विस्की पिलाकर भाइयों ने रानी की फाड़ी गांड!
Group Sex : दोनों भाइयों ने रानी को विस्की पिलाकर नशा चढ़ाया, पहले तोड़ी गांड की सील! फिर डबल पेनिट्रेशन में चूत और गांड का बनाया भोंसड़ा! रात भर हुई Wild Chudai!
अभी तक आपने "दो कजिन भाइयों संग रानी की पहली थ्रीसम!" में आपने पढ़ा :-
मैं धीरे से नीचे फर्श वाले बिस्तर पर चली गई। पायजामा और ब्लाउज समेटा। शरीर में दर्द था। चूत सूजी हुई थी। गांड पर आकाश का सूखा वीर्य चिपका था। लेकिन मन में एक अजीब सा सुकून और उत्तेजना दोनों थे।
सुबह जब सब उठे तो मैंने सामान्य चेहरा बनाया। छोटी सिस्टर कुछ नहीं जानती थी। आकाश और विकास दोनों ने नाश्ते के समय मेरी तरफ देखकर हल्की मुस्कान दी। उनकी निगाहों में रात वाला वादा साफ झलक रहा था।
दिन भर घर में शादी की तैयारियाँ चलती रहीं। लेकिन मेरा ध्यान बार-बार उन दोनों पर जाता। जब भी आकाश पास से गुजरते उनका हाथ जानबूझकर मेरी कमर या गांड से छू जाता।
विकास एक बार किचन में मिले तो उन्होंने मेरे कान में कहा, “रात को देर से आना। विस्की भी रखी है।”
मेरा दिल फिर से जोर से धड़कने लगा। पहली रात तो बस शुरुआत थी। दूसरी रात क्या होने वाली थी, ये सोचकर ही मेरी चूत गीली होने लगी थी।
अब आगे :-
दोस्तों, पहली रात के बाद दिन बहुत लंबा लगा। घर में शादी की तैयारियाँ जोरों पर थीं। रिश्तेदार आ-जा रहे थे। मैं घर के कामों में हाथ बंटाती रही लेकिन दिमाग बार-बार रात वाले कमरे में अटक जाता।
आकाश और विकास की निगाहें जब भी मुझसे मिलतीं तो दिल जोर से धड़कने लगता।
शाम को विकास ने किचन में मुझे अकेले पाया। पास आकर बहुत धीमी आवाज में बोले, “रात को ग्यारह-साढ़े ग्यारह के बाद आना। सिस्टर को किसी तरह सोफे पर सुला देना। कमरा अंदर से बंद कर देना।”
मैंने सिर हिलाया। मुँह से कुछ नहीं निकला। अंदर से शरीर पहले से गरम होने लगा था।
रात के खाने के बाद सब टीवी के सामने बैठे। मैंने जानबूझकर देर तक टीवी देखा। छोटी सिस्टर को कहकर सोफे पर लिटा दिया। ग्यारह बजते-बजते घर में सन्नाटा छा गया।
बुआ-फूफा अपने कमरे में चले गए। बाकी रिश्तेदार भी सो गए।
मैंने टीवी बंद किया। लाइटें बंद कीं। फिर बहुत चुपके से आकाश-विकास वाले कमरे की तरफ बढ़ी। दरवाजा हल्का सा खुला था। मैं अंदर घुसी और पीछे से कुंडी लगा दी।
कमरे में हल्की पीली रोशनी थी। दोनों भाई बेड पर लेटे हुए थे। आकाश ने मुझे देखते ही मुस्कुराते हुए कहा, “आ गई हमारी रानी।”
विकास अलमारी से एक बोतल निकाल रहे थे। विस्की। तीन गिलास पहले से रखे थे। आकाश ने मुझे पास बुलाया। मैं बेड पर बैठ गई। दिल जोर-जोर से धड़क रहा था।
“आज पीएगी?” आकाश ने पूछा।
मैंने सिर हिलाया। “मैंने कभी नहीं पी।”
“तो आज पहली बार पिवाएंगे,” विकास बोले। उन्होंने तीनों गिलास में काफी सख्त पैग बनाए। एक गिलास मेरे हाथ में थमा दिया। “एक साँस में पी ले।”
मैंने नाक सिकोड़ते हुए गिलास होठों तक ले गई। तीखी गंध आई। फिर आँखें बंद करके पूरा गिलास एक साँस में पी लिया। गले में आग लग गई। मैंने जोर से खाँसी ली। दोनों भाई हँस पड़े। आकाश ने मेरी पीठ थपथपाई।
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दूसरा पैग भी मैंने पी लिया। कुछ ही देर में सर भारी होने लगा। शरीर में एक अजीब सी गरमाहट फैल गई। शर्म और हिचक दोनों धीरे-धीरे पिघलने लगीं। आकाश ने मुझे अपनी तरफ खींच लिया।
इस बार किस में कोई नरमी नहीं थी। भूखा और गहरा। उनकी जीभ मेरे मुँह में घूम रही थी। विकास पीछे से चिपक गए। उनके हाथ मेरे ब्लाउज के अंदर घुस आए। ब्रा खोल दी।
मेरे बूब्स बाहर आते ही दोनों जैसे पागल हो गए। आकाश एक को मुँह में लेकर चूसने लगे, विकास दूसरे को। मैं बिस्तर पर लेटी हुई दोनों के बीच दब गई। विस्की का नशा और उनकी जीभ-हाथ… सब मिलकर मुझे बेकाबू कर रहे थे।
“आह्ह्ह… भैया… धीरे… अह्ह्ह…”
आकाश ने मेरा पायजामा एक झटके में नीचे खींच दिया। पैंटी भी साथ में चली गई। मैं पूरी नंगी हो गई। विकास ने मुझे बीच में कर दिया। आकाश मेरे मुँह के पास अपना लंड ले आए।
मैंने बिना किसी हिचक के मुँह खोल दिया। उन्होंने बाल पकड़कर लंड अंदर ठेल दिया।
विकास नीचे चले गए। मेरी टांगें फैलाकर चूत चाटने लगे। उनकी जीभ अंदर तक घुस रही थी। मैं आकाश का लंड चूसते हुए कराह रही थी। नशा इतना चढ़ चुका था कि कोई शर्म बाकी नहीं रही।
“चूस रानी… गले तक ले… आज पूरी रात तेरी है,” आकाश बोले।
विकास ने दो उंगलियाँ मेरी चूत में डाल दीं। तेजी से अंदर-बाहर करने लगे। मैं आकाश के लंड पर और जोर से मुँह चला रही थी। थोड़ी देर बाद मेरा शरीर तन गया। मैं विकास के मुँह पर ही झड़ गई। आकाश ने उसी समय मेरे मुँह में और गहराई तक लंड ठेल दिया।
मैं हाँफ रही थी। आकाश ने लंड बाहर निकाला। विकास ऊपर आए। दोनों ने मुझे घोड़ी बना दिया।
“क्या मस्त गांड है साली की,” आकाश ने मेरी गांड पर जोर का थप्पड़ मारते हुए कहा। “देख विकास… कितनी गोल और मुलायम है।”
विकास हँसते हुए बोले, “आज इसमें भी मजा लेंगे।”
मेरा दिल बैठ गया। लेकिन नशा और उत्तेजना ने डर को दबा दिया। आकाश ने मेरे पीछे घुटने टेके। उन्होंने थूक का बड़ा हिस्सा मेरी गांड के छेद पर लगाया। फिर उंगली धीरे से अंदर डाली।
“आह्ह्ह… दर्द… भैया… धीरे…”
“सह ले रानी… थोड़ी देर में मजा आने लगेगा,” आकाश ने कहा। उन्होंने उंगली अंदर-बाहर की। फिर दूसरी उंगली भी डाल दी। मेरी गांड फैल रही थी। मैंने तकिया मुँह में दबा लिया।
विकास मेरे नीचे आ गए। उन्होंने मेरा चेहरा अपने लंड की तरफ किया। मैंने उसे मुँह में ले लिया। उसी समय आकाश ने अपना लंड मेरी गांड के छेद पर रखा और धीरे-धीरे दबाव देना शुरू किया।
नोक अंदर गई। मुझे लगा जैसे कुछ फट गया। आँखों से आँसू आ गए।
“आह्हhhhh… निकाल… दर्द… बहुत दर्द… आकाश…” ये XXX Antarvasna Hindi Sex Stories आप Garam kahani पर पढ़ रहे हैं।
आकाश रुके नहीं। धीरे-धीरे लेकिन लगातार धक्का देते रहे। आधा लंड अंदर चला गया। मैं विकास का लंड मुँह से छोड़कर जोर से कराहने लगी। आकाश ने मेरी कमर पकड़ ली और एक लंबा धक्का मारा। पूरा लंड मेरी गांड में समा गया।
मैंने तकिया और जोर से दबा लिया। शरीर काँप रहा था। आकाश ने बिना हिले कुछ पल अंदर रखा। फिर बहुत धीमी गति से हिलाना शुरू किया।
“आह्ह्ह… भैया… दर्द… अभी भी… लेकिन… मत निकाल… अंदर रख… आह्ह्ह…”
विकास मेरे बाल सहलाते हुए बोले, “अब आदत पड़ने दे… फिर मजा लेगी।”
आकाश की गति धीरे-धीरे बढ़ने लगी। मेरी गांड में उनका मोटा लंड अंदर-बाहर हो रहा था। दर्द के साथ-साथ एक अजीब सी गर्मी भी फैलने लगी। मैंने फिर से विकास का लंड मुँह में ले लिया। अब दोनों एक साथ मुझे ले रहे थे - एक गांड में, एक मुँह में।
“क्या टाइट गांड है तेरी रानी… लंड को निचोड़ रही है… आह्ह्ह…” आकाश कराह रहे थे।
मैं दोनों को जवाब देते हुए कराह रही थी। नशा, दर्द और मजा सब मिल चुके थे। रात अब लंबी होने वाली थी।
आकाश मेरी गांड में जोर-जोर से धक्के मार रहे थे। दर्द अब धीरे-धीरे मजे में बदल चुका था। हर धक्के पर मेरी मोटी गांड उनके पेट से टकरा रही थी। विकास मेरे मुँह में लंड ठोक रहे थे। मैं दोनों को एक साथ ले रही थी।
“आह्हhhhh… आकाश… और जोर से… गांड फाड़ दो… आह्ह्ह…”
आकाश ने मेरे बाल पकड़कर सिर पीछे खींचा। “साली रानी… पहली बार गांड में लंड ले रही है और इतनी मजे ले रही है… क्या रंडी निकली है तू…”
“हाँ… रंडी… तुम्हारी रंडी… दोनों की… आह्ह्ह… चोदो… जोर से चोदो…”
विकास हँसते हुए बोले, “देख आकाश… कितनी जल्दी खुल गई ये।” उन्होंने मेरा मुँह और जोर से अपने लंड पर दबाया। मैं खांसने लगी लेकिन उन्होंने नहीं छोड़ा।
आकाश ने स्पीड बढ़ा दी। मेरी गांड अब उनकी मार सहने लगी थी। थोड़ी देर बाद उन्होंने लंड बाहर निकाला। छेद खुला और जलन भरा हुआ था। आकाश ने मुझे चित कर दिया। मेरी टांगें फैलाकर सीधा चूत में लंड डाल दिया।
“आह्ह्ह… अब चूत… भैया… आह्ह्ह…”
वो पागलों की तरह पेलने लगे। विकास ने मेरे ऊपर आकर अपना लंड फिर से मुँह में ठूंस दिया। दोनों भाई अब बिना किसी नरमी के मुझे इस्तेमाल कर रहे थे।
आकाश मेरी चूत फाड़ रहे थे, विकास मेरे मुँह को। मेरे बूब्स उनके हाथों में मसले जा रहे थे। शरीर पर थप्पड़ और नाखूनों के निशान पड़ने लगे थे।
“ले रानी… ले दोनों लंड… आज रात भर चोदेंगे तुझे… आह्ह्ह…” आकाश चिल्ला रहे थे।
मैं कराहते हुए ही जवाब दे पा रही थी। “चोदो… दोनों… मेरी चूत… मेरी गांड… मेरा मुँह… सब तुम्हारा… आह्ह्ह…”
कुछ देर बाद आकाश झड़ने वाले थे। उन्होंने लंड निकालकर मेरे बूब्स पर माल छोड़ दिया। गरम वीर्य मेरे स्तनों पर फैल गया। विकास ने भी उसी समय मेरे मुँह में अपना माल उड़ेल दिया।
मैंने जितना बन पड़ा निगल लिया। बाकी ठोड़ी और गले पर बह निकला।
हम तीनों हाँफ रहे थे। लेकिन रात अभी खत्म नहीं हुई थी। विस्की का नशा अभी भी चढ़ा हुआ था। थोड़ी देर आराम करने के बाद विकास ने मुझे फिर से घोड़ी बना दिया। इस बार उन्होंने मेरी गांड में लंड डाला।
“आह्हhhhh… विकास… धीरे… अभी-अभी आकाश ने मारी है… आह्ह्ह…”
विकास नहीं माने। धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर कर लिया और धक्के लगाने लगे। आकाश मेरे नीचे आ गए। मैंने उनका लंड मुँह में ले लिया। अब बारी-बारी से दोनों मेरी गांड ले रहे थे।
कभी आकाश, कभी विकास। मेरी गांड जल रही थी लेकिन मजा भी उतना ही आ रहा था।
“क्या टाइट गांड है भोसड़ी की… लंड को काट रही है… आह्ह्ह…” विकास गाली देते हुए चोद रहे थे।
आकाश मेरे बाल सहलाते हुए बोले, “कल से तू हमारी रखैल है रानी। जब भी बुल आएंगे, आना पड़ेगा।”
मैं उनके लंड को चूसते हुए ही सिर हिला पाई। शरीर अब उनका हो चुका था। ये Bahan Ki Group Sex Ki Chudai Ki Kahani आप Garam kahani पर पढ़ रहे है
रात के करीब तीन-साढ़े तीन बजे तक हम पाँच राउंड कर चुके थे। कभी दोनों एक साथ चूत और मुँह में, कभी एक गांड में एक मुँह में, कभी मुझे गोद में उठाकर खड़े-खड़े।
मेरे शरीर पर जगह-जगह काटने और थप्पड़ के निशान थे। चूत और गांड दोनों सूज गए थे। मुँह का स्वाद सिर्फ उनके लंड और वीर्य का रह गया था।
आखिरी राउंड में दोनों ने मुझे बीच में ले लिया। आकाश सामने से मेरी चूत में थे, विकास पीछे से गांड में। डबल पेनिट्रेशन। पहली बार इतना भरपूर महसूस किया। लगता था शरीर फट जाएगा।
लेकिन मैं कराहते हुए दोनों को और अंदर लेने की कोशिश कर रही थी।
“आह्हhhhh… दोनों… एक साथ… फाड़ रहे हो… रानी मर गई… आह्ह्ह… लेकिन मत रुको… चोदो… चोदो…”
दोनों ने एक साथ स्पीड बढ़ाई। मेरा शरीर उनके बीच झूल रहा था। बूब्स आकाश के चेहरे से टकरा रहे थे। विकास मेरे बाल पकड़े हुए थे। थोड़ी देर बाद मैं जोर से झड़ गई। मेरी चूत और गांड दोनों ने उनके लंडों को जकड़ लिया।
आकाश और विकास भी लगभग एक साथ मेरे अंदर ही झड़ गए। दोनों का माल मिलकर बाहर बहने लगा।
हम तीनों एक-दूसरे से चिपके हुए गिर पड़े। कमरे में सिर्फ भारी साँसें गूंज रही थीं। शरीर पसीने और वीर्य से लथ-पथ थे।
लंबी खामोशी के बाद आकाश ने मेरे बालों में उंगलियाँ फेरते हुए कहा, “शादी तक रोज रात आना। भाभी आने से पहले तक।”
विकास ने मेरी गांड पर हल्के से थप्पड़ मारा। “और महीने भर बाद भी… जब भी मौका मिले।”
मैं थककर उनके बीच लेटी रही। कुछ बोलने की ताकत नहीं बची थी। बस इतना पता था कि आज के बाद मैं पहले जैसी नहीं रही। इन दोनों ने मुझे खोल दिया था।
सुबह होने से पहले मैं नहाकर सामान्य कपड़े पहनकर बाहर आ गई। छोटी सिस्टर अभी भी सोफे पर सो रही थी। किसी को कुछ पता नहीं चला।
अगले दिनों में शादी के पूरे कार्यक्रम के दौरान हम तीनों मौका निकाल-निकाल कर मिलते रहे। कभी दोपहर में खाली कमरे में, कभी रात को। भाभी आने तक ये सिलसिला चला।
उसके बाद भी जब-जब मौका मिला, आकाश और विकास ने मुझे बुलाया। मैं गई।
दोस्तों, ये थी मेरी वो सच्ची कहानी जो अठारह साल की उम्र में शुरू हुई और आज भी कभी-कभी याद आते ही शरीर में आग लगा देती है। आकाश और विकास दोनों आज भी संपर्क में हैं।
कभी-कभी जब पति बाहर होते हैं तो हम तीनों मिलकर पुरानी रातों को दोहरा लेते हैं।
अब आप बताओ… कैसी लगी मेरी ये रियल Hindi Sex Story?
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