बेटी के बर्थडे पर माँ ने लिया बॉयफ्रेंड का लंड!

Antarvasna : मुझे यकीन नहीं था मेरी मां इतनी चुदक्कड होगी! वो मेरे ही BF का लन्ड लेकर रात भर सोएगी! बर्थडे पार्टी में माँ ने बेटी के बॉयफ्रेंड का मोटा लंड लिया!


मुझे यकीन नहीं था मेरी मां इतनी चुदक्कड होगी की वो मेरे ही BF का लन्ड लेकर रात भर सोएगी, मुझे सुबह उठने तक इस बात पर हैरानी थी के वो मेरे सामने ही बेशर्मी से लन्ड से खेल गई।


हेलो हवस वाले दोस्तों, मेरा नाम निधि है। मैं 22 साल की हूँ और अभी कॉलेज की अंतिम वर्ष में पढ़ रही हूँ। ये कहानी मेरी मां की है जिसके मैं बस एक छोटा हिस्सा हूं। मेरी मां का नाम विनीता है, उनकी उम्र 42 साल है।


मेरी मां बहुत ही आकर्षक और गोरी-चिट्टी हैं। उनकी हाइट 5 फीट 4 इंच है, शरीर का रंग दूधिया है, कमर 28 की पतली है और उनका 32 का पिछवाड़ा और आगे के 34 वाले बूब्स दोनों ही काफी रसभरे और आकर्षक हैं। 


जब भी मां घर से बाहर निकलती हैं तो पड़ोस के मर्द उनकी तरफ घूर-घूर कर देखते रहते हैं। वो लोग नजरों से ही मेरी मां के जिस्म को रगड़ते रहते है। 


मेरे पापा सरकारी नौकरी में हैं और अक्सर घर पर नहीं रहते हैं। इसलिए घर में ज्यादातर मैं और मां ही रहते हैं। मेरा एक लन्ड सहारा भी है यानी बॉयफ्रेंड मेरे बॉयफ्रेंड का नाम अजय है।


ये Mom Son Sex Story आप Garam kahani पर पढ़ रहे है। वह 24 साल का है, दिखने में एक दम लंबा-चौड़ा और तगड़ा लड़का है। हम दोनों पिछले एक साल से रिलेशनशिप में हैं।


अजय का लन्ड काफी मोटा और लंबा है तकरीबन 8 इंच, जिससे खेलने खाने में मुझे बहुत मजा आता है। आज मैं आपको अपनी एक ऐसी सच्ची कहानी सुनाने जा रही हूँ जिसमें मैंने अपनी खुद की मां को किसी और मर्द के साथ चुदते हुए देखा। 


सबसे मजेदार बात ये है कि ये देखते हुए मेरी अपनी चूत भी बुरी तरह गीली हो गई थी और मैं खड़े-खड़े ही अपनी चूत में उंगलियाँ डालकर झड़ गई थी। ये घटना मेरी 22वीं बर्थडे पार्टी की रात की है। 


मेरी बर्थडे पार्टी घर पर ही रखी गई थी। पापा उस दिन भी व्यस्त होकर साइट पर थे, इसलिए सिर्फ मैं, मां और कुछ खास दोस्त आए थे। अजय भी शाम को पार्टी में आया था।


मैंने उस दिन एक छोटी सी ब्लैक ड्रेस पहनी थी जो मेरी जांघों तक थी।


मां ने भी पार्टी के लिए खूबसूरत साड़ी पहनी थी – लाल रंग की ट्रांसपेरेंट साड़ी जिसमें उनका ब्लाउज काफी टाइट था और उनकी चूचियों की गोलाई साफ दिख रही थी उनकी पीठ पूरी तरह नंगी थी। पार्टी में खाना-पीना, केक कटिंग, डांस सब कुछ हुआ। 


अजय मेरे साथ काफी देर तक डांस कर रहा था धीरे धीरे सब जाने लगे अजय का मूड चुदासी भरा होने लगा था। फिर धीरे-धीरे शाम ढलने लगी और मेरे बाकी दोस्त विदा हो गए। सिर्फ अजय रह गया था।


मां ने कहा कि रात का खाना साथ में खा लेंगे, इसलिए वह रुक गया।


ये incest Kahani आप Garam kahani पर पढ़ रहे है। सभी मेहमानों को टाटा बाई बाई कर के हम तीनों बैठकर बातें करने लगे। अजय ने अपनी कार में से एक बोतल व्हिस्की निकालकर लाई थी।


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उसने बहुत अच्छे से हम तीनों के लिए ड्रिंक बनाई, पहले तो मां मना कर रही थीं, लेकिन अजय ने बहुत मिन्नत की और बोला – “आंटी, आज निधि का बर्थडे है, थोड़ी सी पी लीजिए ना, मजा आएगा।”


आखिरकार मां मान गईं। हम तीनों ने मिलकर जवान नशे को पीना शुरू कर दिया। अजय ने तो काफी तेजी से उसे पी ली थी। दो-तीन पैग के बाद उसकी आँखें लाल हो गईं और उसकी जबान लड़खड़ाने लगी। मैंने उसे रोका भी, लेकिन वह नहीं माना।


मां भी दो पैग पी चुकी थीं और उनका चेहरा थोड़ा लाल हो गया था। तभी अजय ने अचानक मां की तरफ देखा और बोला – “आंटी, आप तो आज बहुत हॉट लग रही हैं। ये साड़ी आप पर बहुत अच्छी लग रही है।”


मां शर्मा गईं और हँसकर बोलीं – “बस करो अजय, शरारत मत करो। निधि गुस्सा करेगी”लेकिन अजय रुकने वाला नहीं था। वह मां के पास सरक आया और अचानक अपना हाथ मां की कमर पर रख दिया। 


मां थोड़ा चौंक गईं और मैं भी हैरान थी मगर सोचने की ताकत नहीं थी मां थोड़ा कसमसाई लेकिन शराब के नशे में उन्होंने कुछ नहीं कहा। अजय धीरे-धीरे अपनी उंगलियों से मां की कमर सहलाने लगा। 


ये Antarvasna Ki Kahani आप Garam kahani पर पढ़ रहे है। फिर उसका हाथ ऊपर चढ़ता गया और मां के ब्लाउज के पास तक पहुँच गया। मैं सोफे पर बैठी सब देख रही थी। मुझे लगा कि मां अब डाँटेंगी।


 लेकिन मां ने सिर्फ हल्के से सिसकारी भरी और आँखें बंद कर लीं , मेरी नज़रों के सामने कमरा घूम रहा था। अजय ने फिर हिम्मत करके मां की एक चूची को ब्लाउज के ऊपर से दबा दिया।


मां के मुँह से एक हल्की सी आह निकली – “उफ्फ… अजय! मत करो देखो।”


ये देखकर मेरी सांसें तेज हो गईं मैं कुछ बोलना चाहती थी मगर नशा मेरे सर चढ़ चुका था। मेरी मां, जो हमेशा इतनी संस्कारी और सीधी लगती थीं, अब अपने बेटी के बॉयफ्रेंड के हाथों से अपनी चूचियों को दबवा रही थीं।


मेरी चूत में भी अब अचानक एक गर्माहट महसूस होने लगी थी। मेरी मां अपने होठों को काट कर मज़ा ले रही थी। अजय ने फिर मां को खींचकर अपनी गोद में बिठा लिया।


मेरी आंखों के सामने मां भी बिना ऐतराज़ उसकी गोद में चली गई अजय धीरे धीरे उनके जिस्म को दबा रहा था और उनके कंधे , गले और पीठ पर किस करने लगा था। मां पहले तो थोड़ा दिखावटी विरोध कर रही थीं, लेकिन फिर उन्होंने भी अजय को रेस्पॉन्स देना शुरू कर दिया। 


दोनों ही भूल चुके थे की मैं भी बैठी हूं दोनों की जुबानें एक-दूसरे के मुँह में घुस रही थीं उनके रसपान को देखकर मेरे होठ भी कांपने लगे।


अजय मां की चूचियों को जोर-जोर से मसल रहा था और मां भी हम्ममम! उफ्फ ओह अजय कहते हुए सिसकारियाँ भर रही थीं। ये GF BF ki Sex Kahani आप Garam kahani पर पढ़ रहे है।


मैं वहीं सोफे पर बैठी-बैठी यह सब देख रही थी। मेरी टांगों के बीच चिपचिपापन होने लगा था। बिना सोचे-समझे मेरी एक उंगली अपने ड्रेस के अंदर घुस गई और मैं अपनी चूत को सहलाने लगी। मैने अपनी टांगे खोलकर चूत में उंगली डाल दी।


अजय ने मां को उठाकर बेडरूम की तरफ ले जाना शुरू किया। मां ने हल्के से विरोध किया – “अजय छोड़ो… ये गलत है… निधि यहाँ है वो क्या सोचेगी मेरे बारे में।…” लेकिन अजय ने कहा – “आंटी, निधि सो चुकी है। 


चलिए, अंदर चलते हैं, आज मत रोको मुझे।” मां भी नशे और हवस में थीं उन्होंने मुझे देखा और मैने आंखें बंद कर ली लेकिन मेरा हाथ चूत में था तो उनको शायद शक हुआ होगा फिर भी, उन्होंने कोई ज्यादा विरोध नहीं किया।


मेरी मां और मेरा बॉयफ्रेंड दोनों बेडरूम में चले गए और मुझे अकेला छोड़ गए। मैं चुपके से उनके पीछे-पीछे गई और दरवाजे के पास खड़ी होकर झाँकने लगी। दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं था, मैने हल्का धक्का लगाया और थोड़ा दरवाज़ा खोल लिया।


उन्ह्ह्ह्ह! अंदर क्या नजारा था… मां की साड़ी का पल्लू गिर चुका था। अजय मां को दीवार से सटाकर खड़ा था और उनके ब्लाउज के हुक खोल रहा था। मां की बड़ी-बड़ी गोरी चूचियाँ ब्रा से बाहर आ गईं थी। 


वो भारी भरकम चूची दूध की फैक्ट्री लग रही थी और उनके काले निप्पल चॉकलेट की याद दिला रहे थे। अजय ने एक चॉकलेटी चूची मुंह में ले ली और जोर-जोर से चूसने लगा। 


मां सिसकार रही थीं – “आह अआआह! आराम से … अजय चूसो और चूसो हम्ममम!… धीरे आअआअह! उफ्फ बहुत समय बाद ये आग भड़की है हम्ममम!… उफ्फ मेरी प्यास बुझा दो आज। मैं उमर भर तुम्हारी रण्डी बनकर रहूंगी।”


अजय ने धीरे धीरे चूची पीते हुए मां की साड़ी और पेटीकोट भी उतार दिया। अब मां सिर्फ ब्रा और पैंटी में थीं। अजय ने अपनी पैंट उतारी और उसका मोटा लन्ड बाहर निकल आया। 


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वो करीब 8 इंच लंबा और काफी मोटा था।


मां ने उसे देखा तो उनकी आँखें खुशी से फैल गईं, मेरे पापा का लन्ड इतना बड़ा या मोटा नहीं है मुझे मालूम है क्यों के नशे की हालत में एक बार मैं पापा से चुद चुकी हूं उसके बाद जब अजय ने मुझे चोदा तब मैंने जाना के मोटा लन्ड किसे कहते है।


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अजय ने मां को बेड पर लिटा दिया और उनकी पैंटी भी उतार दी। मां की चूत साफ और गुलाबी थी वो एक कमल के फूल जैसी कोमल ओर खूबसूरत थी । अजय ने तुरंत अपना मुँह मां की चूत की पंखुड़ियों पर रख दिया और जीभ से चाटने लगा। 


मां इस अचानक हमले से पागल हो गईं –


“ओह मां… क्या कर रहे हो… आह… अआआह! आराम से … अजय चूसो और चूसो हम्ममम!… धीरे आअआअह अजय… और जोर से… हाँ… चूसो मेरी चूत को आअआअह!” की आवाज़ मेरी चूत को भी पानी पानी कर रही थी।


मैं दरवाजे पर खड़ी ये सब देख रही थी। मेरी चूत अब बुरी तरह गीली हो चुकी थी। मैंने अपना ड्रेस ऊपर उठाया, पैंटी एक तरफ सरकाई और खड़े-खड़े ही अपनी दो उंगलियाँ अपनी चूत में डाल दीं।


उंगलियाँ तेजी से अंदर-बाहर करने लगी। मेरी सांसें बुरी तरह फूल रही थीं।


अंदर अजय ने मां को घुटनों के बल करवाया और पीछे से अपना लन्ड मां की चूत पर रखा वो कुत्ता डाल नहीं रहा था बस तड़पा रहा था, मां की चूत में लन्ड जाने का इंतजार मुझे नहीं हो पा रहा था। 


फिर एक जोरदार झटके से उसने अपना पूरा लन्ड मां की चूत में घुसा दिया। मां जोर से चीख उठीं – “आआह आअआअह! … फट गई भोंसड़ी आहे आअआअह मां आह!… धीरे का साले… ओहह… इतना मोटा है तेरा… आह…”


अजय ने जानवर की तरह मां की कमर पकड़कर जोर-जोर से धक्के मारने शुरू कर दिए। हर धक्के पर मां की चूचियाँ लहरा रही थीं और कमरे में “पच-पच-पच” की आवाजें गूंज रही थीं। 


मां अब पूरी तरह हवस में थीं – “हाँ अजय… जोर से चोदो… फाड़ दो मेरी चूत…हम्ममम!… तेज़ आअआअह अजय… और जोर से… हाँ आज बहुत दिनों बाद मोटा लन्ड मिला है… हाँ… और तेज… आह… मैं झड़ने वाली हूँ…”


मैं बाहर खड़ी अपनी उंगलियाँ तेजी से चला रही थी। मां की चुदाई देखते हुए मेरी चूत से पानी टपक रहा था।


मैंने अपनी तीसरी उंगली भी अंदर डाल दी और अपनी चूत को बुरी तरह फिंगर फक करने लगी मुझे भी अब चूत में दर्द हो रहा था। अंदर अजय मां को कुत्ते की तरह चोद रहा था। 


मां बार-बार तेज़ आअआअह अजय… और जोर से… हाँ आज बहुत दिनों बाद मोटा लन्ड मिला है… हाँ… और तेज… आह बोल बोलकर झड़ रही थीं।


उनकी चीखें अब सिसकारियों में बदल गई थीं – “हाँ बेटा… चोदो अपनी सास को… मेरी चूत को भोसड़ा बना दो… आह… मैं फिर झड़ गई हूं हम्ममम…”


अजय ने आखिर में जोर-जोर से धक्के मारे और मां की चूत के अंदर ही अपना सारा वीर्य उड़ेल दिया। मां भी आखिरी बार झड़ गईं और बेड पर लुढ़क गईं। 


मैं बाहर खड़ी अपनी उंगलियों को तेजी से हिलाते हुए चरम सुख पर पहुँच गई। मेरी चूत से एक जोरदार फव्वारा सा निकला और मेरे पैरों पर पानी गिरने लगा। मैं मुश्किल से दीवार का सहारा लेकर खड़ी रह गई। 


मेरे शरीर में झुरझुरी सी दौड़ गई थी, मुझे होश ही नहीं था के मैने अपनी मां की चुदाई देखकर मूठ मारी है। अंदर वो दोनों थोड़ी देर आराम करने के बाद फिर से चिपक गए।


इस बार मां खुद अजय के लन्ड को मुंह में लेकर चूस रही थीं। मैंने ये सब भी देखा। मां बहुत प्रोफेशनल तरीके से लन्ड चूस रही थीं – ऊपर-नीचे, गहरी गले तक वो टोपी को खींच रही थी। अजय मां के बाल पकड़कर उनका मुँह फक कर रहा था।


ये Desi Sex Story आप Garam kahani पर पढ़ रहे है। फिर दोनों फिर से चुदाई में लग गए। इस बार मां ऊपर थीं और खुद ही अजय के लन्ड पर बैठकर उछल रही थीं।


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 उनकी चूचियाँ ऊपर-नीचे लहरा रही थीं। मैंने दोबारा अपनी चूत में उंगलियाँ डालकर फिंगरिंग शुरू कर दी मन तो बहुत हो रहा था मैं इनको ज्वाइन कर लूं लेकिन गांड़ फटी पड़ी थी मेरी इसलिए उस दिन बस उंगली का ही सहारा था मुझे।


करीब डेढ़ घंटे तक दोनों की चुदाई चलती रही। मां तीन-चार बार झड़ चुकी थीं। आखिर में अजय ने फिर से मां की चूत में वीर्य भर दिया।


मुझे लगा आज की रात का कार्यक्रम यही समाप्त हो गया है लेकिन जैसे मैने वापस लौटने के लिए मुड़ी तो मुझे मां और अजय की दर्द भरी आवाज़ आई।


मैने ध्यान देकर सुना तो अजय बोला ' आंटी मेरा लन्ड फंस गया है निकल नहीं रहा!'


मां ने भी दर्द में कहा “अआआह! मेरी चूत बहुत समय से नहीं चुद पाई थी , आज ओवर चुदाई की वजह से सिकुड़ गई है, लन्ड मत निकालो ऐसे ही सजाओ सुबह चले जाना घर।”


मुझे थोड़ी हसी आई लेकिन जलन भी बहुत हुई मेरे ही लन्ड को मेरी मां रात भर चूत में लेकर सोएंगी खेर जब दोनों थककर सो गए, तब मैं चुपके से अंदर गई , मेरे सामने मेरे दो प्यारे से लेटे थे दोनों ही सोते हुए अच्छे लग रहे थे। 


अजय का लन्ड मां की चूत में फंसा हुआ था मैने एक बार उधर चूम लिया, फिर मां की निप्पल को थोड़ा पीकर और एक चाटा अजय को लगाकर भाग गई साले ने मेरे ही सामने मेरी मां चोदी थी आज।


भाग कर में अपने कमरे में चली गई। मेरी चूत अभी भी गीली थी और मेरे दिमाग में मां की चुदाई के दृश्य घूम रहे थे। मैने एक बार और उंगली से खुद को शांत करा और सो गई। 


दोस्तों, वो रात मेरे लिए बहुत खास थी। मैंने अपनी मां को चुदते हुए देखा और खुद भी खड़े-खड़े झड़ती गई। उसके बाद से जब भी मैं अकेली होती हूँ, वो दृश्य याद करके मैं अपनी चूत में उंगलियाँ डाल लेती हूँ।


अब मां और अजय के बीच भी रिलेशन बन गया है।


कभी-कभी जब पापा घर पर नहीं होते, तो अजय आता है, अभी तक उन्हें नहीं पता की उनकी चुदाई को मैं लाइव इंजॉय करती हूं, मगर मैने भी थानली है अपनी मां की जवानी से एक बार तो मैं भी खेलूंगी।


अगर आपको मेरी ये कहानी पसंद आई हो तो बताना hashmilion5@gmail.com पर अब जब मेरा थ्रीसम हो जाएगा तो अगली कहानी में मैं बताऊंगी कि कैसे मैंने मां और अजय के साथ थ्रीसम किया था। अपने विचारों को कमेंट में ज़रूर बताए।


धन्यवाद। 

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