पारुल का गोवा ट्रिप! भाग - 02
Wife Hindi Sex Stories : Truth Dare खेल बर्थडे गिफ्ट में कमल ने फाड़ी भाभी की चूत! चूचों पर लिया माल! पति दूसरे कमरे में बैठ, बीवी की कुतिया चुदाई करवा बैठा!
इस कहानी के पहले भाग : "पारुल का गोवा ट्रिप!" में मैंने आपको बताया था,
कि मैं अपने पति के साथ गोवा में घूमने के लिए गई थी, वहां मेरी चूत की आग और ज्यादा बढ़ गई थी।
फिर वहां पर दो जवान लड़के हमारे पास आए और अपनी बर्थडे पार्टी के लिए हमें न्यौता दे दिया। मैं तो खुश हो गई उनकी चड्डी में उभरे मोटे लंड देखकर। हम सभी लोग पूल में मस्ती करने लगे।
मेरी चूत अब उन जवान लौंडों से चुदने के लिए बेताब थी।
अब आगे की Hot Girl Nonveg Story :
इसी मस्ती मज़ाक में मुझे ऐसा लगा कि निहाल ने जैसे एक दो बार मेरी गांड पर हाथ रखा हो।
लेकिन मैंने भी ऐसा महसूस नहीं होने दिया कि मुझे मालूम है कि वो क्या कर रहा है। या फिर मुझे इस बात से कोई आपत्ति है।
या शायद वो हाथ लगा कर ये देखना चाहता हो कि मैं उसके मोटे लंड से अपनी चूत चुदवाने के लिए कितनी बेकरार हूं।
काफी मस्ती करने के बाद हम लोग अपने अपने कमरों में आ गए और थोड़ा आराम करने के लिए बेड पर लेट गए।
शाम के 7 बज चुके थे और हमें कमल का जन्मदिन मनाने के लिए 9 बजे तक उनके कमरे में जाना था क्यूंकि सारा इंतज़ाम निहाल ने वहां ही करवा रखा था, हम लोग रेडी हो कर करीब 9.30 बजे उन लोगों के कमरे में पहुंच गए।
मैंने डीप नेक का टॉप पहना था, जिसमें से मेरे गोरे चूचे साफ़ दिख रहे थे। साथ में मैंने एक डेनिम शार्ट स्कर्ट पहनी थी जो मुश्किल से मेरी गांड के नीचे तक ही आ रही थी।
निहाल ने दरवाज़ा खोला और मुझे सर से पाँव तक देखा और मुस्करा कर हमें अंदर आने को कहा।
हम लोग केक काटने के बाद ड्रिंक्स ले रहे थे तो मेरे पति ने निहाल और सुमित को हमारे रूम पर आने का न्यौता दिया क्यूंकि उनका रूम काफी गंदा हो गया था।
हर जगह केक और कोल्ड ड्रिंक गिरी हुई थी।
निहाल ने पवन को आवाज़ लगाते हुए कहा- तू नहाकर भईया-भाभी के रूम में आ जाना, मैं उनके साथ वहां ही जा रहा हूँ। तब तक रूम साफ़ हो जायेगा।
ये कहकर हम लोग वहां से निकल आये।
अपने रूम में आकर हम सबने एक एक ड्रिंक और बना लिया था।
मैं नहाने चली गयी।
जब मैं नहा कर बाहर आयी तो मैंने ब्रा और पैंटी नहीं पहनी थी।
मैंने सिर्फ एक पतला सा टॉप पहना था जिसमें मेरे चूचे व तने हुए निप्पल साफ साफ़ दिख रहे थे। साथ में मैंने शॉर्ट्स पहन लिए! मुझे इन कपड़ों में देखकर मेरे पति का तो पता नहीं … लेकिन निहाल और कमल बेहद खुश थे।
उनकी खुशी उन दोनों की आँखें बता रही थीं, जो मेरे तने हुए निप्पलों पर आकर अटक गयी थी।
मैं आकर अपने पति की बगल में बेड पर बैठते हुए बोली- मेरी ड्रिंक कहां है?
निहाल ने जल्द से एक गिलास मेरी ओर बढ़ाते हुए कहा- हमें तो लगा कि आप और नहीं पीने वालीं, इस लिए हमने नहीं बनाया था ड्रिंक!
अब हम लोग कमल के कहने पर ट्रुथ एंड डेयर का खेल खेल रहे थे। जिसमें एक टीम मैं और मेरे पति थे और दूसरी टीम में निहाल और कमल थे।
इतने में एक डेयर हमारी टीम पर आया जिसमें मुझे दूसरी टीम के एक सदस्य के साथ 30 सेकंड के लिए एक बाथरूम में रहना था।
निहाल और कमल की तो जैसे लाटरी लग गयी हो; दोनों बेहद एक्साइटेड हो रहे थे।
दोनों एक दूसरे से धीमी आवाज़ में बहस करने लगे कि मैं जाऊंगा … मैं जाऊंगा … कहकर दोनों आपस में लड़ रहे थे। ये देख कर बहुत अच्छा लग रहा था मुझे कि दोनों मेरे लिए लड़ रहे हैं।
उधर मेरे पति की गांड फट रही थी कि मालूम नहीं 30 सेकंड में ये क्या करेंगे।
जैसे तैसे बात निहाल के साथ जाने की तय हुई।
हम 30 सेकंड की बजाय 40 सेकंड के बाद बाहर बैठे मेरे पति और कमल के बुलाने पर ही मुँह पौंछते हुए निकले।
मेरे पति और कमल के चेहरे का जैसे रंग उड़ गया था।
उन्हें लगा कि हम लोग मैं और निहाल पता नहीं क्या करके आये हैं अंदर! उन दोनों के चेहरे देख कर मैं और निहाल एक दूसरे की ओर देख कर मुस्कराने लगे।
थोड़ी देर मेरे कुछ न बोलने पर मेरे पति ने धीमे से इशारे में पूछा- क्या करके आयी हो?
मुझसे कण्ट्रोल नहीं हुआ और मेरी हंसी छूट गयी।
कमल और मेरे पति मुझे आश्चर्य भरी नज़रों से देखने लगे।
तभी निहाल बोला- क्या यार भाभी … सारा सस्पेंस बिगाड़ दिया आपने!
ये बोलकर वो भी ज़ोर से हंसने लगा।
फिर मैंने बताया कि ये सब निहाल का प्लान था कि हम लोग ऐसे मुँह पौंछते हुए बाहर जायेंगे तो ये लोग उल्टा ही सोचेंगे कि हम लोग पता नहीं क्या करके आये हैं।
कमल हंसते हुए बोला- नहीं भाभी, हमें सच में ऐसा ही लगा था कि आप लोग किस करके आये हो। वैसे भी इसके बारे में मुझसे बेहतर कोई नहीं जानता।
वो निहाल की ओर इशारा करके बोला।
तो मेरे पति ने झट से कमल से पूछ लिया- हमें भी बता दो कैसा है निहाल?
तो काफी बार कहने पर कमल ने बताया- निहाल लड़कियों के मामले में बहुत तेज़ है भईया। जिस लड़की को एक बार सोच ले उसको अपने … वो कहते कहते रुक गया और बोला- खैर … भाभी बैठी हैं, बाद में कभी बताऊंगा भईया।
मैंने बोला- मैं बच्ची तो हूँ नहीं, बताओ … मुझे भी सुनना है।
तो उसने मेरे पति की ओर देखा कि अगर उन्हें कोई आपत्ति तो नहीं।
फिर बोला- भाभी ये अगर ठान ले तो किसी भी लड़की को अपने बिस्तर पर ले जा सकता है।
ये बोलते ही वो रुका और बोला- आप भी बचकर रहना!
यह सुन कर मेरे तो रोंगटे खड़े हो गए कि ये इसने क्या बोल दिया।
फिर निहाल बोला- लगता है तुझे चढ़ गयी है। चल अब काफी देर भी हो गयी है, तो अपने रूम में चलते हैं।
पवन बोला- लास्ट राउंड खेलकर चलते हैं।
तो फिर जब लास्ट डेयर दिया तो उसमें उसने मुझे उसके रूम पर जाने को कहा जिसमें मुझे उसके रूम पर उसके साथ जाकर वहां ही रुकना था जब तक बची हुई विस्की की बोतल खत्म नहीं हो जाती।
मगर मेरे पति ने फौरन मना कर दिया कि अब बहुत देर हो गयी है।
निहाल ने मेरे पति को मनाते हुए कहा- जाने दो भैया, ये जाते ही सो जायेगा क्यूंकि पहले ही इसने काफी पी रखी है। मैं रुकता हूँ आपके पास, जब भाभी आएंगी तो मैं चला जाऊंगा।
मेरे पति को शायद उसकी बात ठीक लगी क्यूंकि मैंने भी बोल दिया था कि कोई बात नहीं, मैं अभी आ जाऊंगी। वैसे भी अच्छे लड़के तो हैं। इतना घुल मिल गए हैं तो डरना कैसा!
तो मैं और कमल जैसे ही दूसरे रूम में पहुंचे पवन ने फ़ौरन मुझे पीछे से आकर अपनी बाँहों में भर लिया।
इससे पहले कि मैं कुछ कह पाती … उसने अपने होंठों से मेरे होंठों को चूसना शुरू कर दिया और मेरी गांड को अपने हाथों से अच्छी तरह मसलने लगा। मैं तो मानो पूरी तरह उसकी बांहों में पिघलने लगी थी।
2 मिनट की लम्बी किस के बाद जब वो रुका तो मैंने पूछा- ये सब क्या है कमल? दूसरे रूम में निहाल और मेरे पति मेरा वेट कर रहे हैं।
तो उसने कहा- कोई वेट नहीं कर रहा, तुम तो मेरा बर्थडे गिफ्ट हो।
उसने बताया कि ये उसका और निहाल का प्लान था। क्यूंकि उसने दिन में पूल एरिया में बैठे हुए उसी समय निहाल को बोला था कि उसे बर्थडे गिफ्ट में भाभी की ही चूत चाहिए।
ये सुन कर मानो मेरी तो गांड ही फट गयी। यह Desi Sex की Biwi Ki Chudai Ki Kahani आप GaramKahani.com में पढ़ रहे है!
मुझे उसकी आँखों में साफ़ दिख रहा था कि वो किस तरह सारी रात मुझे कुतिया बना कर मेरी चूत चोदेगा।
तो मैंने अपने पति के बारे में पूछा- कमल, मैं अपने रूम पर नहीं जाऊंगी तो वो मुझे लेने खुद ही आ जायेंगे।
कमल हंसते हुए बोला- उसकी चिंता न करो जानेमन … तुम अभी निहाल को नहीं जानती, जब तक वो वहां है तुम्हारे पति को वो यहाँ नहीं आने देगा।
उसकी ये बात सुनते ही मेरे अंदर का सारा डर निकल गया और झट से मैं नीचे अपने घुटनों पर बैठ गयी। उसका लंड चूसने के लिए मेरे मुंह में जैसे पानी आ गया था।
मैंने उसकी शॉर्ट्स जैसे ही नीचे खींची, मेरे तो होश ही उड़ गए। कमल का साढ़े आठ इंच का मोटा लंड किसी लोहे की गर्म रोड की तरह तना हुआ था।
उफ्फ!! उसका ये मोटा लंड देख कर मेरे मुँह में और मेरी चूत में इतना पानी आया कि मानो बाढ़ ही आ गयी हो। देखते ही देखते मैंने उसका मोटा लंड अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया।
कुछ ही देर में हम दोनों सेक्स के नशे में पूरी तरह डूब चुके थे। मैंने आज से पहले इतना बड़ा लंड सिर्फ नंगी फिल्मों में ही देखा था।
मैं कमल के इस मोटे लंड से अपनी चूत चुदवाने को इतनी उतावली हो गयी थी कि लंड चूसते चूसते मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और अब मैं पूरी नंगी हो गयी थी।
जैसे ही थोड़ी देर बाद कमल ने आँखें खोल कर मुझे देखा तो वो ख़ुशी से इतना पागल हो गया कि मुझे पूरी तरह नंगी देख कर उससे रहा नहीं गया।
उसने मुझे अपनी मज़बूत बाँहों में उठा कर बेड पर पटक दिया।
मेरी टाँगें पूरी तरह हवा में थीं और मैंने उसके लिए पूरी तरह खोल दी थीं।
मेरा ये आमंत्रण देख कर उसने अपनी टीशर्ट उतारी और पूरी तरह नंगा हो गया। एक हाथ से उसने मेरी चूत का गीलापन चेक करते हुए कहा- लगता है तुम तो चुदने के लिए काफी बेचैन हो।
ये कहते ही उसने अपने लंड का सुपारा मेरी चूत पर रगड़ना शुरू किया।
उसके लंड का सुपारा गुलाबी और इतना मोटा था कि उसका गर्म अहसास मेरी चूत को जैसे ही हुआ मैं तो मचल उठी- आह्ह कमल … जल्दी से अब मुझे ये लंड दे दो … मुझसे और इंतज़ार नहीं होता।
ये सुनते ही कमल ने एक धीरे से झटका दिया और उसके लंड का सुपाड़ा पक् से मेरी चूत के अंदर चला गया।
मुझे ऐसा लगा जैसे किसी ने आग का गोला मेरी चूत में उतार दिया हो।
मेरी चीख़ निकली ही थी कि झट से कमल ने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए और दूसरे ही झटके में अपना तपता हुआ लंड पूरा मेरी चूत में उतार दिया। मुझे अहसास हुआ कि कमल ने तो कंडोम पहना ही नहीं।
इसीलिए मुझे उसका लंड इतना गर्म लग रहा था क्यूंकि उससे पहले मैं कभी भी बिना कंडोम के नहीं चुदी थी, अपने पति से भी नहीं।
“आह्ह्ह कमल… गरम… बहुत गरम है… अह्ह्ह…”
दूसरे झटके में पूरा लंड अंदर बैठ गया। बिना कंडोम। नंगी छड़ी, नंगी चूत। मुझे ऐसा लगा जैसे कोई तपता लोहा अंदर उतार दिया हो।
“कमल… कंडोम… तूने कंडोम नहीं लगाया…” मैंने हाँफते हुए कहा।
वो रुककर मुस्कुराया। लंड जड़ तक अंदर था। “जानेमन… कंडोम बच्चे लगाते हैं। असली लंड से चुदने का शौक है तो भूल जा कंडोम। और वैसे भी मेरे साइज का कंडोम मिलता ही नहीं।”
ये सुनते ही मेरी चूत ने लंड को जकड़ लिया। मैं पहले झटके में ही झड़ गई।
“आह्हhhhh… आ गई… कमल… बिना रबर के… अह्ह्ह… फट गई…”
उसने रुकने की बजाय और जोर से पेलना शुरू किया। हर धक्के पर उसके अंडे मेरी गांड से पट-पट टकरा रहे थे।
“बोल साली… पति का पाँच इंच याद आ रहा है या ये साढ़े आठ?” उसने मेरे बाल पकड़कर पूछा।
“तेरा… अह्ह्ह… तेरा मोटा है… पति वाला छोटा पड़ गया… आह्ह्ह… और अंदर… चोद…”
“चूत कितनी तंग है भाभी। पानी छोड़-छोड़ के भी निगल रही है। बता… घर में पंकज ऐसे चोदता है?”
“नहीं… वो जल्दी झड़ जाता है… तू मत रुक… अह्ह्ह कमल… मेरी चूत फाड़… रंडी बना दे…”
वो एक टांग मेरे कंधे पर चढ़ाकर और गहरा घुस गया। बिस्तर चरमरा रहा था। मैं तकिया मुँह में दबाये कराह रही थी, फिर तकिया फेंक दिया। अब आवाज दबानी नहीं थी।
“आह्ह्ह… वहाँ… वहीं लग रहा है… और तेज… हरामी… भाभी की चूत मार… अह्ह्ह हाँ… ऐसे ही…”
“माल अंदर डाल दूँ? कोख में भर दूँ?”
“नहीं… चूत में मत छोड़… मुँह में भी नहीं लिया मैंने कभी… चूचों पर निकाल… अह्ह्ह… लेकिन अभी मत निकाल… और चोद… दो-तीन बार और झड़ना है…”
उसने स्पीड बढ़ा दी। चप-चप की आवाज पूरे कमरे में गूँज रही थी। मेरी चूत से पानी उसकी जांघों तक बह रहा था।
“ले रंडी… ले असली लंड… पति वाले कमरे में पड़ी सोच कि तू यहाँ नंगी पड़ी कुतिया बनकर चुद रही है…”
“आह्ह्ह… सोच रही हूँ… पागल हो जाएगा वो… अह्ह्ह… मैं झड़ रही हूँ… कमल रुक मत… आ गई… आ गई…”
दूसरी बार शरीर अकड़ गया। तीसरी बार उसने मेरे निप्पल दाँतों से दबाए तो मैं और जोर से चीखी। वो अभी भी अंदर चल रहा था, पसीने से नहाया, लंड चिकना और गर्म।
“अब निकलूँगा,” उसने कहा। “मुँह खोल या चूचे निकाल।”
“चूचों पर… जल्दी… अह्ह्ह…” | यह Group Sex की Free Hindi Sex Kahani आप GaramKahani.com में पढ़ रहे है!
लंड निकलते ही खाली चूत फड़कने लगी। उसने मोटा सुपाड़ा मेरे निप्पलों पर रगड़ा और मुठ मारी। गरम-गरम माल दोनों चूचों पर छूटने लगा, निप्पल से गर्दन तक बह गया।
“उफ्फ्फ… कितना निकला… कमल…” मैं हाँफ रही थी।
वो मेरे ऊपर गिरा और कान में बोला, “इस बार चूचों पर बर्बाद किया। अगली बार याद रखना… ये माल या तो तेरी चूत में जाएगा या तेरे मुँह में। बर्बाद करना मुझे पसंद नहीं।”
मैं उसके माल को उंगली से चूचों पर फैलाती रही। चूत अभी भी फड़क रही थी, जैसे और लंड माँग रही हो।
“अगली बार का क्या मतलब है?” मैंने पूछा। “मैं तो अभी अपने कमरे चली जाऊँगी।”
वो हँसा। “अभी कहाँ जाना है बेबी। शुरुआत हुई है। पूरी रात चुदना है। निहाल बिना तेरी चूत चोदे जाने नहीं देगा। सुबह से पहले पाँच-छह बार तो ले ही लेगी।”
उसकी बात सुनते ही मेरी चूत में फिर आग लग गई। कमल का स्वाद लग चुका था। अब निहाल वाला लंड सोचकर अंदर की रंडी पूरी तरह जाग चुकी थी।
दोस्तो, ये पारुल की Nonveg Cuckold वाली Hot Sex Storyआपको कैसी लगी कॉमेंट करके व मुझे मेल करके जरूर बताना। engineermeandhottii@gmail.com
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