माँ की चूत में गर्म पेशाब डालकर चोदा

Family Sex Story : पापा के सोते वक्त माँ ने मुझे वॉशरूम में खींच कर चटवाई चूत! चूसा लंड! फिर गर्म पेशाब बहाई उनके चेहरे और चूत पर! फिर हुई जोरदार Dirty चुदाई!


कैसे हो दोस्तो, मैं विभु हूँ, दिल्ली से। ये मेरी एक सच्ची कहानी है इस घटना के होने से पहले तक मैं एक सामान्य सा लड़का था, जिसकी लंबाई 5’6 इंच है। यह मेरी जिंदगी की पहली कहानी है जो मेरी माँ रागिनी और मेरे बीच लन्ड और चूत के साथ हुई।  


आशा करता हूँ कि आप सबको मेरी यह कहानी पसंद आएगी और आप लोग मुझे सपोर्ट करेंगे। यह Mom Son Sex Kahani उस वक्त की है जब मैं 12वीं के बोर्ड एग्जाम देने के बाद छुट्टियों में घर पर ही रहकर मोज ले रहा था।


मेरी माँ रागिनी दिखने में बहुत सेक्सी है गांव की पैदावार होने बाद भी वो ओपन माइंडेड हैं।  उनकी उम्र करीब 46 साल है, लेकिन शरीर इतना मस्त है कि कोई भी उन्हें देखकर लार टपकाए बिना नहीं रह सकता।


गोल-गोल बड़े 38 के बूब्स, पतली 30 की कमर, मोटी-मोटी 36 की गांड और लंबी-लंबी गोल टांगें हमेशा मेरी पढ़ाई से ध्यान के हटने का कारण बनी रही थी। 


माँ घर के अंदर आम तौर पर वही कपड़े पहनती थी जिसमें उनके हर अंग का प्रदर्शन मुझे आसानी से हो जाता था। इससे पहले भी जब मैं छोटा था तब से ही मेरी माँ मेरे साथ थोड़ा एडल्ट मजाक करती रहती थीं।


जैसे मेरे निपल्स सहलाना या नहलाते समय मेरा नुनु पकड़ना, मेरे बॉल्स पर हल्का-सा थप्पड़ मार देना या मेरी गर्दन पर Love Bite के निशान बना देना। मैं भी कभी-कभी उनके शरीर पर हाथ फेर देता और उनकी गांड में चुटकी काट लेता था। 


बड़े होते होते यह सब एक आम दिनचर्या वाली बात हो गई थी मैं सेहत में ठीक थक हूं तो मां कभी कभी मेरी गोद में बैठकर खाना खाती थी जिससे मेरा लन्ड उनकी मस्त गाड़ महसूस करता था।


 हम दोनों के बीच यह सब इतना नॉर्मल हो चुका था कि कोई शर्म नामी पर्दा नहीं बचा था।


 ऐसे ही होते-होते एक दिन मेरी माँ ने मुझसे कहा, “विभु बाबू, मुझे एक किस चाहिए!”


यह सब इतना ओपनली इसलिए हो गया क्योंकि हम लोग अक्सर एडल्ट बातें और मजाक करते रहते थे। जब जब पापा टूर पर गए होते तो हम एक ही बिस्तर पर सोते थे।


शायद आप लोग शायद यकीन न मान पाए मगर मर्डर 2 फिल्म मैने अपनी माँ के साथ देखी थी। ये Maa Bete Ki Sex Kahani आप Garam kahani पर पढ़ रहे है। खेर मैंने हँसते हुए कहा, “ठीक है माँ, मिल जाएगा!”


जवाब देने के बाद मैने देखे वो मेरी तरफ भूखी नजरों से कदम बढ़ा रही ही मैने गले में अटका पानी निगला । इतने में उन्होंने तुरंत मेरे गाल पकड़े और मेरे होंठों पर अपने हाथ रखकर मीठा रस भरा स्वाद दे दिया।


मैं कैसे इन हालातों में खुद को रोक पाता मैं भी उनका साथ देने लगा। 


मैने माँ की पीठ पर हाथ घुमाते हुए उन्हें अपने करीब चिपकाया उनकी जीभ मेरी जीभ से खेलने लगी। उनके नरम-नरम होंठ, मीठी साँसें रस भरी ज़बान मेरी जवानी को उकसा रही थी।


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वो किस इतना गहरा था कि मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। मेरा लन्ड अपने आप ही उनकी चूत को महसूस करने के लिए रगड़ खाने लगा। माँ मेरे कमर में अपने हाथ बांध कर मुझे चूमे जा रही थी, मैं हैरान था आज उनको वो ये सब कैसे कर रही है। 


उनमें से बहुत मीठी खुशबू मुझे महसूस हो रही थी, धीरे धीरे मैं अपने हाथ उनकी गांड़ की तरफ ले जाने लगा मगर अचानक उन्होंने मुझे रोक दिया वो एक लंबी सांस मेरे मुंह में लेकर मुझसे अलग हुई फिर वह दिन ऐसे ही गुजर गया।  


दिन से शाम और शाम से रात तक मेरा लन्ड पहाड़ की तरह तना रहा फिर खाने के समय भी उनकी नज़रे मेरी टांगों के बीच ही अटकी हुई थी रात को मैं हमेशा की तरह अपनी माँ के साथ ही सोया।


मेरी माँ उनकी एक छोटी बेटी भी है जो उस वक्त सिर्फ 2 साल की थी – मेरी छोटी बहन। Family Free Hindi Sex Kahani आप Garam Kahani Dot Com पर पढ़ रहे है।


उस रात पापा भी घर पर ही थे पापा पहले ही सोफे पर काम करते करते सो गए थे मुझे कभी समझ नहीं आई के इतना मेहनत कर के इंसान हासिल क्या करलेता है जब खुद की बीवी भी किसी दूसरे के लन्ड पर गुज़ारा चलाती है।


सोचते सोचते मैं अपने फोन पर मूवी देखने लगा मुझे नींद नहीं आ रही थी।  


माँ अपने बच्चे यानी मेरी बहन को दूध पिला रही थीं। उनके बड़े-बड़े बूब्स बाहर निकले हुए थे और निपल्स से दूध टपक रहा था। उसे सुलाने के बाद माँ बोलीं, “मुझे भी मूवी देखनी है!” हम दोनों बेड पर साथ में लेट गए और मूवी देखने लगे।  


थोड़ी देर बाद उन्होंने मुझसे पूछा, “सुबह वाला किस करके मजा आया या नहीं?”


मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “दोबारा ट्राई किया जाए क्या! वो ठीक से नहीं हुआ था अपने रोक दिया था।” माँ ने भी हाँ कर दीं। मैंने तुरंत उनकी तरफ मुड़कर होठों का रसपान शुरू कर दिया। 


किस करते-करते मैंने हिम्मत करके उनके बूब्स को प्रेस करना शुरू किया उनके मोटे मोटे दूध भरे चूंचे मेरे हाथ में नहीं आ रहे थे। माँ कुछ नहीं बोलीं। उल्टा उन्होंने अपनी छाती और आगे कर दी और मेरी गर्दन को चूमना शुरू कर दिया।  


ये Mom Son Sex Story आप Garam kahani पर पढ़ रहे है। मैं तो सुबह ही समझ गया था कि आज माँ चुदने के मूड में हैं, आज ये माँ बेटे का रिश्ता अपनी अगली सीढ़ी पर चढ़ने वाला है।


 फिर उन्होंने भी उंगलियां चलाई और अपना हाथ नीचे ले जाकर मेरे लंड को पैंट के ऊपर से पकड़ लिया और मुझे सहलाने लगीं। यह सब मेरी लाइफ में पहली बार हो रहा था ये पहली बार था जब हम Open Minded से Incest Story Minded हो रहे थे।


 मेरा दिल जोरों से धड़क रहा था। मैंने धीरे से उनकी नाइटी ऊपर उठाई और उनके गीली बुर में उंगली डाल दी। हमें एक डर था कि कहीं पापा जाग न जाएँ।


फिर मैंने धीरे धीरे एक उंगली उनके बुर में और दूसरी उनकी गांड में एक साथ पेलनी शुरू कर दी मेरी कैंची बनी उंगलियां माँ को दोहरा मज़ा दे रही थी। माँ ने भी शायद पहले कभी दोनों छेदों में एक साथ कुछ नहीं लिया था। इसलिए उन्हें बहुत मजा आने लगा। 


वे “अआआह ओह विभु! सांससी! आह, हम्ममम विभु! आअआअह की सिसकियाँ भरने लगीं। मैं उंगली चलाते हुए उनके निपल्स भी चूस रहा था। उनके निपल्स से दूध निकल रहा था, जो मैं चूस-चूस कर पी रहा था।  


फिर मैं उनकी गर्दी को चूमने लगा, गर्दन से चूची कि तरफ जाने वाले रस्ते पर मैं दांतों के निशान छोड़ता जा रहा था।


मैंने उनकी दोनों चूंची पर अपनी निशानी छोड़ी फिर पर से सहलाता हुआ उनकी नाभि को चूमने लगा धीरे धीरे कर के पेट नीचे को जाने लगा। अब माँ की चूत थोड़ी ही दूरी पर थी।


ये Antarvasna से भरपूर Chudai Ki Kahani आप Garam kahani पर पढ़ रहे हैं। मैने उनकी उभरी उभरी चूत को कुछ पल देखा फिर प्यार से एक बार किस करा फिर थोड़ा नीचे सरककर उनकी चूत चाटना शुरू किया।


माँ तो जैसे मदहोश हो गईं! थी वो बेतहाशा “अआआह ओह विभु! सांससी! आह, हम्ममम विभु! “अआआह ओह विभु! आअहम्म! आह, हम्ममम विभु! की आवाज़ निकाल कर मेरे जोश को बढ़ा रही थी।


मैं भी अब पूरी जीभ उनके बुर में घुसा दे रहा था।


अपनी जीभ को नुकीला कर के अंदर घुमा रहा था और क्लिटोरिस को चूस रहा था। माँ ये सब बर्दाश्त नहीं कर पाईं और मेरे मुँह में ही झड़ गईं। पता नहीं उनकी ज़मीन कबसे सूनी थी उनका गर्म-गर्म चूत का पानी मेरे मुँह में भर गया।


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मैंने सारा पानी चूस-चूस कर पी लिया।  


उसके बाद मैंने एक ज़ोर का तमाचा माँ की गांड़ पर दे मारा जिससे वो चिहुंक उठी मैने तुरंत उनका मुंह दबाया मगर मेरे मारने से उनमें भयंकर उत्तेजना आ गई फिर मैने उनकी गांड चाटनी शुरू कर दी। 


गांड़ चटती देख माँ पागल हो गईं! मैं गांड के छेद में भी जीभ घुसा रहा था और फिर गांड से लेकर चूत तक एक लंबी लिक लगाता हुआ चाट रहा था। मेरी प्यारी माँ को मजा तो आ रहा था, लेकिन डर भी लग रहा था कि कहीं पापा जाग न जाएँ। 


लेकिन मुझे पापा के जागने का टाइम पता था, इसलिए मुझे कोई डर नहीं था।


उसके बाद मैने उन्हें पलटा और अपने लन्ड को उनके मुंह के पास लह राया फिर माँ ने काँपती आवाज में कहा, “अब मैं तुम्हारा लंड चूसूँगी!” और हम 69 पोजिशन में आ गए।


मेरी हालत कुछ कहने लायक नहीं थी उन्होंने बेड के नीचे चलने का इशारा करा, हम दोनों बेड के नीचे चले गए। पहले माँ ने मेरी पैंट खींची और मेरा खड़ा लंड मुँह में ले लिया। उफ्फ! मुझे लगा जैसे मैं हवा में उड़ रहा हूँ। मुझे कुछ देर इसका आनंद लेना था।


माँ मेरे लंड को पूरा मुँह में ले रही थीं, साथ-साथ बॉल्स को भी चूस रही थीं। उनकी गर्म जीभ लंड के पूरे तने पर घूम रही थी।


वो धीरे धीरे लन्ड पर काटती फिर आराम आराम होठों से दबाओ बनाते हुए पूरे लन्ड को अंदर लेती फिर अपना थूक भरते हुए वापस लन्ड चिकना बनाती। 


मुझसे बर्दाश्त नहीं हो पा रहा था उनका ये रूप मेरे लिए सहना मुश्किल था। मैंने उन्हें रोका और उनके बूब्स के बीच थूक लगाकर लंड रख दिया। फिर मैं उनके बूब्स को दबाते हुए लंड को रगड़ने लगा। निपल्स पर लंड की नोक रगड़ते हुए मैंने उन्हें चोदने जैसा काम करा।


जब मैं अपने थोड़ा कंट्रोल में हुआ तो फिर से उनके मुँह में अपने नाग को डाल दिया। माँ अब जोर-जोर से चूसने लगीं।


फिर मैंने दुबारा लंड निकाला और उनकी चूत के ऊपर रगड़ना शुरू कर दिया। माँ और भी बेचैन हो गईं थी। वे बार-बार कसमसाने लगीं। 


मैं जानबूझकर अभी अंदर नहीं डाल रहा था, ताकि उनकी चूत की खुजली और बढ़ जाए। उसके बाद हम 69 पोजिशन में आ गए, एक ही समय पर हम दोनों एक दूसरे को आसमानों की सेर करा रहे थे । अचानक मुझे याद आया कि पापा अब जागने वाले हैं। 


मैंने माँ से कहा, “माँ, अब पापा जागने वाले हैं, चलो सो जाते हैं वरना कांड हो जाएगा!” माँ ने मना कर दिया, “मुझे अब नींद नहीं आएगी जब तक तुम मुझे इस आग से ठंडक दिला नहीं देते!” मैंने उन्हें समझाया मगर उनके सर पर हवस पूरी तरह सवार हो चुकी थी।


ये Maa Ki Chudai Ki Kahani आप Garam kahani पर पढ़ रहे है। तो मैने बोला, “चलो वॉशरूम में चलते हैं! वहाँ मैं तुम्हारे बुर का सारा रस निकाल कर तुम्हे सुकून देता हूँ और तुम मेरे लंड का पानी निकाल कर मुझे आराम देना। 


फिर हम एक-दूसरे के ऊपर पेशाब भी करेंगे!” माँ को यह डर्टी पेशाब वाला आइडिया बहुत पसंद आया। वे Dirty Mom Son Sex के लिए तुरंत मान गईं।  


वे भी अच्छे से जानती थीं कि पापा जागने वाले हैं। तो हम दोनों जल्दी से कपड़े निकाल कर नंगे ही रह कर वॉशरूम चले गए।


दरवाजा लॉक करते ही मैंने उनकी टांगे उठाई और बुर चाटना शुरू कर दिया। माँ ने टांगें उठाकर अपनी चूत मेरे चेहरे पर रगड़नी शुरू कर दी।  


मैं उनके बुर के दाने को चूस रहा था और दो उंगलियाँ पूरी स्पीड से अंदर-बाहर कर रहा था। माँ बहुत चुदासी हो गई थी वो अआआह ओह विभु! सांससी! आह, हम्ममम विभु! “अआआह ओह विभु! आअहम्म! आह अब नहीं रुका जाएगा मेरी जान कह कर मुझे अपने ऊपर खींचने लगी।


मैने भी मौके की नजाकत को देखा और अपना 7 इंच का लन्ड उनकी फूली हुई चूत पर लगाया फिर 2 सेकंड हमने एक दूसरे की आंखों में देखा और हमारे होठों को जोड़ा और मैने उनकी गांड़ को दबाकर एक धक्का लगाया।


हम्ममम! उम्ममम की आवाज़ के साथ उन्होंने चीख ने की कोशिश करी मगर आवाज़ हमारे हवस के बीच दब गई, मैने खड़े खड़े ही माँ को चोदना शुरू कर दिया, मैं अपनी पूरी ताकत से उन्हें चोद रहा था वो भी अपनी पूरी जान लगाकर मेरे धक्कों का जवाब दे रही थी।


 वॉशरूम में हमारी अआआह ओह विभु! सांससी! आह, हम्ममम विभु! “अआआह ओह विभु! आअहम्म! आह अआआह ओह विभु! सांससी! आह, हम्ममम विभु! “अआआह ओह विभु! आअहम्म! आह की आवाज़ हमे मिलने वाले चरम सुख की साक्ष्य बन रही थी।


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हमारे धक्के जितनी जोर से लगते हमारे हाथ उतने ही जोर से जुड़ते फिर अलग होते अआआह ओह विभु! सांससी! आह, हम्ममम विभु! “अआआह ओह विभु! आअहम्म! आह की आवाज़ों भरी चुदाई पूरे 10 मिनिट तक चली उसके बाद मैने अपना सारा माल माँ के अंदर ही निकाल दिया।


उसके बाद उन्होंने मुझे नीचे बैठाया और मेरे ऊपर चूत लेकर चढ़ गई उन्होंने अपनी चूत को मेरे चेहरे पर बुरी तरह मसला मेरा गिराया माल मेरे ही चेहरे पर आ चुका था और कुछ ही पलो में वो भी झड़ गई।


अपनी ज़बान को घुमा घुमा कर मैने उनका पानी पिया फिर माँ ने मेरे बालों को पकड़ कर मुझे ऊपर खींचा अपना ही पानी टेस्ट करने के लिए वे मुझे किस करने लगीं। ये Mother Son Dirty Sex Story आप Garam kahani पर पढ़ रहे है।


किस के बाद उन्होंने मेरे लंड को फिर से मुँह में ले लिया और घुमा-घुमा कर चूसने लगीं जिससे मैं फिर से लन्ड तानकर तैयार हो गया। अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ। मैंने उनके सिर को पकड़ा और उनके मुँह को जोर-जोर से चोदने लगा। 


इस बार मैंने कोई कंट्रोल नहीं किया। जब मेरा माल उनके मुँह में गिरा तब भी मैं धक्के लगाता रहा। मेरा वीर्य उनके मुँह से निकलकर गालों पर, नाक पर और ठोड़ी पर बहने लगा। वो दिखते देखते झाग-झाग बन गया था। 


इसके बाद मुझे पेशाब लग गया। मैंने उन्हें बताया। माँ ने अपनी टांगे खोल दी और खोलकर घुटनों के बल बैठ गईं ताकि धार सीधी चूत पर गिरे। मैंने उनके चेहरे पर पेशाब करना शुरू किया। वे मुंह खोलकर थोड़ा-थोड़ा पी भी रही थीं।


मेरी गर्म पेशाब की धार उनके चेहरे से होती हुई उनकी चूत तक बह रही थी। फिर मैंने लंड को उनकी चूत से सटाकर पेशाब किया।


माँ को और मजा आ गया। मैंने उनके गालों को प्यार से तमाचा मारा, अपना पेशाब उनके ऊपर देखकर मुझे जोश आने लगा। फिर माँ को भी पेशाब आने लगा। 


मैंने मुंह खोलकर उनका पेशाब जितना पी सका पी लिया। बाकी अपने चेहरे, सीने और पूरे शरीर पर करवाया। हम दोनों पेशाब से तर-बतर हो चुके थे। उसके बाद जल्दी से नहाए, कपड़े पहने और वैसे ही आकर बेड पर सो गए।


इसके बाद तो हमारी लाइफ ही बदल गई अब हमें पापा की कमी महसूस नहीं होती थी और जब दिल करता जहां दिल करता हम वहां चुदाई मचाया करते थे। मैं और मेरी बहन मिलकर माँ का दूध पिया करते थे, कभी कभी तो उसी दूध की चाय भी मुझे मिलती थी। 


यह Free Hindi Sex Story कैसी लगी मुझे कमेंट में ज़रूर बताना और अगर आप लोग मेरे से बातें करना चाहते है तो hashmilion5@gmail.com पर Mail कर सकते हैं!


धन्यवाद।

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