एक महीने तक छोटे भाई की बीवी चोदी!


Family Sex Story : कैसे मैंने अपने छोटे भाई की प्यासी भाभी प्रिया की चूत और गांड को पूरे एक महीने तक रोज चोदा, उसके मोटे स्तन चूसे और भर दिया चुत अपने वीर्य से!



मेरा नाम रोहन है। उम्र 32 साल। मैं दिल्ली में एक अच्छी सी सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करता हूँ। मेरा छोटा भाई आर्यन 28 साल का है। वो शादीशुदा है। उसकी बीवी प्रिया 26 साल की, बेहद खूबसूरत।


गोरी चिट्टी, लंबे काले बाल, बड़ी-बड़ी आँखें और वो मोटी-मोटी जांघें जो साड़ी में भी साफ नजर आती हैं। उनकी शादी को दो साल हो चुके थे, लेकिन अभी तक कोई बच्चा नहीं था।


हम तीनों एक ही घर में रहते थे। मम्मी-पापा गाँव चले गए थे, तो घर की सारी जिम्मेदारी हम तीनों पर थी। आर्यन बैंक में जॉब करता था, सुबह 9 बजे निकल जाता और शाम 7-8 बजे तक लौटता।


मैं वर्क फ्रॉम होम था, इसलिए दिन भर घर पर ही रहता। प्रिया घर संभालती, खाना बनाती और कभी-कभी मेरे लिए चाय-कॉफी लेकर आ जाती।


शुरुआत में सब कुछ नॉर्मल था। लेकिन धीरे-धीरे मुझे प्रिया में कुछ खास नजर आने लगा। वो जब भी मेरे कमरे में आती, तो उसकी साड़ी का पल्लू थोड़ा सरक जाता।


उसकी ब्लाउज के ऊपर से उसकी गोल-गोल छातियाँ हिलती दिखतीं। मैं कोशिश करता कि न देखूँ, लेकिन नजरें खुद-ब-खुद वहाँ चली जातीं।


एक दिन सुबह का वक्त था। आर्यन ऑफिस चला गया था। मैं लैपटॉप पर काम कर रहा था। प्रिया चाय लेकर आई।


"भैया, चाय।" उसने मुस्कुराते हुए कहा।


उस दिन वो हल्की सी पीली साड़ी पहने थी। ब्लाउज काफी टाइट था। जब वो झुकी तो उसकी गहरी व्हाइट क्लिवेज साफ दिख गई। मेरी सांस अटक गई।


"थैंक्यू प्रिया।" मैंने कहा और कोशिश की कि नजरें ऊपर रखूँ।


लेकिन वो वहाँ खड़ी रही। "भैया, आजकल आप ज्यादा काम कर रहे हो। थोड़ा आराम भी कर लिया करो।"


उसकी आवाज में कुछ मुलायमपन था। मैंने हँसकर कहा, "तुम्हीं तो घर संभालती हो, मैं तो बस लैपटॉप देखता हूँ।"


वो मुस्कुराई और चली गई। लेकिन जाते वक्त उसकी कमर मटक रही थी। मैंने सोचा, शायद मेरा मन भ्रम देख रहा है।


फिर अगले कुछ दिन ऐसे ही बीते। छोटी-छोटी बातें। कभी वो मेरे कमरे में झाड़-पोंछ करने आती, तो मैं बिस्तर पर लेटा रहता। उसकी साड़ी की घंटी बजती, उसकी जांघें दिखतीं।


एक बार तो वो झुककर कुछ उठाने लगी, तो उसकी गांड का गोलाकार आकार मेरे सामने था। मेरे लंड में हल्की सी सिहरन हुई।


मैंने खुद को कंट्रोल किया। "ये मेरी भाभी है, आर्यन की बीवी।" लेकिन रात को सोते वक्त उसके शरीर की याद आती और लंड खड़ा हो जाता।


धीरे-धीरे हमारी बातें बढ़ने लगीं। शाम को जब आर्यन नहीं होता, तो वो मेरे पास बैठकर टीवी देखती। कभी-कभी उसके पैर मेरे पैर को छू जाते। वो हँसती, "सॉरी भैया।"


एक शाम वो सलवार सूट में थी। सूट काफी फिटिंग था। उसके बड़े स्तन ऊपर-नीचे हो रहे थे। हम दोनों सोफे पर बैठे थे। फिल्म में एक रोमांटिक सीन आया।


🔥 एक और कामुक स्टोरी : एक महीने तक छोटे भाई की बीवी चोदी! 02

प्रिया ने कहा, "भैया, आपकी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या?"


मैंने हँसकर कहा, "नहीं, अभी तक नहीं मिली सही वाली।"


"अच्छी लड़की ढूंढनी चाहिए।" वो बोली और मेरी तरफ देखा। उसकी आँखों में कुछ चमक थी।


मैंने मजाक में कहा, "तुम जैसी तो मिल ही नहीं रही।"


वो शरमा गई, लेकिन हँस पड़ी। "भैया, आप भी न..."


उस रात मैंने पहली बार उसके बारे में सोचकर मुठ मारी। उसके मोटे होंठ, बड़ी छातियाँ, गोल गांड... सब याद आ रहा था।


अगले दिन वो मेरे लिए नाश्ता लेकर आई। इस बार उसने हल्का मेकअप किया था। लिपस्टिक लगाई थी।


"भैया, ट्राई करो। मैंने नया रेसिपी बनाया है।"


जब वो मेरे पास खड़ी थी, तो उसकी कमर मेरे कंधे के पास थी। मैंने हिम्मत करके कहा, "प्रिया, तुम आज बहुत अच्छी लग रही हो।"


वो मुस्कुराई, "सच? आर्यन तो कभी कहता ही नहीं।"


उसकी आवाज में थोड़ी निराशा थी। मैंने मौका देखा। "आर्यन बहुत बिजी रहता है ना?" ये Pregnent  Fantasy से भरपूर Dewar Bhabhi Ki Chudai Ki Kahani आप Garam kahani पर पढ़ रहे है। 


"हाँ... दिन भर काम, शाम को थक जाता है।" उसने सांस भरकर कहा।


मैंने उसके हाथ पर हल्का सा हाथ रखा। "अगर कभी कुछ चाहिए तो बताना। मैं हूँ ना।"


उसने मेरी आँखों में देखा। कुछ सेकंड्स तक नजरें मिली रहीं। फिर वो हाथ खींचकर चली गई। लेकिन उसके चेहरे पर हल्की सी लाली थी।


इसके बाद सेडक्शन धीरे-धीरे बढ़ने लगा।


एक दिन बिजली चली गई। गर्मी बहुत थी। प्रिया ने हल्का सा नैटी पहन रखा था। वो मेरे कमरे में आई। "भैया, यहाँ पंखा चल रहा है ना?"


"हाँ, आ जाओ।"


वो मेरे बिस्तर के पास बैठ गई। पसीने से उसकी गर्दन चमक रही थी। ब्लाउज के ऊपर से ब्रा की लाइन दिख रही थी। मैं उसके पास बैठ गया।


"बहुत गर्मी है ना?" मैंने कहा।


"हाँ... शरीर जल रहा है।" उसकी आवाज भारी थी।


मैंने हिम्मत करके उसके कंधे पर हाथ रखा। "आराम से बैठो।"


वो कुछ नहीं बोली। सिर्फ सांस ले रही थी। मेरी उंगलियाँ उसके कंधे पर हल्के-हल्के घूम रही थीं। उसने आँखें बंद कर लीं।


"भैया..." उसने धीरे से कहा।


मैंने रुक गया। लेकिन वो खुद मेरी तरफ झुक गई।


उस दिन सिर्फ इतना ही हुआ। लेकिन हवा में कुछ बदलाव आ चुका था।


उस दिन के बाद प्रिया के व्यवहार में एक खास बदलाव आने लगा। वो मेरे कमरे में ज्यादा आने लगी। छोटी-छोटी बहानें बनाती — कभी पानी का ग्लास, कभी चार्जर, कभी बस "बैठकर बातें कर लें"।


👉 ये कहानी भी जरूर पढ़ें : मैडम की क्लासरूम से बेडरूम तक चुदाई यात्रा!

एक दोपहर मैं वीडियो कॉल पर मीटिंग कर रहा था। प्रिया चुपचाप कमरे में आई। उसने हल्की सी शॉर्ट स्लीवलेस टॉप और घरेलू पाजामा पहना था। टॉप काफी ढीला था, जब वो झुकी तो उसकी छातियों का आधा हिस्सा दिख गया।


मैं मीटिंग पर ध्यान देने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मेरी नजरें बार-बार उसकी ओर जा रही थीं।


मीटिंग खत्म हुई तो वो बोली, "भैया, आपकी गर्दन में दर्द तो नहीं हो रहा? इतने घंटे लैपटॉप पर..."


"थोड़ा सा हो रहा है।" मैंने कहा।


"लेट जाओ, मैं मसाज कर देती हूँ।"


मेरा दिल जोर से धड़का। मैं बिस्तर पर लेट गया। प्रिया मेरे सिर के पास बैठ गई। उसकी जांघें मेरे सिर के पास थीं। उसने मेरी गर्दन और कंधों पर हाथ फेरना शुरू किया। उसके नरम हाथों की गर्माहट मेरे शरीर में उतर रही थी।


"अच्छा लग रहा है?" उसने धीरे से पूछा।


"बहुत अच्छा..." मैंने आँखें बंद करते हुए कहा।


उसकी उंगलियाँ धीरे-धीरे नीचे की तरफ सरकने लगीं। मेरी पीठ पर, फिर कमर पर। मैंने महसूस किया कि वो मेरे शरीर को अच्छे से छू रही है। उसकी सांसें तेज हो रही थीं।


"भैया, आपका शरीर बहुत टाइट है।" वो फुसफुसाई।


मैंने मुड़कर उसकी तरफ देखा। हमारी नजरें मिलीं। इस बार उसने नजरें नहीं हटाईं। मैंने उसके गाल पर हाथ फेरा। वो थोड़ा सा काँप गई।


"प्रिया... तुम बहुत सुंदर हो।" मैंने कहा।


वो शर्मा गई, लेकिन मेरे पास ही बैठी रही। "आर्यन को तो समय ही नहीं मिलता..."


उसकी आवाज में वासना की झलक थी। मैंने उसे अपने पास खींचा। हम दोनों करीब आ गए। उसके होंठ मेरे होंठों से बस कुछ इंच दूर थे। लेकिन उस दिन मैंने बस उसके माथे पर हल्का सा किस किया और छोड़ दिया।


"धीरे-धीरे..." मैंने मन में कहा। ये Desi Sex से भरपूर  Antarvasana Family Hindi Sex Kahani आप Garam kahani पर पढ़ रहे है।


रात को आर्यन आया तो प्रिया नॉर्मल बर्ताव कर रही थी, लेकिन मुझे देखते ही उसकी आँखें चमक उठतीं।


अगले कुछ दिन और बढ़ गए।


एक शाम बारिश हो रही थी। बिजली चली गई। पूरा घर अंधेरा। प्रिया मेरे कमरे में मोमबत्ती लेकर आई।


"भैया, डर लग रहा है।"


"यहाँ बैठो।" मैंने उसे बिस्तर पर बिठाया।


हम दोनों पास-पास बैठे थे। बारिश की आवाज के साथ उसकी सांसें सुनाई दे रही थीं। मैंने उसका हाथ पकड़ लिया। वो मेरे कंधे पर सिर रख दिया।


"भैया, आप बहुत अच्छे हो।" उसने कहा।


मैंने उसकी पीठ पर हाथ फेरा। धीरे-धीरे नीचे की तरफ। उसकी कमर पतली थी, लेकिन गांड भारी। मैंने हल्का सा दबाया। वो सिहर गई।


"उम्म..." उसकी मुंह से हल्की सी आवाज निकली।


मैंने उसे और करीब खींचा। अब उसके स्तन मेरी छाती से दब रहे थे। मैंने उसके बालों में हाथ डाला और गर्दन पर किस किया। वो आँखें बंद करके बैठी रही।


"भैया... ये गलत है ना?" उसने फुसफुसाकर कहा।


💋 आपको ये कहानी पसंद आएगी : मीरा भाभी ने देवर को रंडी चोदते पकड़ा! 02

"जो दोनों को अच्छा लगे, वो गलत कैसे हो सकता है?" मैंने उसके कान में कहा।


उसने मेरी शर्ट पकड़ ली। हम दोनों एक दूसरे को कसकर पकड़े हुए थे। मेरे लंड पूरी तरह खड़ा हो चुका था और उसके पेट से टकरा रहा था। वो उसे महसूस कर रही थी, लेकिन कुछ नहीं बोली।


फिर अचानक लाइट आ गई। हम अलग हो गए। लेकिन अब रुकना मुश्किल हो गया था।


अगले दिन आर्यन ऑफिस गया तो प्रिया मेरे पास आई। इस बार वो सिर्फ एक हल्की सी नाइट सूट में थी। बिना ब्रा के। उसके निप्पल टॉप से साफ उभरे हुए थे।


"भैया, कल रात..." वो शर्मा रही थी।


मैंने उसे गोद में बिठा लिया। "कल रात बहुत अच्छा लगा था।"


मेरे हाथ उसकी कमर पर थे। धीरे-धीरे ऊपर चढ़े। मैंने पहली बार उसके स्तनों को बाहर से दबाया।


"आह..." वो हल्का सा काँपी।


"कितने सॉफ्ट हैं तुम्हारे..." मैंने उसके कान में कहा।


मैंने धीरे-धीरे उसके स्तनों को मसलना शुरू किया। ऊपर से ही। वो मेरी गोद में बैठी सांसें ले रही थी। उसके निप्पल सख्त हो गए थे।


"भैया... धीरे... उफ्फ..."


उसकी आवाज में वासना घुल गई थी। मैंने उसके होंठों पर किस किया। पहले हल्का, फिर गहरा। वो भी जवाब दे रही थी। उसकी जीभ मेरी जीभ से खेल रही थी। हम दोनों के मुंह से सिसकारियाँ निकल रही थीं।


"म्म्म... रोहन भैया..." वो बुदबुदाई।


मैंने उसकी नाइट सूट के अंदर हाथ डाला। सीधे उसके नंगे स्तनों पर। गर्म, मुलायम, भारी। मैंने उन्हें जोर से दबाया।


"आआह... हाँ... दबाओ ना..." वो पहली बार खुलकर बोली।



← Previous Story Next Story →

Share This Story :  

🎲 Feeling Lucky? Read a Random Story

यह कहानी आपको कैसी लगी?

❤️ Love 0
😍 Wow 0
😂 Funny 0
😢 Sad 0
😡 Angry 0
👏 Clap 0

💬 Leave a Comment :-

📝 Comments :

No comments yet. Be the first to comment!