सोई हुई सुधा भाभी के मुंह में डाला लंड!

Antaravasna Sex : सर दर्द होती भाभी की करी मालिश! नींद में नाइटी के अंदर से दबाए चूचे! सोते में उनके मुंह में घुसाया लंड! फिर उन्होंने जबरदस्ती चाटवाई अपनी चूत!....


आज मैं जो कहानी बताने वाला हूं वो मेरे पड़ोस में रहने वाली एक भाभी के बारे में है। उनका पति एक बेवफ़ा इंसान था। भाभी हमेशा रोती रहती एक दोपहर में उनके घर गया तो सर दर्द में लेटी थी। 


मैं उत्तर प्रदेश का रहने वाला एक साधारण सा लड़का हूं।


मेरा नाम है हाशमी मैं Garamkahani की वेबसाइट पर गली मोहल्लों की चुदाई भरी कहानियां और किस्सा सुनाता हूं।अभी एक महीने पहले जब सावन का महीना चल रहा था ये किस्सा तब का है।


मेरे पड़ोस में एक भाभी रहती थी सुधा भाभी!


वो एक खूबसूरत व कामुक हुस्न की महिला है और खुले दिल के विचारों वाली है। मैने कभी उनको उदास नहीं देखा उनके और हमारे घर के परिवार जैसे संबंध है।


सुधा भाभी का पति एक बहुत शराबी इंसान है। उसका नाम है हर्ष। हर्ष एक राजनीतिक पार्टी के लिए लड़ने मरने वाले इंसानों में से है उसे भाभी और सभी लोग समझते रहते है।


सब बोलते है उसे की नेता किसी के नहीं होते लेकिन वो अंधा भक्त बनने वाले में से है इसलिए उसकी और भाभी की शादी शुदा ज़िंदगी बर्बाद हो गई।


सुधा भाभी के बार में बस क्या बोलूं उनका हुस्न देखकर तो मैं हमेशा ही स्तब्ध रह जाता हूं। उनके 36 के चूंचे 32 की कमर और 34 की गांड़।


 लेकिन शादी के इतने साल बाद भी कोई बच्चा नहीं हुआ हर्ष के अंधा भक्त होने की वजह से।


भाभी की और मेरे घर की छत में फासला बहुत कम है मुझे छत उनके घर के अंदर का दिख जाता है। रोज़ शाम को मैं छत पर पहुंच जाता हूं जब वो घर में काम कर रही होती ।


जब तक भाभी अंदर नहीं जाती तब तक मैं उनको निहारता रहता और अपने लंड को सहलाता रहता ।


भाभी की जवानी को देखकर आहे भरता रहता मुझे भाभी की उमर नहीं पता लेकिन दिखने में वो 25 की ही लगती है।


एक सुबह जब में सो रहा था तो मां बोली “बेटा ज़रा देखना। सुधा का पति चीख चिल्ला रहा है, बेचारी के नसीब फूट गए इस इंसान से शादी कर के।”


मेरी मां मोहल्ले में सबको अपना समझती थी उनको सारी दुनिया की फिक्र रहती है। मां के कहने पर मैं दोपहर में भाभी का हाल पूछने गया। 


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जब मैं घर के अंदर घुसा तो भाभी एक सोफे पर लेती हुई अपने हाथ से सर को दबा रही थी। मुझे देखकर वो उठने लगी लेकन दर्द की वजह से नहीं उठ पाई।


भाभी ने उस समय एक नाइटी पहन रखी थी। नाइटी में अंदर का सामान यानी ब्रा का रंग उभरते चूंचे और पीली पैंटी आराम से दिख रही थी।


भाभी उठना चाहती थी लेकिन संभल नहीं पा रही थी मैं जल्दी से उनके पास गया और उन्हें उठने से मना कर दिया।


मैने वही कुर्सी पर बैठते हुए कहा “भाभी मुझे मां ने भेजा है आपका ख्याल रखने क्या बात है, क्या हुआ है ?" 


भाभी बोली “हाशमी मोहल्ले में मेरे पति की अध्यभक्ति छुपी नहीं है मैने बस इतना बोला के अपनी पार्टी के अलावा कभी घर परिवार की जरूरतों पर भी ध्यान दो।


बस इस बात को लेकर उन्होंने मुझे मारा बहुत गलिया दी।" ये Blowjob Bhabhi story आप Garamkahani पर पढ़ रहे हैं।


बोलते बोलते भाभी रोने लगी तो मैने उनके सर हाथ रखा और अपने सीने लगा लिया, भाभी को तेज़ दर्द हुआ और वो सर पकड़कर मेरी गोद में ही लेट गई।


भाभी की आंखों से आंसू निकल रहे थे। मुझे समझ नहीं आ रहा था मुझे क्या करना चाहिए।


 उसके ऊपर भाभी की नाइटी के अंदर से उनके मखमल से चूंचे मुझे दिख रहे थे।


एक बार तो मेरे हाथ चोरी चोरी बस उनके नाइटी के अंदर जाकर चूंचे दबाने वाला था तो मैने उसे रोक लिया।


मैं आराम आराम से भाभी के माथे को सहलाने लगा भाभी को शायद अच्छा लग रहा था। वो थोड़ी शांत सांसे लेने लगी। उनकी आंखों में अभी भी आंसू थे।


भाभी बोली “आज सुबह से सर दर्द कर रहा है।" मैने पूछा “भाभी मैं दर्द के लिए दवाई लगा देता हूं आराम मिल जाएगा।”


पहले तो उन्होंने मना करा लेकिन मेरे एक दो बार कहने पर वो मान गई। मैने पास रखी तो मरहम की डिब्बी उठाई और भाभी के माथे को सहलाने लगा।


मेरे हाथ धीरे धीरे भाभी के सर पर घूम रहे थे जिससे उनको आराम मिल रहा था मैं मालिश करता रहा और भाभी सो गई।


मैं भाभी के चेहरे को देख रहा था उसके चटक लाल होठ थोड़े खुले थे। भाभी की सांसे भारी थी उनका सीना ऊपर नीचे हो रहा था।


मेरा हाथ भाभी के माथे पर घूम रहा था लेकिन मेरी नज़रे नाइटी के अंदर दिख रहे चूचों पर थी थोड़ी मालिश के बाद भाभी सो गई। मेरे दिमाग में शरारत सूझने लगी।


धीरे धीरे मेरे हाथ भाभी के चूचों की तरफ जाने लगे और मैने उनके चूचों पर नाइटी के ऊपर से ही हाथ रख दिया। मुझे यकीन नहीं हो रहा था भाभी मेरे इतने करीब है।


मैने आराम से भाभी का एक चूंचा दबाया वो काफी सख्त था, भाभी हम्ममम! करने लगी। मैं धीरे धीरे चूंचे सहलाने लगा।


मुझे लगा भाभी गहरी नींद में है तो मैं अपने हाथ को नाइट के अंदर ले गया और अंदर से चूंचे दबाने लगा।


भाभी का सर मेरे लंड के ऊपर था जो बुरी तरह पैंट के अन्दर तड़प रहा था।


इसके बाद मैने भाभी के गोरे गोरे एक चूंचे को बाहर निकाल लिया और निप्पल को छेड़ने लगा।


भाभी की भूरे निप्पल कड़क हो रहे थे उनका गोरा चूंचा मेरे हाथ में था मेरा दिमाग तो बस कंट्रोल के बाहर होता जा रहा था।


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कुछ ही पलो में मैने भाभी का दूसरा चूंचा भी बाहर निकाल दिया अब भाभी मेरी गोदी में नंगे चूंचे लेकर सो रही थी। मेरा आपा खोता जा रहा था। 


मैने अपनी पेंट को थोड़ा ढीला कर के लंड बाहर निकालकर


हाथ में पकड़ लिया। अब एक हाथ से में भाभी के चूंचे सहला रहा था और दूसरे हाथ से लंड मसल रहा था।


करते करते अच्छा लगने लगा मज़ा आने लगा, मैने भाभी को थोड़ा हिलाया लेकिन वो गहरी नींद में सोई हुई थी। मैने तब वो करा जिसके बारे में कभी सोचा भी नहीं था।


मैने अपने लंड को भाभी के होठों पर लगाकर सहलाने लगा। उनके मुंह में अपनी उंगली डालकर मैने उनके मुंह को खोला फिर अपना लंड भाभी के मुंह में सेट कर दिया।


इसके बाद मैने भाभी को थोड़ा घुमाया और एक हल्का धक्का भाभी के मुंह में दे दिया। मेरा आधा लंड भाभी के मुंह में चला गया ।


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मैं बहुत धीमी रफ्तार में भाभी के मुंह में लंड अंदर बाहर करने लगा। धीरे धीरे मैने भाभी के मुंह को चोदना शुरू कर दिया।


मुझे तो जैसे असमान की सैर का मज़ा मिल रहा था। भाभी के मोटे नर्म होठ मेरे लंड पर थे। मैं भाभी के मुंह को बे सुध होकर चोद रहा था।


अचनक मुझे महसूस हुआ भाभी का सर अपने आप मेरे लंड पर ऊपर नीचे हो रहा है। मैने थोड़ा ध्यान दिया और भाभी के चेहरे को गौर से देखा।


भाभी की आंखे बंद थी चेहरा शांत था लेकिन माथे पर पसीना था मैं रुका रहा कोई हरकत नहीं की।


एक पल रुककर मैने देखा भाभी अपने मुंह को मेरे लंड पर ऊपर नीचे करना शुरू कर दी।


मुझे तो जैसे लॉटरी की खुली टिकट मिल गई थी। मैं बेफिक्र होकर सोफे पर कमर टिका कर बैठ गया और भाभी के चिंचे मसलने लगा भाभी मेरा लंड बहुत प्यार से चूस रही थी उनकी आँखें बंद थी।


मैं अपने दूसरे हाथ से भाभी के बाल सहलाने लगा और साथ ही भाभी के चूंचे दबाने लगा।


 मेरे मुंह से आआह! हम्ममम भाभी ओह्ह्ह! हम्ममम उफ्फफ भाभी क्या माल हो आप की आवाज़ निकलने लगी।


मेरी बातों को सुनकर भाभी की उत्तेजित हो गई वो जोश में आ गई उनके होठों ने मेरे लंड को दबाया और पूरी राफ्तार से मेरे लंड को किसी आइस क्रीम की तरह चूसने।


मेरी आंखे बंद होने लगी भाभी ने लंड को मुट्ठी में दबालिया। वो अपने मुंह में ही मेरी मूठ मार रही थी।


बीस मिनट तक लंड चुदाई के बाद मैने भाभी के मूँह में ही पानी निकाल दिया।


जैसे ही पानी निकला तो भाभी झटके से उठकर बैठ गई मुझे एक गुस्से वाली नज़र से देखकर वो बाथरूम में भाग गई।


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मैं डर की वजह से थोड़ा सहम गया और सोचने लगा अब क्या होगा ? पांच मिनट के बाद भाभी बाहर आई और मेरे सामने गुस्से से लाल आंखे के साथ बैठ गई।


मैं उनसे नज़रे नहीं मिला पा रहा था। वो मुझे बिना पल्के हिलाये देख रही थी। मैने डरते लड़खड़े हुए बोला “भाभी वो मैं….” इतने में भाभी ने मेरे बाल पकड़ लिए।


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मेरे बाल पकड़कर मेरे चेहरे को उन्होंने अपनी चूत में दे दिया। भाभी बाथरूम जाकर ब्रा और पैंटी उतार कर आई थी नाइटी के अन्दर वो बिल्कुल नंगी थी।


उनकी चूत पर बाल जो मुझे अजीब लग रहे थे। भाभी की चूत गीली थी और उसकी महक मेरी चुदास को फिर से जगा रही थी।


मैने भाभी को टांगे खोली और उनकी रसीली चूत को चाटने लगा। भाभी की आहे निकालनी शुरू हुई अज्झज्जा! ओह्ह्ह्ह, हम्ममम और अंदर अआआह ओह बहुत अच्छे ।


मैं अपनी प्यारी भाभी की चूत को चूम रहा था वो मेरे सर को दबाकर अपनी चूत में धकेल रही थी। मैं उनकी चूत चाट रहा था।


अपनी जीभ को उनके चूत के छेद के अंदर तक डाल रहा था और अन्दर बाहर कर रहा था ।


भाभी पूरी जोश में थी अज्झज्जा! ओह्ह्ह्ह, हम्ममम, अज्झज्जा! ओह्ह्ह्ह, हम्ममम उनकी आवाज़ पूरे कमरे में घूम रही थी।


मैने दस मिनट तक उनकी चूत चाटी और भाभी ने चरमसुख पर पहुंचकर पानी छोड़ दिया।


उनके चूत के गरम पानी से मेरा चेहरा गिला हो गया उनका पानी नमकीन था जिसे मैने पी लिया।


भाभी शांत हुई उनकी सांसे फूल रही थी मैं पीछे हटकर सोफे पर बैठ गया। भाभी मुझे गुस्से भरी नज़र देख रही थी। 


भाभी उठकर मेरे पास आई मेरी सांसे अटकी हुई थी तभी शट की आवाज़ में भाभी ने एक ज़ोर का थप्पड़ मुझे मारा। उन्होंने मुझे घर से निकालकर दरवाज़ा बंद कर दिया।


मुझे कुछ समझ नहीं आया लेकिन मैं जनता था के ये बात यही पर नहीं रुकेगी हमारा मिलन ज़रूर होगा।


भाभी की घर से मैं वापस अपने घर आया और अगली मुलाक़ात का इंतज़ार करने लगा।


आगे की कहानी जल्द ही आपके कॉमेंट से!

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