बीवी की बुर चुदाई गैर मर्द के लन्ड से 02
कहानी का पहला पार्ट : बीवी की बुर चुदाई गैर मर्द के लन्ड से 01
प्लीज् सम्मू इसे ही पहले मुझे चोद लेने दो बल्कि तुम दोनों तो आज साथ मे मुझे चोदने वाले हो।
एक लोग मेरी गाँड़ मार दो और टेलर को मुझे चोद लेने दो।
“ठीक है” मैं बोला और आगे से हट गया
भैया जी टेलर ने मुझसे कहा आपको इसकी गाँड़ में लन्ड डालना हो तो पीछे से लग जाओ।
अब हम दोनों के बीच मे सुबी थी एक तरफ हम एक तरफ टेलर सुबी जिधर मुड़ती उधर ही उसकी चूची की दबाई और चुसाई होती थी।
दो मर्दों के बीच मे एक औरत चुदने जा रही थी अपने शौहर के सामने ही एक तरफ उसकी बुर को चोदने वाला गैर मर्द था।
एक तरफ उसकी गाँड़ मारने के लिए उसका शौहर था खैर हम दोनों ने सुबी को करवट लिटाकर उसकी बुर को टेलर की तरफ किया और उसकी बड़ी बड़ी गाँड़ को अपने लन्ड से सटाया।
इधर सुबी जोश के मारे अपनी चुचियो को दबाती और निप्पल्स को भी उंगली से ऐंठती जा
रही थी।
आह,,,, आह,,,,,,,, ससस्सी ससस्सी करती हुई बहुत तेज़ आवाज़ निकाल रही थी।
दोस्तो जैसा आपने पिछले भाग में पढ़ा की मेरी बीवी अपनी ब्रा सिलवाने के लिए एक टेलर मास्टर से चुदने जा रही थी आगे क्या हुआ पढ़िए इस भाग में:-
सुबी खूब तेज़ तेज़ आवाज़ निकाल रही थी, जिससे लन्ड औऱ भड़क रहा था दिल कर रहा था कि आज इसका गैंगबैंग करवा दूँ
आह,,,, आह,,,,,,,, ससस्सी ससस्सी करती हूं बहुत तेज़ आवाज़ निकाल रही थी चोदो मुझे मास्टर प्लीज मेरी बुर की आग भड़क रही है चोद दो जल्दी से मेरी बुर को - वो टेलर से बोली
रुक जा मेरी जान अभी तेरी बुर को ऐसा चोदूँगा की तू लन्ड निकालने के लिए बोलेगी तब भी मैं नही निकालूंगा और तेरी बुर को चोदता रहूंगा।
मैं मन ही मन उसकी बात सुनकर मुस्कुराया की ज़्यादा से ज़्यादा 20-25 मिनट चोदेगा ये सुबी की बुर को इससे ज़्यादा क्या चोद सकता है?
खैर उसने अपना लन्ड सुबी की टांग को हवा में उठाकर सुबी की गुदाज़ बुर के छेद पर सेट करके अपने लन्ड का टोपा अंदर घुसाया
ससस्सी ,,,,, आह,, आउच ,,, की आवाज़ निकाली इधर मैंने भी सुबी की गाँड़ के छेद पर अपने मोटे लन्ड के टोपे से बहता हुआ गाढ़ा पानी को टोपे पर लगाकर सुबी की गाँड़ में हल्का सा धक्का दिया।
तो वो चिल्लाई: प्लीज सम्मू धीरे धीरे लन्ड डालकर गाँड़ मारो वरना मैं चीख पड़ूँगी और मुझे दर्द भी होगा!
जबकि स्साली टेलर के लन्ड को पकड़े हुए बुर में पेलने के लिए तैयार थी।
हम दोनों ने यानी टेलर और मैंने आंखों ही आंखों में इशारा किया और एक ही साथ दोनो लोगो ने धक्के मारे
आssss ह, उई माँ, मर गई! यह कहानी आप गरम कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
एक ज़ोर की चीख सुबी के मुंह से निकली और वो हम दोनों के बीच से छूटने के लिए छटपटाने लगी वो ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी फट गई मेरी बुर!
प्लीज निकाल लो लन्ड को मैं मर जाऊँगी प्लीज, प्लीज निकाल लो!
ओ टेलर मास्टर तुम्हारा लन्ड तो इतना मोटा भी नही था फिर क्यों फटने जैसी दर्द हो रही है?
टेलर मास्टर मुस्कुराया और बोला
मेरी जान अभी तो तुम चुदने के लिए तड़प रही थी अब क्या हुआ?
असल मे हुआ ये था कि मेरा लन्ड सुबी की टाइट गाँड़ से फिसलकर टेलर मास्टर के लन्ड के साथ सुबी की बुर में घुस गया था
अब दो दो लन्ड की मोटाई
और उस पर एक लोग आगे से दूसरा मैं पीछे से था, तो सच मे सुबी की बुर फट गई थी और उसमें से खून निकलकर लन्ड को लाल कर दिया था ।
और सुबी अपनी बड़ी बड़ी चुचियो को मारे दर्द के टेलर मास्टर के मुंह में चिपकाये हुए थी।
हम दोनों रुक गए और टेलर मास्टर सुबी के चूचे अपने मुंह मे रखकर चुसाने लगा और मैंने भी सुबी का दर्द कम करने के लिए उसकी गाँड़ को सहला रहा था।
जबकि वो अभी भी अपनी बुर से दोनो लन्डो को निकालने के लिए कोशिश कर रही थी गाँड़ पीछे करती तो भी लन्ड बुर में ही जाता और अगर कमर को आगे करती तो भी टेलर मास्टर का लन्ड सुबी की बुर में घुसता ।
टेलर मास्टर बहुत होशियार था उसने फटाफट किसी चीज़ से हम दोनों के लन्ड को जड़ के पास से बांध दिया अब दोनो में से किसी का भी लन्ड अलग नही हो सकता था। यह कहानी आप गरम कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
पहली बार मैंने ऐसी चुदाई देखी थी, जो कि एक साथ दो लन्ड एक ही बुर को चोद रहे थे
स्साला कितना किस्मत वाला था
मेरे ही घर मे! मेरी ही बीवी को! मेरे ही बेड पर! मेरे ही सामने! मेरे ही साथ चोद रहा था!
खूब ज़ोर ज़ोर से उसकी बड़ी बड़ी चुचों को मसल रहा था।
प्लीज सम्मू तुम ही निकाल दो इस टेलर मास्टर के लन्ड को मेरी बुर से!
जबकि उसे ये नही मालूम था कि मेरा भी लन्ड उसकी बुर में घुसा है और उसकी बुर की गुफाओं को तहस नहस करने के लिए दोनो लन्ड तैयार हैं।
कम से कम 20 मिनट तक हम लोग बिना बुर चोदे पड़े रहे और कभी उसकी चूची को हम दबाते कभी मास्टर उसकी चुचियों को दबाता चूसता सहलाता और चुचों को दबाता।
अब वो लगभग नार्मल हो गई थी मैंने देखा कि दोनो लन्ड अभी अंदर आधा ही गए थे और आधा लन्ड जाना बाकी था।
मेरा लन्ड सुबी की बुर की खून और सेक्स की गर्मी से और मोटा हो रहा था मुझे ये भी मालूम हो गया था कि अभी तो पिक्चर बाकी है! देखो सुबी की बुर का क्या होता है?
सम्मू प्लीज निकाल दो न मैं मर जाऊंगी!
“चुप स्साली” टेलर मास्टर बोला।
अभी तो तेरी बुर को बुर से चूत, फिर चूत से भोसड़ा बनाना है।
सुबी ने कहा :क्या आज ही आखिरी बार चोद रहे हो? बाद में फिर कभी चोद लेना! लेकिन इस वक़्त मुझे छोड़ दो।
“चुप रहो मेरी जान” मैंने उससे कहा - अभी तो बिना चोदे निकालना कहा है
तो क्या तुम दोनों मेरी बुर को एक साथ चोद रहे हो? आsssss मैं मरी जा रही हूं प्लीज निकाल लो तभी तो इतना दर्द हो रहा है।
कहि मेरी बुर फट तो नही गई है?
वो अब अपने हाथों से लन्ड निकालने के लिए लन्ड पकड़ने लगी।
लेकिन मैंने और मास्टर ने उसका हाथ पकड़ लिया। फिर हम दोनों ने आंखों ही आंखों में इशारा किया और दुबारा से सुभी की बुर में बाकी बचा आधा लन्ड पेलने की तैयारी करने लगे ।
एक हाथ को टेलर मास्टर ने पकड़ा और दूसरे हाथ को मैंने और हम दोनों ने अपने लन्ड को हल्का सा बाहर खींचा और एक ज़ोर का धक्का हम दोनों ने सुभी की बुर में अपने लन्ड को दिया। यह कहानी आप गरम कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
चट्ट की आवाज़ के साथ दोनो लन्ड सुभी की बुर को फाड़ता हुआ अंदर बच्चेदानी से टकराया।
फिर सुबी - बचाओ बचाओ प्लीज निकाल लो अपने अपने लन्डो कोप्लीज सम्मू निकाल दो!
चुप स्साली अपने शौहर के सामने ही पराये लन्ड से चुदवाना चाहती थी अब चख मज़ा!
और हम दोनों के लन्ड एक साथ बुर में जाने से वो बकरी की तरह सिकुड़ गई थी खूब ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी, हाथ पैर पटकने की कोशिश कर रही थी लेकिन हम लोगों ने उसके हाथ पैरों को अच्छे से पकड़ रखा था ।
अब लन्ड को सुभी की बुर की चुदाई से रोकना मुश्किल था, अब हम दोनों सुभी की बुर को धीरे धीरे चोदने लगे।
आधे घण्टे तक उसकी बुर को चोदने के बाद अब सुभी धीरे धीरे अपनी कमर चलाने लगी थी शायद अब उसको भी मज़ा आने लगा था।
और फिर हम लोगो की सुभी की बुर चोदने की स्पीड बढ़ी, अब दोनो लन्ड जब सुभी की बुर चोदते तो फच फच फचाक की आवाज़ निकल रही थी, और वो भी अपनी कमर को चला चलाकर अपनी फट चुकी बुर को चुदा रही थी ।
आssss, आईsss, उफ, चोदो जल्दी जल्दी कमीनो, तुम कमीनो ने मेरी बुर को फाड़कर भोसड़ा ही बना दिया है तो अब चोद डालो कमीनो!
आह,,,,,,, उह,,,,,,,, शशशश अब वो भी कमर चलाकर बुर चुदा रही थी।
साथ मे मुझसे बोले जा रही थी अब तुम रह जाओ सम्मू आज तुम्हारी वजह से ही मेरी बुर के चिथड़े हुए है अब तुम ही बड़ा औऱ मोटा लन्ड लाओगे मुझे चुदवाने के लिए।
आहssssss आsssss मार चूत को मार आह तभी टेलर मास्टर सुबी की बुर में झड़ने वाला था तो मुझसे बोला क्यों भैया? भाभी की चूत में ही गिरा दू या मुंह मे मास्टर तुझे जहां गिराना हो गिरा दे।
मेरी बात सुनकर मास्टर और तेज़ी से सुबी की बुर को चोदने लगा और ज़ोर से सुबी की बड़ी चुचियो को पकड़ लिया और एक तेज़ धार टेलर मास्टर के लन्ड से निकली जिसने सुभी की बुर को तर कर दिया।
इसके साथ ही सुभी भी झड़ गई, लेकिन हम दोनों का लन्ड टेलर मास्टर ने ही बंधा था तो मेरा अभी निकला नही था मैं भी जोर जोर से दोनो बंधे हुए लन्ड से सुबी की बुर चोदने लगा। यह कहानी आप गरम कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
10 मिनट और चोदे फिर भी मेरे लन्ड का पानी नही निकला था उधर टेलर मास्टर का लन्ड फिर कड़ा हो गया था तब टेलर मास्टर ने लन्ड को खोला।
और मेरा लन्ड निकाला कहा भैया आप इसकी गाँड़ मारो तभी आपके लन्ड का पानी निकलेगा।
मैंने भी लन्ड निकालकर सुबी की गोल गोल गाँड़ में पेलने लगा जैसे ही लन्ड का मोटा सुपाड़ा गाँड़ में घुसा वो फिर चिल्लाने लगी।
तुम दोनों आज मिलकर मेरी बुर फाड़ कर भोसड़ा बना दिये हो अब क्या गाँड़ भी फाड़ोगे?
उधर टेलर मास्टर फिर से मेरी बीवी की बुर जो कि भोसड़ा बन चुकी थी चोदने लगा और मैं उसकी गाँड़ में अपना मोटा लन्ड धीरे धीरे घुसा रहा था।
हर झटके में स्साली चीख रही थी हम दोनों रुक गए और सुबी को बोला तू चोद और अब सुबी अपनी कमर को आगे ले जाती तो टेलर मास्टर का लन्ड उसकी बुर चोदता और गाँड़ पीछे करती तो मेरा मोटा लन्ड उसकी गाँड़ चोदता।
जबकि उसकी चूचे दबाने से चुसाने से लाल हो गए थे छातियां जैसे और बढ़ गई थी।
15-20 मिनट की चुदाई करने के बाद मेरे लन्ड को झटका लगने लगा और मेरे लन्ड से उसकी गाँड़ में अपना गाढ़ा पानी भर दिया।
इधर मास्टर फिर से चोदते चोदते सुबी की बुर में ढेर से पानी निकाल दियाचूंकि बुर अब बुर नही रह गई थी इसलिए सारा पानी टेलर मास्टर के सुबी की चूत से लन्ड निकालते ही बाहर आ गया।
हम तीनों निढाल होकर बेड पर नन्गे ही पड़े रहे। सुबी हम दोनों के बीच मे थी जब भी करवट बदलती
कभी मैं कभी टेलर मास्टर उसकी चुचियों से खेलते!
आधा घण्टे के बाद फिर से लन्ड खड़ा करके हम दोनों पोज़िशन बदल लिएअब मैं सुबी की बुर चोदने जा रहा था और टेलर मास्टर सुबी की गाँड़ मारने जा रहा था। यह कहानी आप गरम कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
हम दोनों ने फिर से एक साथ चूत और गाँड़ को चोदने लगे सुबी की बुर में लन्ड बहुत आराम से जा रहा था लग नही रह था कि सुबी की चूत चोद रहे हों।
40 मिनट की चुदाई के बाद मैंने लन्ड को निकालकर सुबी के मुंह मे दे दिया और मेरी देखा देखी टेलर मास्टर ने भी लन्ड निकालकर सुबी के मुंह पर ही मुठ मारने लगा फिर ढेर से पानी दोनी लन्ड का निकलकर उसको तर कर दिया ।
अब स्साली दोनो टांगे फैलाये भोसड़ा बन चुकी सूजी हुई बुर को खोले पड़ी थी उसकी बुर को जो भी देख ले या पाठकों आप भी देख लो तो बुर चोदने के लिए कुछ भी करनेको तैयार हो जाएं।
इस तरह मेरी बीवी सुबी एक टेलर मास्टर से अपनी ब्रा सिलवाने के लिए
मेरे ही घर मे! मेरे ही सामने! मेरे ही रूम में! मेरे ही बेड पर! मेरे ही साथ! एक पराये मर्द के लंड से चुदी!
ये तो मैं गारंटी से कह सकता हूँ की अगर आप लोग भी अगर मेरी बीवी की बुर देख ले तो बिना चोदे रह नही पाएंगे।
तो दोस्तो ये थी मेरी बीवी की चुदाई की कहानी।
अगले पार्ट में आपको मेरी बीवी की चुदाई की दूसरी कहानी पढ़ने को मिलेगी कहानी कैसी लगी कमेंट करें और मुझे बताए मेल करके साथ ही कहानी किस टॉपिक पर हो ये भी बता सकते है।
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