मौलवी की माँ-बेटी संग थ्रीसम चुदाई!
Family Sex : मौलवी ने माँ-बेटी दोनों रंडियों की चूत चाटी, लंड चुसवाया! चूत व गांड फाड़कर भरा वीर्य! फिर बनाया हलाल रंडी! परिवार में हुई जोरदार Threesome चुदाई!
अभी तक "मौलवी अब्बा ने बेटी की सील पैक चूत फाड़ी!" में आपने पढ़ा :-
“अब्बा… बहुत मोटा है… मेरी चूत फट रही है… लेकिन रोकूँगी नहीं… आह्ह्ह्ह… मैं आ गई… आआआह्ह्ह्ह्ह!!!”
आयशा जोर से झड़ गई। उसकी चूत से पानी छूटा और हबीबुर रहमान के लंड को निचोड़ने लगा।
हबीबुर रहमान ने भी उसे कसकर पकड़कर तेज धक्के दिए और तीसरी बार अपना गाढ़ा वीर्य आयशा की चूत के अंदर ही छोड़ दिया।
“ले मेरी बेटी… ले पूरा हलाल माल… भर गई तेरी चूत… अब तू पूरी तरह मेरी हलाल रंडी हो गई है।”
दोनों पसीने से तर-बतर होकर लेट गए। आयशा हबीबुर रहमान की छाती पर सिर रखे हुए थी। उसकी चूत से वीर्य टपक रहा था। हल्का दर्द था लेकिन चेहरा पूरी तरह संतुष्ट और शर्मीला था।
हबीबुर रहमान ने उसके बाल सहलाते हुए कहा, “कल रात तेरी अम्मी जैनब भी हमारे साथ रहेगी। तीनों मिलकर हलाल राहत लेंगे। तू तैयार रहेगी ना बेटी?”
आयशा ने शर्मा कर सिर हिलाया। “जी अब्बा… जो आपकी मर्जी… लेकिन… मुझे डर भी लग रहा है… अम्मी के सामने…”
“डरने की कोई बात नहीं। तेरी अम्मी भी मेरी हलाल रंडी है। कल रात हम तीनों मिलकर अल्लाह के नाम पर मजे करेंगे।”
आयशा ने उनकी छाती में मुँह छुपा लिया, लेकिन उसकी जांघें फिर से रगड़ने लगीं। अंदर ही अंदर उसे नई उत्तेजना महसूस हो रही थी।
अब आगे :-
अगली रात। पूरा घर अंधेरे में था, सिर्फ बेडरूम में हल्की लाल रोशनी जल रही थी। हबीबुर रहमान ने दोनों को बुलाया था। जैनब और आयशा दोनों ही तैयार थीं।
जैनब ने काली ट्रांसपेरेंट नाइट गाउन पहनी हुई थी, अंदर कुछ नहीं। उसके भारी स्तन और मोटी गांड साफ दिख रही थी। आयशा ने सिर्फ एक लाल ब्रा और पैंटी पहनी थी। उसकी कुंवारी चूत कल रात चुदने के बाद भी थोड़ी सूजी हुई थी।
हबीबुर रहमान लुंगी में बैठे थे, लंड पहले से ही खड़ा था।
“आज दोनों मेरी हलाल रंडियाँ हैं। अल्लाह के नाम पर तीनों मिलकर मजे करेंगे।”
जैनब ने आयशा को देखकर मुस्कुराते हुए कहा, “बेटी… डर मत। आज हम दोनों मिलकर तेरे अब्बा की सेवा करेंगे।”
हबीबुर रहमान ने पहले जैनब को खींचा और उसके होंठों पर जोरदार किस किया। फिर आयशा को पास बुलाकर दोनों को अपने सामने घुटनों पर बिठा दिया।
“दोनों मिलकर चूसो… अपना हलाल लंड चूसो।”
जैनब और आयशा दोनों ने लंड पकड़ा। जैनब ने टॉपे को चाटा, आयशा ने शर्माते हुए लंड के नीचे वाले हिस्से को चूसा।
“उम्म्म्ह्ह्ह… कितना मोटा और गर्म है अब्बा का लंड…” आयशा बोली।
“चूस रंडी… गले तक ले… हाँ… अच्छी बेटी…” हबीबुर रहमान ने आयशा के बाल पकड़े और लंड मुंह में ठूंस दिया।
जैनब नीचे अंडों को चूस रही थी। “हज़ूर… हम दोनों आपकी हलाल रंडियाँ हैं… जितना चाहे चोदिए…”
कुछ देर डबल ब्लो जॉब के बाद हबीबुर रहमान ने जैनब को बिस्तर पर लिटाया और आयशा को उसकी ऊपर ६९ पोजीशन में बिठा दिया।
“आयशा… अपनी अम्मी की चूत चाट… जैनब… बेटी की चूत चाट।”
दोनों माँ-बेटी एक-दूसरे की चूत चाटने लगीं। कमरे में “चट… चट… चट…” की आवाजें भर गईं।
“आह्ह्ह्ह… अम्मी… आपकी जीभ बहुत अच्छी है… मेरी चूत चाटिए…” आयशा कराह रही थी।
जैनब मुंह से बोली, “बेटी… तेरी चूत तो अभी भी टाइट है… अब्बा ने कल अच्छे से फाड़ी ना? आह्ह्ह्ह… हाँ… और चूस…”
हबीबुर रहमान पीछे से आयशा की गांड में लंड घुसाने लगे।
“ले मेरी सील पैक रंडी… ले अब्बा का लंड… तेरी अम्मी के मुंह के सामने चुद… आह्ह्ह्ह!”
“आआआह्ह्ह्ह… अब्बा… बहुत जोर से… मेरी चूत फाड़ दो… अम्मी देख रही है… शर्म आ रही है… लेकिन मज़ा भी बहुत आ रहा है… अह्ह्ह्ह्ह… और तेज… चोदिए मुझे…”
हबीबुर रहमान ने आयशा को तेजी से चोदा। फिर लंड निकालकर जैनब की चूत में डाल दिया।
“अब तेरी बारी रंडी… अपनी बेटी के सामने चुद…”
जैनब चीख उठी, “हाँ हज़ूर… फाड़ दीजिए मेरी चूत… आयशा देख… तेरी अम्मी कितनी बड़ी रंडी है… आह्ह्ह्ह… लंड पूरा अंदर ले रही हूँ… चोदिए… मेरी गांड भी चोदिए…”
तीनों पोजीशन बदलते रहे।
पहले हबीबुर रहमान ने जैनब को डॉगी में चोदा और आयशा को जैनब के स्तन चुसवाए। फिर आयशा को सैंडविच करके दोनों ओर से चोदा – जैनब नीचे लेटी, आयशा उसके ऊपर, और हबीबुर रहमान आयशा की चूत में लंड मार रहे थे।
“दोनों रंडियाँ… बोलो… अब्बा का लंड कैसा लग रहा है?”
आयशा चीखते हुए, “बहुत मोटा अब्बा… मेरी चूत फट गई… लेकिन रुकना मत… चोदिए… मुझे अपनी हलाल रंडी बना दो… आआआह्ह्ह्ह… अम्मी… आपका मुंह मेरे स्तनों पर… चूसिए… काटिए…”
जैनब नीचे से बोली, “हाँ बेटी… हम दोनों अब अब्बा की हलाल रंडियाँ हैं… ले रंडी… अब्बा का माल अपनी चूत में ले… भरवा ले अपनी कुंवारी चूत…”
हबीबुर रहमान ने दोनों को घुटनों पर बिठाकर मुंह चोदा। पहले आयशा का मुंह, फिर जैनब का। दोनों की आँखों से आँसू निकल रहे थे लेकिन वो रुक नहीं रही थीं।
“गले तक ले रंडी… हाँ… अच्छी बेटी… तेरी अम्मी जैसी रंडी बन गई है तू…”
आखिर में हबीबुर रहमान ने दोनों को बगल में लिटाया और बारी-बारी चोदने लगे। पहले जैनब को १० जोरदार धक्के दिए।
“ले मेरी पुरानी रंडी… ले पूरा लंड अपनी चूत में…”
“आह्ह्ह्ह… हज़ूर… फाड़ दीजिए… मेरी चूत आपकी है… अह्ह्ह्ह… और तेज… १०… ११… १२… मारिए… चोदिए… उफ्फ्फ़… मेरी चूत निचोड़ रही है आपके लंड को…” जैनब चीख रही थी।
हबीबुर रहमान ने जैनब की टांग ऊपर उठाई और साइडways पोजीशन में घुसते हुए बहुत तेज धक्के मारे। हर धक्के पर जैनब के मोटे स्तन उछल रहे थे। उन्होंने आयशा का हाथ पकड़कर जैनब के स्तन पर रख दिया।
“बेटी… अपनी अम्मी के चुचे मसल… चूस…”
आयशा शर्मा कर भी जैनब के एक स्तन को मुंह में ले लिया और चूसने लगी। जैनब ने आयशा के बाल पकड़कर उसके सिर को और जोर से दबाया।
“हाँ बेटी… चूस अपनी अम्मी के चुचे… आह्ह्ह्ह… अब्बा बहुत जोर से चोद रहे हैं… मैं आ रही हूँ… आआआह्ह्ह्ह्ह!!”
जैनब पहली बार झड़ गई। उसकी चूत से पानी छूटा और हबीबुर रहमान के लंड को भीग गया।
अब उन्होंने लंड निकाला और आयशा की तरफ मुड़े। आयशा को अपनी तरफ घुमाया, उसकी एक टांग ऊपर की और लंड को चूत के मुंह पर रगड़ा।
“अब तेरी बारी मेरी सील पैक रंडी… ले अब्बा का लंड… अपनी अम्मी के सामने चुद…”
“अब्बा… धीरे… अभी भी टाइट है… आह्ह्ह्ह…” आयशा ने कहा लेकिन हबीबुर रहमान ने एक जोरदार धक्का मारकर पूरा लंड अंदर ठूंस दिया।
“आआआह्ह्ह्ह्ह!!! फट गई अब्बा… बहुत मोटा… मेरी चूत फाड़ दी… उफ्फ्फ़… अह्ह्ह्ह… मारिए… चोदिए… मैं आपकी हलाल बेटी रंडी हूँ…”
हबीबुर रहमान ने आयशा को साइड से ही जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया।
“पच्च… पच्च… पच्च… पच्च…” कमरे में चुदाई की आवाज गूंज रही थी। जैनब बगल में लेटी हुई आयशा के स्तन चूस रही थी और कभी-कभी हबीबुर रहमान के अंडों को सहला रही थी।
“हाँ बेटी… ले पूरा लंड… तेरी अम्मी देख रही है… बोल… कितना मज़ा आ रहा है?” हबीबुर रहमान ने आयशा के बाल खींचे।
“बहुत मज़ा आ रहा है अब्बा… आपका मोटा लंड मेरी छोटी चूत में घुस रहा है… फाड़ रहा है…
आह्ह्ह्ह… अम्मी… आपका मुंह मेरे चुचों पर… चूसिए… काटिए… मैं पागल हो रही हूँ… अह्ह्ह्ह्ह… और तेज अब्बा… मेरी चूत को निचोड़िए… भर दीजिए अपनी रंडी बेटी की चूत… आआआह्ह्ह्ह्ह!!!”
आयशा जोर से झड़ गई। उसकी चूत हबीबुर रहमान के लंड को कसकर निचोड़ रही थी।
हबीबुर रहमान ने लंड निकाला और दोनों को घुटनों के बल बिठा दिया। अब दोनों माँ-बेटी कतार में गांड ऊपर करके खड़ी थीं।
“दोनों रंडियाँ… अपनी-अपनी गांड फैलाओ…”
पहले उन्होंने जैनब की गांड में लंड घुसाया। “ले मेरी गांड वाली रंडी… तेरी गांड आज फिर हलाल होगी…”
“हाँ हज़ूर… फाड़ दीजिए मेरी गांड… आह्ह्ह्ह… बहुत मोटा है… अह्ह्ह्ह… पूरी गांड भर दीजिए…” जैनब कराह रही थी।
कुछ जोरदार धक्कों के बाद उन्होंने लंड निकालकर आयशा की गांड में डाला।
“अब्बा… नहीं… वहाँ नहीं… आह्ह्ह्ह… दर्द हो रहा है… लेकिन… मत निकालिए… चोदिए मेरी गांड भी… मैं आपकी पूरी हलाल रंडी हूँ… आआआह्ह्ह्ह… गहरा… बहुत गहरा…”
हबीबुर रहमान ने दोनों की गांड बारी-बारी चोदी। कभी जैनब, कभी आयशा। आखिर में दोनों को बिस्तर पर लिटाकर उनके ऊपर आ गए।
“अब दोनों की चूत में अपना माल भरता हूँ…”
वे पहले आयशा की चूत में घुसे और तेज-तेज धक्के मारते हुए बोले, “ले बेटी… ले अपना हलाल बीज… गर्भवती हो जा अपनी अब्बा से…”
“हाँ अब्बा… भर दो… मेरी चूत में डाल दो… मैं आपकी हलाल बेटी हूँ… आह्ह्ह्ह… मैं फिर आ गई… आआआह्ह्ह्ह्ह!!!”
आयशा के बाद जैनब की चूत में घुसकर उन्होंने आखिरी माल भी छोड़ा।
“ले मेरी बीवी रंडी… ले पूरा माल… दोनों की चूतें आज मेरे वीर्य से भरी हुई हैं…”
तीनों थककर एक-दूसरे से चिपटकर लेट गए। जैनब और आयशा दोनों की चूतों और गांडों से सफेद वीर्य टपक रहा था। कमरे में सेक्स की भारी खुशबू फैली हुई थी।
हबीबुर रहमान ने दोनों के बाल सहलाते हुए धीरे से कहा,
“अब से हर रात हम तीनों का ये हलाल खेल चलेगा… लेकिन आयशा… तेरी शादी तय हो रही है। जब तू ससुराल जाएगी, वहाँ भी तुझे हलाल राहत की जरूरत पड़ेगी।
तेरे ससुर और देवर भी इंतजार कर रहे होंगे… क्या तू वहाँ भी अपनी चूत और गांड हलाल करवाएगी?”
आयशा शर्मा कर उनकी छाती में मुँह छुपा गई, लेकिन उसकी आँखों में नई जिज्ञासा और उत्तेजना झलक रही थी।
कहानी यहीं खुली छोड़ दी जाती है… इसके आगे और भी कहानियाँ हैं!....
आयशा की ससुराल वाली चुदाई की अगली कहानी चाहिए तो नीचे कॉमेंट करके बताओ। 🔥
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