माँ भाभी के भाई से चुद गई!

Antarvasna Family Sex Stories : बेटे ने चुदते देखा माँ की चुत! भाभी के भाई पारस से चटवाई चूत! जालिम तरीके से हुई चुदाई! रंडी बनकर कराहती रही बेटे की प्यासी माँ!


हाय दोस्तों, आज आपको घर की आँखों देखी वो गंदी कहानी सुनाने जा रहा हूँ जो मैंने अपनी आँखों से देखी थी। पढ़कर पूरा जान लो कि किसके बीच क्या हुआ।


मेरा नाम गौरव है। पढ़ाई करने वाला छात्र हूँ। हमारे परिवार में बड़ी माँ, बड़े पापा, माँ, पापा, छोटी माँ, मैं, छोटे भैया, मेरी छोटी भाभी और सगी भाभी रहते हैं। सगी छोटी भाभी के भाई का नाम पारस है, उम्र 26-27 साल।


मेरी सगी भाभी को तीसरा बच्चा हुए एक साल हो चुका था। एक बार फिर से उनके भाई पारस हमारे घर आए हुए थे। वे अपने साथ बच्चे के लिए कई-कई सारे उपहार लाए हुए थे।


मेरी माँ का नाम रुचिका है और काफी बेमिसाल खूबसूरत महिला हैं। पापा और माँ के कुल छह बच्चे हैं। उनके दो शादीशुदा बेटियाँ और तीन शादीशुदा बेटे हैं, और मैं चौथा बेटा हूँ।


उनकी गदराई हुई जवानी सच में कयामत है। मम्मी के चूचे बहुत बड़े और दूध से भरे हुए हैं, गांड भी काफी निकली हुई और मोटी है।


एक जवान और खूबसूरत औरत। उनके बूब्स मोटे हो गए हैं और गांड बहुत बड़ी, एकदम चौड़ी होकर फैल गई है।


38-34-40 के फिगर के साथ गांड भी बड़ी लाजवाब है - भरपूर मांस वाली, एकदम मोटी और मांसल। वह मांग में सिंदूर लगाती हैं, कानों में झुमके, गले में मंगलसूत्र पहनती हैं।


उनका रंग एकदम गोरा है और शरीर की बनावट ऐसी है कि देखने में बेहद खूबसूरत लगती हैं, और हवस तो उनकी आँखों में साफ झलकती है।


वो साड़ी में बहुत खूबसूरत लग रही थीं। उनकी गांड काफी उठी हुई और भारी है। बालों को बांधा हुआ था। धीरे-धीरे समय के साथ मैं बड़ी औरतों को पसंद करने लगा था।


उस समय भाभी घर में खाना बना रही थीं और घर में केवल माँ, मैं और स्वीटी भाभी थे। बाकी सब काम से बाहर थे। तब पारस की आँखों की शरारत मैंने साफ देख ली।


उनकी निगाहें जिस तरह माँ के बूब्स और गांड पर घूम रही थीं, मैं मन ही मन सोच रहा था कि पारस आज मेरी माँ को पक्का चोदकर ही मानेगा। माँ की गोरी, बड़ी-बड़ी छातियाँ काली ब्रा में जकड़ी हुई होश उड़ा रही थीं।


मुझे पहले तो चुदाई जैसी कोई बात महसूस नहीं हुई, मैं हैरान रह गया। उधर बेडरूम से कुछ चुदाई जैसी ही कामुक आवाजें आने लगीं। बेडरूम के अंदर का दृश्य देखकर मेरे पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई।


पारस मस्ती के साथ माँ के स्तनों को चूसने में लगा हुआ था। माँ के मुँह से मस्ती भरी सिसकारियाँ निकल रही थीं।


“आह्ह्ह… पारस… धीरे… चूसो… अह्ह्ह… जोर से मत काटो…”


उनका नीला रंग का ब्लाउज पहले से ही कहीं गिरा हुआ था। पारस माँ के स्तनों को दबाते हुए निचोड़ने में लगा हुआ था। मुझे लगा ये कितनी गर्म हो चुकी हैं कि अपने बेटे को छोड़कर पारस से अपने स्तनों को दबवा और चुसवा रही हैं।


उनका हरा रंग का पेटीकोट जमीन पर गिरा हुआ दिखाई दिया। पारस एक हाथ से मम्मी की मोटी-मोटी जांघें सहला रहा था। माँ की मोटी और काफी ज्यादा फूली हुई चूत साफ दिख रही थी।


उन्होंने दोनों टांगों को चौड़ा करके चूत पर जीभ चला रखी थी। इससे माँ चूत चटवाते हुए काफी जोर-जोर से सिसकारियाँ भर रही थीं।


“आह्हhhhh… जीभ… अंदर… पारस… वहाँ… चाटो… आह्ह्ह… बहुत अच्छा लग रहा है…”


माँ की चूत कई सालों से चुद-चुदकर होठों से पूरी तरह खुल चुकी थी और आसपास काली पड़ चुकी थी। उसने खूब चूसने-चाटने के बाद चूत में एक उंगली डालकर अंदर-बाहर करने लगा। उनकी मादक सिसकारियाँ और तेज हो गईं।


🔥 एक और कामुक स्टोरी : गर्भवती माँ संग बुआ की थ्रीसम चुदाई!


“आह्ह्ह… उंगली… और अंदर… हां… ऐसे… आह्ह्ह…”


सच में क्या फिगर है मेरी मम्मी का - बहुत बड़े-बड़े चूचे, वैसे ही बड़े-बड़े चूतड़। सच में मेरी मम्मी की गांड भी बड़ी मस्त है। उनका एकदम कसा हुआ बदन, भरी हुई छाती और गांड का हिस्सा बदन को बहुत ही खूबसूरत बना रहे थे।


पारस ने सामने ही कपड़े उतारकर मम्मी के सामने नंगा हो गया।


उसने पैंट खोलकर अपना तना हुआ लंड मम्मी के हाथ में दे दिया। मम्मी उसे पकड़कर अपनी मुट्ठी में भरने लगीं। मम्मी भी उस पराए लंड को पकड़कर आगे-पीछे करने लगीं।


उनका लंड करीब छह इंच के आसपास का था। मम्मी अपना मुँह खोलकर बार-बार पूरा अंदर तक ले पा रही थीं। पारस मम्मी के बाल पकड़कर उनसे अपना लंड चुसवाने लगा।


“चूसो… दीदी… गले तक ले लो… आह्ह्ह… ऐसे ही…”


जब उसने निकाला तो उसका लंड लार से चमक रहा था। तब पारस ठीक उसी समय पीछे से आकर अपना लंड मम्मी की चूत में रखकर अंदर-बाहर करने लगा। मम्मी की चूत में लंड घुसाने के साथ ही वो बड़े ही जोर-जोर से उनको चोदने लगे।


“आह्हhhhh… अंदर… आ गया… पारस… धीरे… अह्ह्ह… बहुत मोटा… आह्ह्ह…”


वह निप्पल्स को चूस-चूसकर मम्मी की चूत को चोद रहा था। मम्मी की इतनी गदराई जवानी देख मुझसे भी रहा न गया। मेरा लंड पजामे में तन चुका था। मैं दरवाजे की दरार से देखता रहा।


ये Mom Son Antarvasna Story आप गरम कहानी डॉट कॉम में पढ़ रहे है!


पारस ने मम्मी के मोटे-मोटे बूब्स कसके पकड़े और जोर-जोर से चोदने लगा। आज भी मेरी मम्मी सेक्स में काफी लाजवाब हैं। वह नीचे से खूब गांड मटका-मटकाकर मजे से चुदवा रही थीं।


मुझे मॉम की गोरी जांघों के बीच हल्की झांट दिख रही थी। मेरी माँ एक रंडी लग रही थीं और मानो स्वर्ग का आनंद ले रही थीं।


इधर मेरी माँ की चूत पर हल्के-हल्के बाल भी थे और अंदर से हल्की-फुल्की गुलाबी थी, पर बाहर से जामुनी रंग की। उनके हाथों में पड़ी चूड़ियाँ खन-खन और पैरों में पड़ी पायल छम-छम कर रही थीं।


उनकी चूत से पानी की तेज धार निकली और उसकी जांघ को भिगोते हुए बेड पर गिरने लगी।


“आह्हhhhh… आ रही हूँ… पारस… जोर से… चोदो… आह्ह्ह…”


वह जोर-जोर से धक्के मार रहा था और चूत से चुदाई की थप-थप-थप आवाजें गूंज रही थीं। माँ की सिसकारियाँ और तेज हो गई थीं।


एक बात सही कही गई है - जब अपनी घर की औरतों की चुदाई किसी और के साथ देखता है तो लंड तुरंत खड़ा हो जाता है।


माँ को घोड़ी बनाकर ताबड़तोड़ चोदने लगे। कुछ धक्कों के बाद मम्मी का रस निकल गया। वे वहीं बिस्तर पर लेट गईं। उसके बाद फिर शुरू हुआ जोरदार चुदाई का खेल।


वो तेज-तेज धक्के मार रहा था, माँ कमर उछालकर पूरा साथ दे रही थीं। दोनों के बदन पसीने से भीगे थे, सिसकारियाँ और धक्कों की आवाजें गूंज रही थीं।


पारस मम्मी की चूचियों को मसलते हुए उन्हें जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया। मम्मी के गोरे और कोमल बदन को बहुत ही निर्दयता से चोद रहा था। मम्मी की चूचियों को मसलकर लाल कर दिया था और उनके होठों को चाट-चाटकर लिपस्टिक पूरी खा गया था।


“आह्ह्ह… पारस… बूब्स… जोर से मसल… आह्ह्ह… चोद… और तेज…”


उनकी फूली चूत एकदम गीली हो गई और लंड चूत के अंदर घुस गया था। वो जोर-जोर से मरवाने के लिए उछल रही थीं।


मेरी कुतिया मम्मी पारस के नीचे अपनी दोनों मोटी टांगें पूरी फैलाकर आराम से घपा-घप लंड लेकर खूब चुदवा रही थीं। उनको पारस से चुदवाने में बिल्कुल कोई शर्म नहीं आ रही थी।


वह हर एक धक्के पर अपनी कमर उछाल रही थीं।


पारस जितनी बुरी तरह से मम्मी को बड़े-बड़े झटके देकर चोद रहा था, मुझे लग रहा था जैसे भाभी को दिया हुआ सारा दहेज वसूल कर रहे हों। मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि वह रंडी जैसी दिख रही औरत मेरी मम्मी ही है।


वे उठ गए और मम्मी बिस्तर पर लेटी हुई घचाघच चुदने से ऊह-आह-ईह करने लगीं। जवान पारस के धक्कों के साथ मेरी माँ का पूरा शरीर हिल रहा था।


उनकी दोनों चूचियाँ नीचे लटक रही थीं। जवान लड़के से चुदने में मजा आ रहा था। वह जैसे-जैसे बुर में धक्का लगाते, माँ अपनी गांड उठा-उठाकर उनके धक्कों का जवाब दे रही थीं।


“आह्हhhhh… ऐसे… गांड उठाकर… चोदो… पारस… मेरी चूत फाड़ दो… आह्ह्ह…”


उसने पीछे से पकड़कर काफी जोर-जोर से पेलना शुरू किया। मम्मी पसीने से तर-बतर हो रही थीं। पसीने की वजह से आँखों की काजल बिखर रही थी।


मैं तो मम्मी को एक गैर मर्द से चुदते हुए भी देख चुका था तो काफी उत्तेजित हो गया था। लेकिन वो शारीरिक तौर पर काफी ज्यादा भरपूर औरत थीं।


👉 ये कहानी भी जरूर पढ़ें : भिखारियों से आंटी की चूत फड़वाई! और हुई प्रेग्नेंट!


वो बेरहमी के साथ चोद रहे थे और माँ आह-आह चिल्ला रही थीं। कुछ समय बाद पारस अपनी गति पकड़ते हुए पीछे से जोर-जोर से मॉम को चोद रहे थे। उनका काला लंड मम्मी की चूत के अंदर-बाहर जाता हुआ दिखाई दे रहा था।


वह पारस की चुदाई के और बड़े-बड़े झटकों को खूब अंदर तक ले रही थीं।


ये Antarvasna Free Hindi Sex Kahani आप गरम कहानी डॉट कॉम में पढ़ रहे है!


उसका लंड मुझे चूत के छेद से अंदर-बाहर होता हुआ साफ-साफ नजर आ रहा था। माँ के दोनों बूब्स को अपने हाथ में लेकर जोर-जोर से धक्के देने लगे। फिर वो जोर-जोर से चोदने लगे और उधर माँ दर्द के मारे उहह-आ-आहा करती रहीं।


पारस जवान थे, मेरी माँ को बहुत देर तक चोदते रहे। वो माँ को चोदते हुए बूब्स दबाने और चूसने शुरू कर दिए। मैंने देखा कि पारस एकदम नंगा माँ के ऊपर चढ़ा हुआ घपा-घप चोद रहा है।


जिसमें उनका इस तरह से कराहना और हवस से भरी सिसकारियाँ किसी रंडीखाने जैसा बना रही थीं। मम्मी को खूब मजा आ रहा था।


वो खूब ज्यादा मजे लेकर अपनी गांड उचका रही थीं। मम्मी की बड़ी चूचियाँ खूब हिल रही थीं।


उसने माँ की चूचियाँ पकड़ीं और एक जोरदार झटका मारा। उसकी पकड़ माँ की कमर पर इतनी सख्त थी कि माँ की गांड पर हर धक्के के साथ चट-चट की जोरदार आवाज आ रही थी।


उसकी चीखें और चुदाई की थप-थप-थप की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी।


“आह्हhhhh… पारस… गांड पर… थप्पड़ मार… और जोर से चोदो… आह्ह्ह… मेरी चूत फाड़ दे…”


एक तरफ मेरी माँ के बड़े गोल चूतड़ मोटे और चौड़े थे। मेरी माँ के बाल खींचकर किसी बाजारू रंडी की तरह चोद रहा था। मम्मी बस आह-आह करके उनके लंड का मजा ले रही थीं।


कुछ देर बाद मम्मी को घोड़ी बना लिया और पीछे से उनकी चूत पेलने लगे। वो इतनी तेज चोद रहे थे कि चूत से बहुत पानी निकल रहा था। तब लगातार आआह्ह निकल रही थीं।


“आह्हhhhh… ऐसे… पीछे से… जोर से… पारस… कुतिया बनाकर चोदो… आह्ह्ह…”


उन दोनों के बीच काफी देर से जबरदस्त चुदाई चल रही थी। उसमें तो फक-फक-फचाफच चुदाई की आवाजें आ रही थीं। मेरी माँ चुदाई का मजा लेती हुई बस आह-आह करती रहीं।


जब वो झड़ने के करीब आ पहुँचे तो कमर कसके पकड़ ली और अपना पूरा लंड धीरे-धीरे निकालते हुए खाली कर दिया।


थोड़ी देर बाद पारस ने माँ की चूत से अपना लंड निकाला तो देखा कि माँ की फूली हुई चूत उसके गंदे पानी से भरी हुई थी।


उसको देखकर लगा जैसे कब से माल नहीं निकाला हुआ हो। वो झड़कर काफी ज्यादा तेज-तेज हाँफने लगे थे। वह अपनी पूरी जीभ को माँ के छेद में जोर-जोर से चूसने लगा।


माँ के अंदर कई सालों से अलग ही आग भड़क उठी हुई थी। उन्होंने पारस से अपनी फूली हुई चूत के ऊपर दबाकर खूब चटवाया।


“आह्ह्ह… चाटो… पारस… अपना माल… चूस ले… आह्ह्ह… जीभ अंदर…”


उसने अपना सारा बचा हुआ पानी मम्मी के बूब्स पर गिरा दिया। उनके बूब्स हाथों के निशान से एकदम लाल हो गए थे और उनकी चूत कुछ समय पहले पूरी ढीली और सूजी हुई थी। मेरी माँ की कई महीनों बाद इतनी भयंकर चुदाई हुई थी।


ये Mom Son And Brother Sex Stories आप गरम कहानी डॉट कॉम में पढ़ रहे है!


पारस थोड़ा आराम करके फिर से तैयार हो गया। इस बार उसने माँ को चित लिटाया। उनकी दोनों टांगें अपने कंधों पर चढ़ा लीं और मिशनरी में और गहराई तक ठेलने लगा।


हर धक्का इतना जोरदार था कि बिस्तर चरमरा रहा था। माँ की आँखें बंद थीं, मुँह से सिर्फ गंदी कराहें निकल रही थीं।


“आह्हhhhh… बहुत गहरा… बच्चेदानी तक… पारस… आह्ह्ह… धीरे नहीं… जोर से ही चोदो… फाड़ दो आज…”


पारस ने एक बूब्स मुँह में ले लिया और दाँतों से हल्के काटते हुए पेलता रहा। दूसरे हाथ से उनकी गांड के नीचे से सहारा देकर और ऊपर की तरफ धकेल रहा था।


माँ की चूत से छप-छप की आवाज लगातार आ रही थी। पानी और पहले वाला वीर्य मिलकर लंड पर चिपक रहा था।


मैं दरवाजे के पीछे खड़ा अपना लंड पजामे के ऊपर से भींच रहा था। माँ की वो रंडी जैसी हालत देखकर शरीर में आग लग गई थी। उनकी मोटी गांड हर धक्के पर थरथरा रही थी, बूब्स उछल रहे थे, और चेहरे पर सिर्फ हवस थी।


कुछ देर बाद पारस ने लंड निकाला और माँ को फिर से कुतिया की पोजीशन में कर दिया। इस बार उसने लंड उनकी गांड की दरार पर रगड़ना शुरू किया। माँ सहम गईं।


“वहाँ… मत डालना… पारस… अभी… दर्द होगा…”


💋 आपको ये कहानी पसंद आएगी : मामा के बाद बेटे ने फाड़ी माँ की चूत!


पारस हँसा। “अभी नहीं डालूँगा दीदी… बस बाहर से मजा ले रहा हूँ।”


उसने फिर से चूत में डाल दिया और जोर-जोर से चोदने लगा। इस बार वो जल्दी झड़ गए। माँ की गांड पर ही अपना दूसरा राउंड माल छोड़ दिया। सफेद गाढ़ा वीर्य उनकी मोटी गांड पर फैल गया।


माँ हाँफते हुए बिस्तर पर गिर पड़ीं। शरीर पसीने से चमक रहा था। चूत से पहले वाला माल रिस रहा था, गांड पर नया चिपका हुआ था। बूब्स पर काटने और मसलने के लाल निशान साफ थे।


बाल पूरी तरह बिखरे, सिंदूर फैला हुआ, काजल बिखरा।


पारस ने अपना लंड माँ के मुँह के पास ले जाकर कहा, “साफ कर दे दीदी…”


माँ ने बिना हिचक के लंड मुँह में ले लिया और जीभ से चाट-चाटकर साफ करने लगीं। लार और वीर्य मिलाकर उनके होठों से बह रहा था।


“उम्म… ग्लक… स्वादिष्ट…”


ये Mom Son Antarvasna Story आप गरम कहानी डॉट कॉम में पढ़ रहे है!


थोड़ी देर बाद पारस अंदर से तैयार होकर कपड़े पहनने लगे। जब वे बाहर आए तो स्वीटी भाभी को देखकर बातचीत करते हुए दोनों हँसने लगे। कुछ समय बाद माँ भी निकलीं।


थोड़ा गौर से देखा तो उनका गोरा चेहरा पूरी तरह लाल था, सिंदूर फैली हुई, बाल उलझे हुए। उनके चेहरे पर पहले से ज्यादा संतुष्टि झलक रही थी।


माँ ने सामान्य स्वर में स्वीटी से पूछा, “खाना लग गया क्या?”


स्वीटी ने मुस्कुराते हुए हाँ कहा। पारस ने माँ की तरफ एक नज़र की जिसमें अभी भी हवस बाकी थी, फिर बच्चों के उपहारों की बात करने लगे।


मैं चुपचाप वहाँ से हट गया। दिल जोर-जोर से धड़क रहा था। लंड अभी भी तना हुआ था। मैंने बाथरूम जाकर मुठ मारी और माँ की कराहें, उनकी फूली हुई चूत और पारस के धक्के याद करते हुए झड़ गया।


दोस्तों, इस तरह से मैंने भाभी के भाई के साथ अपनी माँ की असली चुदाई देखी। उस दिन के बाद जब भी पारस घर आता, माँ और उसकी निगाहें मिलते ही मैं समझ जाता कि कमरे में फिर वही खेल होने वाला है।


कभी-कभी मैं जानबूझकर सुनने के लिए पास ही रहता। माँ की सिसकारियाँ और पारस की गालीयाँ अब मुझे अजीब नहीं लगती थीं।


ये Mom Son Antarvasna Story आप गरम कहानी डॉट कॉम में पढ़ रहे है!


घर में सब सामान्य चलता रहा। लेकिन मेरी आँखों में वो नजारा हमेशा के लिए कैद हो गया - मेरी संस्कारी, सिंदूर वाली माँ एक जवान लड़के के नीचे रंडी बनकर कराह रही थीं। और मैं… बस देखता रहा।


दोस्तों, ये थी घर की वो आँखों देखी गंदी कहानी। कैसी लगी, कमेंट करके जरूर बताना।

← Previous Story

Share This Story :  

🎲 Feeling Lucky? Read a Random Story

यह कहानी आपको कैसी लगी?

❤️ Love 0
😍 Wow 0
😂 Funny 0
😢 Sad 0
😡 Angry 0
👏 Clap 0

💬 Leave a Comment :-


📝 Comments :

No comments yet. Be the first to comment!