मामी की तड़पती गंदी चूत पर भांजे का मोटा लंड!

Antarvasna Sex: मामी की तड़पती गंदी चूत पर भांजे का मोटा लंड! रस टपकते ही चुदाई शुरू - मुंह में लंड, चूत फाड़ी, गांड मारी, माल मम्मों पर! रात भर रंडी बनकर चुदी। Hot Hindi Chudai Ki Kahani पढ़ें!


मेरे जिन पाठकों ने चुदाई की प्यासी मामी ने बचपन में मेरी मूठ मारी!  वाली कहानी पढ़ी है वो रवीना मामी की गर्मी से भली भांति परिचित है। बाकी मेरे नए पाठकों को प्यार भरी सलाह है के इस कहानी को पढ़ने के बाद पहले वाली कहानी भी ज़रूर पढ़े।


तो आए सुनते है रवीना मामी की चुदाई का गर्मागर्म कबूलनामा।“हेलो मेरे प्यारो, मैं रवीना हूं, आपकी वो मामी जो बाहर से शर्मीली-सी लगती है,


 लेकिन अंदर से एक हवस का ज़िंदा ज्वालामुखी की तरह उफनती रहती हूं। जबलपुर की गलियों में मेरा नाम सुनते ही लोग मुस्कुरा उठते हैं,


क्योंकि वो जानते हैं कि मेरी आंखों में छिपी वो वासना की चिंगारी है, जो किसी को भी पिघला सकती है।आज मैं आपको अपनी वो कहानी सुना रही हूं,जो छह साल पहले की है, जब मेरी जिंदगी में हाशमी दुबारा आया था – मेरा वो ही भांजा,


जिसने मेरी चूत को पहली बार सच में चखने लायक बना दिया।हां, वही हाशमी, जो कभी मेरे पास लेटकर मुझे लन्ड चुसवाता था अब तो 5.7 फीट का लंबा, मस्त कद-काठी वाला जवान लड़का है।


जिसके लन्ड को देखते ही मेरी गांड सिहर उठी।सुनिए ये कहानी मेरी जुबानी है, और मैं वादा करती हूं, हर शब्द को इतना प्यार से बताऊंगी जिससे आपका लन्ड खुद-ब-खुद खड़ा हो जाए।


ये Hindi Incest Sex Kahani आप Garamkahani पर पढ़ रहे है। तो, आराम से बैठिए, अपनी पैंट थोड़ी ढीली कर लीजिए, और मेरी चूत की गर्मी महसूस कीजिए।


 बात उन दिनों की है जब मैं अपने पति – यानी हाशमी के मामा के साथ खुशहाल जिंदगी जी रही थी, या कम से कम बाहर से तो वैसी ही लगती थी।


हमारी शादी को चार साल हो चुके थे, और हमारा छोटा सा बेटा था जो दो साल का हो गया था।मामा का घर जबलपुर के एक शांत इलाके में था, जहां किराये के मकानों की चहल-पहल रहती थी।


 मेरा कद साढ़े चार फीट का है, लेकिन मेरा बदन अरे, वो तो किसी मादा शेरनी जैसा गठीला है।मेरे स्तन जो 36 के है वे इतने भरे-भरे गोलाकार हैं कि कोई भी उन्हें देखकर लार टपकाने लगे और मेरी 34 की गांड़ ओह,


वो तो मेरी सबसे बड़ी ताकत हैं! बड़े-बड़े, मांसल,जो चलते वक्त इतना ऊपर-नीचे हिलते हैं कि पीछे से देखने वाला आदमी का लन्ड पत्थर की तरह सख्त हो जाए।


मैं जानती हूं, क्योंकि मैंने कई बार महसूस किया है – मेरी चूंची मेरी गांड़ दबाती वो नजरें जो मेरी गांड पर टिक जाती हैं।जैसे कोई भूखा शेर अपनी शिकार को निगल जाना चाहता हो।


मैं ज्यादा खूबसूरत तो नहीं, लेकिन मेरी आंखों में वो बात है जो एक सुलगती हुई कामुकता की तस्वीर है जो किसी को भी मेरी चूत की गहराई में डुबो दे।


साड़ी पहनकर मैं घर संभालती हूं अपने बेटे को गोद में लिए नाचती-गाती हूं, लेकिन रातें ।रातें तो मेरी जिंदगी का वो दर्द थीं।


हाशमी के मामा अच्छे इंसान हैं, लेकिन बिस्तर पर उफ्फ! उनका लन्ड छोटा-सा, नरम-सा है।जैसे कोई खिलौना जो कभी भी पूरी ताकत से मेरी चूत को नहीं छू पाता।


 रात भर वो मेरे ऊपर लेटे रहते, लेकिन वो सुख वो गहरा, चुभने वाला आनंद, जो एक औरत की चूत को तड़पाता है, वो कभी मुझे न मिलता।मैं तड़पती रहती और अपनी उंगलियों से चूत को सहलाती,


लेकिन वो तो बस एक ठंडा पानी का छींटा था असली आग बुझाने वाला नहीं।मेरी चूत रोती रहती, मेरी गांड सिहरती रहती, और मैं सोचती काश, कोई ऐसा आए जो मेरी इस तड़प को बुझा दे,


मेरे लन्ड की भूख को शांत कर दे लेकिन नहीं, मेरी चूत की भूख बढ़ती जाती।फिर आया हाशमी। मेरा भांजा, जो पास ही के कॉलेज पोस्ट ग्रेजुएशन करने आया था।


 किराये के मकान में रहता था, लेकिन छुट्टियों में अक्सर हमारे घर आ जाया करता।इतने समय बाद जब मैंने उसे देखा, तो मेरी सांसें थम गईं।वो मुझसे लंबा व चौड़ी छाती वाला लड़का, जिसकी मुस्कान में शरारत भरी हुई थी।


 वो आता, तो मेरे बेटे को गोद में उठाता, मेरे साथ मजाक करता।धीरे-धीरे हम फिर से घुलमिल गए। मैं उसे चाय पिलाती, वो मेरी तारीफ करता –"मामी, आपकी साड़ी कितनी खिलती है, जैसे कोई फूल।"


और मैं हंसती, लेकिन अंदर से सोचती अरे कमींन ऐसा न कर मेरी चूत गीली हो जाती। ये Mami Ki Chudai Ki Kahani आप Garamkahani पर पढ़ रहे है।


उसके आने से घर में एक नई हवा बहने लगी।हम बातें करते , कभी जिंदगी की, कभी सपनों की। लेकिन मेरी आंखें वो उसके लन्ड पर चली जातीं, जहां से वो उभार महसूस होता, जैसे कोई विशालकाय सांप छिपा हो।


मैं सोचती, अगर ये लन्ड मेरी चूत में घुस जाए, तो कितना मजा आएगा।लेकिन मैं रुक जाती, क्योंकि वो मेरा भांजा था या कम से कम तभी तो था भले ही मैं उसकी मूठ मार चुकी थी।


एक दिन, शाम को मेरा बेटा सो रहा था, और हाशमी के मामा दफ्तर से थके-हारे लौटे थे। हाशमी आया था, चाय पी रहा था।


हम तीनों बैठे थे, लेकिन मामा जल्दी ही सो गए। हाशमी और मैं अकेले जगे थे मैंने हिम्मत जुटाई और बोली, "हाशमी, तेरे मामा मुझे प्यार नहीं करते।" वो हंस पड़ा।"मामी, मजाक मत करो। वो तो रात भर आपके साथ रहते हैं।"


मैंने सिर झुका लिया, लेकिन अंदर से जल रही थी। "रात भर रहने से क्या? वो सुख वो जो एक औरत की चूत को चाहिए, वो तो मिलता ही नहीं।


 मेरी जिंदगी सूनी हो गई है। तू मेरा दोस्त है, बता, मैं क्या करूं?"उसकी आंखें चमक उठीं। वो चुप रहा, लेकिन मैंने देखा – उसके पैंट में हलचल हो रही थी।


उस कमींन का लन्ड ओह, वो मेरी बातों से ही सख्त हो रहा था। फिर उसने कहा, "मामी, दो रास्ते हैं। पहला, मामा को डॉक्टर दिखाओ।"


मैंने हंसकर कहा, "करा है, कोई फायदा नहीं हुआ।" वो बोला, "तो दूसरा रास्ता है, आप अपनी खुशी कहीं और ढूंढो।"


मैंने पूछा, "कैसे? बदनामी का डर है?" वो मुस्कुराया, "कोई अपना ढूंढो, घर का राज बना रहेगा।" हम चुप हो गए। हवा में एक गर्माहट फैल गई, जैसे मेरी चूत और उसका लन्ड के बीच कोई अदृश्य धागा बंध गया हो।


थोड़ी देर बाद मैंने कहा, "अगर तू मेरा साथ दे, तो बात बन सकती है।" वो चौंका और बोला, "मैं कैसे?"मैंने हंसकर कहा, "तूने सलाह दी, अब तू ही मुझे सुख दे।" और मैंने झट से उसके गाल पर एक गहरा, गीला चुम्मा कर दिया।


मेरे होंठ उसके गाल पर चिपके, और मैं महसूस कर रही थी की उसकी सांसें तेज हो गईं।ठीक उसी पल मामा जाग गए, और हाशमी चला गया।लेकिन उस रात ओह, मैं बिस्तर पर लेटी, अपनी चूत को सहला रही थी,


 कल्पना कर रही थी कि हाशमी का लन्ड मेरी चूत में धंस रहा है। मैं दो बार झड़ी, लेकिन तड़प और बढ़ गई।अगले दिन से सब बदल गया। हाशमी रोज आने लगा। हमारा मजाक वो अब कामुक हो गया था।


कभी कभी वो मेरी कमर पर हाथ रख देता, तो मैं सिहर उठती। "मामी, आपकी कमर कितनी नरम है," वो फुसफुसाता।


मैं हंसती, "और तेरा हाथ कितना गर्म।" एक दिन, किचन में हम अकेले थे।मैं चाय बना रही थी, मेरी साड़ी की चोली से मेरे स्तन झांक रहे थे। वो पीछे से आया, और हल्के से मेरी चूतड़ पर हाथ फेर दिया।


"आह हाशमी," मैं कराही। उसके हाथ रुके नहीं, वो मेरी गांड को मसलने लगा, जैसे आटा गूंथ रहा हो।"मामी, ये चूतड़ कितने गोल, कितने रसीले है। इन्हें देखकर मेरा लन्ड तड़प उठता है।"


 वो बोला और मैं पलटी, उसकी आंखों में मैने वासना की आग देखी। "तो तड़पने दे या फिर आज शांत कर ले।"मैंने उसका हाथ पकड़कर अपनी चूत पर रख दिया। वो उंगली से सहलाने लगा और मेरी चूत गीली हो गई।


"मामी, ये तो रस टपका रही है।" हम हंस पड़े, लेकिन वो स्पर्श ,वो मेरी चूत की आग जगा गया।ऐसे ही 15 दिन बीत गए। हर मुलाकात में हमारी नजदीकी बढ़ती गई।


 कभी वो मेरे स्तनों को छू लेता, तो कभी मैं उसके लन्ड पर हल्का सा दबाव डाल देती।"हाशमी, ये क्यों छिपा रखा है? इतना सख्त?" वो शरमाता, लेकिन आंखों में हवस नहीं छुपा पाता।


"मामी, ये आपकी गांड़ का कमाल है।" मैं फुसफुसाती, "तो कभी चख लो ना मेरी चूत और गांड़ को।"लेकिन हमें मौका नहीं मिला। तभी एक दिन फोन आया। मामा बोले, "रवीना, मैं गांव जा रहा हूं बेटे को लेकर।


सुबह निकलूंगा, रात तक लौटूंगा। हाशमी को बोलना, वो आज घर रुक जाए।"मेरा दिल धड़क उठा। मेरी लॉटरी लग गई! सुबह हाशमी के मामा चले गए,


और मैं सुहागरात की तरह तैयार हो गई मैने शादी वाली लाल साड़ी पहनी जिसमें मेरी चूतड़ और मम्मे उभर आए।हाशमी आया नहा-धोकर, साफ-सुथरा होकर। जैसे ही उसने दरवाजा बंद किया, मैं उससे लिपट गई।


"हाशमी मेरी जान आज तू मेरा है, कमीन ।" मेरे होंठ उसके होंठों पर चिपक गए। ये Antarvasna की Hindi Sex Kahani आप Garamkahani पर पढ़ रहे है।


हमारा मीठा किस ओह, वो तो आग की तरह था। 10 मिनट तक हम लिपटे रहे, जीभें लड़ाते रहे, सांसें मिलाते रहे।उसके हाथ मेरी पीठ पर, मेरी गांड को मसलते रहे।


"मामी, तुम्हारी गांड कितनी मोटी, कितनी गर्म है। इन्हें चूसना चाहता हूं।"मैं कराही हुई बोली, "चूस ले सब कुछ तेरा है आज से।" फिर मैंने उसकी शर्ट उतारी, उसके चौड़े सीने को चूमा।


उसके निप्पल्स को चाटा, जैसे कोई बच्चा दूध पी रहा हो। वो सिहर उठा, "आह मामी तेरी जीभ जादू है।"अब मेरी बारी। उसने मेरी साड़ी खींची, ब्लाउज के हुक तोड़े वो तो ऐसे टूटे जैसे कोई जेल के ताले खुल गए।


मेरा पेटीकोट नीचा गिरा, और मैं लाल ब्रा-पैंटी में उसके खड़ी हो गई।मेरी चूत वो तो पैंटी से बाहर झांक रही थी, बिल्कुल गीली, चमकदार। हाशमी का लन्ड पैंट में तंबू बना रहा था।


"मामी, तू तो आग है ये ब्रा, ये पैंटी इन्हें फाड़ दूं, प्लीज़?" मैं मुस्कुराई और बोली "फाड़ दे अपनी मामी को नंगा कर दे आज।"उसने ब्रा खींची, मेरे मम्मे बाहर उछल पड़े बड़े, भारी, निप्पल्स सख्त हो रहे थे।


वो उमर झपटा, उन्हें मसलने लगा। "आह! आसाअोह हाशमी मसल दे निचोड़ इन मम्मों को जैसे कोई रसीला फल।हाह्ह आह!" मैं तड़प रही थी, मेरी चूत से रस बह रहा था। उसके हाथ मेरी पैंटी में घुसे उसने उंगली चूत के होंठों पर रगड़ी।


 "मामी, ये चूत कितनी गर्म, कितनी नरम और रसीली है ये रस स्वादिष्ट लग रहा।" मैंने उसकी पैंट उतारी।ओह माँ! उसका लन्ड कम से कम 8 इंच का होगा, वो मोटा, नसों से भरा, नीरा लाल-चमकदार था।


"हाशमी ये लन्ड कितना सुंदर, कितना ताकतवर है। ये मेरी चूत को फाड़ देगा।"मैं घुटनों पर बैठ गई, उसे चाटते हुए बोली । जीभ से उसके सिरे को चूसा, जैसे कोई आइसक्रीम हो।


वो कराहा, "आह मामी तेरी जीभ का जोश मेरा लन्ड पिघला रहा है। इसे गले तक ले ले।"मैंने कोशिश की और आधा मुंह में लिया, फिर मज़े से चूसती रही।


 उसका स्वाद नमकीन व मादक था। थोड़ी देर में वो झड़ने वाला था।मैंने मुंह से लन्ड बाहर निकाला, हाथ से हिलाया, और उसका रस ओह, वो मेरे मम्मों पर गिरा एकदम गर्म व चिपचिपा।


मैंने अपने मल लिया, जैसे क्रीम लगाई हो। फिर चाट कर उसके लन्ड को साफ करा।"अब फिर खड़ा कर तेरी मामी की चूत इंतजार कर रही।" मैं भड़कते हुए बोली।


वो खड़ा हो गया। मैं पलंग पर लेट गई और उसके स्वागत में पैर फैलाए। "हाशमी आ अपनी मामी की चूत में लन्ड डाल।चोद मुझे फाड़ आज इस चूत को।" वो मेरे ऊपर चढ़ा, लन्ड का सिरा उसने मेरी चूत के मुंह पर रगड़ा।


 "मामी, ये चूत कितनी तंग, कितनी गीली हैं। अब ले लन्ड धीरे से।"उसका पहला पहला धक्का आह! जब लगा तो आधा लन्ड अंदर घुसा। मुझे दर्द हुआ, लेकिन मजा भी मिला ।


"आआह हाशमी धीरे तेरे मामा का तो छोटा है, मेरी चूत इतनी फैली नहीं है।"वो रुका, उसने प्यार से चूमा मुझे। "सॉरी मामी लेकिन अब तू मेरी रंडी है। ले अब पूरा।"


दूसरा धक्का लगाते हुए वो बोला फिर पूरा लन्ड अंदर! उतार गया।मेरी चूत फटने लगी, लेकिन वो भरा हुआ अहसास ओह, सुकून! मैं बोली "फाड़ दे , चोद हाह्ह आह! तेरी मामी तेरी हो गई।"


वो धीरे-धीरे हिलने लगा। लन्ड बाहर-अंदर होने लगा। वो मेरी चूत के दीवारों को रगड़ता चला गया। "मामी तेरी चूत कितनी कसी हुई जैसे कोई वर्जिन लड़की की हो।"


मैं बिलबिलाई, "चोदो तेज मेरी चूत को अपना बना ले कमीन। आआ ईई हाय!" उसके धक्के तेज हुए, मेरे चूतड़ कमर पटकने लगे।


मेरे मम्मे उछल रहे थे, चूत से चाप-चाप की आवाज गूंज रही थी।20 मिनट में हम पसीने से तर हो गए फिर मैं कराहते हुए बोली "हाशमी झड़ अंदर ही , भर दे तेरी मामी की चूत को!"


एक साथ ही झड़े हम। उसका रस गर्म था, भरपूर गाढ़ा उसने मेरी चूत को नहला दिया। हम बहुत देर तक यूंही लिपटे पड़े रहे, मैने अपने होठ उसके होठ से जोड़कर सांसें मिलातीं।


आधा घंटे बाद, हम बाथरूम गए। नहाते हुए मैंने कहा, "हाशमी अब मेरी गांड भी तो चख ले।" वो चौंका, "मामी तेरा पहली बार है?"  ये Antarvasna से भरपूर Hindi Sex Story आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे है।


 मैंने हां में सिर हिलाया। उसने गांड़ पर साबुन लगाया, छेद को उंगली से खोला। फिर लन्ड सेट करा।आह मुझे दर्द हुआ लेकिन फिर भी बोली “डाल कमीन अपनी मामी की गांड फाड़।"


 धीरे-धीरे अंदर बाहर लन्ड होने पर ओह, वो तंगपन! का एहसास मुझे अच्छा लगा।मेरी गांड की दीवारें लन्ड को चूस रही थी। "चोद जान ,गांड चोद हाह्ह!" हम फिर 10 मिनट में झड़े, उसने गांड में रस भरा।


उसने उस दिन तीन बार चोदा मुझे मेरी चूत में दो बार, गांड में एक बार। रात में मामा आए, और हाशमी गया।लेकिन मेरी तड़प बढ़ गई। उसके बाद हर मौके पर हम मजे करते।


वो नाश्ता बनाते समय मेरी गांड़ पर अपना लन्ड घिसता रहता कभी कभी तो नंगी गांड़ के साथ ही में किचन में हाशमी को नज़ारे दिखाती, जब भी मैं बाथरूम में जाती तो वो पीछे पीछे आ जाता।


मुझे तो याद भी नहीं के मैं उसके होते हुए अकेली अगर नहा पाई हूं, उफ्फफ! मैने अपने जिस्म पर पानी बहाती वो घुटनों पर आकर मेरी चूत से बहते पानी को पीता , यहां तक कि मेरे बेटे के सोते वक्त भी हम चुदाई का मज़ा लेते थे।


एक बार तो मामा के जाने पर पूरी रात लन्ड चूत में लेकर सोई में उस रात चूत लन्ड पर फंसी रही जब मैंने सुबह उठकर जब लन्ड बाहर निकला तो वो थोड़ा छील गया था।


हाशमी हैरान था के एक चूत इतनी घटक कैसे हो सकती है, मगर मैं तो पक्की खिलाड़ी थी ।आज तक हमारा प्यार भरा रिश्ता कायम है। तो दोस्तों, ये थी मेरी कहानी।


तो मेरे प्यारो, आज भी रवीना मामी की तड़पती चूत और गंदी गांड हाशमी के मोटे लंड की प्यासी बनी हुई है... हर मौके पर वो मुझे रंडी बनाकर चोदता है, चूत फाड़ता है, गांड मारता है और मम्मों पर गर्म माल गिराता है।


ये थी हमारी सच्ची Hindi Incest Chudai Kahani – Mami Bhanza Sex Story में गर्म चूत चुदाई, मोटा लंड, रसीली गांड माराई और पूरी रात की Desi Randi Chudai।  


अगर आपको ये Garam Sex Kahani पसंद आई तो कमेंट में बताओ: "मामी की चूत फाड़ो" या "भांजे का लंड चाहिए" – अपनी गंदी फैंटसी शेयर करो! अगली कहानी में मिलते हैं, जहां चूत-गांड की जंग और तेज होगी। 😈💦   


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