चोर ने जबरदस्ती चुराली मेरी चूत की जवानी!

Virgin First Time Sex Stories : अंधेरी रात में चोर ने चाकू दिखाकर चुराई मोहिनी की जवानी! मोटे लंड से मारी कुंवारी चूत और गांड! गालियों और Wild चुदाई का मिक्सप!


घनी अंधेरी रात में मेरे कमरे एक नक़ाबकोश घुस आया उसने c*ku की नोक पर मेरी चूत से जवानी चुराली! ये सपना था या हकीकत इसका पता मुझे अगली सुबह चला।


कैसे हो सब लोग ? मैं मोहिनी हूँ और यह मेरी ज़िंदगी की वह रात की कहानी है जिसे मैं चाहकर भी कभी नहीं भूल पाई। मैं एक बहुत ही साधारण, शर्मीली और शांत स्वभाव की लड़की थी। 


मुझे लोगों से ज़्यादा बातें करना पसंद नहीं था और मैं अपना अधिकांश समय किताबों के साथ बिताती थी। मेरे माता-पिता दूसरे शहर में रहते थे जबकि मैं पढ़ाई के लिए अकेली दिल्ली में किराए के कमरे में रहती थी। 


मेरा छोटा-सा कमरा ही मेरी पूरी दुनिया था, जहाँ मेरी किताबें, कपड़े और कुछ यादगार चीज़ें थीं। दिल्ली का माहौल तो आप लोग जानते होंगे, मेरी क्लास की लड़कियों बहुत चुद्दकड़ थी।


वो हर दूसरे दिन किसी न किसी लड़के की लन्ड की बाते मेरे सामने करती रहती थी इस वजह से मेरे अंदर की वासना भी भड़कने लगी थी। मेरा मन था की कोई मुझे जबरदस्ती चोद डाले जिससे मेरे ऊपर बिगड़ी हुई लड़की का धब्बा न लगे।


लेकिन मुझे कभी अंदाज़ा नहीं था कि एक रात मेरी यही इच्छा पूरी भी हो जाएगी और मेरा कमरा मेरे जीवन का सबसे डरावना अनुभव बन जाएगा।


उस दिन भी सब कुछ सामान्य था। कॉलेज से लौटकर मैंने खाना बनाया, थोड़ी पढ़ाई की और फिर देर रात तक Garam kahani की चुदाई भरी कहानियां पढ़ती रही। बाहर मौसम खराब था और तेज़ हवा खिड़कियों को हिला रही थी।


सड़कें लगभग सुनसान हो चुकी थीं और आसपास का इलाका अजीब-सी खामोशी में डूबा था। करीब ग्यारह बजे मैं सोने के लिए बिस्तर पर लेट गई ।


मुझे नींद नहीं आ रही थी कहानी की वजह से चूत में खुजली लग रही थी तो मैने अपने सारे कपड़े निकाल कर चूत में उंगली डालने का इरादा करा मैं बस ब्रा और एक पजामे में थी।


अपनी चूत को शांत करते हुए मेरी कब आंख लगी पता ही नहीं चला फिर रात के लगभग डेढ़ बजे मेरी अचानक आँख खुल गई। मुझे ऐसा लगा जैसे कमरे में कोई हल्की-सी आवाज़ हुई हो। पहले तो मैंने सोचा कि शायद हवा के कारण कोई चीज़ गिर गई होगी। 


लेकिन कुछ सेकंड बाद फिर वही आवाज़ सुनाई दी, इस बार पहले से ज़्यादा स्पष्ट थी। मेरा दिल तेज़ी से धड़कने लगा और मैं घबराकर उठ बैठी।कमरे में अंधेरा था और केवल खिड़की से आती हल्की चाँदनी दिखाई दे रही थी। 


मैंने धीरे-धीरे अपनी नज़र कमरे के कोनों पर दौड़ाई। तभी मुझे अलमारी के पास किसी की परछाईं दिखाई दी। कुछ पल के लिए मुझे लगा कि शायद मैं सपना देख रही हूँ। लेकिन अगले ही क्षण वह परछाईं हिली और मेरा खून जैसे जम गया।


मेरे कमरे में सचमुच कोई था। एक अनजान आदमी चुपचाप मेरी अलमारी के सामने खड़ा था। उसने अपना चेहरा कपड़े से ढका हुआ था और वह मेरे सामान को टटोल रहा था। वो आदमी मेरी पैंटी और मेरी ब्रा उठाकर खुशबू ले रहा था।


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मेरे मुँह से अचानक एक चीख निकल गई। चीख सुनते ही वह आदमी बिजली की तरह मेरी ओर मुड़ा। मैं डर के मारे बिस्तर से नीचे उतर भी नहीं पाई। 


वह तेजी से मेरे पास आया और मुझे चुप रहने का इशारा करने लगा। लेकिन मेरी घबराहट इतनी बढ़ चुकी थी कि मैं लगातार चीखने की कोशिश कर रही थी।


मुझे लगा कि अगर मैंने शोर मचाया तो शायद कोई पड़ोसी मदद के लिए आ जाएगा पर मेरी उम्मीद अगले ही पल टूट गई। उस आदमी ने मेरा हाथ पकड़ लिया। मैंने खुद को छुड़ाने की पूरी कोशिश की लेकिन डर और कमजोरी के कारण कुछ नहीं कर पाई।


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वह मुझसे कहीं ज़्यादा ताकतवर था और उसने मुझे आसानी से काबू कर लिया। मेरी आँखों में आँसू भर आए और शरीर काँपने लगा। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि अब मेरे साथ क्या होने वाला है।


तभी उस इंसान में एक c* निकाल कर मेरे गले पर लगाया और एक भारी आवाज़ में कहा “अगर मैंने कोई भी चालाकी दिखाई तो आज की रात मेरी आखिरी रात होगी।”


उसकी बाते सुनकर मैं पूरी तरह सहम कर ठंडी पड़ गई अब मेरी मजबूरी थी के मुझे उसके आगे हत्यार डालने थे। उसके बाद वो मेरे बिस्तर के ऊपर आ गया ।


उसने मेरे जिस्म से निकलती परफ्यूम की खुशबू ली और बोला “मुझे जो करना है उसे शांति से कर ने दोगी तो तुमको कोई परेशानी नहीं आएगी।”मुझे डर की वजह से मेरी सांसे रुकती हुई महसूस हुई।


 उस आदमी ने चेहरे को छुपाया हुआ था उसके साथ रात के अंधेरे की वजह से मैं उसे देख नहीं पाई। फिर उसने c* को मेरे मेरे गले से नीचे लिया और मेरे ब्रा की तरफ आया रात में बस मैं ब्रा और पजामी में सोती हूं।


उसने अपने c* को मेरे चूंचे पर फेरा फिर मेरे निप्पल पर नोक को दबाने लगा मुझे बहुत चुभ रहा था उसने अपने दूसरे हाथ को मेरे मुंह पर बंद कर रखा था। मेरे पैर बुरी तरह कांप रहे थे उसके बाद उस आदमी ने मुझे पीछे गिरा दिया और मेरे ऊपर आ गया।


उसने c* से मेरी ब्रा को बीच से काट दिया मेरे 28 के चूंचे उसके सामने खुल कर बाहर आ गए। मेरी 26 की कमर पर उसने अपना पूरा वज़न दे रखा था, और मेरी 28 की गांड़ बुरी तरह फट रही थी।


उसने अपना मुंह नीचे लिया और मेरे जिस्म की खुशबू लेने लगा।


अचानक उसने मुझे एक झन्नाटेदार थप्पड़ मारा जिससे मैं पूरी हिल गई। मेरी आंखों ने आंसू बहने लगे और उसने अपने c* को एक तरफ रख दिया। 


उसके थप्पड़ अपनी ताकत दिखाने के लिए मारा था जिससे मेरे अंदर की हिम्मत टूट गई वो बोला “अगर थोड़ी भी समझदारी दिखाने कोशिश करी तो अपने हाथों से दर्द देगा।”


उसके बाद उसने अपने नकाब को चेहरे हटा लिया मैने उसका चेहरा देखा एक मूंछों वाला मर्द उमर लगभग मेरे बाप जितनी होगी बड़ा सा चेहरा बिल्कुल मेरे सामने था। उसे देखकर मेरी आंखे फटी की फटी रह गई और उसने तुरंत मेरे होठों पर अपने होठ रख दिए।


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मैं कसमसा रही थी वो मेरे होठों को चूस रहा था वो बिल्कुल जानवर की तरह मेरे होठ काटने की कोशिश कर रहा था मुझे बहुत तकलीफ हो रही थी मेरे दोनों हाथ उसने पकड़ रखे थे। मेरे ऊपर ढकी चादर उसने निकाल फेकी थी।


वो लगातार मुझे होठों पर चूसता रहा जबरदस्ती मेरे चेहरे को पकड़कर मेरे होठ खोले और अपनी ज़ुबान को मेरे मुंह के अंदर डालने लगा मुझे बहुत गंदा महसूस हो रहा था उसके मुंह से दारू की बहुत तेज़ स्मेल आ रही थी।


उसका थूक दारू की भाप के साथ मेरे मुंह में बह रहा था।


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उसने अपना दूसरा हाथ लेकर मेरी पजामी का नाडा खोला और घुटनों तक नीचे उतार दी। फिर अपनी मोटी उंगलियों से मेरी चूत सहलाने लगा।


मेरी टांगे मचल रही थी सांसे भाग रही थी। उसने अपनी पेंट के अंदर से मेरी छोटी नाज़ुक चूत पर लन्ड को दबाया उसके बाद दोनों हाथ पकड़कर मेरे चूची पर टूट पड़ा।


मैं अब तक एक आदमरे जिस्म जैसी हो गई थी मेरी जिस्म को कोई चख रहा था और मैं बेसुध पड़ी थी। उसने मेरे निप्पल को पिया मेरी चूंची को बुरी तरह काटा या कहो की खा गया।


मेरी आंखों से आंसू बह रहा थे और वो आदमी मेरे आंसू भी पीता जा रहा था। 


फिर वो बेड से हटा उसने अपने कपड़े उतारे पैंट निकाली अंडरवियर हटाया मैने देखा उसका लन्ड पूरा 8 इंच का नाग था। मेरी चूत में बस आज तक 1 इंच वाली मेरी उंगली गई थी। उसका लन्ड 4 इंच मोटे होने का अंदाजादे रहा था।


वो किसी मॉडल की तरह मेरे पास चलकर आया फिर बिस्तर पर चढ़ा वो अपने चेहरे को मेरे चेहरे के बिल्कुल करीब ले आया मेरे चेहरे पर कोई भाव नहीं थे मेरे आंसू निकलने बंद हो गया था।


उसने अपने नंगे लन्ड को मेरी चूत पर सह लाया फिर कान के नज़दीक आकर बोला “टांगे खोल अपनी”। ये Zabardasti Chudai Ki Kahani आप Garam kahani पर पढ़ रहे है।


मेरा जिस्म मेरी इच्छा से बिल्कुल उल्टा चल रहा था मेरी टांगे अपने आप खुल गई वो आदमी मुस्कुरा दिया फिर अपने लन्ड को मेरी चूत के दरवाज़े से सहलाने लगा मेरे मुंह से आवाज़ नहीं आ रही थी । 


मगर मन में तूफान मचा हुआ था। उसके बाद अपने टॉप को मेरी चूत में उतारने लगा।


“आह आह आअआअह!” की मेरी सिसकी निकली उसका शायद 2 इंच लन्ड मेरे अंदर आ गया था। मैं मूर्ति बनी उसके नीचे थी उसके बाद मेरे होठों के ऊपर फिर से उसने होठ रखे और दुबारा एक तेज़ धक्का लगाया । 


मैं पूरी तरह सहम गई उसका आधे से अधिक लन्ड मेरी चूत में था। मैं थोड़ा मचली लेकिन उसने मुझे पकड़े रखा मैं बेहोशी सी हालत में जाने लगी उसने धीरे धीरे मेरी चूत को चोदना चालू करा।


वो मेरी चूत में धक्के लगा रहा था । उसने अपने होठ मेरे पास से हटाए और अपने कान को मेरे होठ के करीब कर दिया। वो तेज़ी से मेरी चूत में धक्के लगा रहा था।


मेरी “अआआह! उज्ज्ज! हम्ममम आअआअह! अआआह! मां ओहह्ह्ह्ह अआआह! अआआह! उज्ज्ज! हम्ममम आअआअह! अआआह! मां ओहह्ह्ह्ह अआआह! आअआआअअह! “ आवाज़ कमरे में गूंज रही थी और वो इन आवाज़ों का मज़ा ले रहा था ।


मेरी जितनी तेज़ आवाज़ निकलती वो उतना ज़ोर से मुझे धक्का लगा देता। मेरी नाज़ुक सी चूत 8 इंच के नाग को झेल रही थी लेकिन कुछ पल बाद मुझे अच्छा लगने लगा। मैने भी अपनी टांगे उसके पेट पर बांधी, मेरी चूत ने भी धक्के लगाने शुरू कर दिए।


अब वो और मैने दोनों चुदाई के आनंद में लीन थे हमारी तेज़ी से आहे निकल रही थी,


ओहह्ह्ह्ह अआआह! अआआह! उज्ज्ज! हम्ममम आअआअह! अआआह! मां ओहह्ह्ह्ह अआआह! आअआआअअह! ओह ओर तेज़ आह ओर तेज़ “ कहकर मैं उसे उकसा रही थी।


10 मिनिट के बाद मेरी चूत ने पानी छोड़ा और मेरी टांगे अकड़ गई लेकिन अभी शायद उसका काम नहीं हुआ था। उसने सांड के शरीर वाले ने मुझे पलटा और मेरी गांड़ पर दो थप्पड़ जड़े इस बार ये थप्पड़ मुझे बुरे नहीं लगे।


मेरे चूतड के बीच वो अपनी ज़बान लेकर घुसा वो मेरे छेद को चाटने लगा बुरी तरह मेरे चूतड को दबोच रहा था। मां हम्ममम आअआअह! अआआह! मां ओहह्ह्ह्ह अआआह! आअआआअअह! की मस्तानी आवाज़ निकाल रही थी।


फिर वो ज़ालिम दुबारा उठा और अपने लन्ड को मेरी गांड़ पर सहलाने लगा मैने बिस्तर को कसकर पकड़ लिया चूत में तो कभी कभी उंगली करी थी।


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 मैने लेकिन गांड़ को मैने कभी नहीं छुआ था। उसने गांड़ के छेद पर पहले थूका उसके बाद लन्ड को छेद पर मसला और एक मर्दाना धक्का लगा दिया।


मेरी गाड़ को चीरता लन्ड मुझे अंदर तक महसूस हुआ मेरी बात तेज़ आअआआअअह! निकल गई अगर मौसम तूफानी नहीं होता तो पड़ोसी ज़रूर आते फिर उसने मेरी गांड़ को चोदना शुरू कर दिया। 


मुझे बहुत बहुत दर्द हो रह था लेकिन वो आदमी लगातार मेरी मार रहा था। मेरा सर दीवार से लग रहा था मेरी गांड़ पर 100 100 थप्पड़ लगने का एहसास बहुत दर्द भरा था। 


मैं ओहह्ह्ह्ह अआआह! अआआह! उज्ज्ज! हम्ममम आअआअह! अआआह! मां ओहह्ह्ह्ह अआआह! आअआआअअह! मत करो दर्द हो रहा है अआआह जो करना है आगे कर लो पीछे बहुत दर्द हो रहा है” कहकर मिन्नत कर रही थी लेकिन उसने मेरी एक भी न सुनी।


20 मिनट तक उसने मेरी गांड़ मारी और आखिरी समय पर अपना सारा पानी मेरी गांड़ में छोड़ दिया। वो चरमसुख को पाकर अपने भारी जिस्म के साथ मेरे ऊपर गिरा और मैं पूरी तरह दब गई। 


मेरी आंखों में आंसू थे मेरे दिमाग में वही बात चल रही थी क्यों मैने इसी ख्वाहिश करी के कोई मुझे जबरदस्ती चोद दे। मैने अपने शब्द वापस लेना चाहे लेकिन अब वो मुमकिन नहीं था। 


सुबह का सवेरा खिड़की के बाहर से मुझे दिखने लगा मुझे समझ नहीं आया था कब मुझे नींद लगी और मेरी आंख खुल गई थी।


रात तक चुकी थी वो आदमी जा चुका था। मैं सोचने की कोशिश कर रही थी रात वो हुआ वो सच था या सपना था। लेकिन मेरा बिस्तर मेरी ब्रा और मेरी चिप छिपी गांड़ और बिस्तर पर पड़े खून की कहानी बता रही थी के रात जो हुआ वो सपना नहीं था।


मैने उठने की कोशिश करी पूरा जिस्म मेरा दर्द कर रहा था। मैने बस सहारे से बाथरूम में गई मैने शावर चालू करा और बैठकर अपनी गुजरी रात के बारे में सोचने लगी।


 मेरी आंखों में आंसू नहीं थे लेकिन दिमाग में एक तूफान था मगर जो कुछ मेरे साथ हुआ मुझे उसका कोई अफसोस न था।


मेरी यह Fantasy से भरपूर Hindi Sex Kahani कैसी लगी आप लोग कमेंट में ज़रूर बताए। धन्यवाद।

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