ह… निप्पल काट लूं क्या?” रविश घुटनों के बल बैठकर मम्मी की चूत चाटने लगा। उसकी छोटी जीभ क्लिटोरिस पर घूम रही थी।
मम्मी सिसकार रही थीं – “आह… बेटा… धीरे… दोनों भाई एक साथ… उफ्फ… मेरी चूत जल रही है…”
मीशा खड़ी होकर देख रही थी और अपनी चूत उंगलियों से रगड़ रही थी। “साली रंडी, अब मजा आ रहा है ना? तीन बच्चों से एक साथ चुदवाने का मजा!”
कुछ देर बाद मीशा ने रविश को हटाया और खुद मम्मी की चूत पर बैठ गई – 69 पोजीशन में। दोनों मां-बेटी एक-दूसरे की चूत चाटने लगीं। कमरे में चूत चाटने की “चर-चर” आवाज और सिसकारियां गूंज रही थीं।
“हाँ मम्मी… चूस मेरी चूत… तेरी जीभ अंदर डाल… आह… साली टीचर, स्कूल में पढ़ाती है और घर में बेटी की भोसड़ी चाटती है!” मीशा गालियां बक रही थी।
मैं पीछे से मीशा की गांड पर थप्पड़ मारता रहा और अपना लंड मम्मी के मुंह में ठोंकने लगा। रविश को मीशा ने ऑर्डर दिया, “छोटे, जा अपनी मम्मी की गांड चाट!”
रविश ने डरते-डरते मम्मी की गांड के छेद पर जीभ फेरनी शुरू कर दी। मम्मी तड़प उठीं – “आआह… नहीं बेटा… वहां मत… उंह्ह्ह… आग लग गई… हाँ… और अंदर…”
मीशा ने अब स्ट्रैप-ऑन बांधा। “अब असली खेल शुरू। अशु, तू मम्मी की चूत में अपना मोटा लंड डाल। मैं उनकी गांड फाड़ूंगी। रविश, तू मम्मी के मुंह में अपना लंड दे।”
मम्मी की आंखें फट गईं, “नहीं बेटी… गांड में मत… पहली बार है… फट जाएगी…”
लेकिन मीशा ने तेल लगाकर अपना 8 इंच का काला लंड मम्मी की गांड पर रखा और धीरे-धीरे दबाव डाला। “आआआह… फाड़ दिया… मेरी गांड… बेटी हरामी… निकाल… आह!” मम्मी चीखीं।
मैंने नीचे से अपना मोटा 6 इंच का लंड मम्मी की चूत में पूरा ठोक दिया। दोनों तरफ से एक साथ चुदाई शुरू हो गई। रविश ने मम्मी का सिर पकड़कर अपना छोटा लंड उनके मुंह में डाल दिया।
अब मम्मी पूरी तरह तीनों ओर से भरी हुई थीं – चूत में मेरा लंड, गांड में मीशा का स्ट्रैप-ऑन, मुंह में रविश का लंड।
“ले रंडी मम्मी… ले तीनों बच्चों का प्यार!” मीशा जोर-जोर से गांड में ठोक रही थी। मैं चूत में तेज धक्के मार रहा था – “मम्मी तेरी चूत कितनी टाइट है… साली, रविश के छोटे लंड के बाद मेरा मोटा लंड कैसा लग रहा है?”
मम्मी सिर्फ “उंह… उंह… आह…” कर पा रही थीं। उनका पूरा बदन पसीने से तर था, चूचियां हिल रही थीं। ये XXX Desi Sex & Lesbian Sex Story आप Garam Kahani पर पढ़ रहे है।
मीशा ने स्पीड बढ़ाई, “झड़ जा साली… तीनों के साथ झड़… तेरी भोसड़ी और गांड दोनों फट रही हैं आज!”
मम्मी का शरीर अचानक कांपने लगा। उन्होंने जोर से चीख मारी – “आआह… आ रही हूँ… तेरी अम्मा झड़ रही है… आआआह… भोसड़ी फूट गई… उंह्ह्ह!”
मम्मी जोरदार झड़ गईं। उनका रस मेरे लंड पर छूट गया। मैं भी रुक नहीं पाया और मम्मी की चूत में गर्म-गर्म रस उड़ेल दिया। मीशा ने गांड में आखिरी जोरदार धक्के मारे और खुद भी झड़ गई। रविश ने मम्मी के मुंह में अपना रस छोड़ दिया।
मम्मी बिस्तर पर बेजान पड़ी थीं। चूत और गांड दोनों से रस टपक रहा था।
मीशा ने मम्मी के बालों को सहलाते हुए कहा, “अब तू हमारी फुल टाइम रंडी है। कल से नया खेल – तुझे चारों तरफ से बांधकर चोदेंगे। और हां… कभी-कभी तुझे स्कूल की साड़ी में ही चोदेंगे।”
मम्मी आंखें बंद करके बस हां में सिर हिला रही थीं।
उस रात के बाद घर में रोज नई चुदाई होती। कभी मीशा मम्मी को लेस्बियन बनाकर चोदती, कभी मैं और रविश दोनों भाई मिलकर, कभी तीनों एक साथ।
मैं चुपके से सब रिकॉर्ड भी करने लगा था… शायद अगले ब्लैकमेल के लिए।
दोस्तों, ये Antarvasana Based Threesome & Group Sex में Maa Bete Ki Chudai Ki Kahani कैसे लगी? मम्मी की तीनों तरफ से Gangbang चुदाई देखकर लंड खड़ा हुआ या नहीं?
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