मौलवी ने अम्मी की चूत और गांड फाड़ी!

Family Sex : मौलवी ने रसोई में अम्मी की चूत और गांड फाड़ी! बेटी ने छुपकर देखी चुदाई! फिर अब्बा ने बेटी को बुलाकर चूसे चुचे! और की सील पैक चुदाई की शुरुवात!


मौलवी हबीबुर रहमान उम्र 47 साल के थे। लंबी काली दाढ़ी, माथे पर हमेशा नमाज़ की लकीर, सफेद टोपी और कमर में लुंगी बाँधे वो घर के अंदर भी एक आलिम का रूप बनाए रखते थे।


उनका घर पुराना था, लेकिन दो मंजिला, बड़े आँगन वाला। ऊपर वाले कमरे में उनकी दूसरी बीवी जैनब (42 साल) और सौतेली बेटी आयशा (21 साल) रहती थीं।


जैनब का बदन अभी भी बहुत आकर्षक था। गोरा रंग, भारी-भारी स्तन जो ब्लाउज में मुश्किल से समाते थे, चौड़ी कमर और मोटी-मोटी जांघें।


आयशा कॉलेज की स्टूडेंट थी – लंबी, पतली कमर, लेकिन छातियाँ और गांड माँ जैसी ही भारी। दोनों ही औरतें पर्दे में रहने वाली, नमाज़ी और शरीयत का ख्याल रखने वाली थीं।


शाम के सात बज चुके थे। बाहर हल्की बारिश हो रही थी। आयशा कॉलेज से लौटकर सीधे अपने कमरे में चली गई थी। वो थक गई थी, इसलिए सलवार-कमीज उतारकर हल्का सा नाइट सूट पहन लिया।


जैनब नीचे रसोई में खाना बना रही थी। उसने हल्की सी साड़ी पहनी हुई थी। पल्लू कमर पर लिपटा हुआ था, ब्लाउज के ऊपर वाले दो हुक खुले हुए थे जिससे उसकी गहरी नाभि और स्तनों की ऊपरी गोलाइयाँ दिख रही थीं।


हबीबुर रहमान मस्जिद से नमाज़ पढ़कर लौटे।


आँगन पार करते हुए उनकी नजर रसोई की खिड़की पर पड़ी। जैनब झुकी हुई थी चूल्हे के पास, साड़ी का कपड़ा उसकी मोटी गांड में धँसा हुआ था। हबीबुर रहमान का लंड लुंगी के अंदर हिल गया।


वे धीरे-धीरे रसोई में दाखिल हुए।


“जैनब…” उनकी आवाज गहरी और भारी थी। ये Family Antarvasna Free Hindi Sex Kahani आप Garam kahani पर पढ़ रहे है।


जैनब मुड़ी। चेहरा पसीने से चमक रहा था। “जी हज़ूर… आप आ गए। चाय बनाऊँ?”


“चाय बाद में।” हबीबुर रहमान पास आए। “आज तुम्हारी चाल में शैतान साफ नजर आ रहा है। दिन भर नमाज़ पढ़ने के बावजूद तुम्हारी चूत में गर्मी है ना?”


जैनब शर्मा गई। आँखें झुका लीं। “हज़ूर… आप तो सब जानते हैं। पिछले दस दिन से आपने मुझे छुआ तक नहीं।”


हबीबुर रहमान ने पीछे से जैनब की कमर पकड़ ली। उनकी लंबी दाढ़ी उसके कंधे पर पड़ी।


“अल्लाह तआला ने मौलवी को घर की औरतों की हिफाजत और हलाल राहत देने का जिम्मा सौंपा है। आज मैं तुम्हें पूरी राहत दूँगा… लेकिन बहुत धीरे-धीरे।”


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जैनब का साँस तेज हो गया। उसकी कमर हबीबुर रहमान के पेट से सट गई। “हज़ूर… आयशा ऊपर है…”


“वो अपने कमरे में है। पहले मैं तुम्हें संभाल लूँ।”


उन्होंने एक हाथ से जैनब के भारी स्तन को ब्लाउज के ऊपर से दबाया। दूसरे हाथ से साड़ी का पल्लू हटाकर कमर पर रख दिया। जैनब की मोटी जांघें और सफेद पैंटी दिख गई।


हबीबुर रहमान ने पैंटी के ऊपर से चूत पर उँगलियाँ फेरीं। कपड़ा पहले से ही गीला था।


“उम्म्म्ह्ह्ह…” जैनब की सिसकारी निकली। “हज़ूर… बहुत गीली हो गई हूँ…”


“देखा? शैतान कितना ताकतवर है।” हबीबुर रहमान ने अपनी लुंगी खोल दी। उनका ९ इंच लंबा, मोटा, काला लंड बाहर आ गया। टॉपे से चिपचिपा रस टपक रहा था।


जैनब ने पीछे हाथ बढ़ाकर लंड पकड़ लिया। “अल्लाह… आज कितना सख्त है…” उसने धीरे-धीरे लंड को अपनी चूत पर रगड़ना शुरू किया।


हबीबुर रहमान ने जैनब की पैंटी एक तरफ सरकाई और लंड का टॉपा चूत के मुंह पर रखा। “बोल जैनब… ये लंड तेरा हलाल है या हराम?”


“हलाल है हज़ूर… बिल्कुल हलाल… आह्ह्ह्ह…”


एक धीमा धक्का। आधा लंड अंदर चला गया। जैनब की कमर झुक गई। “उम्म्म्म्ह्ह्ह… कितना मोटा… फाड़ रहा है…”


हबीबुर रहमान ने दोनों हाथों से जैनब की कमर पकड़कर धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर-बाहर करना शुरू किया। रसोई में हल्की-हल्की “चप… चप… चप” की आवाजें होने लगीं। जैनब की गांड उनके पेट से टकरा रही थी।


“जैनब… बोल… अल्लाह के नाम पर ले रही है ना?”


“हाँ हज़ूर… अल्लाह के नाम पर… आह्ह्ह… और गहरा… मेरी चूत को फाड़ दो आज… उफ्फ्फ़…”


हबीबुर रहमान की रफ्तार बढ़ने लगी। जैनब के स्तन ब्लाउज से बाहर निकल आए। वो बार-बार दीवार से टकरा रहे थे। ये Baap Beti Ki Sex Kahani आप GaramKahani पर पढ़ रहे है।


तभी आयशा पानी पीने के लिए नीचे आई। रसोई का दरवाजा आधा खुला था। उसने अंदर का नजारा देखा तो उसके पैर जमीन से चिपक गए।


अब्बा अपनी माँ को रसोई की दीवार से सटाकर जोर-जोर से चोद रहे थे। जैनब की साड़ी कमर तक ऊपर थी, स्तन बाहर, और वो बार-बार “हाँ हज़ूर… और तेज… अह्ह्ह्ह्ह… मैं आ रही हूँ…” कर रही थी।


आयशा की साँस रुक गई। उसकी जांघों के बीच अचानक भारी गर्मी फैल गई। उसने एक हाथ अपने स्तन पर रख लिया और दूसरे हाथ से दीवार का सहारा लिया। वो चुपके से खड़ी देखती रही।


हबीबुर रहमान ने जैनब को तेजी से चोदते हुए कहा, “जैनब… मैं तेरी चूत में अपना हलाल माल छोड़ने वाला हूँ… ले ले पूरी राहत…”


“हाँ हज़ूर… भर दो… अह्ह्ह्ह्ह… अल्लाह… मैं आ गई… आआआह्ह्ह्ह!”


जैनब का पूरा शरीर काँप उठा। हबीबुर रहमान ने एक जोरदार धक्का मारकर अपना गाढ़ा, गरम वीर्य जैनब की चूत के अंदर उछाल दिया।


जब दोनों शांत हुए तो हबीबुर रहमान ने दरवाजे की तरफ देखा। आयशा तेजी से पीछे हट गई, लेकिन वो जान गए थे कि बेटी ने सब कुछ देख लिया है।


जैनब ने साड़ी ठीक करते हुए शर्म से कहा, “हज़ूर… आयशा…”


हबीबुर रहमान मुस्कुराए, दाढ़ी सहलाते हुए बोले, “चिंता मत करो जैनब। अल्लाह की मर्जी है। अब आयशा को भी उसकी हलाल राहत का वक्त आ गया है।”


हबीबुर रहमान ने जैनब की कमर से हाथ नहीं हटाया। उनका लंड अभी भी जैनब की चूत के अंदर धीरे-धीरे हिल रहा था। गाढ़ा वीर्य दोनों की जांघों से टपक रहा था।


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“जैनब… अभी काम पूरा नहीं हुआ। रसोई में तो बस शुरुआत थी।”


जैनब ने शर्म से सिर झुकाया लेकिन उसकी आँखों में भूख साफ दिख रही थी। “हज़ूर… जितना चाहे… मैं आपकी हलाल दासी हूँ।”


हबीबुर रहमान ने जैनब को घुमाया, उसे चूल्हे के पास की मेज पर बैठा दिया। उसकी साड़ी पूरी तरह कमर तक ऊपर कर दी।


जैनब की मोटी जांघें फैल गईं। उन्होंने झुककर जैनब की चूत को चाटना शुरू किया। जीभ से क्लिटोरिस को तेजी से चाटते हुए बोले, “ये चूत आज रात भर हलाल होने वाली है।”


“आह्ह्ह्ह… हज़ूर… जीभ अंदर डालिए… उफ्फ्फ़… कितना अच्छा लग रहा है…” जैनब ने दोनों हाथों से हबीबुर रहमान का सिर पकड़ लिया और अपनी गांड मेज पर हिलाने लगी।


कुछ मिनट चाटने के बाद हबीबुर रहमान उठे। अपना मोटा लंड फिर से जैनब की चूत पर रखा और एक जोरदार धक्का मारा। पूरा लंड एक बार में अंदर चला गया।


“अल्लाह… फाड़ दिया… आआआह्ह्ह्ह!” जैनब चीख पड़ी। 


अब हबीबुर रहमान तेजी से धक्के मारने लगे। मेज हिल रही थी। जैनब के भारी स्तन उछल-उछलकर उनके चेहरे से टकरा रहे थे। उन्होंने ब्लाउज के बाकी हुक भी खोल दिए और एक स्तन मुंह में ले लिया, जोर-जोर से चूसने लगे।


“जैनब… बोल… तेरी चूत किसकी है?”


“आपकी हज़ूर… सिर्फ आपकी हलाल चूत है ये… मारिए… और जोर से… अह्ह्ह्ह… मेरी चूत फाड़ दो…”


हबीबुर रहमान ने जैनब को उठाकर दीवार से सटाया। अब स्टैंडिंग डोगी पोजीशन में। ये Baap Beti Ki Chudai Wali Kahani आप Garamkahani पर पढ़ रहे हो।


जैनब की एक टांग उन्होंने अपनी कमर पर चढ़ा ली और लंड को कोण से अंदर डालकर तेजी से चोदने लगे। हर धक्के पर “पच्च… पच्च… पच्च” की आवाज रसोई में गूंज रही थी।


जैनब के मुंह से लगातार आवाजें निकल रही थीं – “उम्म्म्ह्ह्ह… हाँ हज़ूर… गहरा… और गहरा… आपका लंड मेरी चूत को निचोड़ रहा है… आह्ह्ह्ह… मैं फिर से आने वाली हूँ…”


हबीबुर रहमान ने जैनब के बाल पकड़े और उसे चोदते हुए कहा, “आज मैं तुम्हें तीन बार झड़वाऊँगा… फिर आयशा को भी इसी हलाल राहत का हक दूँगा।”


जैनब को सुनकर और उत्तेजना बढ़ गई। उसने अपनी गांड पीछे की तरफ हिलानी शुरू कर दी।


कुछ देर बाद हबीबुर रहमान ने जैनब को कंधे से पकड़कर बेडरूम की तरफ ले गए। सीढ़ियाँ चढ़ते वक्त भी उन्होंने पीछे से लंड अंदर डाल रखा था। हर सीढ़ी पर एक धक्का। जैनब मुश्किल से चढ़ पा रही थी।


बेडरूम में पहुँचकर उन्होंने जैनब को चारों खाने चित लिटा दिया। उसकी दोनों टांगें कंधों पर रखीं और मिशनरी पोजीशन में घुस गए। अब बहुत गहराई तक लंड जा रहा था।


“देख जैनब… कितना गहरा जा रहा है… तेरी गर्भ नली तक…” 


“हाँ हज़ूर… फाड़ दीजिए… मेरी चूत आपकी है… हलाल है… आह्ह्ह्ह… तेज… तेज… मैं मर जा रही हूँ…” जैनब की आँखें उलट गईं।


हबीबुर रहमान अब पूरी ताकत से चोद रहे थे। बिस्तर हिल रहा था। जैनब के स्तन उनके हाथों में मसल रहे थे। कभी-कभी थप्पड़ भी मार देते उसके मोटे नितंबों पर।


“चप्प… चप्प… चप्प…”


“अल्लाहु अकबर… ले मेरी हलाल बीवी… ले पूरा माल…”


दूसरी बार जैनब जोर से झड़ गई। उसकी चूत से पानी छूटा। हबीबुर रहमान ने भी अपना वीर्य उसके अंदर छोड़ा।


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लेकिन वो रुके नहीं। जैनब को घुमाकर डॉगी स्टाइल में किया। अब उसकी मोटी गांड ऊपर थी। हबीबुर रहमान ने लंड पर थूक लगाया और गांड के छेद पर रख दिया।


“हज़ूर… वहाँ नहीं… आज पहली बार…” जैनब घबराई।


“चुप… ये भी हलाल है। अल्लाह की मर्जी से आज तेरी गांड भी मेरी हो जाएगी।”


धीरे-धीरे उन्होंने गांड में लंड डाला। जैनब दर्द और मजे से चीख रही थी – “आआआह्ह्ह… फट जाएगी… हज़ूर… धीरे… उफ्फ्फ़… लेकिन रोको मत…”


धीरे-धीरे पूरी गांड चोदने लगे। अब रफ्तार बढ़ गई। जैनब का सिर तकिए में दबा हुआ था, गांड ऊपर उठी हुई।


“ले रंडी… मेरी हलाल गांड वाली रंडी… ले पूरा लंड…”


“हाँ हज़ूर… मैं आपकी रंडी हूँ… चोदिए… मेरी गांड फाड़ दीजिए… अह्ह्ह्ह्ह… बहुत मज़ा आ रहा है…”


तीसरी बार दोनों साथ ही झड़े। हबीबुर रहमान ने जैनब की गांड के अंदर अपना माल भर दिया।


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दोनों थककर बिस्तर पर लेट गए। जैनब हबीबुर रहमान की छाती पर सिर रखे हुए थी। उनके लंड पर अभी भी वीर्य और चूत का रस लगा हुआ था।


हबीबुर रहमान ने जैनब के बाल सहलाते हुए कहा, “अब आयशा को बुलाऊँ? उसने सब देख लिया है। अब उसकी बारी है।”


जैनब शर्मा गई लेकिन बोली, “जो आपकी मर्जी हज़ूर… लेकिन धीरे से… वो अभी कुंवारी है।”


हबीबुर रहमान मुस्कुराए, “हलाल राहत में कोई जल्दबाजी नहीं। पहले उसे बुलाकर बात करूँगा।”


 आगे की कहानी जिसमे होती है बेटी की चुदाई!! :- "जल्द ही.."

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