रंडी बहन अब मेरी पत्नी है!

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Desi Sex Story : "मैं तेरी रंडी पत्नी!" कहकर बहन ने भाई के लंड को लिया चूत और गांड में! सिंदूर लगवाकर बालकनी में मरवाई अपनी गांड! नए शहर में बहन को बनाया छिनाल!


अभी तक आपने "बहन की चुत की खुजली भाई ने मिटाई!" में पढ़ा :-


" “हाईइइइ भैया...” वो बोली।


मैं उसे अपने रूम ले गया। प्लान बना लिया था कि अगले 3 साल तक रोज चोदूंगा। इसलिए बोला, “कोमल, हॉस्टल का इंतजाम कर दूं?”


कोमल – “भैया हॉस्टल में आजादी नहीं, खाना भी खराब...”


मैं – “तो हम एक ही कमरे में रहें?”


उसने हल्की सी स्माइल दी – “ओके भैया... जैसी तुम्हारी मर्जी।” "


अब आगे :-


मैंने कहा, “लेकिन ये बात छुपानी होगी। हम पति-पत्नी की तरह रहेंगे।”


कोमल ने नशीली आँखों से घूरा और बोली, “ठीक है भैया... हम आज से पति-पत्नी हैं...”


फिर हमने नया रूम ढूंढा। शहर से दूर जंगल जैसा इलाका, 8-12 घर, भूतिया शांत जगह। वहाँ मकान मालिक आंटी सनी लियोन जैसी लग रही थीं। मैंने उनके स्तनों को घूरते हुए कहा, “आंटी, हमें कमरा चाहिए। मैं और मेरी बीवी।”


आंटी ने कोमल को देखा – “वाह बड़ी सुंदर है।”


हमने रूम ले लिया। सामान रखते वक्त कोमल बोली, “क्या बात है मेरे पति... आंटी को शक भी नहीं हुआ।”


नए कमरे में सामान रखते वक्त कोमल झुककर बैग खोल रही थी। उसकी मोटी काली गांड मेरे सामने ऊपर-नीचे लहरा रही थी। टाइट जीन्स में गांड की गहरी दरार साफ दिख रही थी।


मेरा दिल किया कि अभी पीछे से उसे पकड़कर उसकी गांड चाट लूं और अपना 8 इंच का काला मोटा लंड उसकी चूत में ठोक दूं। लेकिन मैंने किसी तरह कंट्रोल कर लिया। उसकी सेक्सी गांड देखकर मेरा लंड पैंट में तन गया था।


मैंने कहा, “कोमल, मैं खाने का बंदोबस्त करके आता हूँ।” वो बोली, “ठीक है भैया... जल्दी आना।”


मैं होटल गया, खाना पैक करवाया। रास्ते में सोच रहा था – हम पति-पत्नी की तरह रह रहे हैं, लेकिन उसके गले में मंगलसूत्र नहीं है। आंटी कभी भी शक कर सकती है। इसलिए मैंने एक सुंदर मंगलसूत्र और सिंदूर खरीद लिया।


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जब मैं कमरे के पास पहुंचा तो अंदर से कोमल की आवाज आ रही थी। वो किसी आदमी से फोन पर बात कर रही थी। ये Desi Sex वाली Married Sister Hindi Sex Kahani आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे हो।


कोमल: “हेलो सर... मैं जयपुर पहुंच गई हूँ... आज नहीं, कल आपके पास आऊंगी... अरे सर, अब तो मैं आपकी ही हूँ... मुझे चाहे जितना चोदो... गांड मारो... दूसरे लड़कों से भी चुदवा दो... मुझे क्या फर्क पड़ता है... मैं तो अब यहीं करती हूँ...”


फोन काटते ही मुझे पूरा यकीन हो गया कि मेरी बहन सच में प्रोफेशनल रंडी है। अब अंदर का डर भी खत्म हो गया। मैं बिना दरवाजा खटखटाए अंदर घुस गया।


अंदर क्या देखता हूँ – कोमल पूरी नंगी खड़ी थी और अपनी झांट के बाल साफ कर रही थी। उसकी गीली चूत और काली गांड साफ दिख रही थी।


मुझे देखकर वो शरमाई, तुरंत खड़ी हो गई और धीरे-धीरे अंदर जाने लगी।


लेकिन मैं तो उसकी चूत के दाने को देखकर पागल हो चुका था। मैं बाथरूम में घुस गया और जोर-जोर से मुठ मारने लगा – “आह्ह्ह कोमल रंडी... तेरी नंगी चूत... अह्ह्हह...”


कुछ देर बाद जब मैं बाहर आया तो वो सिर्फ ब्रा और पैंटी पहने सामने खड़ी थी। हल्की सी सेक्सी स्माइल देते हुए बोली, “दरवाजा खटखटाकर नहीं आ सके थे क्या भैया?”


मैंने “सॉरी” कहा और बोला, “यार हम दोनों पति-पत्नी हैं, लेकिन तुम्हारी मांग में सिंदूर नहीं और गले में मंगलसूत्र भी नहीं। कहीं आंटी ने पकड़ लिया तो?”


कोमल बोली, “हां... सही कह रहे हो।”


मैंने कहा, “ये लो, मैं तुम्हारे लिए दोनों चीजें लाया हूँ।”


कोमल ने मुस्कुराते हुए कहा, “तुम ही पहनना दो...”


मैंने कहा, “ये तो शादी जैसा हो जाएगा।”


वो बोली, “अरे दूसरों को क्या पता चलेगा... बात तो हमारे बीच ही रहेगी... मैं तो तेरी पत्नी ही हूँ अब...” और वो सेक्सी स्माइल देने लगी।


मैंने उसे मंगलसूत्र पहनाया और मांग में सिंदूर भर दिया। वो हंसने लगी और मुझे किस कर लिया।


मैं पागलों की तरह उसे किस करने लगा – उसके होंठ चूसता, जीभ अंदर डालता। उसके बड़े स्तन मेरी छाती से दब रहे थे।


तभी आंटी जी ने दरवाजा खटखटाया और पूछा, “तुम लोग कहाँ सोने वाले हो?” मैंने कहा, “आंटी जी, हम यहीं जमीन पर सोएंगे।” उन्होंने “ठीक है” कहा और चली गईं।


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मैंने कोमल से कहा, “तुम शाम को साड़ी पहन लेना।” वो मेरे इशारे को समझ गई। उसने अपने साथ लाई हुई हरी रंग की पारदर्शी साड़ी पहन ली। मैं बाहर घूमने चला गया।


जब मैं घूमकर वापस आया तो मुझे बहुत जोर से पेशाब लगा। मैं बाथरूम की तरफ गया। दरवाजा खोलते ही मेरा दिमाग सटक गया। 


कोमल हरी साड़ी पहने कुतिया स्टाइल में बैठी पेशाब कर रही थी। काले-काले बाल उगे हुए थे। पेशाब की तेज धार “सिस्स्स्स...” की आवाज के साथ निकल रही थी।


साड़ी का पल्लू गिर गया था। पारदर्शी साड़ी से उसके भारी स्तन साफ दिख रहे थे। उजली ब्रा के अंदर काले-काले निप्पल उभरे हुए थे।


मैंने देखा और मेरा लंड फटने को तैयार हो गया। मैंने ठान लिया – आज इस रंडी बहन को इतना चोदूंगा कि उसका सारा रंडीपना निकल जाएगा। मैं अंदर गया।


“मनीष यहाँ क्या कर रहे हो?” कहते हुए मैंने उसकी बाईं चुची सहलाते हुए उसे अपनी बाहों में भींच लिया। फिर हाथ पीठ पर ले जाकर ब्रा की हुक खोल दी। ब्रा गिरते ही उसके बड़े-बड़े नंगे स्तन बाहर आ गए।


मैंने एक निप्पल मुंह में ले लिया, जोर से चूसने और काटने लगा। दूसरा हाथ उसकी चूत में डालकर उंगली करने लगा।


“आआआह्ह्ह... भैया... उफ्फ्फ... जोर से... अह्ह्हह...” कोमल सिसकार रही थी।


मैंने उसे पूरी तरह नंगी कर दिया। साड़ी को कमर तक चढ़ा दिया। उसकी चूत पर अपना काला मोटा लंड सेट किया। आधा लंड घुसाने की कोशिश की लेकिन उसकी चूत बहुत टाइट थी।


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मैंने फिर जोर लगाया – “हच्...!” की आवाज के साथ आधा लंड अंदर चला गया।


कोमल की आँखों से आंसू निकल आए। “आआआउउ... साले भड़वे... निकाल इसे... बहुत मोटा है... अह्ह्हह... फाड़ दी मेरी चूत...”


मैंने उसे बाहों में भींचा, गालों और होंठों को चूमते हुए एक और जोरदार धक्का मारा। पूरा 8 इंच का लंड उसकी चूत में समा गया।


कोमल ने मेरे सर को अपनी बाहों में भींचा, बालों में उंगलियाँ फेरते हुए चिल्लाई, “आआआह्ह्ह... साले... धीरे... आउउ... हां... और जोर से... चोद अपनी रंडी पत्नी को...”


मैंने पूछा, “क्या तुम अभी पीरियड में हो?” कोमल बोली, “नहीं... कल ही खत्म हुए हैं... रंडी के... मैं तेरी पत्नी हूँ... अभी-अभी सिंदूर लगवाया है... तेरी बहन कम तेरी पत्नी हूँ...”


मैंने उसके स्तनों को बुरी तरह मसलते हुए कहा, “तो क्या मैं तुम्हें ऐसे ही रोज चोद सकता हूँ?”


कोमल मेरे बालों में उंगलियाँ फेरते हुए बोली, “कुत्ते... मैं मना कहाँ कर रही हूँ... तू इतना टेंशन क्यों ले रहा है... अब चल मुझे चोद... फाड़ दे मेरी चूत...”


मैंने उसके बाल पकड़कर ऊपर उठाया। हम दोनों खड़े हो गए। मैंने लंड चूत के छेद पर रखा और एक जोरदार झटके से पूरा लंड अंदर पेल दिया। “आआआह्ह्ह... मजा आ रहा है... हां और तेज... अह्ह्हह... भाई का मोटा लंड... ले रंडी बहन...”


मैं जोर-जोर से चोदने लगा। उसकी चूत अब पूरी तरह गीली हो चुकी थी। “पच पच... पच पच...” की आवाज हो रही थी।


जब मेरा निकलने वाला था तो मैंने पूछा, “कहाँ निकालूँ?” वो बोली, “मेरे मुंह में झाड़ दो...”


 मैंने लंड निकाला, उसे घुटनों पर बैठाया और पूरा माल उसके मुंह में झाड़ दिया। वो बड़े प्यार से सारा माल पी गई। ये Family me Bhai-Bahan Ki Antarvasna Free Hindi Sex Story आप Garamkahani.com  पर पढ़ रहे हो।


“मम्म्म... भैया का गर्म माल... बहुत स्वादिष्ट है...” कहते हुए उसने आखिरी बूंद भी चूस ली।


हम थोड़ी देर आराम कर रहे थे कि कोमल की चूत फिर से खुजलाने लगी। वो मेरे ऊपर चढ़ गई और मेरे कान में फुसफुसाई, “भैया... अभी तो सिर्फ शुरुआत है... मेरी चूत अभी भी भूखी है... आज रात भर चोदो अपनी रंडी पत्नी को...”


मैं मुस्कुराया और बोला, “चल रंडी... आज तुझे हर तरीके से चोदूंगा।”


पहला राउंड - Standing Doggy Style (Bathroom)


मैंने कोमल को उठाकर बाथरूम ले गया। शावर खोल दिया। गर्म पानी दोनों के शरीर पर गिरने लगा। मैंने उसे दीवार की तरफ मुंह करके खड़ा किया, पीछे से उसकी मोटी काली गांड पकड़ी और लंड उसके चूत के छेद पर रगड़ा।


“आह्ह्ह... भैया... मत tease करो... डाल दो अंदर...” कोमल ने गांड पीछे की तरफ हिलाई।


मैंने एक जोरदार धक्का मारा – “हच्!” पूरा 8 इंच का काला लंड उसकी चूत में घुस गया। “आआआह्ह्ह... फाड़ दिया... साले भड़वे... बहुत मोटा है तेरा लंड... अह्ह्हह... चोद अपनी बहन की चूत... हां और जोर से...”


मैंने उसके बाल पकड़ लिए और तेज-तेज धक्के मारने लगा। पानी की छप-छप की आवाज के साथ “पच पच पच” चुदाई की आवाज गूंज रही थी।


“ले रंडी बहन... ले अपनी भाई का लंड... तेरी टाइट चूत को फाड़ रहा हूँ... आह्ह्ह... कितनी गीली है तेरी चूत... साली छिनाल...”


कोमल दीवार पकड़े चिल्ला रही थी, “हां भैया... फाड़ दो... मेरी चूत तुम्हारी है... रोज चोदना... आआआह्ह्ह... गांड भी मारना... मैं तुम्हारी पत्नी रंडी हूँ... अह्ह्हह... और तेज... मुझे झाड़ दो...”


मैंने उसकी कमर पकड़कर और भी तेज पेलाई की। 8 मिनट बाद वो पहली बार झड़ गई – “आआआह्ह्ह... निकल गया... अह्ह्हह... भैया मैं झड़ गई...” उसकी चूत से पानी की धार निकली। लेकिन मैंने नहीं रोका।


दूसरा राउंड – मिशनरी पोजीशन (बेड पर)


मैंने उसे बेड पर पटका, पैर फैलाए और ऊपर चढ़ गया। लंड फिर से उसकी चूत में घुसा दिया। अब आमने-सामने देखते हुए चोद रहा था।


“देख रंडी... भाई का लंड तेरी चूत में कैसे घुस रहा है...” कोमल मेरी पीठ पर नाखून गड़ाए चिल्लाई, “आह्ह्ह... देख रही हूँ... बहुत गहरा जा रहा है... हां... चूसो मेरी चुचियां... काटो निप्पल...”


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मैंने उसके एक स्तन मुंह में ले लिया, जोर से चूसते और काटते हुए चोद रहा था। “तुम मेरी पत्नी हो... लेकिन रंडी भी हो... रोज तेरी चूत और गांड मारूंगा... बोल... पसंद है ना भाई का लंड?”


कोमल आँखें बंद करके चिल्लाई, “हां पसंद है... बहुत पसंद है... मैं तुम्हारी रंडी पत्नी हूँ... जितना चाहो चोदो... गांड में भी डालो... आआआह्ह्ह... मुझे प्रेग्नेंट कर दो भैया... तेरे बच्चे की माँ बनना चाहती हूँ... अह्ह्हह... तेज... तेज... फाड़ दो...”


मैंने उसके पैर अपने कंधे पर रखे और गहरी पेलाई की। कमरा सिर्फ उसकी चीखों और चुदाई की आवाज से भर गया था।


तीसरा राउंड – रिवर्स काउगर्ल + गांड चुदाई (बालकनी में)


रात के 2 बजे थे। मैंने उसे नंगी ही बालकनी में ले गया। बाहर हल्की ठंडी हवा चल रही थी। मैं कुर्सी पर बैठ गया। कोमल मेरे सामने पीठ करके बैठी और लंड अपनी चूत में डाल लिया।


“आह्ह्ह... भैया... बाहर चोद रहे हो... कोई देख लेगा तो...” मैंने उसकी गांड थपथपाते हुए कहा, “देख ले रंडी... सबको पता चल जाए कि तू मेरी चुदक्कड़ बहन है... अब चुद...”


कोमल ऊपर-नीचे उछल-उछलकर चुदने लगी। उसके बड़े स्तन हिल रहे थे। “हां... ले लो... मेरी चूत... अह्ह्ह... मजा आ रहा है... भाई का लंड... बहुत मोटा... फट रही हूँ...”


कुछ देर बाद मैंने उसे झुका दिया और लंड उसकी गांड पर रखा। “अब तेरी गांड मारता हूँ रंडी...” कोमल बोली, “धीरे से डालना... पहली बार है गांड में... आआआह्ह्ह...”


मैंने क्रीम लगाई और धीरे-धीरे पूरा लंड उसकी टाइट गांड में ठोक दिया। “आउउउ... फाड़ दी... साले... बहुत दर्द हो रहा है... लेकिन मजा भी आ रहा है... चोदो मेरी गांड... हां... जोर से... मैं तुम्हारी गांड रंडी हूँ...”


मैंने उसकी कमर पकड़कर तेज-तेज गांड मारना शुरू कर दिया। “ले छिनाल... तेरी गांड भी मेरी है... पूरी रात चुदेगी... आह्ह्ह... कितनी टाइट गांड है तेरी...”


कोमल रोते-चिल्लाते हुए भी गांड पीछे करके ले रही थी, “हां भैया... मारो... फाड़ दो गांड... मैं तुम्हारी प्रॉपर्टी हूँ... रोज चूत और गांड दो दोनों... आआआह्ह्ह... निकल रहा है...”


आखिरकार मैंने उसकी गांड में ही पूरा माल झाड़ दिया। वो थककर मेरे सीने पर गिर गई।


खाते वक्त उसने अपनी सारी बात बता दी कि वो यहाँ रंडी बनकर आई है, मॉडलिंग नहीं करनी। मैं बहुत खुश हुआ।


मैंने कहा, “कोई बात नहीं... मैं तुम्हारे लिए कस्टमर लेकर आऊंगा... हम दोनों मिलकर पैसे कमाएंगे... तो दोस्तों मैं आपको अगले पार्ट में बताऊंगा कि कैसे मैं अपनी बहन के साथ धंधा खोल लिया, और अब हम मस्त लाइफ जीते हैं।


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