मरियम ऑन्टी का पानी और मेरी प्यास! 02
Hindi Sex Stories : मरियम भाभी को गोलु ने 6 महीने तक घर के हर कोने में चूत और गांड़ चुदाई करके! आंटी की बुझाई प्यास! दिन रात हुई Wild चुदाई का खेल! Kamvasna
अभी तक "मरियम ऑन्टी का पानी और मेरी प्यास!" में आपने पढ़ा :-
लंड को चूत पर रगड़ने लगा। मरियम पागल हो गईं — “मादरचोद… लंड डाल… चूत फाड़ दे… आह्ह्ह…”
मैंने लंड अंदर डाला और धक्के लगाने शुरू कर दिए। मरियम अपनी गांड उठा-उठा कर जवाब दे रही थीं। “आह्ह्ह… गोलु… और जोर से… राजा… आह्ह्ह… आज अपनी रंडी को चोद… आह्ह्ह…”
मरियम ने तकिया अपनी गांड के नीचे लगा लिया। अब लंड और गहरा जा रहा था। मरियम चीख रही थीं — “आह्हhhhh… और तेज… चोद… फाड़ दे… आहhh…”
बच्चा जाग गया और रोने लगा। मरियम ने उसे एक मम्मा मुंह में दे दिया। बच्चा दुध पीने लगा। मरियम हँसते हुए बोलीं, “तेरी अम्मी चुद रही है… और तू हँस रहा है… मादरचोद।”
मैं और तेज हो गया। मरियम झड़ गईं। लेकिन मेरा अभी नहीं हुआ था।
मरियम ने कहा, “अब मैं सवारी करूँगी।”
वे मेरे ऊपर चढ़ गईं और लंड पर कूदने लगीं। नीचे झुककर मुझे किस कर रही थीं। “आह्ह्ह… गोलु… लंड कितना मोटा है… आह्ह्ह…”
फिर मरियम कुतिया बन गई। मैं पीछे से घुसा। उनकी मोटी गांड मेरे सामने थी। मैंने गांड पर जोरदार थप्पड़ मारा। मरियम चीख पड़ीं — “आह्ह्ह… जानू… आराम से… आह्ह्ह…”
मैंने उनकी गांड लाल कर दी। थप्पड़ मारते हुए चोद रहा था। “आह्ह्ह… भाभी… तेरी गांड बहुत मस्त है… आह्ह्ह…”
जब मेरा होने को हुआ तो मरियम बोलीं, “रुक… मेरा भी होने वाला है।”
दोनों साथ में झड़ गए। मरियम ने कंडोम निकालकर सारा माल अपने चेहरे पर लिया और रगड़ लिया।
हम दोनों थककर लिपट गए। मरियम मेरे लंड को हाथ में लेकर बोलीं, “आज तक मेरे पति ने मुझे ऐसे नहीं चोदा… आज से मैं पूरी तरह तुम्हारी हूँ। जब चाहो, जहाँ चाहो, जैसे चाहो… चोद सकते हो।”
मैं उनके बाल सहला रहा था।
अब आगे :-
उस रात के बाद मरियम और मेरे बीच का रिश्ता पूरी तरह बदल चुका था। अब वो बिना किसी शर्म के मेरे साथ सेक्स करती थीं।
अगले दिन ही जब उनके पति कचहरी गए, तो मरियम ने फोन किया - “आ जा… बच्चा सो रहा है। आज मुझे बहुत मन कर रहा है।”
मैं दोपहर में उनके घर पहुँचा। मरियम ने मुझे सीधा बाथरूम में खींच लिया। दरवाजा बंद करते ही हम दोनों नंगे हो गए। मरियम ने मुझे दीवार से लगा लिया और मेरे लंड को हाथ में लेकर हिलाने लगीं।
“आह्ह्ह… गोलु… आज मुझे दीवार से चोद… जोर से… आह्ह्ह…” मरियम सिसकार रही थीं।
मैंने उन्हें घुमाया और पीछे से लंड उनकी चूत में घुसा दिया। मरियम ने हाथ दीवार पर टिका दिए और गांड पीछे की तरफ उठा ली।
मैं जोर-जोर से धक्के लगा रहा था। मरियम की मोटी गांड मेरे पेट से टकरा रही थी। “फच… फच… फच…” की आवाज बाथरूम में गूंज रही थी।
“आह्हhhhh… गोलु… और जोर से… चोद… अपनी भाभी की चूत फाड़ दे… आह्ह्ह…” मरियम चीख रही थीं।
मैंने उनके बाल पकड़कर सिर पीछे किया और गर्दन पर काट लिया। मरियम का शरीर काँप रहा था। 10 मिनट बाद दोनों साथ में झड़ गए।
मरियम ने मेरे लंड को मुँह में लेकर सारा माल पी लिया और बोलीं, “तुम्हारा माल बहुत स्वादिष्ट है गोलु…”
उसके बाद हम हॉल में सोफे पर चुदाई करने लगे। मरियम कुतिया बनकर सोफे पर झुक गईं। मैं पीछे से उनके ऊपर चढ़ गया। उनकी चौड़ी गांड मेरे सामने थी। मैंने जोर-जोर से थप्पड़ मारे।
मरियम चीख रही थीं — “आह्ह्ह… जानू… गांड लाल कर दो… आह्ह्ह… और मार… मादरचोद… तेरी भाभी की गांड तेरी है…”
हमने फर्श पर भी चुदाई की। मरियम मेरे ऊपर बैठकर लंड पर कूद रही थीं। उनके मम्मे मेरे मुंह में थे। “आह्ह्ह… गोलु… चूस… और जोर से चूस… आह्ह्ह… मेरे मम्मे चूस कर खा ले… आह्ह्ह…”
कई बार मरियम बालकनी में भी चुदवाने लगीं। रात को जब सब सो जाते, तो वो मुझे बालकनी बुला लेतीं।
मैं पीछे से लंड घुसा देता और मरियम मुंह बंद करके सिसकारती रहतीं - “आह्ह्ह… गोलु… धीरे… कोई सुन लेगा… आह्ह्ह… लेकिन और जोर से चोद… आह्ह्ह…”
मरियम अब कई बार मेरे रूम पर भी आने लगीं। जब उनके पति और परिवार वाले बाहर होते, तो वो चुपके से मेरे रूम आ जातीं। मेरे छोटे से रूम में हम दोनों नंगे होकर घंटों चुदाई करते।
कभी बेड पर, कभी फर्श पर, कभी दीवार से टिका कर।
एक बार मरियम रात को मेरे रूम पर आईं। हम दोनों नंगे लेटे थे।
मरियम मेरे लंड को हाथ में लेकर बोलीं, “तुम्हारा लंड मेरे पति से ज्यादा मोटा और गर्म है… आह्ह्ह… जब तुम चोदते हो ना, तो मेरी चूत में आग लग जाती है। मैं सोचती हूँ कि तुम्हारा लंड मेरी चूत में कितना गहरा जाता है…”
मैंने उन्हें कुतिया बनाया और पीछे से चोदने लगा। मरियम तकिये में मुंह दबाकर चीख रही थीं - “आह्हhhhh… गोलु… और गहरा… फाड़ दे… आह्ह्ह… आज अपनी इस रंडी को चोद कर गुलाम बना ले…”
हमने हर जगह चुदाई की — बेडरूम, किचन, बाथरूम, हॉल, बालकनी, यहाँ तक कि उनके छत पर भी। मरियम अब पूरी तरह खुल चुकी थीं। वो गंदी-गंदी बातें करने लगी थीं।
“गोलु… आज मुझे तेरी रंडी बना दे… आह्ह्ह… मेरी चूत तेरी है… जब चाहे चोद लेना… मेरी गांड भी तेरी है… बस धीरे-धीरे… आह्ह्ह…”
मैं भी गालियाँ देता — “भाभी… तेरी मोटी गांड बहुत मस्त लगती है… आज गांड मारूँ क्या?”
मरियम पहले तो मना करतीं, लेकिन धीरे-धीरे राजी होने लगीं। एक दिन किचन में ही मैंने उनकी गांड में उँगली डाली। मरियम सिसकार उठीं — “आह्ह्ह… गोलु… धीरे… आह्ह्ह… दर्द हो रहा है…”
धीरे-धीरे हमने गांड में लंड डालने की कोशिश भी की, लेकिन मरियम को बहुत दर्द होता था। फिर भी वो मुझे आजमाने देतीं। एक दिन बालकनी में मैंने धीरे-धीरे उनकी गांड में लंड घुसाया।
मरियम दर्द से कराह रही थीं - “आह्हhhhh… गोलु… रुक… धीरे… आह्ह्ह… फट जाएगी… आह्ह्ह…”
मैं रुक गया और उनकी गांड सहलाने लगा। मरियम ने कहा, “आज नहीं… धीरे-धीरे सीख जाएगी… लेकिन आज मेरी चूत को अच्छे से चोद…”
मैंने उन्हें वापस कुतिया बनाया और जोर-जोर से चोदने लगा। मरियम की चूत से पानी टपक रहा था। “आह्हhhhh… गोलु… और जोर से… चोद… आह्ह्ह…”
ये सिलसिला लगभग 6-7 महीने चला। मरियम जब भी अकेली होतीं, मुझे बुला लेतीं। कभी-कभी रात को भी फोन आ जाता — “आ जा… पति सो गए हैं… मुझे बहुत मन कर रहा है…”
मैं चुपके से उनके घर पहुँच जाता। हम दोनों घंटों तक चुदाई करते।
मरियम अब मेरे बिना रह नहीं पाती थीं। एक बार जब उनके पति 3 दिन के लिए बाहर गए, तो मरियम ने मुझे घर बुला लिया। हमने लगातार दो दिन और दो रात चुदाई की।
पहले दिन सुबह से शाम तक हमने 4 बार चुदाई की - बेडरूम में, किचन में, बाथरूम में और बालकनी में। मरियम हर बार नई पोजीशन में चुदवातीं।
एक बार वो मेरे ऊपर बैठकर लंड पर कूद रही थीं और बोलीं, “आह्ह्ह… गोलु… लंड कितना गहरा जा रहा है… आह्ह्ह… मेरी चूत फट रही है… आह्ह्ह…”
रात को जब बच्चा सो गया, तो मरियम ने कहा, “आज मुझे पूरी रात चोदना… मैं थक नहीं रही।”
हमने पूरी रात चुदाई की। मरियम तीन बार झड़ चुकी थीं, लेकिन मैं अभी भी नहीं झड़ा था। आखिर में मरियम ने कुतिया बनकर कहा, “अब मेरी गांड में डाल… आज मैं सह लूँगी…”
मैंने धीरे-धीरे उनकी गांड में लंड घुसाया। मरियम दर्द से कराह रही थीं — “आह्हhhhh… गोलु… धीरे… आह्ह्ह… लेकिन मत निकाल… आह्ह्ह…”
मैंने धीरे-धीरे कमर चलाई। मरियम की सिसकारियाँ धीरे-धीरे मजे में बदल गईं। “आह्ह्ह… अब अच्छा लग रहा है… आह्ह्ह… और गहरा… आह्ह्ह…”
उस रात मैंने पहली बार मरियम की गांड में झाड़ा। मरियम बोलीं, “आह्ह्ह… गोलु… तुमने मेरी गांड भी ले ली… अब मैं पूरी तरह तुम्हारी हूँ…”
दूसरे दिन भी हमने पूरा दिन चुदाई की। मरियम ने मुझे बताया, “तुम्हारे आने के बाद से मेरे पति से भी मजा आने लगा है… क्योंकि मैं सोचती हूँ कि तुम मुझे कैसे चोदते हो…”
जब मैंने JEE क्लियर कर लिया और कॉलेज जाने का समय आया, तो मरियम बहुत रोईं। आखिरी दिन हमने पूरे दिन चुदाई की। मरियम ने कहा, “तुम चले जाओगे तो मैं क्या करूँगी? कौन मुझे ऐसे चोदेगा?”
मैंने उन्हें गले लगाकर कहा, “जब भी आऊँगा, तुम्हें चोदूँगा… और जब चाहो, मैं आ जाऊँगा।”
मरियम ने मेरे लंड को आखिरी बार मुँह में लिया और बहुत देर तक चूसा। फिर हम दोनों झड़ गए। मरियम ने सारा माल अपने चेहरे पर लिया और बोलीं, “ये मेरा आखिरी तोहफा है… जब भी याद आए, ये याद करना।”
उस दिन के बाद मरियम से मिलना कम हो गया। लेकिन जब भी प्रयागराज आता, मरियम को बुलाता और हम चुदाई करते। आज भी मरियम मेरे साथ चैट करती हैं।
कभी-कभी वीडियो कॉल पर नंगे होकर बातें होती हैं और हम दोनों मस्तुरबेट करते हैं।
दोस्तों, ये थी मेरी और मरियम की पूरी कहानी — पहली मुलाकात से लेकर गहरे रिश्ते तक। अगर आपको ये स्टोरी पसंद आई हो, खासकर अगर कोई भाभी या अनुभवी लड़की फीडबैक दे तो जरूर बताना।
अगर अच्छा रिस्पॉन्स मिला तो आगे की और भी डिटेल्ड चुदाई की कहानियाँ लिखूँगा।
आपके विचार और फीडबैक का इंतजार रहेगा।
मेल कर सकते हो: golu33yadav33@gmail.com
💬 Leave a Comment :-
📝 Comments :
No comments yet. Be the first to comment!