छिनाल गर्लफ्रेंड की छिनालगिरी!
Hindi Sex Stories : GF की छिनालगिरी जंगल में उसकी गांड और मुंह चोदकर खुली! पूरी वाइल्ड! मोनिग और गलियों के साथ बेरहम वाली BDMS चुदाई! पढिए सिर्फ GaramKahani पर!
अभी तक आपने "गर्लफ्रेंड की सील पैक गांड में दोस्त का लंड! 02" में पढ़ा :-
“साली... आज तेरी गांड सुजा दूंगा... आह्ह्ह... किशोर ने रिया को चोदा... अब तू मेरी ले... आह्ह्ह...” कनक अब खुद अपनी गांड पीछे की तरफ उठा रही थी। “आह्ह्ह... और जोर से... आह्ह्ह... फाड़ दे... आह्ह्ह... मजा आ रहा है... आह्ह्ह...”
15 मिनट बाद कनक फिर झड़ गई। “आह्हhhhh... गौरव... आह्ह्ह...” मैंने भी उसके अंदर ही झाड़ दिया। कनक की आँखें बंद थीं। “आह्ह्ह... भर गया... आह्ह्ह... गौरव... आह्ह्ह...”
हम दोनों थककर बैठ गए। कनक मेरे लंड को हाथ में लेकर बोली, “आज तक किसी ने मुझे इतना नहीं चोदा... आह्ह्ह...” मैंने कहा, “अब ये गांड मेरी है। समझ गई?” कनक ने सिर हिलाया।
हमने कपड़े पहने। कनक ने कहा, “ये बात सिर्फ हमारे बीच रहेगी... प्लीज...” मैंने फोटो दिखाई जो मैंने ली थी। “अब तू मेरी है। जब चाहूंगा, बुलाऊंगा।” कनक चुप रही।
हम अलग-अलग चले गए। लेकिन मन में पता था कि ये आखिरी बार नहीं था।
अब आगे :-
उस शनिवार के बाद कनक और मेरे बीच का रिश्ता पूरी तरह बदल चुका था।
जंगल वाली चुदाई के बाद वो पहले तो चुप रही, लेकिन अगले दिन ही व्हाट्सएप पर मैसेज आया - “गौरव... कल क्या हुआ वो बात किसी को मत बताना। प्लीज।”
मैंने रिप्लाई किया, “अब तू मेरी है कनक। जब चाहूंगा बुलाऊंगा। समझ गई?” वो ऑनलाइन रही लेकिन कुछ नहीं लिखा। मैं मुस्कुरा रहा था। मन में सोच रहा था - आज से कनक मेरी गुलाम है।
अगले कुछ दिनों में मैंने कनक को और ज्यादा कंट्रोल में ले लिया। कॉलेज में जब भी मौका मिलता, मैं उसे कॉर्नर में खींच लेता। एक दिन लाइब्रेरी के पीछे वाले कमरे में मैंने उसे दीवार से लगा दिया।
कनक डर गई — “गौरव... कोई आ जाएगा...” लेकिन मैंने उसके होंठ चूस लिए। “चुप रंडी... अब तू मेरी है।”
मैंने उसके टॉप के अंदर हाथ डालकर मम्मों को मसलना शुरू कर दिया।
कनक सिसकार उठी - “आह्ह्ह... गौरव... आह्ह्ह... धीरे...” मैंने उसके कान में फुसफुसाया, “तेरी गांड अभी भी मेरे लंड की याद कर रही है ना? आज शाम को मेरे रूम आना।”
कनक ने सिर हिलाया। उसकी आँखों में डर और कुछ और था - शायद लालसा।
शाम को कनक मेरे रूम पर आई। मैंने दरवाजा बंद किया और तुरंत उसे नंगा कर दिया। कनक शर्मा रही थी - “गौरव... प्लीज... जल्दी मत करो...” लेकिन मैंने उसे बेड पर पटक दिया।
“आज तेरी चूत और गांड दोनों लूंगा।” मैंने उसके मम्मों को चूसना शुरू कर दिया। कनक कराहने लगी — “आह्ह्ह... गौरव... आह्ह्ह... चूस... और जोर से...” मैंने उसके निप्पल को दांतों से हल्का काटा।
कनक चीख पड़ी — “आह्हhhhh... दर्द... आह्ह्ह...” लेकिन उसकी जांघें खुल गई थीं।
मैंने उसके पैर फैलाए और चूत चाटने लगा। कनक का शरीर काँप रहा था। “आह्ह्ह... गौरव... आह्ह्ह... चाट... अच्छा लग रहा है... आह्ह्ह...” मैंने उसकी चूत के होंठ चूसते हुए उंगली अंदर डाली।
कनक अब जोर से सिसकार रही थी — “आह्ह्ह... और... आह्ह्ह... उंगली और गहरी... आह्ह्ह...” 5 मिनट बाद कनक झड़ गई। उसने मेरे सिर को अपनी जांघों के बीच दबा लिया — “आह्हhhhh... गौरव... आह्ह्ह...”
मैंने उसे घुमाया और कुतिया बना दिया। इस बार मैंने उसकी मोटी गांड पर थूक लगाया और उंगली डाली। कनक कराह उठी — “आह्ह्ह... गौरव... गांड मत... आह्ह्ह...” लेकिन मैंने लंड उसके गांड पर रखा और धीरे-धीरे घुसा दिया।
कनक का शरीर अकड़ गया। “आह्हhhhh... दर्द... आह्ह्ह... फट जाएगी... आह्ह्ह...” मैंने उसके बाल पकड़कर जोर से धक्का मारा। पूरा लंड अंदर घुस गया। कनक चीख पड़ी — “आह्हhhhhhh... मर गई... आह्ह्ह... निकालो... आह्ह्ह...”
मैंने धीरे-धीरे कमर चलानी शुरू की। कनक पहले दर्द से रो रही थी — “आह्ह्ह... गौरव... प्लीज... आह्ह्ह...” लेकिन 7-8 मिनट बाद उसकी सिसकारियाँ बदल गईं।
“आह्ह्ह... अब... आह्ह्ह... अच्छा लग रहा है... आह्ह्ह... और जोर से... आह्ह्ह...” मैंने स्पीड बढ़ा दी।
“साली कनक... तेरी गांड आज भी मेरे लंड की भूखी है ना? किशोर ने रिया को चोदा... अब तू मेरी गांड ले... आह्ह्ह...” कनक बोली - “आह्ह्ह... हाँ... उसने रिया को चोदा था... आह्ह्ह... लेकिन अब तू मुझे चोद... आह्ह्ह... फाड़ दे... आह्ह्ह...”
मैंने उसकी गांड पर जोर-जोर से थप्पड़ मारे। कनक चीख रही थी — “आह्ह्ह... और मार... आह्ह्ह... गांड लाल कर दे... आह्ह्ह...” 15 मिनट बाद कनक फिर झड़ गई।
“आह्हhhhh... गौरव... आह्ह्ह...” मैंने भी उसके अंदर झाड़ दिया। कनक की आँखें बंद थीं। “आह्ह्ह... भर गया... आह्ह्ह... गौरव... आह्ह्ह...”
हम दोनों थककर लेट गए। कनक मेरे सीने पर सिर रखकर बोली, “गौरव... ये सब गलत है... लेकिन... आह्ह्ह... मुझे अच्छा लगता है...” मैंने उसके बाल सहलाए। “अब तू मेरी रंडी है कनक। जब चाहूंगा बुलाऊंगा।” कनक चुप रही।
रात को जब कनक चली गई, तो मैं बिस्तर पर लेटा सोच रहा था।
मन में नई फैंटसी आ रही थी - कनक को मेरे रूम में बुलाकर उसे नंगा करके दीवार से लगा कर चोदना, फिर उसे घुटनों पर बिठाकर लंड चुसवाना, और आखिर में उसके चेहरे पर माल गिराकर फोटो लेना।
ये ख्याल आते ही मेरा लंड फिर खड़ा हो गया। मैंने सोचा — कल फिर बुलाऊंगा।
अगले दिन कनक ने खुद मैसेज किया — “गौरव... कल मिलना है क्या?” मैंने लिखा, “हाँ... मेरे रूम आना शाम को।” कनक ने “ठीक है” लिखा। मैं मुस्कुरा रहा था।
शाम को कनक आई। मैंने दरवाजा बंद किया और तुरंत उसे दीवार से लगा दिया। “आज तेरी चूत और गांड दोनों लूंगा।” कनक शर्मा रही थी लेकिन उसने विरोध नहीं किया। मैंने उसके कपड़े उतारे।
उसके मम्मे और मोटी गांड सामने थी। मैंने उसे बेड पर लिटाया और उसके मम्मों को चूसना शुरू कर दिया। कनक कराहने लगी — “आह्ह्ह... गौरव... आह्ह्ह... चूस... और जोर से... आह्ह्ह...”
मैंने उसके पैर फैलाए और चूत चाटी। कनक की जांघें काँप रही थीं। “आह्ह्ह... गौरव... आह्ह्ह... चाट... अच्छा लग रहा है... आह्ह्ह...” मैंने उंगली डाली और उसका पानी निकालने लगा।
कनक अब जोर से सिसकार रही थी — “आह्ह्ह... और... आह्ह्ह... उंगली गहरी... आह्ह्ह...”
मैंने उसे कुतिया बनाया और लंड उसके गांड में डाला। कनक चीख पड़ी — “आह्हhhhh... गौरव... आह्ह्ह... दर्द... आह्ह्ह...” लेकिन मैंने धीरे-धीरे कमर चलाई। कनक की सिसकारियाँ धीरे-धीरे मजे में बदल गईं।
“आह्ह्ह... अब... आह्ह्ह... अच्छा लग रहा है... आहhhhh... और जोर से... आह्ह्ह... फाड़ दे... आह्ह्ह...”
मैंने उसकी गांड पर थप्पड़ मारे। कनक चीख रही थी — “आह्ह्ह... और मार... आह्ह्ह... गांड लाल कर दे... आह्ह्ह...” 12 मिनट बाद कनक झड़ गई। “आह्हhhhh... गौरव... आह्ह्ह...” मैंने भी उसके अंदर झाड़ दिया।
कनक बोली — “आह्ह्ह... भर गया... आह्ह्ह... गौरव... आह्ह्ह...”
हम दोनों थककर लेट गए। कनक मेरे लंड को हाथ में लेकर बोली, “गौरव... आज मुझे और चोदना... आहhhhh...” मैंने कहा, “अभी नहीं... रुक... तेरी गांड अभी भी मेरे लंड की भूखी है ना?” कनक ने सिर हिलाया।
मैंने उसे फिर से कुतिया बनाया और लंड उसके गांड में डाला। इस बार मैंने और जोर से धक्के लगाए। कनक अब खुद अपनी गांड पीछे की तरफ उठा रही थी।
“आह्ह्ह... गौरव... आह्ह्ह... और जोर से... आह्ह्ह... चोद... अपनी रंडी को... आह्ह्ह...” मैंने उसके बाल पकड़कर स्पीड बढ़ा दी।
“साली कनक... तेरी गांड आज फट जाएगी... आह्ह्ह... किशोर ने रिया को चोदा... अब तू मेरी ले... आह्ह्ह...”
कनक बोली - “आह्ह्ह... हाँ... उसने रिया को चोदा था... आह्ह्ह... लेकिन अब तू मुझे चोद... आह्ह्ह... फाड़ दे... आह्ह्ह...”
20 मिनट बाद कनक फिर झड़ गई। “आह्हhhhh... गौरव... आह्ह्ह...” मैंने भी झाड़ दिया। कनक की आँखें बंद थीं। “आह्ह्ह... भर गया... आह्ह्ह... गौरव... आह्ह्ह...”
हम दोनों पसीने से तर होकर लेट गए। कनक मेरे सीने पर सिर रखकर बोली, “गौरव... ये सब गलत है... लेकिन मुझे अच्छा लगता है... आह्ह्ह...” मैंने कहा, “अब तू मेरी है। जब चाहूंगा बुलाऊंगा।” कनक चुप रही।
रात को कनक चली गई। मैं बिस्तर पर लेटा सोच रहा था।
मन में नई फैंटसी आ रही थी - कनक को मेरे रूम में बुलाकर उसे नंगा करके दीवार से लगा कर चोदना, फिर उसे घुटनों पर बिठाकर लंड चुसवाना, और आखिर में उसके चेहरे पर माल गिराकर फोटो लेना।
ये ख्याल आते ही मेरा लंड फिर खड़ा हो गया। मैंने सोचा — कल फिर बुलाऊंगा।
अगले दिन कनक ने खुद मैसेज किया — “गौरव... कल मिलना है क्या?” मैंने लिखा, “हाँ... मेरे रूम आना शाम को।” कनक ने “ठीक है” लिखा।
शाम को कनक आई। मैंने दरवाजा बंद किया और तुरंत उसे दीवार से लगा दिया। “आज तेरी चूत और गांड दोनों लूंगा।” कनक शर्मा रही थी लेकिन उसने विरोध नहीं किया। मैंने उसके कपड़े उतारे। उसके मम्मे और मोटी गांड सामने थी।
मैंने उसे बेड पर लिटाया और उसके मम्मों को चूसना शुरू कर दिया। कनक कराहने लगी — “आह्ह्ह... गौरव... आह्ह्ह... चूस... और जोर से... आह्ह्ह...”
मैंने उसके पैर फैलाए और चूत चाटी। कनक की जांघें काँप रही थीं। “आह्ह्ह... गौरव... आह्ह्ह... चाट... अच्छा लग रहा है... आह्ह्ह...” मैंने उंगली डाली और उसका पानी निकालने लगा। कनक अब जोर से सिसकार रही थी - “आह्ह्ह... और... आह्ह्ह... उंगली गहरी... आह्ह्ह...”
मैंने उसे कुतिया बनाया और लंड उसके गांड में डाला। कनक चीख पड़ी — “आह्हhhhh... गौरव... आह्ह्ह... दर्द... आह्ह्ह...” लेकिन मैंने धीरे-धीरे कमर चलाई। कनक की सिसकारियाँ धीरे-धीरे मजे में बदल गईं।
“आह्ह्ह... अब... आह्ह्ह... अच्छा लग रहा है... आहhhhh... और जोर से... आह्ह्ह... फाड़ दे... आह्ह्ह...”
मैंने उसकी गांड पर थप्पड़ मारे। कनक चीख रही थी — “आह्ह्ह... और मार... आह्ह्ह... गांड लाल कर दे... आह्ह्ह...” 15 मिनट बाद कनक झड़ गई। “आह्हhhhh... गौरव... आह्ह्ह...” मैंने भी उसके अंदर झाड़ दिया।
कनक बोली — “आह्ह्ह... भर गया... आह्ह्ह... गौरव... आह्ह्ह...”
हम दोनों थककर लेट गए। कनक मेरे लंड को हाथ में लेकर बोली, “गौरव... आज मुझे और चोदना... आहhhhh...” मैंने कहा, “अभी नहीं... रुक... तेरी गांड अभी भी मेरे लंड की भूखी है ना?” कनक ने सिर हिलाया।
मैंने उसे फिर से कुतिया बनाया और लंड उसके गांड में डाला। इस बार मैंने और जोर से धक्के लगाए। कनक अब खुद अपनी गांड पीछे की तरफ उठा रही थी। “आह्ह्ह... गौरव... आह्ह्ह... और जोर से... आह्ह्ह... चोद... अपनी रंडी को... आह्ह्ह...” मैंने उसके बाल पकड़कर स्पीड बढ़ा दी।
“साली कनक... तेरी गांड आज फट जाएगी... आह्ह्ह... किशोर ने रिया को चोदा... अब तू मेरी ले... आह्ह्ह...” कनक बोली — “आह्ह्ह... हाँ... उसने रिया को चोदा था... आह्ह्ह... लेकिन अब तू मुझे चोद... आह्ह्ह... फाड़ दे... आह्ह्ह...”
20 मिनट बाद कनक फिर झड़ गई। “आह्हhhhh... गौरव... आह्ह्ह...” मैंने भी झाड़ दिया। कनक की आँखें बंद थीं। “आह्ह्ह... भर गया... आह्ह्ह... गौरव... आह्ह्ह...”
हम दोनों पसीने से तर होकर लेट गए। कनक मेरे सीने पर सिर रखकर बोली, “गौरव... ये सब गलत है... लेकिन मुझे अच्छा लगता है... आह्ह्ह...” मैंने कहा, “अब तू मेरी है। जब चाहूंगा बुलाऊंगा।” कनक चुप रही।
रात को कनक चली गई। मैं बिस्तर पर लेटा सोच रहा था।
मन में नई फैंटसी आ रही थी - कनक को मेरे रूम में बुलाकर उसे नंगा करके दीवार से लगा कर चोदना, फिर उसे घुटनों पर बिठाकर लंड चुसवाना, और आखिर में उसके चेहरे पर माल गिराकर फोटो लेना। ये ख्याल आते ही मेरा लंड फिर खड़ा हो गया।
मैंने सोचा — कल फिर बुलाऊंगा।
उसके बाद कनक और मेरे बीच का अफेयर चुपके से चलता रहा। हम दोनों जानते थे कि ये गलत है, लेकिन फिर भी रुक नहीं पा रहे थे। कभी मेरे रूम में, कभी उसके घर में जब मौका मिलता। कनक अब मेरे सामने ज्यादा खुल गई थी।
वो खुद कहती, “गौरव... तू मुझे जितना चोदता है, उतना कोई नहीं चोदा।”
मैं मुस्कुराता और कहता, “अब तू मेरी रंडी है। जब चाहूंगा बुलाऊंगा।” कनक चुप रहती, लेकिन उसकी आँखों में वो चमक साफ दिखती।
कुछ दिन बाद जब हम लोग कॉलेज में बात कर रहे थे, तो एक लड़के ने कनक के बारे में बताया। उसने कहा कि कनक को उसने भी चोदा है। पहले तो किसी को यकीन नहीं हुआ।
तब उसने अपने फोन में अपनी और कनक की सेक्स वीडियो दिखाई।
वीडियो देखकर सब हैरान रह गए। सबसे ज्यादा धक्का किशोर को लगा। वह जिस लड़की को अपनी गर्लफ्रेंड मानता था, वो साली एक नंबर की छिनाल बन चुकी थी।
वीडियो में कनक घुटनों पर बैठी थी और उस लड़के का लंड चूस रही थी। फिर वो कुतिया बनकर चुदवा रही थी और जोर-जोर से कराह रही थी — “आह्ह्ह... और जोर से... आह्ह्ह...”
बाद में और लड़कों ने भी बताया कि कनक कॉलेज में कई सारे लड़कों का लंड अपने अंदर ना जाने कितनी बार ले चुकी थी। उसे जो पसंद आता, उसको अपना बॉयफ्रेंड बनाकर उन्हीं से चुदवाती थी।
कनक तो कईयों के लंड को अपने मुँह में लेकर उनका मूठ मारकर उनकी गर्मी शांत कर चुकी थी। ये बातें हमारे चोदने वाले दोस्त बता रहे थे।
ये सुनते ही किशोर का मुँह लटक गया। वो स्तब्ध रह गया। उसकी अपनी गर्लफ्रेंड की असली सच्चाई सामने आ गई थी। वो चुपचाप वहाँ से चला गया।
बाद में किशोर ने मुझे अकेले में बुलाया। उसकी आँखें लाल थीं। उसने कहा, “गौरव... भाई, मुझे माफ कर दे। मैंने तेरी गर्लफ्रेंड रिया को चोद दिया था। मुझे नहीं पता था कि कनक इतनी बड़ी रांड़ है। मैंने गलती की।”
मैंने उसे देखा। वो सच में टूटा हुआ लग रहा था।
मैंने सोचा - एक लड़की के कारण अपना सबसे अच्छा दोस्त खोना बेवकूफी है।
मैंने कहा, “ठीक है किशोर। मैंने भी तेरी गर्लफ्रेंड कनक को चोदा। अब हम दोनों बराबर हो गए। चल, भूल जा। हम अच्छे दोस्त थे, वो दोस्ती फिर से शुरू कर देते हैं।”
किशोर ने मुझे गले लगा लिया। वो बोला, “धन्यवाद भाई। तू सच में अच्छा दोस्त है।” हम दोनों फिर से अच्छे दोस्त बन गए। कनक की बात दोनों के बीच में दब गई।
लेकिन कनक अभी भी मेरे साथ चुपके से मिलती थी।
वो जानती थी कि अब सबको उसकी असली सच्चाई पता चल चुकी है। फिर भी वो मेरे पास आती और कहती, “गौरव... तू मुझे चोद... आह्ह्ह...” मैं उसे चोदता और सोचता - ये रंडी अब भी मेरी है।
अगले कहानी में बताऊँगा की कैसे हम दोनों ने मिलकर कनक की दर्दनाक चुदाई की और अपनी वासना को शांत किया।
तो यह थी मेरी और मेरी दोस्त की गर्लफ्रेंड कनक की कहानी। उम्मीद है आप सब को पसंद भी आई होगी!!
!!!धन्यवाद!!!!
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