मालिश वाली लड़की ने बुझाई प्यास!
Lesbian Sex Stories : पति ने चुदाई बंद की तो मालिश वाली निधि को बुलाया! तेल लगाकर चाटी चूत! उंगली फिर जीभ से बुर की पानी निकाल बुझा दी प्यास! Free Hindi Sex XXX
कैसे को मेरे प्यारो मैं हूं प्रेमा हाज़िर हूं फिर से अपनी ज़िंदगी की एक नई कहानी लेकर जो मेरी यादों को ताज़ा करेगी आपके लंड और चूत को तरो ताज़ा करेगी।
जैसा के आप जानते हो मैं एक शादी शुदा महिला हूं मेरी उम्र 35 साल है चूंचे 36 के कमर 32 की और गांड़ 36 की है। मेरा जिस्म इतना गरम के किसी लंड पर बैठ जाऊं तो जल कर किलस जाए।
चलिए अब सुनाती हूं अपनी एक नई दास्तान - उन दिनों बारिश का मौसम था। काली घटा, ठंडी हवा महकती मिट्टी मौसम को हसीन बना रही थी।
शादी शुदा महिलाएं जानती होंगी के इस मौसम लंड की कितनी आग मचती है। वही हाल मेरा भी था ।
मेरी चूत के लंड की इतनी खुजली हो रही थी जो मैं बयान नहीं कर सकती।
मेरा पति मुझपर अब ध्यान नहीं देता उसे चूत चुदाई का तो बहुत शोक है मगर में बस काम चलाऊं चुदाई पर भरोसा नहीं करती।
मुझे चुदते समय जज़्बातो को महसूस करना पसंद है लेकिन मेरे पति को मेरे जज़्बात नहीं बस चूत का छेद दिखता है।
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इस वजह से मैने उससे चुदना अब बंद कर दिया है। मगर निगोडी ये चूत नहीं मानती वो दिन शुकवार का था जब इस कहानी ने जन्म लिया।
मेरी चूत में इतनी अधिक आग मची हुई तो मैने एक खीरा लेकर चूत में चढ़ा लिया मगर खीरे से आग नहीं बुझ सकती ।
उस दिन बारिश भी बहुत थी आसपास भी कोई नहीं था जिसे मैं अपनी चूत की आग में जला सकती।
तभी मेरी कीमत चमकी मेरे पास निधि का कॉल आया मैने फोन उठाया और उससे बात करी वो बोली -
“दीदी बहुत दिन हो गए अपने बॉडी मसाज के लिए नहीं बुलाया मैं आज फ्री हूं कहो तो आ जाऊं।"
मेरे दिमाग में ख्याल आया चलो आज निधि से ही अपनी चूत को शांत करा जाए। मैने निधि को एक घंटे बाद आने के लिए बोल दिया।
बारिश थोड़ी रुकी हुई थी मैने एक नाइटी पहनी जो बहुत हल्की थी उसके अंदर से मेरा पूरा भरा पूरा जिस्म साफ दिख रहा था।
मेरे चूंचे उनके भूरे मोटे खड़े निप्पल गोल पेट मस्त मोटी गांड़ और फूली हुई चूत इस रूप में कोई मर्द मुझे देखले तो बिना चोदे ज़िन्दा नहीं रह पाएगा।
मैने टीवी पर एक सेंक्सी फिल्म लगाई और उसे देखने लगी इतनी देर में निधि आ गई। मैने दरवाज़ा खोला और वो अंदर आई।
निधि को मैने बहुत दिनों बाद देखा था वो एक 25 साल की कॉलेज स्टूडेंट है जो यहां दिल्ली में पढ़ाई करती है और ऊपर के खर्च मसाज कर के पूरे करती है।
निधि अपनी उम्र के मुकाबले काफी बड़ी लगती है उसके चूंचे 30 के है जैसे वो रोज़ किसी से दबवाती हो।
उसकी गांड़ 28 की और भी 28 की है लेकिन गांड़ की गोलाई बहुत मस्त है।
उसके काले बाल बड़ी आंखे कर चटकीले होठ देखकर पहले भी मेरे दिल ख्याल आया की इसको चख कर देखूं मगर कभी मौका नहीं मिला।
निधि अपनी मटकती गांड़ लेकर अंदर आई और मसाज की तैयारी करने लगी।
उसने चटाई लगाई और तेल निकालकर रखा तोलिया लगाया और मुझे लेटने का इशारा दिया।
मैं आकर लेट गई घर में अंदर आने से मेरे लेटने तक निधि की नज़रे मेरे कामुक जिस्म को घूर रही थी। मुझे उसकी नज़रे देखकर मुस्कान आ गई।
मैं उल्टी होकर लेटी और निधि ने अपना काम शुरू करा उसने पहले मेरी नाइटी को घुटनों से ऊपर कर दिया ।
फिर तेल लेकर अपने हाथों पर लगाया उसके बाद मेरे पैरों पर मलने लगी।
वो मालिश करते हुए थोड़ी बात करने लगी “दीदी आप थोड़ी थकी हुई लग रही हो तब्यत ठीक नहीं लगती आपकी।"
मैने बोला " हाँ इन दिनों थोड़ी थकान ज़्यादा रही थी अच्छा हुआ तू ने कॉल कर ली।”
वो धीरे धीरे मालिश करते हुए मेरी घुटनों तक आ गई उसके हाथ किसी फूल की तरह नर्म थे। मेरे जिस्म को सचमे आराम मिल रहा था।
साथ ही साथ मेरी चूत में भी आग भड़क रही थी। मैने उस फिल्म को दोबारा चालू करा जो देख रही थी। उस फिल्म में एक चुदाई का सीन चल रहा था।
निधि उसे देखने लगी और मेरी मालिश करने लगी। वो बोली " दीदी आप ये सब भी देखती हो।” मैने बोला " अरे आज कल यही सब चलता है क्या करे।”
मैने उसको पूछा उसके बॉयफ्रेंड के बारे में तो उसने बताया आज कल उसका झगड़ा चल रहा है। मैने उससे हमदर्दी देते हुए बात की।
मैने उससे मालिश थोड़ा ऊपर करने को कहा वो गांड़ तक आ गई थी उसने मेरी नाइटी ऊपर की और गांड़ पर तेल लगाकर मालिश करने लगी।
बहुत दिनों से इस गांड़ को किसी ने नहीं छुआ था आज निधि का हाथ लगना भर अच्छा लग रहा था। वो मेरी गांड़ की गोलाई को अच्छी तरह मसल रही थी।
टीवी में चुदाई के सीन आने लगे थे निधि भी गरम होने लगी थी इसका पता लग रहा था क्योंकि उसने दो तीन बार मेरी चूत तक अपनी उंगली लगाई थी।
वो मुझसे पूछने लगी “दीदी कैसा लग रहा है आपको?" मैने कामुक आवाज़ में कहा “अच्छा लग रहा है मेरी जान थोड़ा गहराई तक तेल लगादे।"
उसने पूछा “पक्का दीदी लगा गहराई में देदू ?" मैने ह्म्म कर दिया। निधि मेरी टांगे के बीच में आकर बैठ गई और मैने अपनी टांगे खोलकर उसके मुंह के सामने थोड़ी उठा दी।
मेरी गांड़ का छेड़ निधि के सामने था उनके बहुत सारा तेल हाथ में ले लिया फिर मेरी नाइटी को कमर तक उठा दिया उसके बाद सारा तेल गांड़ पर उड़ेल दिया।
तेल बहते बहते मेरी गांड़ से चूत तक गया मेरे जिस्म में सुरसुरी होंने लगी। निधि ने पहले अच्छे से गांड़ को मसला उसके बाद चूत की तरफ आने लगी।
उसने अपनी एक उंगली चूत पर रखकर सहलाई । मेरी सांसे तेज़ होने लगे वो मेरी चूत को अपनी तेल में भीगी उंगली से सहला रही थी।
मेरी सांसे हम्ममम! ओह्ह फ्रह्ह्ह्हः आअआअह ह्म्म्ममम ओह्ह्ह्ह हम्ममम ओह्ह्ह्ह निधि ह्म्म्ममम। की आवाज़ ने बहक रही थी।
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निधि ने अपनी एक उंगली बहुत आराम से मेरी चूत के अंदर चढ़ा दी आअआअह मेरी आह निकली वो धीरे धीरे मेरी चूत में उंगली अंदर बाहर अंदर बाहर करने लगी।
मैं उल्टी लेती हुई मचल रही थी निधि मेरी चूत में उंगली घुमा रही थी और हल्की हल्की मुस्कुरा रही थी वो बोली ।
“दीदी बहुत प्यासी लगती हो लगता है काफी दिनों से तुम्हारा सेवा पानी नहीं करा भैया ने।"
मैं बोली “अरे बस मत पूछ पति तो मेरा बेकार ही निकला समझो अब तो बस दूसरे सहारो से खुदको सुकून देने की कोशिश करती हूं।"
निधि ने उंगली थोड़ी तेज़ी से चलानी शुरू कर दी मुझे मज़ा आने लगा मैं उससे आगे कुछ इससे ज़्यादा करने को कहने लगी।
निधि ने मेरी टांगे खोली फिर अपने मुंह को मेरी चूत पर लगादी। वो मेरी चूत को चाटने लगी अपनी जीभ को मेरी चूत में घुसाने लगी ।
मैं मछली की तरह तड़प रही थी वो पूरी रफ्तार से मेरी चूत में जीभ देकर चाट रही थी मेरी चूत से हल्का हल्का पानी आ रहा था।
उसके बाद निधि ने मुझे पलटा और सीधा कर दिया मेरी नाइट उतारकर मैने एक तरफ डाली निधि ने मेरे पेट पर मेरे चूचों पर तेल गिराया।
तेल गिरा वो खड़ी हुई और पाने कपड़े खोलने लगी। मैं एक एक कर के उसके कपड़ों को गिरता देखने लगी मेरे सामने ही निधि पूरी नंगी होकर खड़ी हो गई।
फिर वो मेरी टांगे खोलकर बीचमे बैठी और मुझे अपनी तरफ खींची और मेरे शरीर पर लगे तेल को मालिश करने लगी।
उसने अच्छे से मेरे पेट पर मालिश करी उसके बाद मेरे चूचों को मसलने लगी। वो मेरे ऊपर लेटकर चूंचे चूमने लगी।
मेरे कान के पास आकर वो बोली “दीदी परेशान मत हो तुम्हारी प्यास मैं शांत कर दिया करूंगी।" इतना बोलकर उसने अपने होठ मेरे होठ पर रख दिए।
होठों पर होठों रखने के बाद वो अपने जिस्म को मेरे जिस्म से रगड़ने लगी जैसे लंड को चूत पर घिसते है वैसे ही वो अपनी चूत मेरी चूत से मसल रही थी।
वो मेरे होठ लगातार चूस रही थी अपनी जीभ मेरे मुंह में देकर मेरे होठों को खा रही थी।
मैं उसके बाल सहला रही थी अपनी जीभ उसके मुंह में देकर उसको चुसवां रही थी।
उसके बाद उसने मेरे होठों छोड़े फिर थोड़ा उठकर जिस्म से जिस्म को सहलाने लगी। उसके छोटे चूंचे मेरे चूचों से रगड़ खा रहे थे।
उसके निप्पल मेरे निप्पल से लड़ रहे थे। वो अपनी चूत को मेरी चूत पर मसल रही थी। फिर मेरे जिस्म को चूमते चूमते वो नीचे जाने लगी।
मेरे चूचों पर आकर वो निप्पल चूसने लगी। निधि किसी छोटे बच्चे की तरह मेरे निप्पल खींच रही थी और पी रही थी जैसे सचमे दूध आ रहा हो।
मेरे मुंह से लगातार आआह ओह्ह फ्रह्ह्ह्हः आअआअह ह्म्म्ममम ओह्ह्ह्ह हम्ममम ओह्ह्ह्ह निधि ह्म्म्ममम। की सिसकियां जारी थी।
पूरा रूम हवस की आग में जल रहा था। निधि एक बाद एक दोनों निप्पल चुस्ती और चूचों को दबाती। हम दोनों की चूत गीली हुई जा रही थी।
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उसके बाद निधि घूमी उसने मेरे मुंह पर अपनी चूत लगा दी और मेरी चूत को चाटने लगी मैने भी उसकी रसीली चूत को चूमना चाटना चालू कर दिया।
हम दोनों एक दूसरे की चूत पी रह थे मैने उसकी चूत में उंगली करनी शुरू के दी। हम दोनों के जिस्म गर्म हो गए थे।
हम दोनों के मुंह से ओह्ह फ्रह्ह्ह्हः आअआअह ह्म्म्ममम ओह्ह्ह्ह हम्ममम ओह्ह्ह्ह निधि ह्म्म्ममम।
ओह्ह फ्रह्ह्ह्हः आअआअह ह्म्म्ममम ओह्ह्ह्ह हम्ममम ओह्ह्ह्ह निधि ह्म्म्ममम। की वासना निकल रही थी।
करीब 20 मिनट तक एक दूसरे को चखने के बाद मैं झड़ने वाली थी मैने निधि को बोला “निधि मेरा पानी निकलने वाला है।"
वो बोली “दीदी बस थोड़ा सा रोकलो" वो जल्दी से पलती मेरी एक टांग को उसने उठाया और चूत को चूत पर रगड़ने लगी उसे देखकर लग रहा थे।
जैसे निधि के पास लंड है और वो मेरे चूत में धक्के लगा रही है। मेरी चूत में से पानी आने लगा वो जल्दी से मेरी चूत के ऊपर मुंह रखकर बैठी।
उसने मेरी चूत पर मुंह लगाया और मेरी चूत के दाने को रगड़ने लगी ओह्ह फ्रह्ह्ह्हः
आअआअह ह्म्म्ममम ओह्ह्ह्ह हम्ममम ओह्ह्ह्ह निधि ह्म्म्ममम करते करते मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया।
निधि ने जल्दी से मेरी चूत पर मुंह लगाया और निकलते हुए पानी को पीने लग गई। मेरे मुंह से सिसकिया निकल रही थी वो मेरी चूत में मुंह देकर बैठी थी।
मैने अपने हाथ उसके बाल में दिये और चूत पर दबाने लगी मेरा बस चलता तो निधि को पूरा अपनी चूत के अंदर ले लेती।
अगले दस मिनट मेरी चूत ने बहुत पानी निकाला मैने निधि का चेहरा देखा वो बुरी तरह भीगी हुई थी उसके पूरे चेहरे पर मेरी वासना का पानी था।
मुझे निधि ने सचमे चरमसुख पर पहुंचा दिया था उसने मुझे खुश कर दिया ।
उसके बाद वो मुझे अपने साथ बाथरूम में ले गई उसने अच्छे से मुझे नहलाया और खुद भी नहाई।
जाते जाते मैने उसे पांच हज़ार रुपये दिए वो भी खुश हो गई और कहने लगी दीदी अगली बार जल्दी बुलाना। मैने उसे पकड़कर उसके होठों को चूमा और वापस आ गई।
ये Antarvasna Hindi Sex Kahani आप लोगों को कैसी लगी कॉमेंट करके जरूर बताना! धन्यवाद।
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