भाई ने जबरदस्ती चोदकर मुझे माँ बना दिया!
Family Sex Story : बहन अपने चुचे का एक्स्ट्रा दूध भाई को मजबूरन पिलाती है, भाई अपने Antarvasna को कंट्रोल न कर बहन को जबरदस्ती चोदकर उसे Pregnent कर देता है!
मेरा नाम सुधा है, मैं कोलकाता की रहने वाली हूं, उम्र है 32 साल, मेरा रंग गोरा, गांड़ से चूंची तक मेरा फिगर 36 X 24 X 36 है। मैं अच्छे घराने की एक शादीशुदा महिला हूं, मेरे हसबैंड कहते हैं कि मेरे चूंचे मियां खलीफा जैसे हैं।
मेरे पास आज भी 3 बच्चे हैं जिनमें से सबसे छोटे लड़के का बाप मेरा खुद का छोटा भाई है। ये घटना तब घटी जिस समय मेरा एक कार हादसे में बेटा मर गया था, ये बात करीब 3 साल पहले की है।
मेरे 3 बच्चे थे, एक दिन मैं अपने छोटे बेटे के साथ दिल्ली से कोलकाता आ रही थी, मैं कार में थी उस समय मेरे साथ मेरे पति और 2 साल का बेटा था आगे ड्राइवर कार चला रहा था।
अचानक सामने से एक ट्रक तेज़ी से रोंग साइड आता दिखाई दिया, शायद उसके ब्रेक फेल हो गए थे, हमारे ड्राइवर ने गाड़ी को बचाने की पूरी कोशिश की मगर ट्रक की रफ्तार ज़्यादा होने के कारण एक तरफ से ट्रक में कार टकरा गई।
इस टक्कर से जो हादसा हुआ उसमें मैने अपने बच्चे को खो दिया, काफी महीने मेरा ट्रीटमेंट चला। जब मैं थोड़ा ठीक हुई तो अपने घर आ गई, घर वापस आकर मेरा मूड ठीक होने लगा। ये Bhai Behan Ki Hindi Sex Story आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे हो।
मेरे दोनों बच्चे अपने पापा के साथ थे मैं उनको देखती तो अपने जा चुके बेटे की याद आती इसलिए मेरे पति ने मुझे अकेले रहने को बोला था। गुजरते समय के साथ में ठीक तो हो गई मगर जब भी मुझे मेरे बच्चे की याद आती तो मेरे चूचों से दूध निकल आता।
दूध के सही से न निकलने के कारण मेरी चूंची दर्द करने लगी थी, मुझे जितना दर्द होता मुझे अपने बच्चे की याद आती ओर जितना याद आती उतना ज़्यादा दूध बनता।
एक रात की बात है मैं घर की छत पर बैठी रो रही थी, मेरे पास एक ग्लास था जिसमें मैं अपनी चूंची दबा दबाकर दूध निकाल रही थी मेरा सीना पूरा खुला था। हमारा घर चारो तरफ से बंद है इसलिए अड़ोस पड़ोस का डर नहीं था मगर अपनी परेशानी के चलते मुझसे गलती हो गई और मैने दरवाज़ा खुला छोड़ दिया।
मुझे थोड़ी आहट सुनाई दी तो देखा, मेरा छोटा भाई सोनू मेरी चूचियों से निकलते दूध को गोर से देख रहा था। उसका एक हाथ अपने लन्ड पर था, उसके सीने पर सांसे तेज़ होती पता चल रही थी।
मैं घबरा गई और झटके से दुपट्टे से चूंचे ढक लिए। मेरे भाई सोनू की उमर 25 साल थी, कद काठी से ठीक ठाक था उसकी लंबाई 5.8 होगी वो मुझसे लंबा था और मेरी लंबाई 5.5 है, वो दिखने में मेरे जैसा ही है लेकिन जिस्म पतला है।
मैने उससे पूछा "तू क्या कर रहा है ?" उसने हिचकते हुए जवाब दिया "मैं आपको खाना
मैं अपने कमरे की तरफ जाने लगी और तभी वो बिल्ली मेरी तोलिया में घुसती हुई टांगों के नीचे से निकल कर भागी, उसी समय मेरी तोलिया गिर गई।
मैने नज़रे उठाकर अपने छोटे भाई सोनू को देखा तो वो अपनी आँखें चौड़ी किए मेरे नंगे जिस्म को घूर रहा था। मेरी चूत पर छोटे छोटे बाल थे, जो उसकी नज़रों के सामने पूरी तरह से खुली थी। मेरे चूचे तन कर खड़े हो गए थे और मेरी गांड एकदम गोरी और भारी लग रही थी।
मैं झट से झुक कर तोलिया उठाने लगी लेकिन सोनू ने मेरा हाथ पकड़ लिया। मैंने उसे घूर कर देखा तो वो बोला, "दीदी, आप आज बहुत खूबसूरत लग रही हो।" मैं उसकी बात सुन कर शर्म से पानी-पानी हो गई।
मैंने अपना हाथ छुड़ाया और कहा, "चल बेवकूफ, मुझे जाने दे।" लेकिन वो नहीं माना। उसने मेरे कंधे से पकड़ कर मुझे खड़ा किया और बोला, "दीदी, मुझे आपकी चूचियों का दूध पीना है।" मैंने कहा, "अभी नहीं, मैं नहा रही हूं।" लेकिन वो मेरी एक नहीं सुना।
उसने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और मेरे चूचों को चूसने लगा। मैं उसके हाथ में कमज़ोर सी फंस गई थी। मेरे मुंह से हल्की सिसकारी निकल गई, "आह सोनू, छोड़ दे, क्या कर रहा है तू?" लेकिन वो तो पागलों की तरह मेरे चूचे चूस रहा था।
उसका एक हाथ मेरी गांड पर घूम रहा था और दूसरा मेरे चूचों को दबा रहा था। मेरी सांसें तेज़ हो गई थीं और मेरा बदन गर्म होने लगा था। ये Antarvasna Hot Nonveg Sister Sex story आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे हो।
उसने मुझे उठा कर सोफे पर पटक दिया और मेरे ऊपर चढ़ गया। मैंने उसे धक्का देने की कोशिश की लेकिन वो मुझसे ज़्यादा ताकतवर था। उसने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए और मुझे चूमने लगा।
मैं उसके किस से लड़ रही थी लेकिन धीरे-धीरे मेरा भी बदन उसके स्पर्श से गर्म होने लगा। मैंने भी उसका साथ देना शुरू कर दिया और उसके बालों में हाथ डाल दिया।
उसने अपना एक हाथ मेरी चूत पर रखा और सहलाने लगा। मेरी चूत पानी छोड़ने लगी थी। मैंने उसकी पैंट के ऊपर से ही उसका लन्ड पकड़ लिया। उसका लन्ड तन कर खड़ा हो गया था और बहुत मोटा लग रहा था।
उसने अपनी पैंट उतार दी और अपना 8 इंच का लन्ड मेरे सामने कर दिया। मैं उसका लन्ड देख कर दंग रह गई। मैंने अपने पति का लन्ड तो बहुत बार देखा था लेकिन सोनू का लन्ड उससे भी बड़ा और मोटा था।
उसने अपना लन्ड मेरे हाथ में थमा दिया और बोला, "दीदी, इसे मुंह में लो।" मैंने झिझकते हुए उसका लन्ड मुंह में ले लिया। मैं उसका लन्ड चूसने लगी!
मैं उसका लन्ड चूसने लगी। उसका लन्ड इतना मोटा था कि मेरे मुंह में बार-बार अटक रहा था। मेरे मुंह से "उम्म्म... आह... स्लर्प... स्लर्प..." की आवाज़ें आ रही थीं। मेरी आँखों से आँसू निकल रहे थे क्योंकि उसका लन्ड मेरे गले तक जा रहा था।
सोनू मेरे सर को पकड़ कर अपनी तरफ धकेल रहा था और अपना लन्ड मेरे मुंह में अंदर-बाहर कर रहा था। वो पूरे जोश में था, "आह दीदी... क्या मुँह है तुम्हारा... ले इसे पूरा अंदर... उम्म्म... चूस इसे रंडी... आज तो तेरी चूत फाड़ दूंगा... आह!"
उसकी गंदी बातें सुनकर मुझे गुस्सा तो आया लेकिन साथ ही एक अजीब सी गर्मी भी मेरे बदन में फैल रही थी।
कुछ देर बाद उसने अपना लन्ड मेरे मुंह से निकाला और मुझे घोड़ी बना दिया। मैं सोफे पर घोड़ी बनी थी और मेरी गांड उसके सामने उठी हुई थी। उसने अपना मुंह मेरी गांड के छेद पर लगा दिया और चाटने लगा।
मैं सिहल उठी, "आह सोनू... ये क्या कर रहा है... छोड़ ना... उईईई माँ..." लेकिन वो तो मेरी गांड चाटता ही रहा। उसकी जीभ मेरी गांड के छेद में घुसती और निकलती रही। मेरी चूत से पानी बह निकला। मैं अब गर्म हो चुकी थी और चुदाई के लिए तड़प रही थी।
फिर उसने अपना मोटा लन्ड मेरी चूत पर रखा और एक ज़ोरदार धक्का दिया। उसका आधा लन्ड मेरी चूत में घुस गया। मेरे मुंह से ज़ोरदार चीख निकली, "आहहहह... माँ... मर गई... निकाल इसे... दर्द हो रहा है... बहुत बड़ा है ये..." लेकिन वो तो पागलों की तरह मुझे चोदने लगा।
उसने एक और धक्का दिया और उसका पूरा लन्ड मेरी चूत में समा गया। मेरी आँखों के सामने अँधेरा छा गया। मुझे लगा कि मेरी चूत फट गई है। ये Family k bhai bahan ki Antarvasna Sex Story आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे हो।
वो मुझे ज़ोर-ज़ोर से चोद रहा था। उसके धक्कों से पूरा सोफा हिल रहा था। मेरे मुंह से "आह... उईई... धीरे कर... माँ... बस कर ना... आहहह..." की आवाज़ें निकल रही थीं। लेकिन वो तो मेरी एक नहीं सुन रहा था।
उसने मेरे बाल पकड़े और मुझे और ज़ोर से धक्के मारने लगा। उसकी साँसें तेज़ चल रही थीं और वो सिसकियाँ ले रहा था, "आह दीदी... क्या चूत है तुम्हारी... आज से तुम मेरी रंडी हो... समझी... मैं रोज़ तुम्हें चोदूंगा... आह!" उसकी बातें सुनकर मेरी चूत में और भी गर्मी दौड़ गई।
मैं भी अब उसका साथ देने लगी थी। मैं भी अपनी गांड उसके धक्कों का साथ दे रही थी। मेरे मुंह से अब सिसकियाँ निकल रही थीं, "आह... और ज़ोर से चोद... फाड़ दे आज अपनी दीदी की चूत... आह... मज़ा आ रहा है... और तेज़ कर ना... आहहह..." ये सुनकर वो और भी जोश में आ गया।
उसने मेरी दोनों टाँगें अपने कंधों पर रख लीं और मेरी चूत पर जबरदस्ती धक्के मारने लगा। उसका पूरा लन्ड अंदर तक जा रहा था और मेरी चूत की दीवारें उसके लन्ड को चाट रही थीं। मेरी चूत से पानी की धार बह रही थी और फच्च फच्च की आवाज़ें आ रही थीं।
मैं पूरी तरह से उसके हवाले हो चुकी थी। मैं चिल्ला रही थी, "आह सोनू... मेरे राजा... और जोर से चोद अपनी दीदी को... आज से मैं तेरी हूँ... तू जब चाहे मुझे चोद सकता है... आह... फाड़ दे मेरी चूत... और तेज़ कर ना... मैं आने वाली हूँ... आहहहह..."
उसने मेरी चूचियों को ज़ोर से दबाया और मेरे होंठों को चूसने लगा। हम दोनों की साँसें तेज़ चल रही थीं और पसीने से हमारे बदन गीले हो चुके थे। उसने मुझे एक बार फिर से पलट दिया और मेरे ऊपर चढ़ गया।
वो मेरे चूचे चूसता हुआ मेरी चूत में अपना लन्ड अंदर-बाहर कर रहा था। मेरे हाथ उसकी पीठ पर घूम रहे थे और मैं उसे अपनी बांहों में भींचे हुए थी।
फिर अचानक उसने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी और मेरी चूत में ही झड़ गया। उसका गर्म वीर्य मेरी चूत की गहराइयों में भर गया। उसके वीर्य की गर्मी महसूस होते ही मैं भी झड़ गई। मेरी चूत ने भी पानी छोड़ दिया और मैं शांत हो गई। हम दोनों कुछ देर तक एक-दूसरे से चिपके रहे।
उसने मेरे गालों पर किस किया और बोला, "दीदी, मैं तुम्हें बहुत चाहता हूँ।" मैंने उसकी आँखों में देखा और बोली, "मुझे भी तुमसे प्यार है सोनू।" हम दोनों ने एक-दूसरे को कस कर पकड़ लिया और फिर से चुम्बन करने लगे। उस रात हमने कई बार चुदाई की।
वो मुझे हर पोज़िशन में चोदता रहा। मैं उसकी बाहों में झूलती रही।
सुबह होते-होते हम दोनों थक चुके थे। मैं उठ कर बाथरूम गई और नहा कर तैयार हो गई। जब मैं बाहर आई तो सोनू नाश्ता बना रहा था। उसने मुझे देख कर मुस्कुराया और मेरे पास आकर मेरे गालों पर किस किया। मैंने भी उसके होंठों पर किस किया।
हम दोनों ने एक साथ नाश्ता किया। उस दिन से हमारा रिश्ता बदल गया था। वो अब मेरा भाई नहीं, मेरा प्रेमी और मेरा पति बन गया था।
कुछ दिन बाद मुझे पता चला कि मैं प्रेग्नेंट हूँ। मैंने यह बात सोनू को बताई तो वो बहुत खुश हुआ। उसने मुझे गले लगा लिया और बोला, "दीदी, मैं तुम्हें माँ बनाऊंगा।" मैंने उससे कहा, "पर सोनू, ये गलत है।"
उसने कहा, "गलत क्या है? मैं तुमसे प्यार करता हूँ और तुम मुझसे प्यार करती हो। हमारा बच्चा हमारे प्यार का प्रतीक होगा।"
उसकी बातें सुनकर मेरा दिल भी उसके कहने पर आ गया। मैंने भी उसे गले लगा लिया और बोली, "हाँ सोनू, तुम ठीक कह रहे हो। हम इस बच्चे को इस दुनिया में लाएँगे और उसे अपने प्यार का एहसास देंगे।" हम दोनों ने एक-दूसरे को चूमा और फिर से चुदाई का सिलसिला शुरू हो गया।
अब मैं और सोनू रोज़ चुदाई करते थे। कभी-कभी तो हम रात भर चुदाई करते थे। सोनू का लन्ड मेरी चूत की प्यास बुझा देता था और मेरी चूत उसके लन्ड को अपनी गर्मी से भिगो देती थी।
हम दोनों के बीच का रिश्ता और भी गहरा होता जा रहा था। मैं अब उसके बिना एक पल भी नहीं रह सकती थी।
एक दिन मेरे पति का फोन आया। वो मुझसे बात कर रहा था और मैं उससे झूठ बोल रही थी। उसी समय सोनू मेरे पीछे आया और मेरी साड़ी उठा कर मेरी गांड में अपना लन्ड घुसा दिया।
मैं चौंक गई और फोन पर बात करते हुए उसे इशारा किया कि वो ऐसा न करे। लेकिन वो तो मज़ाक कर रहा था। वो धीरे-धीरे मेरी गांड में अपना लन्ड अंदर-बाहर कर रहा था। मैं फोन पर बात करते हुए उसके धक्कों का मज़ा ले रही थी। मेरी साँसें तेज़ चल रही थीं और मैं गर्म हो रही थी।
फोन पर मेरे पति ने पूछा, "क्या हुआ सुधा? तुम्हारी साँसें क्यों तेज़ चल रही हैं?" मैंने कहा, "कुछ नहीं, बस थोड़ी थकान है।" तभी सोनू ने एक ज़ोरदार धक्का मारा और मेरे मुंह से "आह" निकल गया।
मेरे पति ने फिर से पूछा, "क्या हुआ? तुम ठीक तो हो?" मैंने जल्दी से कहा, "हाँ, मैं ठीक हूँ। अब बाद में बात करती हूँ।" मैंने फोन काट दिया और सोनू को घूर कर देखा। वो हँस रहा था।
मैंने उसे थप्पड़ मारने की कोशिश की लेकिन उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे अपनी बांहों में भर लिया। उसने मुझे चूमा और बोला, "दीदी, मैं तुम्हें पागलों की तरह चोदना चाहता हूँ।" मैंने भी उसे कहा, "चोद दे मुझे... आज तू जो चाहे कर सकता है मेरे साथ।"
सोनू ने मुझे उठाया और बेडरूम में ले गया। उसने मेरी साड़ी उतार दी और मुझे नंगा कर दिया। मेरी चूचियाँ तन कर खड़ी हो गईं। उसने मेरे चूचों को चूसना शुरू कर दिया।
मैं सिसकियाँ ले रही थी, "आह सोनू... चूस इनको... ज़ोर से चूस... आह... मज़ा आ रहा है... और ज़ोर से..." वो मेरे चूचे चूसता हुआ मेरी चूत पर अपना हाथ फेरने लगा। मेरी चूत पानी छोड़ने लगी। ये Pregnent Didi Desi Sex की Hindi Sex Kahani आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे हो।
उसने मेरी चूत में अपनी दो उँगलियाँ डाल दीं और अंदर-बाहर करने लगा। मैं तड़पने लगी, "आह... और तेज़ कर... अंदर तक डाल... फाड़ दे आज मेरी चूत को... मैं तेरी रानी हूँ सोनू... तू मेरा राजा है... चोद मुझे... चोद अपनी दीदी को..." मेरी ये बातें सुनकर सोनू का जोश सातवें आसमान पर पहुँच गया।
उसने अपनी उँगलियाँ बाहर निकालीं और अपना मोटा, लाल लन्ड मेरी चूत पर रख दिया। वो लन्ड इतना गर्म और कड़क था कि उसकी गर्मी मेरी चूत को महसूस हो रही थी।
"तैयार है मेरी रानी? आज तेरी चूत की ऐसी-तैसी करूँगा कि तू जन्मों जन्मों तक मेरे लन्ड की दासी बनी रहेगी," सोनू ने कहा, उसकी आँखों में एक क्रूरता और वासना थी जो मुझे और भी उत्तेजित कर रही थी।
"हाँ मेरे राजा... आज मैं तेरी हूँ... तू जो चाहे कर सकता है... मुझे अपनी रंडी बना ले... फाड़ दे मेरी चूत... भर दे अपने वीर्य से... मैं तेरे बच्चे की माँ बनना चाहती हूँ..." मैंने पूरी वेश्या की तरह जवाब दिया।
ये सुनते ही सोनू ने एक ज़ोरदार धक्का मारा और उसका पूरा लन्ड एक ही झटके में मेरी चूत में घुस गया। "आहहहह... माँ... सोनू... धीरे कर... फट गई मेरी चूत..." मैं चीख पड़ी।
उसने मेरी चीख पर ध्यान नहीं दिया और मेरी चूत की ज़बरदस्ती चुदाई करने लगा। उसके धक्के इतने तेज़ थे कि मेरा पूरा बदन हिल रहा था। मेरे चूचे ऊपर-नीचे उछल रहे थे और मेरे मुंह से लगातार सिसकियाँ निकल रही थीं।
"आह... और तेज़ कर... फाड़ दे... आह... मज़ा आ रहा है... और ज़ोर से चोद... आहहह..."
सोनू ने मुझे घोड़ी बना दिया और पीछे से मेरी चूत में अपना लन्ड डाल दिया। वो मेरी कमर पकड़ कर ज़ोर-ज़ोर से धक्के मार रहा था। मेरी गांड उसके धक्कों से लाल हो गई थी। उसने अपना हाथ मेरी गांड के छेद पर रखा और उंगली करने लगा।
मैं तड़पने लगी, "आह... ये क्या कर रहा है... नहीं... वहाँ मत कर... उईईई..."
लेकिन वो तो मेरी एक नहीं सुन रहा था। उसने मेरी गांड में भी अपनी उंगली डाल दी और चूत और गांड दोनों में एक साथ उंगली करने लगा। मैं तो जैसे पागल ही हो गई।
मेरे मुंह से गंदी-गंदी बातें निकलने लगीं, "आह मादरचोद... और तेज़ कर... फाड़ दे मेरी दोनों छेदों को... आज तू जो चाहे कर ले मेरे साथ... मैं तेरी रंडी हूँ... आह... मैं आने वाली हूँ... आहहह..."
ये सुनकर सोनू ने अपनी रफ़्तार और बढ़ा दी और मेरी चूत में ही झड़ गया। उसका गर्म वीर्य मेरी चूत की गहराइयों में भर गया। उसके वीर्य की गर्मी महसूस होते ही मैं भी झड़ गई!
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