पापा के दोस्त ने फाड़ी मेरी कुंवारी गांड!

Gay Hindi Sex Story : पापा के दोस्त ने मेरी कुंवारी Vargin गांड की सील तोड़ी! स्लो Antarvasna सिडक्शन के बाद जोरदार चुदाई, मोटा लंड… मैं बना पर्सनल रंडी! 


तो दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। मैं 19 साल का कॉलेज स्टूडेंट हूँ। अभी तक कुंवारा हूँ, मतलब न कभी किसी लड़की के साथ कुछ किया न किसी लड़के के साथ।


लेकिन पिछले एक साल से मेरे मन में एक अजीब सी उथल-पुथल मची हुई थी।


रातों को अकेले में मोबाइल पर गे पॉर्न देखता था और सोचता था – क्या सच में इतना मजा आता है? क्या कोई मोटा-तगड़ा आदमी मुझे अपनी बाहों में भर ले तो मेरी कुंवारी गांड कैसी महसूस करेगी? लेकिन ये सब सिर्फ कल्पना थी।


असल जिंदगी में मैं बहुत शर्मीला और सीधा लड़का था।


पापा के सबसे पुराने और करीबी दोस्त थे अमित अंकल। 48 साल के, ऊंचे कद के, चौड़े कंधों वाले, पेट थोड़ा निकला हुआ लेकिन बदन बहुत मर्दाना। पापा के साथ कॉलेज से दोस्ती थी।


वो हमारे घर अक्सर आते-जाते रहते थे। कभी-कभी तो हफ्ते में तीन-चार बार। पापा उनको भाई जैसा मानते थे। अमित अंकल भी मुझे बहुत प्यार करते थे।


“अरे राहुल बेटा, कितना बड़ा हो गया है तू!” कहकर मेरी पीठ थपथपाते और हंसते। उनकी आवाज़ भारी थी, उनकी हंसी में एक अजीब सा जादू था जो मुझे अंदर तक छू जाता था।


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उस दिन पापा और मम्मी को बहन को मेरी मौसी की बेटी की शादी में जाना था। शादी दिल्ली से बाहर थी, इसलिए तीन दिन रुकना पड़ता।


मम्मी ने कहा, “राहुल अकेला रहेगा तो ठीक नहीं, अमित को बोल दो घर पर रहने को।” पापा ने तुरंत फोन किया और अंकल तैयार हो गए। “चिंता मत करो भाई, मैं राहुल का पूरा ख्याल रखूँगा,” उन्होंने हंसकर कहा।


शाम को पापा-मम्मी निकल गए। घर में सिर्फ मैं और अमित अंकल रह गए। अंकल शाम सात बजे आए। सफेद शर्ट और ब्लैक ट्राउजर में। उनकी शर्ट के ऊपर वाले दो बटन खुले थे, उसमें से घने बाल दिख रहे थे।


मैंने दरवाज़ा खोला तो वो मुस्कुराए, “क्या बात है बेटा, आजकल और भी हैंडसम लगने लगा है तू।” मैं शर्मा गया। उन्होंने मेरे कंधे पर हाथ रखा। उनका हाथ भारी और गर्म था। बस इतना भर छूने से मेरे बदन में एक झुरझुरी सी दौड़ गई।


रात का खाना हम दोनों ने मिलकर बनाया। अंकल किचन में मेरे साथ खड़े थे। वो सब्जी काट रहे थे और मैं चावल धो रहा था। बीच-बीच में उनकी बाहें मेरी बाहों से टच हो जातीं।


वो हल्के से हंसते और कहते, “राहुल, तू अब बड़ा हो गया है। कॉलेज में कोई गर्लफ्रेंड तो नहीं बना ली?” मैंने सिर हिलाया, “नहीं अंकल, अभी तो पढ़ाई ही सब कुछ है।”


उन्होंने मेरी कमर पर हल्का हाथ फेरा और बोले, “अच्छा है बेटा… लेकिन कभी-कभी इंसान को अपनी असली प्यास भी समझनी चाहिए।” उनकी बात में कुछ छिपा हुआ था, लेकिन मैंने अनदेखा कर दिया।


खाने के बाद हम लिविंग रूम में टीवी देखने बैठे। अंकल सोफे पर फैलकर बैठ गए। उनकी जांघें चौड़ी थीं। मैं उनके बगल में बैठा। फिल्म चल रही थी लेकिन मेरी नजर बार-बार उनकी जांघों और खुले बटनों पर जा रही थी।


अंकल ने नोटिस कर लिया। उन्होंने हल्के से मुस्कुराते हुए कहा, “बेटा, थोड़ा करीब आकर बैठ ना। अकेला अकेला कैसा लग रहा है?” मैं सरक गया। अब मेरी जांघ उनकी जांघ से सट गई थी। उनकी बॉडी हीट मुझे महसूस हो रही थी।


रात ग्यारह बज गए। अंकल ने कहा, “मैं थोड़ा व्हिस्की पी लूँगा, तू भी थोड़ा ट्राई करेगा?” मैंने मना कर दिया। वो खुद पीने लगे। दो पैग के बाद उनकी आँखें थोड़ी चमकने लगीं।


उन्होंने मेरी तरफ देखा और बोले, “राहुल, तुझे कभी ऐसा लगा है कि कुछ बातें घर के अंदर ही रहनी चाहिए? कुछ राज जो बाहर नहीं निकलने चाहिए?” मैंने हाँ में सिर हिलाया। उन्होंने मेरे घुटने पर हाथ रख दिया।


“बहुत अच्छा। मैं भी वही सोचता हूँ।” ये Papa Ke Dost Ki Seduction Chudai ki Kahani आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे है।


धीरे-धीरे बातें नॉर्मल से पर्सनल होने लगीं। अंकल ने बताया कि उनकी पत्नी से रिश्ता अच्छा नहीं चल रहा। “वो तो बस नाम की बीवी है… असली मज़ा तो कुछ और ही चीजों में है बेटा।” मैं चुप था लेकिन अंदर से दिल जोरों से धड़क रहा था।


अंकल ने फिर मेरी पीठ सहलाई। “तू बहुत टाइट बॉडी वाला है राहुल। जिम जाता है क्या?” मैंने कहा, “हाँ अंकल, कभी-कभी।” उन्होंने मेरी बाइसेप्स पर हाथ दबाया, “वाह… बहुत हार्ड है।”


बारह बज गए। मैंने कहा, “अंकल, मैं सोने जा रहा हूँ।” वो बोले, “ठीक है बेटा, लेकिन अगर नींद न आए तो मेरे रूम में आ जाना। हम बातें करते हैं।” मैं अपने रूम में गया। दरवाज़ा बंद किया लेकिन लॉक नहीं किया।


मोबाइल निकाला और गे पॉर्न खोल लिया। एक वीडियो में एक तगड़ा अंकल एक युवा लड़के की गांड चोद रहा था। मैं हल्के से सिसकारने लगा। लंड पर हाथ फेरने लगा।


तभी मेरे रूम का दरवाज़ा धीरे से खुला। अमित अंकल खड़े थे। उनकी आँखें सीधे मेरे मोबाइल स्क्रीन पर पड़ीं। मैं घबरा गया, मोबाइल छिपाने की कोशिश की लेकिन देर हो चुकी थी।


अंकल मुस्कुराए, दरवाज़ा बंद किया और अंदर आ गए। “अरे… तो मेरे छोटे से राहुल को ये सब पसंद है?” उनकी आवाज़ में शरारत थी। मैं शर्म से लाल हो गया। “अंकल… ये… बस… एक्सीडेंटली…”


अंकल बेड के पास आए, मेरे बगल में बैठ गए। उन्होंने मेरे कंधे पर हाथ रखा। “डर मत बेटा। मैं कोई पापा को बताने वाला नहीं हूँ। बल्कि… मुझे भी ये सब बहुत पसंद है।”


उन्होंने मेरे कान के पास फुसफुसाया, “तू अभी कुंवारा है ना? तेरी गांड अभी तक किसी ने नहीं छुई?” उनकी गर्म सांस मेरे गाल पर पड़ी। मैं काँप गया। ये Virgin Gaand First Time Seduction Kahani आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे है।


अंकल ने मेरे हाथ को पकड़ लिया और धीरे से अपनी जांघ पर रख दिया। “महसूस कर बेटा… कितनी गर्मी है।” मैंने महसूस किया उनकी जांघ बहुत मोटी और सख्त थी। वो मेरे बालों में हाथ फेरते रहे।


“राहुल, आज से तू मेरे साथ जो भी करना चाहे, वो घर के अंदर ही रहेगा। कोई नहीं जानेगा। तुझे भी मजा आएगा, मुझे भी।” उनकी उंगलियाँ मेरी गर्दन पर घूम रही थीं। मैं साँसें तेज़ कर रहा था लेकिन कुछ बोल नहीं पा रहा था।


अंकल ने मेरी शर्ट का ऊपरी बटन खोला। “देख… तेरा बदन कितना नाजुक है।” उन्होंने मेरी छाती पर हल्का हाथ फेरा। मेरी निप्पल्स सख्त हो गईं। “अंकल… ये… गलत है…” मैंने कमजोर आवाज़ में कहा।


उन्होंने हंसकर कहा, “गलत तो तब होता जब तुझे मजा न आता। लेकिन देख… तेरा लंड तो पहले से ही खड़ा हो गया है।” मैंने नीचे देखा। सच में मेरी शॉर्ट्स में उभार साफ दिख रहा था।


अंकल ने मेरी शॉर्ट्स के ऊपर से ही लंड पर हल्का हाथ फेरा। सिर्फ एक बार। “बस इतना भर… आज रात सिर्फ छूने का खेल खेलेंगे। असली मज़ा कल या परसों।”


उनकी आँखों में हवस और प्यार दोनों थे। मैं चुपचाप उनके स्पर्श का आनंद लेने लगा। रात गहराती जा रही थी और अमित अंकल मुझे धीरे-धीरे अपनी तरफ खींच रहे थे…


तो दोस्तों, अमित अंकल मेरे बेड पर बैठे थे और उनकी उंगलियाँ मेरी छाती पर धीरे-धीरे घूम रही थीं। हर बार जब उनकी उँगलियाँ मेरी निप्पल्स को छूती, मेरे बदन में बिजली सी दौड़ जाती। मैं आँखें बंद करके साँसें ले रहा था।


अंकल ने धीरे से मेरी शर्ट के सारे बटन खोल दिए। अब मेरी छाती पूरी तरह नंगी थी।


“वाह राहुल… तेरा बदन तो बिल्कुल लड़कियों जैसा नरम और गोरा है,” उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा। उनकी आवाज़ में एक अजीब सा प्यार और हवस का मिश्रण था। उन्होंने अपनी शर्ट भी उतार दी।


उनकी चौड़ी छाती, घने काले बाल और मोटी-मोटी निप्पल्स देखकर मेरा दिल और तेज़ धड़कने लगा। अंकल ने मेरी एक उँगली पकड़कर अपनी छाती पर रख दी। “छू बेटा… महसूस कर… कितनी गर्मी है मेरे बदन में।”


मैंने हिचकिचाते हुए उनकी छाती सहलाई। उनके बाल मेरी हथेली में चुभ रहे थे लेकिन अजीब सा अच्छा लग रहा था। अंकल ने मेरी गर्दन पर हल्का किस किया। बस हल्का सा, लेकिन उस स्पर्श से मेरी पूरी रीढ़ में झुरझुरी दौड़ गई।


“अंकल… मैं… डर रहा हूँ…” मैंने फुसफुसाकर कहा।


उन्होंने मेरे बालों में हाथ फेरते हुए बोले, “डरने की कोई बात नहीं है मेरे राजा। आज सिर्फ छूने और महसूस करने का खेल है। तू जब तक कहेगा, मैं रुक जाऊँगा। लेकिन अंदर से तुझे भी तो मजा आ रहा है ना?”


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अंकल ने मुझे धीरे से लिटा दिया। अब मैं बेड पर चित लेटा था और वो मेरे ऊपर झुके हुए थे। उनकी साँसें मेरे चेहरे पर पड़ रही थीं। उन्होंने मेरी शॉर्ट्स का नाड़ा खींचा लेकिन पूरी तरह नहीं उतारा।


सिर्फ थोड़ा नीचे सरका दिया ताकि मेरी कमर और हल्का पेट दिख जाए। उनकी उँगलियाँ मेरी नाभि के आसपास घूम रही थीं। “तेरी स्किन कितनी सॉफ्ट है राहुल… जैसे दूध की मलाई।”


फिर उन्होंने मेरी शॉर्ट्स के ऊपर से ही मेरे लंड पर हल्का-हल्का दबाव डालना शुरू किया। मैं सिसकार उठा – “आह्ह्ह… अंकल…” मेरी आवाज़ खुद को अनजानी लग रही थी।


अंकल मुस्कुराए, “देख… तेरा लंड कितना खड़ा हो गया है। अभी सिर्फ छू रहा हूँ, फिर देख कितना मजा आएगा।”


उन्होंने मेरी शॉर्ट्स के अंदर हाथ डाल दिया लेकिन लंड को सीधे नहीं छुआ। सिर्फ आसपास की जगह पर उंगलियाँ फेरते रहे। मेरी साँसें बहुत तेज़ हो गई थीं।


रात के दो बज गए थे। अंकल ने मुझे गले लगा लिया। उनकी नंगी छाती मेरी नंगी छाती से सट गई। उनका गर्म बदन मेरे ऊपर दब रहा था।


“सो जा बेटा… आज बस इतना ही। कल और आगे बढ़ेंगे। लेकिन याद रख… ये हमारा राज है। पापा को कभी नहीं पता चलना चाहिए।” उन्होंने मेरे माथे पर किस किया और उठकर अपने रूम में चले गए।


मैं बिस्तर पर लेटा रहा। मेरा लंड अभी भी खड़ा था और गांड में एक अजीब सी खुजली हो रही थी। मैं सो नहीं पाया। बार-बार अंकल के स्पर्श याद आ रहे थे।


अगली सुबह जब मैं उठा तो अंकल किचन में नाश्ता बना रहे थे। उन्होंने मुझे देखकर मुस्कुराया, “गुड मॉर्निंग मेरे राजा। नींद आई या रात भर जागता रहा?” मैं शर्मा गया।


अंकल ने मुझे चाय दी और बोले, “आज पूरा दिन हम दोनों का है। कोई जल्दी नहीं। तू आराम से नहा ले।” ये Uncle Ki Desi Sex of Gay वाली Hindi Sex Stories आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे है।


दोपहर को हम दोनों सोफे पर बैठे फिल्म देख रहे थे। इस बार अंकल ने मुझे अपनी गोद में बिठा लिया। “आ जा बेटा, आराम से बैठ।” मैं उनकी गोद में बैठ गया। उनकी मोटी जांघें मेरी गांड के नीचे थीं।


बीच-बीच में वो हल्के से अपनी जांघें हिलाते तो मेरी गांड पर दबाव पड़ता। मैं चुपचाप सहता रहा। अंकल ने मेरी कमर में हाथ डाल रखा था और धीरे-धीरे सहला रहे थे।


शाम होते-होते अंकल ने कहा, “राहुल, आज गर्मी बहुत है। चल, दोनों मिलकर नहाते हैं।” मैं हैरान रह गया। “एक साथ?” अंकल हंसे, “क्यों? शर्मा रहा है? हम दोनों मर्द हैं। क्या दिक्कत है?”


मैं कुछ नहीं बोला। अंकल ने मुझे बाथरूम में ले गए। उन्होंने अपना कपड़ा उतारना शुरू किया। उनकी पैंट उतरते ही उनकी जांघें और मोटा बुल्ज दिख गया। उन्होंने मुझे भी उतारने को कहा।


जब हम दोनों नंगे हो गए तो अंकल ने शावर ऑन किया। गर्म पानी हमारे बदन पर गिर रहा था। अंकल ने साबुन लिया और मेरी पीठ पर लगाना शुरू किया। उनकी उंगलियाँ मेरी कमर, फिर नीचे मेरी गांड तक जा रही थीं।


“तेरी गांड बहुत टाइट और गोल है राहुल… बहुत प्यारी है।” उन्होंने हल्के से मेरी गांड के दोनों हिस्सों को दबाया। मैं सिहर गया – “अंकल… आह्ह्ह…”


अंकल ने मुझे अपनी तरफ घुमाया। अब हम आमने-सामने नंगे खड़े थे। उनका लंड आधा खड़ा हो चुका था। 8 इंच लंबा, मोटा, ऊपर की तरफ मुड़ा हुआ। मेरे छोटे लंड के सामने वो बहुत बड़ा लग रहा था। अंकल ने मेरे लंड को हल्के से पकड़ लिया।


“देख… तेरा कितना प्यारा है। अभी कुंवारा है ना?” मैंने शर्माते हुए हाँ कहा। उन्होंने धीरे-धीरे मेरे लंड को सहलाना शुरू किया। मैं आह्ह्ह… आह्ह्ह… करने लगा।


फिर अंकल घुटनों के बल बैठ गए और मेरे लंड को मुंह में ले लिया। सिर्फ सिरा। उनकी गर्म जीभ मेरे लंड के टिप पर घूम रही थी। “अंकल… ओह्ह्ह… क्या कर रहे हो…


मैंने उनके बाल पकड़ लिए। अंकल ने 4-5 मिनट तक मेरे लंड को चूसा। फिर उठे और मेरे कान में बोले, “अब तेरी बारी है बेटा… मुझे चूसना सीख।” ये First Time Gay Blowjob Seduction आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे है।


मैं घुटनों के बल बैठ गया। अंकल का मोटा लंड मेरे चेहरे के सामने था। उसकी खुशबू तेज़ थी। मैंने हिचकिचाते हुए उसे हाथ में लिया। बहुत गर्म और मोटा था। अंकल ने मेरे सिर पर हाथ रखा और धीरे से आगे खींचा।


“मुंह खोल बेटा… जीभ बाहर निकाल…” मैंने वैसा ही किया। उनका लंड का सिरा मेरे मुंह में गया। स्वाद नमकीन और मर्दाना था। अंकल धीरे-धीरे आगे-पीछे करने लगे। “हाँ… अच्छा… चूस मेरे राजा… अपनी अंकल की लंड चूस…”


10 मिनट बाद अंकल ने मुझे उठाया और बोले, “आज बस इतना ही। असली खेल रात को। अब तू तैयार हो जा। रात को तेरी कुंवारी गांड को पहली बार छूने वाला हूँ।”


रात का इंतजार बहुत मुश्किल था। खाना खाने के बाद अंकल ने मुझे अपने रूम में बुलाया। लाइट्स कम थीं। उन्होंने मुझे बेड पर लिटाया और पूरी तरह नंगा कर दिया। फिर खुद भी नंगे हो गए। उनका लंड अब पूरा खड़ा था।


अंकल मेरे ऊपर लेट गए। हमारी लंडें एक-दूसरे से रगड़ खा रही थीं। उन्होंने मेरी गर्दन, छाती, पेट सब जगह किस किए। फिर मेरी जांघें फैलाईं और अपनी जीभ मेरी गांड पर रख दी।


“आह्ह्ह्ह्ह… अंकल… वहाँ… आह्ह्ह!” मैं चीख उठा। उनकी गर्म जीभ मेरी कुंवारी गांड के छेद पर घूम रही थी। वो चाट रहे थे, चूस रहे थे। कभी उँगली से हल्का दबाव डाल रहे थे। “तेरी गांड कितनी टाइट है राहुल… आज मैं इसे अपनी बनाऊँगा…”


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अंकल ने लुब्रिकेंट निकाला और अपनी उँगलियों पर लगाया। पहले एक उँगली धीरे से मेरी गांड में डाली। दर्द हुआ लेकिन साथ में अजीब मजा भी आ रहा था। फिर दो उँगलियाँ। मैं बेड पर तड़प रहा था – “अंकल… धीरे… आह्ह्ह… फट रही है…”


30 मिनट तक उन्होंने मेरी गांड को उँगलियों से तैयार किया। फिर अपना मोटा लंड मेरी गांड के छेद पर रखा। “अब साँस रोक ले बेटा… पहली बार थोड़ा दर्द होगा लेकिन फिर तुझे स्वर्ग दिखाऊँगा।”


मैंने आँखें बंद कर लीं। अंकल ने धीरे से धक्का मारा। लंड का सिरा अंदर घुसा।


“आआआह्ह्ह्ह्ह… अंकल… बहुत दर्द हो रहा है… निकालो…” मैं रो पड़ा। अंकल रुक गए, मेरे माथे पर किस किया और बोले, “बस थोड़ा सा और… relax कर बेटा… तू मेरी रंडी बनने वाला है…”


धीरे-धीरे उन्होंने पूरा 8 इंच का मोटा लंड मेरी कुंवारी गांड में पेल दिया। अब उनका लंड पूरी तरह अंदर था। अंकल मेरे ऊपर लेटे रहे, मेरे होठों पर किस करते रहे ताकि मैं दर्द सह सकूँ।


“ले राहुल… अब तू मेरी हो गया… तेरी कुंवारी गांड फट गई… अब शुरू होता है असली मजा…”


तो दोस्तों, अमित अंकल का पूरा 8 इंच का मोटा लंड मेरी कुंवारी गांड के अंदर पूरी तरह घुस चुका था। दर्द इतना तेज़ था कि मेरी आँखों से आँसू निकल आए थे। मैं बेड पर तड़प रहा था – “अंकल… आह्ह्ह्ह… बहुत दर्द हो रहा है… निकाल लो… मेरी गांड फट गई…”


अंकल ने मेरे माथे पर प्यार से किस किया और धीरे से बोले, “शांत हो जा मेरे राजा… बस थोड़ी देर दर्द होगा। उसके बाद तुझे वो मजा आएगा जो कभी सोचा भी नहीं होगा।”


उन्होंने हिलना बंद कर दिया और मेरे होठों को चूसने लगे। उनकी जीभ मेरे मुंह के अंदर घुस रही थी। धीरे-धीरे दर्द कम होने लगा और जगह पर एक अजीब सा गर्म और भरपूर एहसास होने लगा।


अंकल ने बहुत धीरे से अपना लंड आधा बाहर निकाला और फिर धीरे से अंदर कर दिया। “आह्ह्ह्ह…” मैं सिसकार उठा। अब दर्द के साथ-साथ एक अनोखा सुख भी महसूस हो रहा था।


अंकल ने मुस्कुराते हुए कहा, “देख… तेरी गांड अब मेरे लंड को अंदर खींच रही है। तू स्वाभाविक रंडी है राहुल।”


धीरे-धीरे उनकी रफ्तार बढ़ने लगी। अब वो पूरी तरह से धक्के मार रहे थे। “पच… पच… पच…” की आवाज़ कमरे में गूँज रही थी। मेरी कुंवारी गांड अब उनके मोटे लंड की पूरी तरह आदी हो रही थी।


मैं बिस्तर की चादर को मुट्ठियों में भींचे हुए था और लगातार सिसकार रहा था – “अंकल… आह्ह्ह्ह… हाँ… और अंदर… आह्ह्ह्ह… बहुत मोटा है आपका…” ये Papa Ke Dost Ne Meri Virgin Gaand Fadi Story आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे है।


अंकल ने मुझे डॉगी स्टाइल में घुमा दिया। मेरी गांड ऊपर थी और वो पीछे से मुझे चोद रहे थे। उनके दोनों हाथ मेरी कमर पकड़े हुए थे। हर धक्के के साथ उनका पेट मेरी गांड से टकरा रहा था।


“ले रंडी… ले मेरी पूरी लंड… तेरी टाइट गांड अब मेरी हो गई… आह्ह्ह्ह… कितनी गरम और टाइट है तेरी गांड!”


मैं चीख रहा था लेकिन अब चीख में दर्द कम और मजा ज्यादा था – “हाँ अंकल… चोदो मुझे… अपनी रंडी की गांड चोदो… आह्ह्ह्ह… और ज़ोर से… फाड़ दो मेरी कुंवारी गांड…”


अंकल ने मेरे बाल पकड़कर सिर पीछे खींचा और तेज़-तेज़ ठोके लगाने लगे। 15 मिनट तक वो इसी स्टाइल में मुझे चोदते रहे। फिर उन्होंने मुझे फिर से मिशनरी में लिटाया। अब उनकी आँखें मेरी आँखों में थीं। वो मेरे लंड को भी हाथ से हिलाते जा रहे थे।


“राहुल… मैं झड़ने वाला हूँ… तेरी गांड के अंदर ही अपना पूरा माल डालना चाहता हूँ… तैयार है ना मेरी रंडी?”


मैंने आँखें बंद करके सिर हिलाया – “हाँ अंकल… भर दो… अपनी रंडी की गांड में अपना गाढ़ा वीर्य डाल दो… आह्ह्ह्ह!”


अंकल ने आखिरी २ मिनट तक पूरी ताकत से धक्के मारे। फिर एक जोरदार धक्का मारकर गहरे अंदर रुक गए। मैं महसूस कर रहा था कि उनका लंड मेरी गांड के सबसे अंदर फड़क रहा है।


“ले… ले मेरी रंडी… ले सारा माल…” उन्होंने गरजते हुए कहा और गर्म-गर्म गाढ़ा वीर्य मेरी गांड के अंदर उछालने लगे। इतना ज्यादा कि मेरी गांड से बाहर निकलकर चादर पर गिरने लगा।


मैं भी उनके हाथ में झड़ गया। पूरा बदन काँप रहा था। “अंकल… आह्ह्ह्ह… मैं निकल गया…” ये First Time Creampie Gay Chudai Story आप गरम कहानी डॉट कॉम  पर पढ़ रहे है।


अंकल मेरे ऊपर ही लेटे रहे। उनका लंड अभी भी मेरी गांड के अंदर था। वो मेरे बालों में हाथ फेर रहे थे और फुसफुसा रहे थे, “बहुत अच्छा बेटा… तूने बहुत अच्छे से सहा। अब तू पूरी तरह मेरी हो गई।”


थोड़ी देर आराम करने के बाद अंकल ने मुझे उठाया और बाथरूम ले गए। हम दोनों ने साथ नहाया। नहाते वक्त भी वो मेरी गांड सहलाते रहे और कहते रहे, “कल फिर चोदूँगा… रोज चोदूँगा जब तक तेरे पापा वापस नहीं आ जाते।”


रात को दूसरा राउंड शुरू हुआ। इस बार अंकल ने मुझे अपनी गोद में बिठाया और ऊपर-नीचे करवाया। मैं खुद उनकी लंड पर बैठकर उछल रहा था। “हाँ अंकल… आपकी लंड मेरी गांड में बहुत अच्छी लग रही है… चोदो अपनी छोटी रंडी को…”


तीसरा राउंड सुबह के ४ बजे हुआ। इस बार वो मुझे कुतिया बनाकर चोद रहे थे और मेरी पीठ पर थप्पड़ मार रहे थे – “ले रंडी… ले… अब तू मेरी पर्सनल गांड रंडी है… जब चाहूँ चोदूँगा…”


आखिरकार सुबह होने वाली थी। हम दोनों थककर नंगे ही एक-दूसरे से चिपके सो गए। मेरी गांड से अभी भी उनका वीर्य टपक रहा था। अंदर से गर्मी और भरपूर एहसास हो रहा था।


सुबह जब आँख खुली तो अंकल मेरे पास ही लेटे थे। उन्होंने मुझे चूम लिया और कान में फुसफुसाया, “राहुल… ये सिर्फ शुरुआत है। अभी तीन दिन बाकी हैं। मैं तुझे हर तरीके से चोदना चाहता हूँ। तू तैयार है ना मेरी रंडी?”


मैं शर्माते हुए लेकिन हवस भरी आँखों से उनकी तरफ देखा। मेरी गांड अभी भी दर्द कर रही थी लेकिन अंदर से एक नई प्यास जाग रही थी।


अंकल मुस्कुराए और बोले, “अब उठ… नाश्ता बनाते हैं। लेकिन याद रख… दिन भर भी जब मन करे, तू मुझे बता देना। तेरी गांड अब कभी खाली नहीं रहेगी…” 


तो दोस्तों कैसे लगी यह गे सेक्स स्टोरी कॉमेंट करके अपनी राय जरूर दे! और साथ ही इसके आगे की कहानी जननी हो तो जरूर बताए!

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