मसाज वाली आंटी ने चोदा मेरा लंड!
जब राहुल मसाज पार्लर जाता है तब सुधा आंटी की फुल बॉडी मसाज में उसका लंड खड़ा हो जाता है, फिर दोनों Wild Sex करते हैं! आंटी उसे blowjob देती है, Chudai करती है और उसका पूरा माल पी जाती है!
मेरा नाम राहुल है। उम्र 22 साल। मैं अभी कॉलेज के फाइनल ईयर में पढ़ रहा हूँ।
पढ़ाई का प्रेशर और जिम के बीच मेरी बॉडी काफी टाइट हो चुकी थी। कमर और कंधों में रोज दर्द रहने लगा था। दोस्तों ने सुझाया कि एक अच्छे मसाज पार्लर में जाकर थोड़ी मसाज करवा लो।
एक दिन शाम को मैंने गूगल पर सर्च किया – “Best massage parlour near me”. कुछ नाम आए, लेकिन एक जगह का रिव्यू काफी अच्छा था – “Relax Spa & Massage”. लोकेशन मेरे कॉलेज से सिर्फ 15 मिनट दूर थी।
मैंने सोचा एक बार ट्राई करके देखते हैं। शाम 7 बजे मैं वहाँ पहुँच गया। बाहर से देखने में पार्लर काफी प्रीमियम लग रहा था। अंदर एसी की ठंडी हवा और हल्का सुगंधित तेल की खुशबू आ रही थी।
रिसेप्शन पर एक लड़की बैठी थी। उसने मुस्कुराते हुए पूछा, “सर, किस टाइप की मसाज चाहिए? बॉडी मसाज, ऑयल मसाज या स्पेशल सर्विस?”
मैं थोड़ा घबराते हुए बोला, “नॉर्मल ऑयल मसाज ही चाहिए।”
उसने फॉर्म भरवाया और कहा, “आपको आंटी मिलेंगी। उनका नाम है सुधा। वो बहुत एक्सपीरियंस्ड हैं।”
मुझे एक छोटा सा प्राइवेट रूम दिया गया। अंदर एक मसाज टेबल थी, हल्की नीली लाइट जल रही थी और सॉफ्ट म्यूजिक बज रहा था। मैंने कपड़े उतारकर सिर्फ अंडरवियर पहना और टेबल पर लेट गया।
कुछ मिनट बाद दरवाजा खुला। अंदर आईं एक महिला। उम्र करीब 34-35 साल रही होगी। गोरा रंग, थोड़ी मोटी लेकिन बहुत आकर्षक बॉडी। काली साड़ी पहने थी जिसमें उनकी बड़ी छातियाँ और चौड़ी कमर साफ नजर आ रही थी। चेहरे पर हल्की मुस्कान थी।
“हेलो बेटा, मैं सुधा हूँ। आज मैं तुम्हारी मसाज करूँगी। रिलैक्स हो जाओ।”
उनकी आवाज में एक खास गर्माहट थी। उन्होंने तेल की बोतल उठाई और मेरी पीठ पर गर्म तेल डालना शुरू किया। उनकी नरम उँगलियाँ मेरी पीठ पर घूमने लगीं। धीरे-धीरे प्रेशर बढ़ाने लगीं।
“कितना टाइट है तुम्हारा शरीर… जिम करते हो क्या?” सुधा आंटी ने पूछा।
“हाँ आंटी, लेकिन अब दर्द होने लगा है,” मैंने आँखें बंद करते हुए जवाब दिया।
वे मेरी कमर तक आ गईं। तेल लगाते हुए उनकी उँगलियाँ मेरी अंडरवियर की किनारी पर हल्का-हल्का टच करने लगीं। मैं चुपचाप लेटा रहा। अंदर से एक अजीब सा रोमांच हो रहा था।
धीरे-धीरे उन्होंने मेरी जांघों पर मसाज शुरू की। तेल की गर्माहट और उनकी गर्म उँगलियों का कॉम्बिनेशन मुझे अच्छा लग रहा था। जब वे मेरी जांघों के अंदरूनी हिस्से पर हाथ फेर रही थीं तो मेरा लंड धीरे-धीरे खड़ा होने लगा। अंडरवियर में उभार साफ दिखने लगा।
सुधा आंटी ने देखा लेकिन कुछ नहीं बोलीं। बस हल्के से मुस्कुराईं।
“बेटा, अगर तुम्हें फुल बॉडी मसाज चाहिए तो अंडरवियर भी उतार सकते हो। प्राइवेसी है यहाँ,” उन्होंने धीरे से कहा।
मेरा दिल जोर से धड़का। मैंने हिम्मत करके अंडरवियर उतार दिया। अब मैं पूरी तरह नंगा लेटा हुआ था। मेरा लंड आधा खड़ा होकर टेबल पर दबा हुआ था।
सुधा आंटी ने फिर तेल डाला और मेरी जांघों, कूल्हों और गांड पर मसाज करने लगीं। उनकी उँगलियाँ अब और भी hard हो गई थीं। कभी-कभी वे मेरी गांड के चीक्स को हल्का दबा रही थीं।
“मम्म्म… आंटी… अच्छा लग रहा है,” मैं अनजाने में ही निकाल गया।
“बस? सिर्फ अच्छा?” उन्होंने शरारत से पूछा।
मैं चुप रहा।
वे मेरी पीठ से लेकर गर्दन तक मसाज करती रहीं। फिर बोलीं, “अब पलट जाओ बेटा।”
जब मैं पलटा तो मेरा लंड पूरी तरह खड़ा हो चुका था। ६ इंच का मोटा लंड सीधा ऊपर की तरफ तना हुआ था।
सुधा आंटी ने उसे देखा और हल्की सी सांस ली। “वाह… जवान लड़कों का तो ऐसा ही होता है।”
वे मेरी छाती और पेट पर मसाज करने लगीं। उनकी साड़ी का पल्लू थोड़ा सरक गया था, जिससे उनकी भारी छातियाँ और गहरी ब्लाउज साफ दिख रही थी।
धीरे-धीरे उनकी उँगलियाँ मेरे नाभि के नीचे घूमने लगीं। वे मेरे लंड के बहुत करीब आ रही थीं लेकिन अभी तक टच नहीं कर रही थीं।
मैं अपनी कल्पना में सोच रहा था – क्या ये आंटी मुझे हैंडजॉब देंगी? या इससे भी आगे जाएंगी?
सुधा आंटी ने मेरी जांघों के बीच तेल डाला और धीरे से मेरे लंड के दोनों तरफ हाथ फेरा। लेकिन अभी भी सीधे नहीं पकड़ा।
“आंटी…” मैं धीमी आवाज में बोला।
“क्या हुआ बेटा? कुछ चाहिए क्या?” उन्होंने बहुत ही सेक्सी स्वर में पूछा।
मेरा सारा शरीर गर्म हो रहा था। दिल तेजी से धड़क रहा था।
उन्होंने फिर पूछा, “बोल ना… आज फुल सर्विस चाहिए या सिर्फ मसाज?”
सुधा आंटी मेरे लंड के बिल्कुल पास खड़ी थीं। उनकी आँखों में शरारत और प्यास दोनों थी। उन्होंने धीरे से पूछा, “बोल ना बेटा… आज फुल सर्विस चाहिए या सिर्फ मसाज? शर्माओ मत… यहाँ सब कुछ allowed है।”
मेरा गला सूख गया। मैं हकलाते हुए बोला, “आंटी… फुल सर्विस… प्लीज।”
सुधा आंटी मुस्कुराईं। “अच्छा लड़का। लेकिन याद रखना, जो भी होगा वो हमारे बीच ही रहेगा।”
उन्होंने साड़ी का पल्लू पूरी तरह हटा दिया। अब उनकी बड़ी-बड़ी छातियाँ ब्लाउज के अंदर उभरी हुई नजर आ रही थीं।
उन्होंने ब्लाउज के हुक खोलने शुरू किए। एक-एक करके हुक खुलते गए और उनकी गोरी छातियाँ लाल ब्रा में कैद दिखीं। ब्रा बहुत छोटी थी, जिससे छातियाँ ऊपर की तरफ दबकर उछल रही थीं।
“देखो… कितनी बड़ी हैं मेरी चूचियाँ,” उन्होंने सेक्सी आवाज में कहा। “तुम्हें पसंद हैं ना?”
“बहुत पसंद हैं आंटी… बहुत सॉफ्ट लग रही हैं,” मैं सांस चढ़ते हुए बोला।
वे अब मेरे पास आकर टेबल के किनारे बैठ गईं। एक हाथ से मेरे खड़े लंड को पकड़ लिया और धीरे-धीरे ऊपर-नीचे करने लगीं। तेल की वजह से उनका हाथ बहुत आसानी से सरक रहा था।
“मम्म्म… कितना मोटा और गर्म है तेरा लंड… जवान लड़कों का लंड तो ऐसा ही होना चाहिए,” सुधा आंटी ने dirty talk शुरू कर दिया।
मैं आँखें बंद करके उनके हाथ का मजा ले रहा था। उनकी उँगलियाँ कभी मेरे लंड के सिरे पर घुमातीं, कभी अंडकोष को हल्का दबातीं।
“आह्ह्ह… आंटी… बहुत अच्छा लग रहा है…” मैं moan करने लगा।
वे मुस्कुराईं और बोलीं, “अभी तो शुरूआत है बेटा। मेरी चूत की प्यास अभी बाकी है।”
उन्होंने ब्रा भी उतार दी। अब उनकी दोनों भारी छातियाँ पूरी तरह आजाद थीं। गुलाबी निप्पल्स सख्त होकर खड़े थे। उन्होंने मेरे लंड को अपनी छातियों के बीच रखा और दोनों हाथों से छातियाँ दबाकर titfuck शुरू कर दिया।
“देख… तेरे लंड को मेरी चूचियों ने कैसे पकड़ रखा है… ऊँह्ह्ह… गर्म है बहुत…”
मैं कल्पना कर रहा था कि ये आंटी मेरी लंड चूसेंगी या सीधे चूत में ले लेंगी। मेरे दिमाग में हजारों dirty thoughts घूम रहे थे।
कुछ देर titfuck करने के बाद सुधा आंटी नीचे झुकीं। उन्होंने मेरे लंड का सिरा अपनी जुबान से चाटा। “मम्म्म… स्वाद अच्छा है…” फिर पूरा लंड मुंह में ले लिया।
“आह्ह्ह्ह… आंटी… fuck… बहुत गर्म मुंह है आपका…” मैं जोर से moan किया।
वे जोर-जोर से चूसने लगीं। कभी गहरी गले तक ले जातीं, कभी सिर्फ सिरे को चूसतीं। उनकी लार मेरे लंड पर टपक रही थी। “चूस… चूस… ले बेटा… आंटी का मुंह तुझे कितना अच्छा लग रहा है बोल ना…”
“बहुत अच्छा लग रहा है आंटी… आपकी गर्म जुबान… आह्ह्ह… मैं पागल हो जाऊंगा…”
लगभग ५-६ मिनट उन्होंने blowjob दिया। फिर उठकर अपनी साड़ी और पेटीकोट भी उतार दिया। अब वो सिर्फ काली पैंटी में थीं। पैंटी में साफ गीला धब्बा दिख रहा था।
वे टेबल पर चढ़ गईं और मेरे ऊपर बैठ गईं। पैंटी को एक तरफ सरकाकर अपनी चूत मेरे लंड के ऊपर रखी। “देख… कितनी गीली हो चुकी है तेरी आंटी की चूत… अब डाल अंदर…”
मैंने हिम्मत करके अपना लंड पकड़ा और उनके गीले चूत के मुंह पर रगड़ने लगा। सुधा आंटी ने आँखें बंद कर लीं और moan करने लगीं, “आह्ह्ह… हाँ… रगड़… अच्छे से रगड़… ऊँह्ह्ह…”
फिर उन्होंने खुद नीचे दबाव डाला और मेरा लंड धीरे-धीरे उनकी tight चूत में घुसने लगा। “आआआह्ह्ह… मोटा है बेटा… धीरे… आह्ह्ह… पूरी भर गई मेरी चूत…”
जब पूरा लंड अंदर चला गया तो सुधा आंटी जोर से चीखीं, “फक्क्क… कितना गहरा चला गया… मम्म्म…”
फिर उन्होंने धीरे-धीरे कूल्हे हिलाने शुरू किए। उनकी बड़ी गांड मेरी जांघों पर टकरा रही थी। “चोद… चोद मुझे… तेरी आंटी की चूत को फाड़ दे आज… हाँ… जोर से… आह्ह्ह… ऊँह्ह्ह… फास्ट…”
मैं भी नीचे से जोर-जोर से ठोके मारने लगा। कमरे में सिर्फ चूत और लंड के टकराने की आवाज और दोनों के moaning की आवाज गूंज रही थी।
“आंटी… आपकी चूत बहुत टाइट है… बहुत गर्म… मैं और जोर से चोदना चाहता हूँ…”
“हाँ बेटा… चोद… जितना मन करे चोद… मेरी चूत तेरी है आज… आह्ह्ह… हाँ… वहीं… गहरी… ऊँह्ह्ह… मैं आने वाली हूँ…”
कुछ मिनट बाद सुधा आंटी तेजी से कूल्हे हिलाने लगीं। उनकी सांसें बहुत तेज हो गई थीं। “आआआह्ह्ह… मैं जा रही हूँ… चोदते रह… आह्ह्ह… फट गई… ऊँह्ह्ह्ह…”
वे जोर से झड़ गईं। उनकी चूत मेरे लंड को कसकर पकड़ रही थी।
मैं भी अब किनारे पर था। “आंटी… मैं भी आने वाला हूँ…”
“अंदर मत डालना… मेरे मुंह में दे…” उन्होंने जल्दी से कहा।
वे नीचे उतरीं और मेरे लंड को फिर मुंह में ले लिया। जोर-जोर से चूसने लगीं। मैंने उनका सिर पकड़कर आखिरी जोर के ठोके मारे और उनके मुंह में पूरा माल छोड़ दिया।
“मम्म्म… गर्म… बहुत ज्यादा है…” सुधा आंटी ने निगलते हुए कहा।
दोनों थककर कुछ देर लेटे रहे। उन्होंने मेरे सीने पर हाथ फेरते हुए कहा, “कैसी लगी आंटी की सर्विस?”
“बहुत अच्छी आंटी… life changing थी,” मैं हँसते हुए बोला।
सुधा आंटी मुस्कुराईं और बोलीं, “अगर मन करे तो फिर आना… लेकिन अगली बार मैं और भी dirty सर्विस दूंगी… शायद मेरी सहेली के साथ भी ट्राई कर सकते हैं।”
वे उठीं और कपड़े पहनने लगीं। मैं भी तैयार होने लगा। जाते वक्त उन्होंने मेरे गाल पर किस किया और कान में फुसफुसाईं, “अगली बार बुकिंग पहले से कर लेना… आंटी इंतजार करेगी।”
मैं पार्लर से बाहर निकला तो शरीर तो रिलैक्स था, लेकिन दिमाग अभी भी सुधा आंटी की गर्म चूत और उनके जोरदार moaning को याद कर रहा था। क्या मैं फिर जाऊंगा? शायद हाँ… और शायद अगली बार कुछ और नया ट्राई करूँगा।
तो दोस्तों कैसे लगी ये parlour वाली Mature Auntry की Chudai Ki Kahani?? नीचे कॉमेंट करके जरूर बताना!
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